You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सीएस वैद्यनाथन: रामलला के प्रतिनिधि के तौर पर अदालत में पेश होने वाले वकील
अयोध्या के ज़मीन के मालिकाना हक़ के विवाद में पिछले आठ साल से रामलला के प्रतिनिधि के तौर पर अदालत में पेश होते रहे सी. एस. वैद्यनाथन का कहना है कि अदालत को अनुच्छेद 142 के अलावा 1992 की घटना का फ़ैसले में ज़िक्र करने की ज़रूरत नहीं थी.
लेकिन अदालत मुसलमानों को राहत देना चाहती थी और शायद इसीलिए उन्होंने ऐसा किया. सीएस. वैद्यनाथन अयोध्या की ज़मीन के मालिकाना हक़ के विवाद में पिछले आठ साल से रामलला के प्रतिनिधि के तौर पर अदालत में पेश होते रहे हैं. वैद्यनाथन से बात की बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने.
वीडियो: काशिफ़ सिद्दीक़ी/पीयूष नागपाल
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)