महिलाओं का हिस्सा बढ़ा तो कितनी बढ़ेगी GDP?

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आर्थिक ग्रोथ में महिलाओं की भागीदारी के मामले में दुनियाभर के देशों में से भारत है बहुत पीछे लेकिन अगर श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के बराबर हो जाए तो भारत की जीडीपी के इंजन सीटी मारेगी ज़ोर से.

आर्थिक ग्रोथ में महिलाओं की भागीदारी के मामले में दुनियाभर के 145 देशों में से भारत का स्थान 139वां है.देश की श्रमशक्ति में यदि महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के बराबर हो जाए तो इससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 27 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) के एक दस्तावेज़ में यह बात कही गई है.

मैकेंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट की एक और रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बराबरी के बाद तो साल 2025 तक जीडीपी में 770 अरब डॉलर की बढ़ोतरी होगी.

भारत सरकार के हाल के आंकड़ों के मुताबिक, देश की वर्कफोर्स महिला हिस्सेदारी 25.5% पुरुषों का हिस्सा 53.26%. कुल कामकाजी महिलाओं में से तकरीबन 63 फ़ीसदी खेती-बाड़ी काम में लगी हैं.

देशभर में कुल वर्कफ़ोर्स में हिमाचल में सबसे आगे, दिल्ली सबसे पीछे. 2011 के जनसंख्या के आंकड़े बताते हैं कि जब करियर बनाने का समय होता है, उस समय बहुत सी लड़कियों की शादी हो जाती है. वर्ल्ड बैंक के मुताबिक भारत में महिलाओं की नौकरियां छोड़ने की दर बहुत अधिक है. बहुत महिलाएं फिर दोबारा नौकरी पर नहीं लौटीं.

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