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अब भी जिंदा है इस्लामिक स्टेट की सोच
सीरिया में इस्लामिक स्टेट का ख़ात्मा तो हो चुका है लेकिन उसकी नफ़रत वाली सोच क़ायम है.
आईएस के कई लड़ाके अमरीकी गठबंधन फ़ौज के हाथों मारे जा चुके हैं लेकिन उनकी पत्नियां और बच्चे अब भी ये क़बूल करने को तैयार नहीं है कि आईएस की विचारधारा ग़लत थी.
देश के उत्तरी हिस्से में बने एक कैंप में आईएस चरमपंथियों की पत्नियां और बच्चे रह रहे हैं जिनमें हज़ारों विदेशी महिलाएं भी शामिल हैं.
इनमें ब्रितानी महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
अल होल कैंप में सिर्फ़ तीन महीने के अंदर ही लोगों की संख्या 11000 से बढ़कर 75 हज़ार हो गई है.
ये कैंप आईएस लड़ाकों के परिवारों से भरा एक छोटा शहर बन गया है जिसमें अब भी आईएस का समर्थन करने वाले मौजूद हैं.
दर्जनों बच्चों की कैंप में मौत हो चुकी है जो यहां बगूज़ से आए थे.
देखिए इसी कैंप से बीबीसी संवाददाता क्वेंटिन सोमरविल की रिपोर्ट.
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