RSS क्या गांधीवादी बन रहा है?
भारत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है.
जब भी गांधी का ज़िक्र आता है तो राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस से उनके संबंधों की भी चर्चा होती रही है.
बीजेपी और आरएसएस किसी ना किसी बहाने गांधी का रोज़ नाम लेते हैं कभी स्वच्छता के नाम पर, कभी उनके जन्मदिन पर तो कभी उनकी हत्या वाले दिन.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो गांधी की विचारधारा को ध्यान में रखकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की, यहाँ तक कि स्वच्छ भारत का प्रतीक चिन्ह गांधी का चश्मा है.
गांधी जयंती के मौक़े पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने कहा है कि आज गांधी होते तो वो भी RSS में ही होते. वहीं आरएसएस ने ट्वीट किया है कि गांधी को अपने आचरण में उतारना चाहिए.
लेकिन सवाल है कि क्या आरएसएस ने सचमुच गांधी को स्वीकार कर लिया है?
वीडियो - गुरप्रीत/देवेश