You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पाकिस्तानी लड़की जो फ़ुटबॉल न खेल पाने से डिप्रेशन में चली गई
ये कहानी पाकिस्तान की फ़ुटबॉल खिलाड़ी हजरा ख़ान की है जो पाकिस्तान की ओर से सबसे ज़्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी हैं.
लेकिन साल 2017 में फ़ीफ़ा ने पाकिस्तान फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन पर प्रतिबंध लगा दिया.
इसके चलते हजरा जैसी तमाम खिलाड़ियों के खेल पर असर पड़ा.
हजरा इस प्रतिबंध के चलते डिप्रेशन में भी चली गईं.
लेकिन आज हजरा पाकिस्तान में फुटबॉल के खेल में महिला - पुरुषों के बीच समानता को लेकर बात कर रही हैं.
हाल ही में वे सबसे कम एल्टीट्यूड पर फुटबॉल खेलकर गिनीज़ बुक रिकॉर्ड जीतने वाली फ़ुटबॉल खिलाड़ी बनी हैं.
बीबीसी इस साल पहली बार 'बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर' अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन कर रही है.
इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय महिला खिलाड़ियों के संघर्ष को यथोचित सम्मान दिलाना है.
लेकिन भारत के बाहर भी पाकिस्तान जैसे देश में महिला खिलाड़ियों को खेल के प्रति अपने प्रेम की वजह से तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
हज़रा ख़ान के फ़ुटबॉल प्रेम और उनके संघर्ष की कहानी भी कुछ ऐसी है.
(बीबीसी पहली बार भारत में महिला खिलाड़ियों के लिए बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्स विमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड लेकर आया है. इसकी घोषणा आठ मार्च को की जाएगी. आप अपने पसंदीदा खिलाड़ी को वोट करके विजेता बना सकते हैं. वोट करने की आख़िरी तारीख़ 24 फरवरी है.)
बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री ने हजरा के संघर्ष की कहानी जानने के लिए उनसे बात की है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)