नेहरू का गुस्सा और कंजूसी!
एक बार डिब्रूगढ़ की यात्रा के दौरान जब नेहरू के सुरक्षा अधिकारी रुस्तमजी उनका सिगरेट केस लेने उनके कमरे में गए तो उन्होंने देखा कि उनका नौकर उनके फटे हुए काले मोज़ों को सिल रहा है.
कई बार वो अपनी कार रुकवा अपने ड्राइवर को भेजते थे कि वो बगीचे में चल रहा पानी का पाइप बंद करके आए.
नेहरू की 54 वीं पुण्य तिथि पर उनके जीवन के मानवीय पक्षों पर सुनिए रेहान फ़ज़ल की विवेचना.