चंद्रमा की सतह पर उतरने का इंतज़ार
चंद्रयान 2 के बारे में उम्मीद जताई जा रही है कि यह 52वें दिन चंद्रमा की सतह पर उतरेगा.
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पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी तीन लाख 84 हज़ार किलोमीटर है.
चंद्रयान 2 के बारे में उम्मीद जताई जा रही है कि यह 52वें दिन चंद्रमा की सतह पर उतरेगा.
चंद्रयान 2 में तीन चरण हैं, पहला आर्बिटर है जो चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगाएगा. दूसरा हिस्सा लैंडर है जिसे विक्रम नाम दिया गया है वो चंद्रमा की सतह पर उतरेगा. लैंडर से इसके बाद रोवर निकलेगा जिसे प्रज्ञान नाम दिया गया है जो जानकारियां एकत्रित करेगा.
भारत का चंद्रयान 2 मिशन इस मायने में ख़ास है कि यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की कोशिश करेगा. अब तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कोई यान नहीं उतर पाया है.
भारत का चंद्रयान 2 मिशन की कामयाबी पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसरो टीम को बधाई दी है. वहीं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वैज्ञानिकों का अभिनंदन किया है.
GSLV MK -3 रॉकेट के ज़रिए चंद्रयान का प्रक्षेपण.
चंद्रयान 2 के लिए अब अगला 16 मिनट बेहद अहम है.
श्रीहरिकोटा से चंद्रयान 2 का सफल प्रक्षेपण किया गया.
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में वैज्ञानिकों की हर पल चंद्रयान-2 मिशन पर नज़र. लॉन्च दोपहर बाद 2:43 पर होगा. 14-15 जुलाई की रात चंद्रयान-2 को प्रक्षेपण से 56 मिनट पहले रोक दिया गया था.
भारत के पहले मार्स सैटलाइट की लागत स्पेस विज्ञान पर बनी फ़िल्म ग्रैविटी से भी कम थी. चंद्रयान-2 की लागत 14.1 करोड़ डॉलर है जो कि अमरीका के अपोलो प्रोग्राम की लागत 25 अरब डॉलर से कम है.
भारत ने इससे पहले चंद्रयान-1 2008 में लॉन्च किया था. यह भी चाँद पर पानी की खोज में निकला था. भारत ने 1960 के दशक में अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरू किया था और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे में यह काफ़ी ऊपर है.
पृथ्वी से चाँद की औसत दूरी 3, 84, 000 किलोमीटर है. चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम चँद्रमा पर 48वें दिन उतरेगा. और यह यात्रा आज से शुरू होने जा रही है.
भारत का चाँद पर यह दूसरा मिशन है. भारत चाँद पर तब अपना मिशन भेज रहा है जब अपोलो 11 के चाँद मिशन की 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है.
जब बंगाल की खाड़ी में एक द्वीप से एक रॉकेट आज चंद्रयान-2 को लेकर अपनी यात्रा शुरू करेगा तो यह भारत के अंतरिक्ष में बढ़ती महत्वाकांक्षा को भी चांद के पार ले जाएगा.
भारत पहली बार चाँद की सतह पर अंतरिक्षयान भेजने जा रहा है. अगर चंद्रयान-2 सफल रहता है तो अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारत की यह बहुत बड़ी कामयाबी होगी.