मोदी सरकार से क्यों हैं नाराज़ पड़ोसी नेपाल के लोग
नरेंद्र मोदी ने जब पांच साल पहले देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी तो सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था.
उस समारोह में भारत के पड़ोसी देश नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला भी आए थे और उम्मीद बंधी थी कि भारत और नेपाल के रिश्ते मोदी सरकार में एक नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
बीते पांच सालों में दोनों देशों के रिश्ते आखिर कहां पहुंचे हैं और अब वहां के लोग भारत के चुनाव को किस नज़रिए से देख रहे हैं.
देखिए काठमांडू से बीबीसी संवाददाता सुरेंद्र फ़ुयाल की ये ख़ास रिपोर्ट.
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