पंजाब: अपनों को खोने का दर्द बना चुनावी मुद्दा
पिछले 15 साल में पंजाब में सोलह हज़ार छह सौ किसानों ने आत्महत्या कर ली.
जान देने वालों में महिला और पुरुष दोनों रहे हैं. किसानों की आत्महत्या का मुद्दा चुनावों में उठता है, पर इन किसानों के परिवार वालों की फ़िक्र क्या वाकई कोई करता है.
ये सवाल उठा रही हैं बठिंडा की एक महिला जिनके अपने ही परिवार में कोई लोगों ने अपनी जान दे दी.
वो अपने जैसे कोई लोगों का दर्द संसद तक पहुंचाने के लिए ख़ुद ही चुनाव लड़ रही हैं.
देखिए सरबजीत सिंह धालीवाल की रिपोर्ट.
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