महाराष्ट्र में अब महा विकास अघाड़ी
बीते 33 दिन में महाराष्ट्र की इस कहानी में इतने ट्विस्ट आए कि हर कोई अटकल लगाने और दावे करने बच रहा था. सिवाए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के महा विकास अघाड़ी गठबंधन के.
राज्यपाल ने शिव सेना और एनसीपी को सरकार बनाने के लिए बुलाया लेकिन तब तक गठजोड़ तय नहीं हो सका था और महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया.
लेकिन दिन बदलते ही कहानी बदल गई. 22 नवंबर की ही रात देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया.
23 नवंबर की सुबह 5.40 बजे राष्ट्रपति शासन हटाने का एलान हुआ और सुबह आठ बजे फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.
ताक़त पूरी होने पर सोमवार शाम एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस ने अपने विधायकों को एक होटल में बुलाया और एकजुटता का प्रदर्शन किया.
इसके बाद भी बीजेपी बहुमत अपने साथ होने का दावा कर रही थी. सियासी खींचतान के इस खेल में उद्धव ठाकरे ने अहम कामयाबी हासिल की है.उद्धव की कार्यशैली बाल ठाकरे से अलग है. बीजेपी से रिश्ता तोड़कर उन्होंने एक जोखिम लिया है.
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