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भारत-चीन तनावः चीन के बिना 'दवा' कहां से लाएगा भारत?
क्या आपको डायबिटीज़, ब्लड-प्रेशर, थाइरॉइड या गठिया जैसे किसी बीमारी के लिए दवा खानी पड़ती है?
क्या आपके किसी जानने वाले का कोलेस्ट्रोल बढ़ने पर डॉक्टर ने उसे चंद हफ़्तों की दवा का कोर्स कराया है क्योंकि इसका बढ़ना हार्ट के लिए अच्छा नहीं होता.
आपमें बहुतों ने सर्दी, खाँसी या बुखार के दौरान पैरासिटामोल वाली कोई न कोई दवा ज़रूर खाई होगी. ज़्यादा दिन वायरल या इंफ़ेक्शन रहने पर डॉक्टर ने आपको एंटिबायोटिक का कोर्स कराया होगा.
हो सकता है आपके घर, रिशेतदारी, पड़ोस या दफ़्तर में किसी को कैंसर हुआ हो और उनके इलाज में कीमोथेरेपी का सहारा लिया गया हो. अगर किसी में भी हाँ, है तो इस बात की संभावना ज़्यादा है कि इनमें से कई दवाओं में भारत के पड़ोसी चीन का भी गहरा योगदान हो.
ये पड़ताल इसलिए हो रही है क्योंकि एक-दूसरे से गहरे व्यापारिक संबंध रखने वाले इन दोनों पड़ोसियों में इन दिनों अप्रत्याशित तनाव चल रहा है.
पिछले कई हफ़्तों से लद्दाख क्षेत्र में दोनों देशों की सीमा- वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी), पर जारी तनाव बढ़ता गया और आख़िरकार गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच 'घंटों चली हाथापाई और झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हुई और 76 अन्य घायल हुए.
चीन की तरफ़ से अभी तक हताहतों या घायलों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. मामला गर्म इसलिए भी हुआ कि पूरे 45 साल बाद एलएसी पर दूसरे देश की फ़ौज के हाथों किसी भारतीय सैनिक की जान गई.
वीडियो: नितिन श्रीवास्तव/दीपक जसरोटिया/नशिता श्रीवास्तव
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