रूस ने पांच दिनों के हमले में 56 रॉकेट और 113 क्रूज़ मिसाइलें यूक्रेन पर दागी हैं- राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस की स्थायी सदस्यता पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि युद्ध अपराध करने वाले देश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं होना चाहिए.
लाइव कवरेज
मोहम्मद शाहिद, दीपक मंडल, रजनीश कुमार, प्रियंका झा and भूमिका राय
यूक्रेन संकट: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा- पुतिन हर हाल में फ़ेल होंगे
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि ब्रिटेन, रूस पर अधिकतम दबाव बनाए रखना जारी रखेगा.
बोरिस जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी देशों ने रूस को लेकर जो कार्रवाई की है वे यह सुनिश्चित करेंगी कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यह एहसास हो कि उन्होंने यूक्रेन के ख़िलाफ़ जो कार्रवाई की है, उन्हें उसके गंभीर परणाम भुगतने होंगे.
जॉनसन ने पोलैंड और एस्टोनिया की आधिकारिक यात्रा से पहले यह टिप्पणी की, जहां वह नेटो नेताओं से मिलेंगे.
उन्होंने कहा कि जब ब्रिटेन और उसके सहयोगी देश कहते हैं कि पुतिन विफ़ल होंगे, तो यह एक साझा आवाज़ है.
यूक्रेन संकट: राजधानी कीएव की ओर बढ़ रहा है रूसी सेना का एक विशाल काफ़िला
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हाल ही में जारी सैटेलाइट तस्वीरों में साफ़ नज़र आ रहा है कि रूसी सेना का एक
विशाल काफ़िला राजधानी कीएव की ओर आगे बढ़ रहा है.
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यूक्रेन में ये तस्वीरें सोमवार दोपहर से पहले ली गई थीं.
इन तस्वीरों में साफ़ दिखाई दे रहा है कि रूस की सेना राजधानी कीएव से लगभग 27 किलोमीटर दूर एंटोनोव हवाई अड्डे के पास तक पहुंच चुकी हैं.
तस्वीरें जारी करने वाली सैटेलाइट-इमेजिंग कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज़ के अनुसार, इस काफ़िले में "सैकड़ों बख़्तरबंद वाहन, टैंक, तोपखाने और रसद सामग्री लेकर चलने वाले वाहन शामिल हैं."
यूक्रेन संकट: रूस ने पांच दिनों के हमले में 56 रॉकेट और 113 क्रूज़ मिसाइलें दागी हैं- राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की
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यूक्रेन पर रूस के हमले को पांच दिन हो चुके हैं. इन
पांच दिनों में रूस ने यूक्रेन पर 56 रॉकेट और 113 क्रूज़ मिसाइलें दागी हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस बात
की सूचना दी है.
यूक्रेन की सरकारी मीडिया एजेंसी यूक्रिनफ़ॉर्म की ख़बर
के अनुसार ज़ेलेंस्की ने कहा कि हमें रूस के मिसाइल, हवाई जहाज़ और हेलीकॉप्टर्स
के लिए पूरी तरह से नो-फ़्लाई ज़ोन के बारे में सोचने की ज़रूरत है.
यूक्रेन के ऊपर नो-फ़्लाई ज़ोन की ज़रूरत पर बात करते
हुए हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि इसे लागू कौन करेगा.
अपने संबोधन के दौरान ज़ेलेंस्की ने कहा कि भले ही आज
बेलारूस में शांति समझौते के लिए प्रतिनिधिमंडलों की बैठक हुई लेकिन इस दौरान भी
उनके देश पर हमला जारी रहा.
संयुक्त
राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस की स्थायी सदस्यता पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए
उन्होंने कहा कि युद्ध अपराध करने वाले देश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा
परिषद का स्थायी सदस्य नहीं होना चाहिए.
यूक्रेन की सीमा पर तैनात 75 फ़ीसद रूसी सैनिक देश के भीतर प्रवेश कर चुके हैं- पेंटागन
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अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि यूक्रेन की सीमा पर
तैनात रूस की सेना के क़रीब 75 फ़ीसद सैनिक यूक्रेन में प्रवेश कर चुके हैं.
सैनिकों का मुख्य हिस्सा अब राजधानी कीएव से महज़ 25 किमी
की दूरी पर ही है. रविवार से लेकर अभी तक वे पांच किलोमीटर और अंदर प्रवेश कर गए
हैं.
हालांकि रूस के सैनिक अभी तक दो मुख्य शहरों पर कब्ज़ा
नहीं कर सके हैं.
ये प्रमुख शहर हैं- उत्तर-पूर्व में खारकीएव और दक्षिण में
मारियुपोल.
हालांकि इससे पहले पश्चिमी देशों के अधिकारियों का कहना था
कि रूस की सेना लॉजिस्टिकल परेशानियों के कारण उस गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है
जैसे की उम्मीद की जा रही थी.
इसके अलावा उन्हें यूक्रेन के सैनिकों से भी कड़ी
चुनौती मिल रही है.
ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन पर रूस के हमले की जांच करेगा इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट
यूक्रेन पर
रूस के कथित युद्ध अपराध की अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय यानी आईसीसी जांच करेगा.
आईसीसी के अभियोजक करीम एए ख़ान ने
कहा कि यह बात स्वीकार करने का एक मज़बूत और तार्किक आधार है कि यूक्रेन में कथित
युद्ध अपराध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध, दोनो ही हुए हैं.
यूक्रेन संकट: कीएव में हवाई हमले के सायरन ने फिर बढ़ाई चिंता
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यूक्रेन की राजधानी कीएव में एकबार फिर हवाई हमले के सायरन
सुनाई दे रहे हैं और इससे नए मिसाइल हमलों को लेकर आशंका बढ़ गयी है.
कीएव में शनिवार को कर्फ्यू लागू किया गया था, जो सोमवार
सुबह तक जारी रहा. एक दिन की राहत के बाद लोग वापस अंडरग्राउंड जगहों पर चले गए
हैं.
बीबीसी न्यूज़ संवाददाता क्लाइव मायरिन का कहना है कि उनका
रिपोर्टिंग बेस पास ही हुए मिसाइल हमले से दहल गया और खिड़कियां बजने लगीं.
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यह युद्ध यूक्रेन की
राजधानी के और नज़दीक पहुंच चुका है.
यूक्रेन के गृह मंत्री ने माना, रूस के हमले से परिस्थितियां गंभीर
यूक्रेन के गृह मंत्री डेनिस मोनास्टिर्सकी ने देश में जारी युद्ध और मौजूदा हालात पर
बीबीसी से बात की है.
इस बीच रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल के बीच बेलारूस में बैठक हुई. यह बैठक
लगभग पांच लंबी चली.
बीबीसी ने यूक्रेन के गृहमंत्री से पूछा कि क्या रूस यूक्रेन की राजधानी कीएव
और दूसरे बड़े शहरों पर और ताक़त से हमले की तैयारी कर रहा है? इस पर गृहमंत्री डेनिस ने कहा कि-
“हर रोज़ राष्ट्रपति मुझसे पूछते हैं और हर रोज़ हम अपने
प्रयासों को एक-जुट करके आगे बढ़ते हैं. वे हर रोज़ पूछते हैं कि क्या स्थिति है
और क्या हो रहा है और हर रोज़ हम उन्हें जवाब देते हैं कि स्थिति गंभीर है लेकिन
स्थिर है.”
उन्होंने कहा, “हां, वास्तव
में दुश्मन हर रोज़ और अधिक सेना भेजता है. लेकिन हमारे सैनिक हर उस चीज़ को
बर्बाद कर रहे हैं जो कीएव और दूसरे शहरों की ओर बढ़ रही हैं. हालांकि कीएव अभी भी
हमले का मुख्य केंद्र बना हुआ है.”
उन्होंने कहा, "हम तोड़फोड़ करने वालों को खोजने और पकड़ने के लिए मोबाइल समूह बना रहे हैं. हमारे पास कीएव में ऐसे 100 समूह हैं.आप शहर में गोलियों की आवाज़ सुन सकते हैं.”
यूक्रेन के गृहमंत्री डेनिस ने कहा कि "हम समझते हैं कि शहर पर स्पष्ट रूप से हमारा नियंत्रण है लेकिन ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर हर घंटे या हर मिनट फ़ैसला लिया जा रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़, फ़ीफ़ा ने रूस पर लगाए बेहद सख़्त प्रतिबंध
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यूक्रेन पर रूस के हमले का विरोध करते हुए अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल गवर्निंग बॉडी फ़ीफ़ा ने और यूरोप की गवर्निंग बॉडी यूएफ़ा ने रूस के फ़ुटबॉल क्लब्स और नेशनल टीम को सभी प्रतियोगिताओं से निलंबित कर दिया है.
फ़ीफ़ा की ओर से यह क़दम इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) के इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन से रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर पाबंदी लगाने की सिफारिश के बाद उठाया गया है.
फ़ीफ़ा के इस फ़ैसले का असर यह होगा कि रूस की पुरुष टीम अगले महीने अपने विश्व कप प्ले-ऑफ़ मैच नहीं खेल पाएगी और महिला टीम को आने वाले महीनों में होने जा रहे समर- यूरोपियन चैंपियनशिप से प्रतिबंधित कर दिया गया है.
फ़ीफ़ा और यूईएफ़ा ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, "फ़ुटबॉल पूरी तरह एकसाथ है और यूक्रेन में प्रभावित सभी लोगों के साथ उनकी पूरी संवेदना है."
रूस-यूक्रेन के बीच बेलारूस में हो रही बैठक समाप्त
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रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक समाप्त हो गयी है.
यूक्रेन में जारी जंग के बीच सोमवार को (आज) बेलारूस में
यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधिमंडल ने आपस में बातचीत की है.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने बेलारूस के समाचार बेल्टा के हवाले
से लिखा है कि आने वाले दिनों में होने वाली बैठक के दूसरे दौर से पहले दोनों देशों
के प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने देशों की राजधानी लौट गए हैं.
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आपस में हुई वार्ताओं का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है लेकिन जो कुछ बयान सामने आ रहे हैं उनके मुताबिक यूक्रेन ने तुरंत युद्धविराम की मांग उठाई है.
इस बीच यूक्रेन भर में रूसी सेनाओं को यूक्रेन की तरफ़ से मज़बूत विरोध का सामना करना पड़ रहा है.
उधर रूस लगातार आर्थिक रूस से अलग-थलग पड़ता जा रहा है क्योंकि कई पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध अब अपना असर दिखा रहे हैं.
मैक्रों से बोले पुतिन- रूस के हितों का ध्यान रखा जाए तभी समाधान
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
से फ़ोन पर बात की और हमला रोकने की अपील की. वहीं पुतिन ने कहा कि रूस के 'हितों का
ध्यान रखा जाए तभी इस संकट का समाधान संभव है.'
फ्रांस के राष्ट्रपति की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि मैक्रों
ने पुतिन से यूक्रेन पर हमला रोकने की अपील की. उन्होंने तुरंत संघर्ष विराम की
ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
बयान के मुताबिक,“राष्ट्रपति
मेक्रों ने रूस के राष्ट्रपति से कहा कि वो आम लोगों और रिहाइशी इलाकों पर हमले
रोक दें. नागरिक ठिकानों और मुख्य सड़कों की सुरक्षा भी तय करें.”
बयान में आगे कहा गया है कि पुतिन ने ऐसे अनुरोध पर गौर करने की ख्वाहिश
जाहिर की है.
रूस ने क्या बताया
हालांकि, रूस की सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि पुतिन ने
फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान मैक्रों से कहा, “समाधान तभी संभव है जब रूस की सुरक्षा
से जुड़े वैध हितों को ध्यान में रखा जाए. इसमें क्राइमिया पर रूस की संप्रभुता को
मान्यता दिया जाना शामिल है. यूक्रेन के असैन्यीकरण और उसे नाज़ी वाद से दूर किया
जाए और तय किया जाए कि इसका दर्जा तटस्थ रहे.”
फ्रांस ने बताया है कि मैक्रों ने पुतिन से कहा कि आने वाले दिनों में भी
वो संपर्क में रहें ताकि संघर्ष को गहराने से रोका जा सके. फ्रांस के मुताबिक पुतिन
इसके लिए तैयार हो गए.
ब्रेकिंग न्यूज़, संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन: परमाणु हथियारों को एलर्ट पर रखना पुतिन का पागलपन
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यूक्रेन को लेकर संयुक्त राष्ट्र आम सभा का विशेष सत्र में बोलते हुए यूक्रेन के स्थाई प्रतिनिध ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूस पर करारा हमला किया है.
संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के स्थाई प्रतिनिधि सर्गेई किस्लीत्सया ने कहा है कि वैश्विक सुरक्षा को इस समय वैसा ही ख़तरा है जैसा कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान था.
सर्गेई किस्लीत्सया ने कहा, "पुतिन ने रूस की परमाणु हथियारों को एलर्ट पर रखा है. क्या पागलपन है? अगर वो ख़ुद को मारना चाहते हैं तो उन्हें परमाणु हथियारों की ज़रुरत नहीं है. उन्हें वही करना चाहिए जो दूसरे विश्व के दौरान एक शख़्स ने बर्लिन में किया था"
गौरतलब है कि दूसरे विश्व युद्ध में सोवियत सेनाओं के बर्लिन में दाखिल होने के बाद जर्मनी की तानाशाह हिटलर ने एक बंकर अपनी जान ले ली थी.
अपने भाषण के दौरान किस्लीत्सया ने एक रूसी माँ और उसके सैनिक पुत्र के बीच बातचीत के स्क्रीनशॉट का प्रिंट आउट साझा किया.
इस बातचीत में रूसी सैनिक अपनी मां को बता रहा है कि रूस यूक्रेन के शहरों पर बम गिरा रहा है और आम लोगों को भी निशाना बना रहा है.
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संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थाई प्रतिनिधि वैसिली नेबेंज़िया ने भी भाषण दिया है.
नेबेंज़िया ने अपने भाषण में कहा, "आप आठ साल से डोनबास में यूक्रेनी राष्ट्रवादियों के अपराधों को नज़रअंदाज़ करते रहे हैं. और एक बार फिर आप के पास डोनबास के लोगों के प्रति सहानुभूति के दो शब्द नहीं हैं."
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साल 1956 के बाद से ये सिर्फ़ 11 वां मौका है जब ऐसा विशेष सत्र बुलाया गया है. इसे लेकर ही समझा जा सकता है कि ये कितना अहम है और इस संकट के इर्द गिर्द किस कदर चिंता का माहौल है.
इस सत्र में आम सभा के प्रमुख के अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव के भाषण होंगे.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव इसमें संघर्ष रोके जाने की अपील कर सकते हैं. वो ये भी कह सकते हैं कि ‘परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को किसी तरह भी न्याय संगत नहीं ठहराया जा सकता है.’
संयुक्त राष्ट्र के विशेष सत्र में 100 से ज़्यादा सदस्य देश अपनी बात रखेंगे. संयुक्त राष्ट्र के कुल 193 सदस्य देश हैं.
इसके बाद ड्राफ्ट किए गए प्रस्ताव पर वोटिंग होगी. प्रस्ताव का मसौदा अभी तैयार किया जा रहा है.
ये सत्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुलाया है. शुक्रवार को रूस ने अमेरिका के प्रस्ताव को वीटो कर दिया था. अमेरिकी प्रस्ताव में रूस से मांग की गई थी कि वो यूक्रेन से अपनी सेना को तुरंत बाहर निकाल ले.
रूस के साथ वार्ताओं में यूक्रेन ने की सीज़फ़ायर की मांग
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यूक्रेन में जारी जंग के बीच सोमवार को (आज) बेलारूस में यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधिमंडल ने आपस में बातचीत की है.
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उधर रूस लगातार आर्थिक रूस से अलग-थलग पड़ता जा रहा है क्योंकि कई पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध अब अपना असर दिखा रहे हैं.
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आक्रामक पुतिन
लेकिन इसके बावजूद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सुर आक्रामक हैं. आज उन्होंने अपने एक बयान में पश्चिमी देशों को ‘झूठ का साम्राज्य’ बताया है.
यूक्रेन की सेना ने कहा है कि रूस खारकीएव शहर में आम लोगों के घरों पर गोलीबारी की है जिसमें कई लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं.
रॉयटर्स के मुताबिक यूक्रेन की सेना द्वारा शेयर किए गए वीडियो में आग की लपटें और धुआं उठता दिखाई दे रहा है. बीबीसी ने इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.
ब्रेकिंग न्यूज़, IOC का कड़ा फ़ैसला: रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर पाबंदी की सिफ़ारिश
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इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन से
रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर पाबंदी लगाने की सिफारिश की है.
ये फ़ैसला रूस के यूक्रेन पर हमले के मद्देनज़र किया गया है.
आईओसी ने सोमवार को एक बयान जारी किया गया है. इसमें संगठन के
एक्ज़ीक्यूटिव बोर्ड ने कहा है कि ऐसे मामलों में जहां खिलाड़ियों को खेल
प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से रोकना मुमकिन न हो, वहां उन्हें रूस या फिर
बेलारूस के नाम से हिस्सा लेने की इजाज़त नहीं दी जाएगा.
बयान में कहा गया है, “कोई राष्ट्रीय चिन्ह,
रंग, झंडा या फिर राष्ट्रगान गाने की अनुमति नहीं होगी.”
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युद्ध का असर: यूक्रेन में मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत, ब्रिटेन में पेट्रोल की कीमतें आसमान पर
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रूस के हमले के बाद यूक्रेन में कोविड मरीजों और घायलों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई की भारी कमी हो गई है.
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई खतरनाक स्तर तक घट गई है.
दरअसल लड़ाई की वजह से मेडिकल ऑक्सीजन ढोने वाले ट्रक अस्पतालों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. राजधानी कीएव के अस्पतालों में भी इसकी किल्लत हो गई है. हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि अगले 24 घंटों में मौजूदा स्टॉक खत्म हो सकता है.
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वह अपने सहयोगियों के साथ पोलैंड के रास्ते जरूरी ऑक्सीजन शिपमेंट की व्यवस्था कर रहा है.
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि यूक्रेन के कुछ ऑक्सीजन प्लांट ज़ियोलाइट की किल्लत का सामना कर रहे हैं. इससे सुरक्षित मेडिकल ऑक्सीजन बनाई जाती है.
पट्रोल के दाम चढ़े
हमले का असर ब्रिटेन में पेट्रोल की कीमतों पर भी दिख रहा है. कच्चे तेल के दाम में तेजी का असर ब्रिटेन के पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा है. यहां पेट्रोल की कीमत रविवार को बढ़ कर 1.51 पाउंड प्रति लीटर हो गई .
वहीं डीजल की कीमत बढ़ कर 1.55 पाउंड प्रति लीटर हो गई. रूस कच्चे तेल का सबसे बड़ा निर्यातक है.
हालांकि ब्रिटेन की जरूरत का सिर्फ छह फीसदी ही रूस से आता है. लेकिन माना जा रहा है कि रूस पर प्रतिबंध से इसकी सप्लाई बाधित हो सकती है. इससे तेल की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं.
रूस ने 36 देशों की एयलाइन्स पर लगाई पाबंदी
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रूस ने 36 देशों की उड़ानों पर पाबंदी लगा दी है. रूस ने जिन देशों की एयरलाइन्स को
बैन किया है, उनमें ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, इटली और कनाडा शामिल हैं.
रूस ने ये फ़ैसला यूरोपीय यूनियन के एलान के बाद लिया है. ईयू ने अपने
फ़ैसले में ‘रूस के स्वामित्व वाले, रूस में पंजीकृत और रूस के नियंत्रण
वाले विमानों’ के अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल होने
पर रोक लगा दी थी.
ब्रिटेन ने एयरोफ्लोट विमानों के अपने यहां उतरने पर पाबंदी लगा दी थी. इसके
जवाब में रूस ने ब्रिटिश एयरलाइन्स पर पाबंदी का एलान किया.
बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’, 28 फरवरी 2022, सुनिए मोहनलाल शर्मा से
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अमेरिका: पुतिन के ख़िलाफ़ व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन
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अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के
बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के
ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.
इनमें से कई लोगों ने यूक्रेन के झंडे थामे हुए
थे. वो रूस के राष्ट्रपति पुतिन के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे.
कई लोग यूक्रेन के
लिए प्रार्थना कर रहे थे. यूक्रेन के समर्थन में नारे लगा रहे थे. प्रदर्शनकारी
यूक्रेन पर हमले को लेकर नाराज़गी जाहिर कर रहे थे.
पुतिन ने गुरुवार को यूक्रेन
के ख़िलाफ़ ‘सैन्य कार्रवाई’ का आदेश दिया था.
बेलारूस दूतावास में कामकाज स्थगित
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बेलारूस की
मिन्स्क स्थित दूतावास में कामकाज स्थगित कर दिया है.
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी
अधिकारियों ने रूस की राजधानी मॉस्को में मौजूद आपात सेवाओं से नहीं जुड़े कर्मचारियों
का से कहा है कि वो परिवार समेत ‘स्वेच्छा’ से वापस आ सकते
हैं.
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यूक्रेन से तक़रीबन 1400 भारतीयों को अब तक निकाला गया
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इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची
भारतीय
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यूक्रेन से अब तक छह उड़ानों के ज़रिए 1400 भारतीय नागरिकों
को निकाला जा चुका है.
मंत्रालय
के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोमवार की शाम को प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान बताया
कि चार उड़ानें बुखारेस्ट (रोमानिया) और दो उड़ानें बुडापेस्ट (हंगरी) से भारत आई
हैं.
इस दौरान
उन्होंने बताया कि लोगों को निकालने की कोशिशों के दौरान ज़मीन पर परिस्थितियां
बेहद जटिल और चिंताजनक हैं लेकिन इस प्रक्रिया में तेज़ी लाई जा रही है और जब
दिशानिर्देश जारी किए गए थे तब 8000 भारतीय नागरिक यूक्रेन में थे.
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इमेज कैप्शन, सोमवार की शाम छठी उड़ान बुडापेस्ट से नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची जिसमें 240 भारतीय नागरिक सवार थे.
विदेश
मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि
यूक्रेन के चार पड़ोसी देशों में विशेष दूत तैनात करने का फ़ैसला लिया गया है.
बागची ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
रोमानिया, किरण रिजिजू स्लोवाक रिपब्लिक, हरदीप पुरी हंगरी और वीके सिंह पोलैंड जाएंगे.
उन्होंने बताया कि ये दूत समन्वय स्थापित करते हुए लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया
को देखेंगे.
उन्होंने बताया कि भारतीयों को पश्चिमी यूक्रेन में जाने के
लिए कहा गया है लेकिन वो ख़ुद सीधा वहां पर न पहुंचें क्योंकि इसमें समय लगेगा.
बागची ने बताया कि लोगों को क़रीबी शहरों में जाकर आश्रय
लेने को कहा गया है और वहां पर भारत सरकार की टीम व्यवस्था कर रही है, घबराने की
ज़रूरत नहीं है क्योंकि पर्याप्त उड़ानें मौजूद हैं.
रूस ने कहा- आर्थिक प्रतिबंधों को झेलने की ताक़त, दिक़्क़तों से जल्द निकल आएंगे
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इमेज कैप्शन, रूस ने कहा- पुतिन खुद आर्थिक मसलों को देख रहे हैं
रूस ने कहा है कि वह पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों को झेलने में सक्षम है.
रूस के प्रवक्ता दमित्री पेश्कोव एक कॉन्फ्रेंस कॉल के ज़रिये पत्रकारों को यह कहते सुने गए कि उनके देश ने पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों से पैदा दिक्कतों से बाहर निकालने की योजना बना ली है.
पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों से रूसी मुद्रा रूबल में गिरावट आई है.
पेश्कोव ने कहा, ''रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध काफी कड़े हैं लेकिन हमारे पास इससे होने वाले घाटे की भरपाई के लिए जरूरी क्षमता है.
उन्होंने सोमवार को कहा, ''पुतिन आर्थिक मसलों को सुलझाने पर काम करेंगे. वह वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के गवर्नर समेत प्रमुख मंत्रियों से मिलेंगे. ''
ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने पश्चिमी देशों के वित्तीय बाजारों से रूस के बैंकों का संपर्क काट दिया है. अब रूस के केंद्रीय बैंक,सरकारी निवेश फंड और वित्तीय मंत्रालय से उनका कारोबार बंद है. इसकी वजह से रूस के केंद्रीय बैंक की प्रमुख ब्याज दरें 9.5 फीसदी से बढ़कर 20 फीसदी हो गई है.
इन हालात के बाद ही रूसी प्रवक्ता ने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए की जाने वाली कोशिशों का हवाला दिया है.
आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से डॉलर की तुलना में रूस की मुद्रा रूबल की कीमत में तेज गिरावट आई है. इससे रूस की खरीद क्षमता ध्वस्त हो सकती है. इससे आम रूसियों की बचत खत्म हो सकती है.
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