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ट्रिपल तलाक़ संवैधानिक नहीं है?
ट्रिपल तलाक़ के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पिछले छह दिनों से हो रही बहस कल ख़त्म हो गई. ट्रिपल तलाक़ की शिकार शायरा बानो समेत पांच महिलाएं और उनका समर्थन कर रहे कुछ मुस्लिम महिला संगठन ट्रिपल तलाक़ पर पाबंदी लगाने की अपील कर रहे हैं जबकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत-उल-उलेमा-ए-हिंद जैसे मुसलमानों के धार्मिक और सामाजिक संगठनों की दलील है कि ये मुसलमानों के पर्सनल लॉ का मामला है जो कि संविधान के मौलिक अधिकार के तहत सुरक्षित है और अदालत को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है.
इस पूरे मामले पर बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद ने बात की सुप्रीम कोर्ट की वकील शाहरुख़ आलम से. शाहरुख़ आलम सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मौजूद थीं.