रूस: बर्फ़ीले पानी में आस्था की डुबकी

माना जाता है कि पवित्र पर्व इपिफ़नी के मौके पर बर्फीले पानी में डुबकी लगाने से पाप धुल जाते हैं.

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इमेज कैप्शन, ईसाई धर्म के पवित्र पर्व इपिफ़नी के मौके पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तवयैर क्षेत्र की सैलिगयैर झील में आस्था की डुबकी लगाई.
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इमेज कैप्शन, इपिफ़नी के मौके पर लोग पारंपरिक रूप से नज़दीकी नदी या तालाब में जाकर बर्फ़ीले पानी में डुबकी लगाते हैं. ऐसा माना जाता है कि इपिफ़नी की मध्य रात्रि पर सारा पानी पवित्र हो जाता है, जिससे हर तरह के पाप धुल जाते हैं.
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इमेज कैप्शन, मॉस्को के बाहर मौजूद एक गांव में पादरी ने ठंडे पानी में खड़े होकर इस रस्म की शुरुआत की.
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इमेज कैप्शन, इसके बाद कई लोग एक के बाद एक बर्फ़ीले पानी में उतरे और स्नान किया. कतार में खड़े लोग अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं.
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इमेज कैप्शन, रूस का तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है. ऐसे में जलस्त्रोतों का पानी बहुत ज़्यादा ठंडा है.
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इमेज कैप्शन, कई युवा महिलाएं भी डुबकी लगाने के लिए ठिठुरते हुए पानी में उतरीं.
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इमेज कैप्शन, बच्चे-बड़े-बुढ़े सभी ने इस पर्व का जश्न मनाया. एक रूसी आदमी ने अपनी बेटी के साथ पवित्र जल में डुबकी लगाई.
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इमेज कैप्शन, बर्फ़ीला पानी भी लोगों की मज़बूत आस्था के आढ़े नहीं आ पा रहा है.
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इमेज कैप्शन, माना जाता है कि इस दिन बर्फ़ीले पानी में डुबकी लगाने से तन और मन शुद्ध होता है.
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इमेज कैप्शन, इपिफ़नी की शाम कुछ आदमियों ने जमी हुई येनिसयेय नदी पर क्रास के आकार का गढ्ढा बनाया ताकि बर्फीले पानी में डुबकी लगाने की जगह बन सके. इस इलाके में तापमान करीब माइनस 25 डिग्री सेल्सियस है.