उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों में 95 सीटें संवेदनशील घोषित

पांच साल पहले के विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार मतदान केंद्रों की संख्या में क़रीब दो फ़ीसदी का वृद्धि हुई है. वहीं पोलिंग बूथों की संख्या में 18.45 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है.

लाइव कवरेज

मोहम्मद शाहिद, भूमिका राय and चंदन शर्मा

  1. कटप्पा का किरदार निभाने वाले सत्यराज कोरोना के चलते अस्पताल में भर्ती

    सत्यराज

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    दक्षिण भारत के मशहूर अभिनेता और 'बाहुबली फ़ेम' सत्यराज को कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद चेन्नई के एक निजी अस्पताल में दाख़िल कराया गया है.

    67 साल के सत्यराज, बाहुबली सिरीज़ की दोनों फ़िल्मों के अहम किरदार 'कटप्पा' को निभाकर पूरी दुनिया में मशहूर हो गए थे.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर उनके प्रशंसक उनके ठीक होने की दुआएं मांग रहे हैं.

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    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कोरोना से पैदा होने वाली समस्याओं के गंभीर हो जाने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा. उससे पहले, पॉज़िटिव आने के बाद वे अपने घर पर क्वारंटीन थे.

    तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले सत्यराज का असल नाम रंगराज सुब्बैया गौंडर है. सत्यराज इनका पेशेवर नाम है.

  2. उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों में 95 सीटें संवेदनशील घोषित

    प्रशांत कुमार

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    इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार (फ़ाइल फोटो)

    उत्तर प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में से क़रीब एक चौथाई (95) को संवेदनशील घोषित किया गया है.

    सात चरणों में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों के लिए 92,821 मतदान केंद्रों पर कुल 1,74,351 बूथ बनाए गए हैं.

    पांच साल पहले के विधानसभा चुनावों की तुलना में इस बार मतदान केंद्रों की संख्या में क़रीब दो फ़ीसदी का वृद्धि हुई है. वहीं पोलिंग बूथों की संख्या में 18.45 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है.

    ये जानकारी राज्य के लॉ एंड ऑर्डर एडीजी प्रशांत कुमार ने रविवार को पत्रकारों को दी.

    उन्होंने बताया कि राज्य के सात ज़िलों- पीलीभीत, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और लखीमपुर खीरी की सीमाएं नेपाल के आठ ज़िलों से लगती है. राज्य के इन ज़िलों में कुल 14 विधानसभा क्षेत्र आते हैं.

    इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के 30 ज़िलों में पड़ने वाली 74 विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं देश के दूसरे नौ राज्यों से मिलती हैं.

    वहीं एक अन्य अधिकारी ने बताया कि किसी विधानसभा क्षेत्र को "संवेदनशील" घोषित करने के पीछे कई कारण होते हैं. इन कारणों में राजनीतिक दलों के बीच कड़ी प्रतिद्वंद्विता, अपराधी तत्त्वों की मौजूदगी, सांप्रदायिक और जातिगत तनाव, उग्रवाद आदि प्रमुख हैं.

    प्रशांत कुमार

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    शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के दावे

    प्रशांत कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न ज़िलों के 275 अपराधियों और जेलों में क़ैद 869 अपराधियों की पहचान की गई है.

    ये सभी अपराधी चुनाव प्रक्रिया को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीक़े से प्रभावित कर सकते हैं. पुलिस के अनुसार, ऐसे अपराधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है.

    पुलिस के अनुसार, अवैध शराब का दुरुपयोग रोकने, जेलों में बंद अपराधियों पर नज़र रखने और सीमा पार से होने वाली गड़बड़ियों पर क़ाबू पाने के लिए राज्य पुलिस ने कई इंतज़ाम किए हैं.

    पुलिस ने यह भी बताया कि राज्य के सभी थानों में चुनाव संबंधी ब्यौरों को दर्ज़ करने के लिए अलग से रजिस्टर रखा गया है.

  3. दिल्ली: 24 घंटों में कोरोना के 22,751 नए केस, पॉज़िटिविटी रेट 23 फ़ीसदी के पार

    कोरोना वायरस

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    दिल्ली में कोरोना वायरस लगातार डरा रहा है. रविवार को आए आंकड़ों से पता चला है कि बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में 22 हज़ार से अधिक (22,751) नए मामले सामने आए हैं.

    इस तरह दिल्ली में अब कुल सक्रिय मरीज़ों की तादाद 60 हज़ार से अधिक 60,733 हो गई है. हालांकि पिछले 24 घंटों के दौरान ठीक होने वाले मरीज़ों की संख्या 10,179 रही है.

    दिल्ली सरकार द्वारा रोज़ जारी होने वाली कोरोना बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली के लिए परेशान करने वाली बात पॉज़िटिविटी रेट में हो रही लगातार वृद्धि है, जो बढ़कर अब 23.53 फ़ीसदी हो गई है.

    वहीं मौतों की संख्या काफ़ी समय बाद दहाई में पहुंच गया है. पिछले 24 घंटों में 17 लोगों की मौत इस संक्रमण से हुई है. पिछले कई दिनों से मरने वालों की संख्या 10 से कम ही थी.

    मालूम हो कि शनिवार को राजधानी में कोरोना के 20,181 नए संक्रमण दर्ज़ किए गए थे.

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    पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 96 हज़ार से अधिक टेस्ट किए गए. इसमें आरटीपीसीआर टेस्ट कराने वालों की संख्या क़रीब 80 हज़ार रही है.

    राहत की बात है कि इस लहर के दौरान लोगों को अस्पताल की उतनी ज़रूरत नहीं पड़ रही.

    हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में अब तक केवल 1,800 लोग ही अस्पताल में भर्ती हुए हैं.

    उधर, राजधानी में पिछले 24 घंटों में क़रीब 1.20 लाख लोगों ने कोरोना के टीके लगवाए हैं.

    इनमें से 78 हज़ार लोगों ने पहली ख़ुराक ली जबकि 42 हज़ार ने दूसरी.

  4. एनएच 24 के हापुड़-मुरादाबाद सेक्शन से चार सालों में आए 272 करोड़, लेकिन गईं 900 जानें

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    उत्तर प्रदेश में एनएच 24 के हापुड़ और मुरादाबाद के बीच के 35 किलोमीटर लंबे सेक्शन से 2017-2021 के दौरान सरकार को कुल 272 करोड़ रुपये की आमदनी हुई, लेकिन इस दौरान 900 लोगों को अपनी ज़िंदगी से हाथ भी धोने पड़े.

    राष्ट्रीय राजमार्ग की देखरेख करने वाली संस्था 'राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण' (NHAI) ने इन आंकड़ों को नोएडा के एक सामाजिक कार्यकर्ता से आरटीआई एक्ट के तहत साझा किया है.

    एनएच 24 पर 58 किमी के माइलस्टोन से लेकर 93 किमी के बीच का खंड बृजघाट टोल प्लाज़ा के तहत पड़ता है. यह सड़क दिल्ली और उत्तर प्रदेश या उत्तराखंड के नैनीताल को जोड़ने वाला एक अहम संपर्क मार्ग है.

    NHAI ने बताया है कि इस खंड को बनाने में 195.51 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे. वहीं अप्रैल 2017 से नवंबर 2021 के बीच इस खंड से क़रीब 272 करोड़ रुपये टोल के रूप में वसूले गए.

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    समाचार एजेंसी पीटीआई ने इन आंकड़ों के हवाले से यह भी बताया कि बृजघाट टोल प्लाज़ा पर अभी 20 साल और यानी मई 2041 तक टोल की वसूली होती रहेगी.

    'हर साल कितनी मौतें हुईं'

    इस खंड के तहत पड़ने वाली सड़क पर हुईं मौतों के बारे में NHAI ने बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में 136, 2019-20 में 184, 2020-2021 में 326 और अप्रैल से नवंबर 2021 के बीच 238 लोगों की मौत हो चुकी है.

    आवेदन देने वाले अमित गुप्ता ने पिछले 10 सालों में हुई मौत के आंकड़े मांगे थे, लेकिन NHAI ने बताया कि उसके पास वित्त वर्ष 2017-18 और उससे पहले का कोई आंकड़ा नहीं है.

    NHAI की वेबसाइट के अनुसार, बृजघाट टोल प्लाज़ा की क्षमता प्रति दिन 60 हज़ार गाड़ियां संभालने की है.

  5. कज़ाख़स्तान ने कहा, पिछले हफ़्ते हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 164 लोग मारे गए

    कज़ाख़स्तान

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    कज़ाख़स्तान ने रविवार को बताया कि देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में पिछले सप्ताह 164 लोग मारे गए.

    सरकारी न्यूज़ चैनल ख़बर-24 पर देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताए गए ये आंकड़े इसके पहले बताए गए आंकड़ों से बहुत ज़्यादा हैं.

    हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मौत के इन आंकड़ों में केवल आम लोग शामिल हैं या इसमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं.

    इससे पहले कज़ाख़स्तान के अधिकारियों ने रविवार को बताया था कि प्रदर्शनों में पुलिस या नेशनल गार्ड के 16 जवान मारे गए हैं. वहीं आम लोगों की मौत का आंकड़ा केवल 26 बताया गया था.

    बताया गया है कि सबसे अधिक 103 मौतें देश के सबसे बड़े शहर अलमाटी में हुई है. वहां प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों को क़ब्ज़े में ले लिया था और कई इमारतों में आग लगा दी थी.

    बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले देश के लोकपाल ने बताया है कि मारे गए लोगों में से तीन नाबालिग थे.

    कज़ाख़स्तान

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    'देश के हालात फ़िलहाल क़ाबू में'

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले बताया था कि विरोध प्रदर्शनों में 2,200 से अधिक लोग घायल हुए थे.

    वहीं देश के गृह मंत्रालय ने बताया है कि क़रीब 1,300 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं.

    कज़ाख़स्तान के राष्ट्रपति के कार्यालय के अनुसार, पुलिस ने पिछले हफ़्ते हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान क़रीब 5,800 लोगों को हिरासत में लिया गया. इससे मजबूर होकर रूस की सेना को देश में बुलाना पड़ा.

    राष्ट्रपति कासिम जोमार्त तोकायेव के कार्यालय ने रविवार को बताया कि फ़िलहाल देश के हालात क़ाबू में हैं और प्रशासनिक भवनों पर अधिकारियों का फिर से नियंत्रण हो गया है.

  6. नन्हें चीता के साथ इंसान ये क्या कर रहे हैं?

    वीडियो कैप्शन, नन्हें चीता के साथ इंसान ये क्या कर रहे हैं?

    जंगलों में करीब 7000 चीता ही बचे हैं. लेकिन हर साल चीता के करीब 300 बच्चों की तस्करी की जाती है.

    इन्हें सोमालियालैंड से तस्करी करके मध्य पूर्व ले जाया जाता है और अमीर गैरकानूनी खरीदारों को बेच दिया जाता है.

    वो शौक के लिए इन सुंदर जानवरों को पालते हैं. उनके लिए यह स्टेटस सिंबल है. चीता कंज़र्वेशन फ़ंड इस अवैध कारोबार को रोकने की कोशिशें कर रहा है.

  7. पाकिस्तान के मरी में जानलेवा बर्फ़बारी से मरने वाले चार दोस्तों की आख़िरी सेल्फ़ी

    मरने से पहले चारों दोस्तों की आख़िरी सेल्फ़ी

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    इमेज कैप्शन, मरने से पहले चारों दोस्तों की आख़िरी सेल्फ़ी

    "हम लोग भारा काहू पर बड़ी संख्या में खड़े हैं. हमें न तो हमारे अपनों के शव दिए जा रहे हैं और न आगे जाने दिया जा रहा है."

    राजधानी इस्लामाबाद के पास पंजाब प्रांत के पर्यटन स्थल मरी में भारी बर्फ़बारी से मारे गए 22 पर्यटकों में मरदान के रहने वाले चार दोस्त भी थे.

    उन लड़कों के एक क़रीबी दोस्त फ़ैसल ख़ान ने कहा, कि "हम प्रशासन से गुज़ारिश कर रहे हैं कि उन लोगों को बचाया तो नहीं जा सका, अब उनके शव तो हमें सौंप दो. अधिकारियों का कहना है कि सुबह होने से पहले यह संभव नहीं है."

    इस आपदा में मरदान के चार युवकों की मौत हो गई है, जिनमें असद ख़ान, सुहैल ख़ान, बिलाल ख़ान और कराची के रहने वाले इन्हीं के हमनाम बिलाल ख़ान शामिल हैं.

    ये चारों मरदान के एक ही इलाक़े के रहने वाले हैं और सभी आपस में कज़िन थे. चारों दोस्तों में सबसे बड़े सुहैल ख़ान थे, जिनकी उम्र 25 साल बताई जा रही है. उनकी शादी हो चुकी थी और दो बच्चे हैं. बाक़ी तीनों की उम्र क़रीब 22 साल है. असद ख़ान की भी शादी हो चुकी थी और उनके भी दो बच्चे हैं.

  8. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 09 जनवरी 2022, सुनिए वात्सल्य राय से

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  9. यूक्रेन पर रूस, अमेरिका और यूरोप की बातचीत, क्या संकट टल पाएगा?

    पुतिन और बाइडन

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    अमेरिका और उसके सहयोगी रूस से यूक्रेन संकट पर सोमवार से जेनेवा में बात करने जा रहे हैं, ताकि दोनों ही पक्ष सैन्य अभ्यासों और इलाक़े में मिसाइलों की तैनाती पर लगाम लगा सकें.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है. जेनेवा के बाद अगले हफ़्ते ब्रसेल्स और वियना में भी बातचीत होगी, ताकि इस संकट को टाला जा सके.

    मालूम हो कि रूस ने यूक्रेन से लगती अपनी सीमा पर लाख से ज़्यादा अपने सैनिक तैनात कर दिए हैं. इसके अलावा, वहां सैनिकों के लिए अन्य ज़रूरी निर्माण भी किए जा रहे हैं. इससे इस आशंका को काफ़ी बल मिल रहा है कि रूस जल्द ही यूक्रेन पर हमले कर सकता है.

    पुतिन और बाइडन

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    अहम क्षेत्रों पर अमेरिका लगा सकता है प्रतिबंध

    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन रूस को पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि उसने यदि यूक्रेन पर हमला किया तो रूस के ख़िलाफ़ गंभीर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने इन संभावित प्रतिबंधों के बारे में और विस्तार से जानकारी दी है.

    इस योजना से अवगत एक सूत्र ने बताया कि रक्षा और सिविल एविएशन जैसे रूस के अहम औद्योगिक क्षेत्रों पर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं.

    इसके अलावा, हाईटेक क्षेत्रों जैसे आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को भी निशाना बनाया जा सकता है.

    हालांकि अभी तक ये साफ़ नहीं है कि इस बातचीत का कोई सफल नतीज़ा निकल पाएगा या नहीं.

    व्लादिमीर पुतिन चाहते हैं कि नेटो पूर्वी यूरोप की ओर विस्तार करने की अपनी कोशिश छोड़ दे. हालांकि अमेरिका रूस की इस शर्त पर सहमत नहीं है.

    बाइडन प्रशासन के इस अधिकारी ने बताया कि अमेरिका अपनी सेना की संख्या में कटौती या उस इलाक़े के नेटो देशों में सैनिकों की तैनाती पर नियंत्रण लगाने पर चर्चा करने को तैयार नहीं है.

  10. 'हमारे घर के हालात पर दुनिया की नज़र है' - वुसत ब्लॉग

    वीडियो कैप्शन, 'हमारे घर के हालात पर दुनिया की नज़र है' - वुसत ब्लॉग

    देश चाहते हैं कि उनके अंदरूनी मामलों में कोई बाहरी दख़ल ना दे. लेकिन उनके अंदर जो कुछ भी बड़ा चल रहा होता है उसपर दुनिया भर की नज़र होती है.

    देखिए पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की ये ख़ास टिप्पणी जिसमें वो कह रहे हैं कि दुनिया में कई खाप पंचायतें बन गईं और कुछ भी छिपा नहीं है.

  11. पाकिस्तान: बर्फ़बारी से जहां कई लोग मरे, वहां के ताज़ा हालात

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान: बर्फ़बारी से जहां कई लोग मरे, वहां के ताज़ा हालात

    पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मरी में भारी बर्फ़बारी की वजह से 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है.

    बर्फबारी के कारण सड़कों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं और लोग जगह-जगह फंसी गाड़ियों के शीशों पर दस्तक देकर लोगों का हालचाल जानने की कोशिश कर रहे हैं.

    कोई जवाब नहीं मिलने पर गाड़ी खोलकर अंदर मौजूद लोगों को मदद देने की कोशिश की जा रही है.

    जानिए मरी में अभी कैसे हालात हैं? बीबीसी संवाददाता फ़रहत जावेद ने वहां का जायज़ा लिया.

  12. ओमिक्रॉन: कोरोना महामारी के दो साल बाद भी जिन तीन सवालों के जवाब मालूम नहीं

    ओमिक्रॉन

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    "हमें जितने सवालों के जवाब मिलते जाते हैं, उतने ही नए सवाल हमारे सामने आ जाते हैं."

    ये कहना है पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी में माइक्रोबायोलॉजी एवं मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स विषय की प्रोफेसर डॉ सीमा लकड़ावाला का.

    डॉ सीमा और उनके जैसे तमाम दूसरे वैज्ञानिक साल 2019 के दिसंबर महीने से कोरोना वायरस से जुड़े सवालों के जवाब तलाशने में जुटे हैं.

    ये तलाश शुरू होने के लगभग दो साल बाद वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने से लेकर इसके इलाज़ आदि का पता लगा लिया है.

    लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि अभी भी कुछ ऐसे मूल सवाल हैं जिनके जवाब मिलना शेष हैं. और कोरोना से जुड़े इन रहस्यों से परदा हटा लिया जाए तो कोविड-19 का सामना करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी.

  13. कोरोना के ताज़ा हाल पर पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक

    पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना के ताज़ा हाल और उससे निपटने के लिए किए जा रहे इंतज़ामों पर रविवार को बुलाई गई एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की.

    वीडिया कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए हुए इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, कैबिनेट सचिव राजीव गाबा, गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, नागरिक विमानन सचिव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों ने शिरक़त की.

    यह बैठक तब हो रही है जब कोरोना की तीसरी लहर ने पूरे देश में अपने पांव फैला लिए हैं. रविवार को सामने आए आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटों में क़रीब 1.6 लाख लोग इससे संक्रमित हुए हैं. यह आंकड़ा पिछले साढ़े सात महीनों में सबसे ज़्यादा है.

    साथ ही, अब संक्रमण की पॉज़िटिविटी दर बढ़कर 10.21 फ़ीसदी हो गई है. वहीं अब देश में कोरोना के सक्रिय मरीज़ों की संख्या बढ़कर 5.90 लाख हो गई है. यह पिछले साढ़े महीनों में सबसे अधिक है.

  14. अनिल अंबानी की कंपनी को दिल्ली मेट्रो के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट क्यों जाना पड़ा?

    दिल्ली मेट्रो

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    दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस (डीएएमईपीएल) ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) पर आरोप लगाया है कि वो अपने ख़िलाफ़ पारित 4,600 करोड़ रुपये के मध्यस्थता के फ़ैसले को लागू करने में जानबूझकर देरी कर रही है.

    रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की इस सहायक कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक आवेदन में बताया कि यह प्रक्रिया देर होने से हर रोज़ करदाताओं को 1.75 करोड़ रुपये का नुक़सान हो रहा है.

    डीएएमईपीएल ने अदालत से कहा है, ''डीएमआरसी केवल 1643 करोड़ रुपये का ब्योरा देकर" इस प्रक्रिया को असफल करने की कोशिश कर रही है, जबकि आदेश था कि वो अपने बैंक खाते के सभी ब्यौरे को सार्वजनिक करेगी.

    कंपनी का दावा है कि दिसंबर में दायर एक हलफ़नामे में डीएमआरसी ने 5,800 करोड़ रुपये "उपलब्ध" होने की जानकारी दी थी.

    इससे पहले 22 दिसंबर, 2021 को दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सुरेश कैत ने डीएमआरसी को एक हलफ़नामा दाख़िल करने का निर्देश दिया था, जिसमें बची हुई राशि के साथ उसके बैंक खातों के ब्यौरे भी हों.

    मालूम हो कि मध्यस्थता करने वाले एक ट्रिब्यूनल ने मई 2017 में डीएएमईपीएल के पक्ष में एक फ़ैसला दिया था.

    इससे पहले डीएएएमईपीएल ने सेफ़्टी मुद्दों का हवाला देते हुए एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन के संचालन से अपने हाथ खींच लिए थे.

  15. नौकरी के लिए तरसते नौजवान: कितना ग़हरा है भारत का बेरोज़गारी संकट?

    अमृतसर में प्रदर्शन करते बेरोज़गार

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    पिछले सप्ताह क़ानून की डिग्री लेने वाले एक छात्र ने ड्राइवर की नौकरी के लिए आवेदन दिया.

    मध्य प्रदेश में कम योग्यता वाले 15 सरकारी पदों पर नौकरी के लिए दस हज़ार से अधिक उम्मीदवार साक्षात्कार देने पहुंच गए. जितेंद्र मौर्य भी उनमें शामिल थे.

    इनमें से अधिकतर ऐसे थे जो नौकरी की ज़रूरत से ज़्यादा योग्य थे.

    एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इनमें इंजीनियर, एमबीए डिग्री धारक और जितेंद्र मौर्य जैसे युवा थे जो जज बनने की तैयारी कर रहे हैं.

    एक समाचार नेटवर्क से बात करते हुए मौर्य कहते हैं, "हालात ऐसे हैं कि कई बार मेरे पास किताब ख़रीदने के पैसे भी नहीं होते. तो मैंने सोचा कि यहां मुझे कुछ काम मिल जाएगा."

  16. पीएम की सुरक्षा में चूक के मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा में हुई कथित चूक के मसले पर दाख़िल एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, लॉयर्स वॉयस नाम के एक संगठन की ओर से दायर इस याचिका की सुनवाई देश के चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस हिमा कोहली की खंडपीठ द्वारा करने की उम्मीद है.

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पीएम की इस यात्रा को लेकर किए गए सुरक्षा उपायों से जुड़े दस्तावेज़ों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था.

    अदालत ने इसके साथ ही इस मामले की जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा बनाई गई अलग-अलग समितियों को अपना काम आगे न बढ़ाने का मौखिक आदेश दिया था.

    अदालत ने इस बारे में बिना कोई लिखित आदेश जारी करते हुए संबंधित वकीलों से कहा कि वे अधिकारियों को अदालत की भावनाओं के बारे में बताएं.

    मालूम हो कि याचिका देने वाले ने हाल में पंजाब के फ़िरोज़पुर जा रहे पीए मोदी की सुरक्षा में हुई चूक की गहन जांच करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना फिर से न हो.

    इस याचिका में सुरक्षा इंतज़ामों से संबंधित दस्तावेज़ बचाने, अदालत की निगरानी में जांच करने और इस कथित चूक के ज़िम्मेदार दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग भी की गयी है.

  17. आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल होंगे एआईआईबी के उपाध्यक्ष: रिपोर्ट

    उर्जित पटेल

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    भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को बीजिंग में मौजूद बहुपक्षीय वित्त पोषण संस्था 'एशियन इन्फ़्रस्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक' (एआईआईबी) का उपाध्यक्ष बनाया गया है.

    उनके अलावा एआईआईबी में चार और उपाध्यक्ष हैं.

    मालूम हो कि भारत एआईआईबी की स्थापना करने वाले देशों में से है. इस बैंक में भारत का वोटिंग शेयर चीन के बाद सबसे अधिक है. फ़िलहाल इस बैंक के प्रमुख चीन के पूर्व उप वित्त मंत्री जिन लिक़ुन हैं.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने एआईआईबी के क़रीबी सूत्रों के हवाले से रविवार को बताया कि तीन साल की इस भूमिका के लिए 58 साल के उर्जित पटेल फ़रवरी में अपना पदभार ग्रहण कर सकते हैं. वो अब तक उपाध्यक्ष रहे डीजे पांडियन की जगह लेंगे.

    गुजरात के मुख्य सचिव रह चुके डीजे पांडियन फ़िलहाल इस बैंक के दक्षिण एशिया, प्रशांत द्वीप समूह और दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के सॉवरिन और नॉन-सॉवरिन कर्ज़ का कामकाज देख रहे हैं.

    उर्जित पटेल

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    कौन हैं उर्जित पटेल

    उर्जित पटेल सितंबर 2016 से दिसंबर 2018 के बीच क़रीब सवा दो साल तक भारतीय रिज़र्व बैंक के 24वें गवर्नर रह चुके हैं.

    उन्होंने आरबीआई के गवर्नर का कार्यकाल बाक़ी रहते हुए ही अचानक से निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना पद छोड़ दिया था.

    आरबीआई के गवर्नर बनने के पहले वे वहीं पर मौद्रिक नीति विभाग के डिप्टी गवर्नर थे.

    उनके नेतृत्व में ही आरबीआई ने महंगाई दर पर नियंत्रण करने के लिए एक साफ़ और सुलझी हुई नीति बनाई और लागू की थी. इसलिए कई लोग उन्हें महंगाई से लड़ने वाला योद्धा कहते रहे हैं.

    आरबीआई से पहले उर्जित पटेल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित कई संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं.

    मूल रूप से गुजरात के खेड़ा ज़िले के रहने वाले पटेल का बचपन केन्या में बीता है, जहां उनके दादा अपने कारोबार के सिलसिले में चले गए थे.

  18. गोवा में ममता बनर्जी के ज़ोर लगाने से बीजेपी को होगा फ़ायदा: संजय राउत

    शिवसेना नेता संजय राउत

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    शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत ने गोवा विधानसभा चुनावों से पहले "कांग्रेस विरोधी" रुख़ अपनाने के लिए तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, उन्होंने यह दावा भी किया कि गोवा के चुनावों में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के उतरने से राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज़्यादा फ़ायदा पहुंचेगा.

    संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में रविवार को आने वाले अपने साप्ताहिक कॉलम 'रोखटोक' में यह बात कही.

    उन्होंने अपने कॉलम में लिखा है कि टीएमसी ने कांग्रेस सहित दूसरे दलों के 'भरोसा न करने लायक नेताओं' को अपने यहां शरण दी है. उन्होंने इस बारे में लिखा कि इस समय ख़ुद बीजेपी से लड़ रहीं ममता बनर्जी को ऐसा रवैया बिल्कुल भी शोभा नहीं देता.

    संजय राउत ने दावा किया कि टीएमसी गोवा के विधानसभा चुनावों में बहुत पैसे ख़र्च कर रही है और कइयों के मुताबिक़ इस धन का स्रोत "कहीं और" है.

    ममता बनर्जी

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    इमेज कैप्शन, संजय राउत ने गोवा में चुनाव लड़ने के लिए तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की है.

    'राजनीतिक प्रयोगशाला बन चुका है गोवा'

    गोवा के मौजूदा हालात का ज़िक्र करते हुए संजय राउत ने लिखा है कि सभी पार्टियों ने राज्य को ''राजनीतिक प्रयोगशाला'' बना दिया है.

    मालूम हो कि गोवा में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी (जीएफ़पी), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी), आम आदमी पार्टी (आप), तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) और एनसीपी प्रमुख दल हैं.

    इस बीच केंद्रीय चुनाव आयोग ने शनिवार को एलान किया कि गोवा की सभी 40 विधानसभा सीटों के लिए 14 फ़रवरी को मतदान कराए जाएंगे.

    संजय राउत ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के कांग्रेस के सफ़ाए का लक्ष्य समझ में आता है. लेकिन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का भी यदि यही लक्ष्य है, तो यह उनकी छवि से मेल नहीं खाता."

    उन्होंने कहा कि गोवा विधानसभा के पिछले चुनावों में कांग्रेस पार्टी 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि मज़बूत नेतृत्व न होने के चलते अब वो केवल दो सीटों पर सिमट चुकी है.

  19. कोरोना: अगर कोविड पॉज़िटिव होने का शक है तो ये छह काम करें

    कोरोना संक्रमण

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    कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने धीर-धीरे पूरी दुनिया को अपनी ज़द में ले लिया है. दक्षिण अफ्रीका में पहली बार मिला यह वैरिएंट अब दुनिया के सौ से अधिक देशों में पहुंच चुका है.

    दुनिया के लगभग हर देश में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. यूरोप और अमेरिका के बाद अब एशियाई देशों में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. अकेले भारत में बीते दो दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले रोज़ाना एक लाख के आंकड़े को पार आ रहे हैं.

    चार जनवरी को दुनिया में संक्रमितों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज की गई. महज़ चौबीस घंटों में कोरोना के बीस लाख से अधिक मामले रजिस्टर किए गए. ये वो मामले हैं जो रजिस्टर हुए, लेकिन कई मामले ऐसे होंगे जो अस्पतालों तक पहुंचे नहीं होंगे यान दर्ज नहीं किए गए होंगे. इस लिहाज़ से यह संख्या अधिक भी हो सकती है.

    कई बार ऐसा होता है कि हमें संदेह होता है कि हम कोरोना पॉज़िटिव हो सकते हैं. हमें कोरोना के सारे लक्षण नज़र आ रहे होते हैं. ऐसे में हमें क्या करना चाहिए और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

  20. अमेरिका, रूस, भारत और अन्य मुल्कों की दिलचस्पी चांद में क्यों है?

    चांद

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    बीते एक साल में चांद पर कोई अंतरिक्ष यान नहीं उतरा और न ही किसी ने कोई मिशन चांद पर भेजा. लेकिन इस पूरे साल हमें चांद से जुड़ी ख़बरें मिलती रहेंगी क्योंकि कई मुल्कों और कंपनियों ने इस साल चांद के लिए विशेष मिशन की योजना बनाई है.

    नासा इस साल अपनाआर्टेमिस प्रोग्रामशुरू करेगा. इस कार्यक्रम के तहत वो पहली महिला अंतरिक्ष यात्री को चांद पर भेजेगा और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर चांद पर लंबे वक्त तक मौजूदगी बनाए रखने के लिए ज़रूरी उपकरण और सामान चांद पर भेजेगा. भविष्य में वहां जाने वाले अंतरिक्ष यात्री इनका इस्तेमाल कर सकेंगे.

    इसके लिए वो चांद पर एक ऐसा आर्टेमिस बेस कैंप बनाएगा जहां अंतरिक्ष यात्री रह सकेंगे और अंतरिक्ष में एकगेटवेभी बनाएगा, जहां रुक कर अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह तक बढ़ने की अपनी यात्रा पूरी करेंगे.

    इसमें एक अत्याधुनिक मोबाइल घर और एक रोवर होगा, ताकि चांद पर अभूतपूर्व रूप से खोजी अभियान को अंजाम दिया जा सके. इससे मंगल पर क़दम रखने की तैयारी में मदद मिलेगी.