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पतंजलि की कोरोनिल दवा पर सरकार ने क्यों लगाई रोक?
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की ओर से कोविड-19 की दवा खोज लेने के दावों को लेकर मीडिया में छपी रिपोर्टों पर संज्ञान लिया है और साफ़ तौर पर कहा है कि कथित वैज्ञानिक अध्ययन के दावों की सच्चाई और विवरण के बारे में मंत्रालय को कोई जानकारी नहीं है.
मगर पतंजलि के चेयरमैन आचार्य बालकृष्ण ने इसे 'कम्युनिकेशन गैप' बताते हुए यह दावा किया है कि 'उनकी कंपनी ने आयुष मंत्रालय को सारी जानकारी दे दी है.'
बालकृष्ण ने अपने ट्वीट में लिखा है कि "यह सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन व गौरव देने वाली है. क्लीनिकल ट्रायल के जितने भी तय मानक हैं, उन 100 प्रतिशत पूरा किया गया है."
पतंजलि ग्रुप ने मंगलवार सुबह 'कोरोनिल टैबलेट' और 'श्वासारि वटी' नाम की दो दवायें लॉन्च कीं जिनके बारे में कंपनी ने दावा किया है कि 'ये कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज हैं.'
जानिए इस दवा पर मचे पूरे घमासान की कहानी.
स्टोरीः प्रशांत चहल
आवाज़ः नवीन नेगी
वीडियो एडिटः देबलिन रॉय
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