You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
महात्मा गांधी की पांचवी पीढ़ी
ये बात सब जानते हैं कि भारत के स्वाधीनता संग्राम में हिस्सा लेने से पहले महात्मा गांधी दक्षिण अफ़्रीका में वकालत कर रहे थे.
वहीं उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह के विचारों को समझा और परखा. वहाँ 21 साल बिताने के बाद गांधी 1914 में भारत लौट आए. मगर ये बात बहुत कम लोगों को पता है कि उनके घर के कई लोग दक्षिण अफ़्रीका में ही रूक गए जिनमें उनके दूसरे बेटे मणिलाल गांधी भी शामिल थे.
अब महात्मा गांधी की पाँचवीं पीढ़ी के सदस्य दक्षिण अफ़्रीका के कई शहरों में बसे हैं. बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने गांधी परिवार की पाँचवीं पीढ़ी के ऐसे ही कुछ सदस्यों से डरबन में मुलाक़ात की.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)