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क्या चीन को मालदीव में रोकने की कोशिश में है भारत?
भारत और चीन के लिए पूर्वी लद्दाख अगर सैन्य टकराव का थिएटर है तो मालदीव और हिंद महासागर के अन्य देश दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संघर्ष के अखाड़े से कम नहीं.
गुरुवार को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के बीच वीडियो कॉन्फ़्रेंस के माध्यम से हुई एक बैठक के बाद यह घोषणा की गई कि भारत सरकार मालदीव को एक वित्तीय पैकेज देगा, जिसमें 10 करोड़ डॉलर का अनुदान होगा और 40 करोड़ डॉलर की नई लाइन ऑफ़ क्रेडिट होगी.
इसके अलावा 25 करोड़ डॉलर की अलग सहायता पर भी बात हुई है. विशेषज्ञ कहते हैं कि मालदीव पर मोदी की पड़ोसी मुल्कों से रिश्ते घनिष्ठ करने वाली "पहले पड़ोसी" की विदेश नीति खरी उतरी है. उनके अनुसार ख़ास तौर से मोदी सरकार के पहले पांच सालों में मालदीव, श्रीलंका और बांग्लादेश में चीन के बढ़ते असर के परिपेक्ष्य में मालदीव के साथ दोस्ती में क़रीबी आई है जो सराहनीय है.
स्टोरी: ज़ुबैर अहमद
आवाज़: गुरप्रीत सैनी
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