एक चैंपियन बॉक्सर - जो अखाड़े के बाहर भी करती रही एक मक़सद के लिए लड़ाई
वो नस्लभेद से लड़ीं, पुरूषों के वर्चस्व से लड़ीं, निजी ज़िंदगी में मिले आघातों से लड़ीं. और एक चैंपियन बॉक्सर बनीं. अया सिसोको की कहानी अब फ़्रांस के स्कूलों में पढ़ाई जा रही है.