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अयोध्या की वो जगह जहां हिंदू और मुसलमान, दोनों सिर झुकाते हैं
‘यहां ना आलिम रहेगा, ना ज़ालिम रहेगा...’ अयोध्या की बड़ी बुआ साहिबा के बारे में ये कथन मशहूर है.
बड़ी बुआ एक बड़ी पीर या औलिया की तरह यहां की संस्कृति में रची-बसी हैं. हज़रत बड़ी बुआ की मज़ार पर हिंदू और मुसलमान दोनों आते हैं.
अयोध्या को पिछले कई सालों से राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद के लिए जाना जाता रहा. लेकिन ये हिंदू-मुसलमानों की मिली-जुली संस्कृति और मान्यताओं की जगह भी है.
यहां छोटी देव काली मंदिर की मान्यता मुसलमानों में भी है.
वीडियो: सर्वप्रिया सांगवान और दीपक जसरोटिया
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