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अदालती आदेश के बावजूद भेदभाव से लड़ते ट्रांसजेंडर्स
भारत में ट्रांसजेंडर्स को साल 2014 में क़ानूनी दर्जा दे दिया गया मगर चार साल बाद भी उन्हें भेदभाव झेलना पड़ रहा है और रोज़ी रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है.
एक अनुमान के मुताबिक भारत में 50 लाख ट्रांसजेंडर लोग रहते हैं. उन्हें आम लोगों की ज़िंदगी में शामिल किया जाए इसके लिए बदलाव की कोशिशें हो रही हैं. मगर ट्रांसजेंडर्स को लगता है कि अभी और भी प्रयास किए जाने की ज़रूरत है. बीबीसी संवाददादाता देविना गुप्ता की रिपोर्ट.
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