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भारत में समलैंगिक होना कितना मुश्किल है?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल 6 सितंबर को समलैंगिक सेक्स को क़ानूनी वैधता दी. इस फ़ैसले के एक साल बाद समलैंगिकों के लिए माहौल कितना बदला और क्या वो आज़ादी के साथ अपने रिश्ते क़बूल कर पा रहे हैं? बीबीसी ने 41 साल के कृष से मुलाक़ात की और उनकी ज़िंदगी में आए बदलावों को जानने की कोशिश की. कृष ने बताया कि भारत में एक गे शख़्स का रहना कैसा है.
वीडियो: विकास पांडेय/अंशुल वर्मा
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