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पाकिस्तान से इस गांव को भारत ने छीन लिया था
इस गांव में नूरबख्शिया मुसलमान रहते हैं, जो इस्लाम की सूफी परंपरा का हिस्सा है. वे बाल्टी भाषा बोलते हैं, जो मूल रूप से एक तिब्बती भाषा है.
नियंत्रण रेखा से 6 किलोमीटर आगे पाकिस्तान की तरफ जाने पर उनकी बस्तियां हैं.
1947 की जंग के बाद तुरतुक पाकिस्तान के नियंत्रण में चला गया था लेकिन 1971 की लड़ाई में भारत ने इसे फिर से हासिल कर लिया.
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