You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पंजाब की लोक संगीत परंपरा को मशहूर करने वाला फ़नकार
मगर पंजाब में कला और संस्कृति से जुड़े लोगों को मलाल है कि राज्य में जिसकी भी सरकार आयी उसने कभी ना तो उस्ताद लाल चंद यमला जट्ट की परम्परा को आगे बढ़ाने की सोची और ना ही उनके परिवार को सहायता देने की ही सोची.
उस्ताद की बहु यानी उनके बेटे जसदेव कुमार यमला जट्ट की पत्नी सरभजीत चिमटेवाली कहती हैं कि जब उस्ताद बहुत बीमार थे तो पंजाब के राज्यपाल अपनी पत्नी के साथ उन्हें देखने उनके घर पहुंचे थे.