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राम मंदिर की नींव में टाइम कैप्सूल डालने का मामला क्या है?
राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने दावा किया है कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की नींव में एक टाइम कैप्सूल यानी काल पात्र डालने का फ़ैसला किया गया है.
चौपाल ने दावा किया है कि टाइम कैप्सूल को ज़मीन से 2000 फ़ीट नीचे गाड़ा जाएगा ताकि भविष्य में अगर कोई मंदिर के इतिहास का अध्ययन करना चाहे, तो उसे राम जन्मभूमि से जुड़े तथ्य मिलें और फिर से कोई विवाद खड़ा न हो.
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने टाइम कैप्सूल की बात को अफ़वाह कहा है. यानी ट्रस्ट के सदस्य ही टाइम कैप्सूल की बात पर संशय में हैं. इसके साथ ही एक विवाद ये भी है कि इस टाइम कैप्सूल में क्या डाला जाएगा. कुछ लोगों के लिए ये एक तरह से अयोध्या विवाद का इतिहास लिखने जैसा है. वहीं, कुछ लोग टाइम कैप्सूल क्या है, कहाँ से आया है और इसके महत्व को समझने की कोशिश कर रहे हैं.
स्टोरी: अनंत प्रकाशआवाज़: नवीन नेगी
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