प्रवासी मज़दूर आखिर शहरों में क्यों नहीं रुक रहे?

वीडियो कैप्शन, प्रवासी मज़दूर आखिर शहरों में क्यों नहीं रुक रहे?

जब लॉकडाउन की शुरुआत हुई थी, तो अंदाज़ा भी नहीं था कि मज़दूरों के छाले ज़िंदगी की इतनी स्याह तस्वीर दिखाएंगे.

लेकिन धीरे-धीरे भयावह हालात सामने आ रहे हैं. सरकारें इनका ख्याल रखने की बात कह रही हैं लेकिन मज़दूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर भी अपने घर जाने को तैयार हैं.

वीडियो: सलमान रावी और शुभम कौल

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