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पाकिस्तान का कोरोना वायरस का ग्राफ़ भारत से इतना अलग कैसे है?
ख़राब स्वास्थ्य व्यवस्था, बड़ी आबादी और ग़रीब परिवार जो छोटी जगह पर एक साथ रहने को मजबूर हैं - पाकिस्तान के सामने भी कोरोना संक्रमण की शुरुआत में ये तमाम चुनौतियाँ थी.
जून का महीना आते-आते वहाँ भी इस तरह की ख़बरें आनी शुरू हो गईं कि अस्पतालों में बिस्तर की कमी हो रही है, आईसीयू में जगह नहीं बची है और अस्पताल में बेड की तलाश में परिवार वाले अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं.
लेकिन अगस्त आते-आते पाकिस्तान का कोरोना ग्राफ़ पहले के मुक़ाबले थोड़ा संभलता नज़र आ रहा है. आँकड़ो की बात करें तो बुधवार सुबह तक पाकिस्तान में कोरोना के कुल 2 लाख 94 हज़ार मामले सामने आएं हैं, जिनमें से 2 लाख 78 हज़ार ठीक हो चुके हैं.
पाकिस्तान सरकार की वेबसाइट के मुताबिक़ कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या 6267 है. दूसरी तरफ़ भारत है, जहाँ कोरोना के मामलों में हर रोज़ हज़ारों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है.
बुधवार सुबह के आँकड़ों की बात करें तो भारत में कुल कोरोना के मरीज़ 32 लाख के आसपास हैं. जिनमें से एक्टिव केस सात लाख हैं. वहीं संक्रमण से मरने वालों की तादाद 59 हज़ार पार है.
इन्हीं आँकड़ों के आधार पर कहा जा रहा है कि पाकिस्तान का कोरोना ग्राफ़ भारत से बेहतर है और पाकिस्तान ने कोरोना पर क़ाबू पा लिया है. क्या वाक़ई ये आँकड़ें सही तस्वीर पेश कर रहे हैं? क्या केवल इन आँकड़ो के आधार पर इस तरह के निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है?
स्टोरी: सरोज सिंह
आवाज़: नवीन नेगी
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