ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया...
भारत में बहुत कम कलाकारों को इतना सम्मान मिला है जितना बेगम अख़्तर को.
उनकी शास्त्रीय संगीत पर पकड़, उर्दू शायरी की समझ, ग़ज़ब की आवाज़ और ज़बरदस्त गायकी का अब तक कोई सानी नहीं मिलता.
बेगम अख़्तर की 105वीं जयंती पर उनके जीवन से जुड़े कुछ प्रसंगों को याद कर रहे हैं रेहान फ़ज़ल.
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