दुबई को आकार देते भारतीयों की कहानी

लेकिन संयुक्त अरब अमीरात पर इसका ज़्यादा असर नहीं पड़ा. एक ज़माने में "चलो दुबई चलें" का मतलब होता था - दुबई में नौकरियों की भरमार. लेकिन अब दुबई विकसित है. क्या अब भी यहां नौकरियों के अवसर हैं? इसका पता लगाने हमारे संवाददाता ज़ुबैर अहमद अमीरात गए.