यूक्रेन सीमा पर रूसी सेना की बढ़ती तैनाती पर पुतिन से बात करेंगे बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन यूक्रेन की सीमा पर रूसी सेना की गतिविधियों को लेकर पुतिन से बात करेंगे.
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नगालैंड हिंसा: स्थिति अभी भी तनावपूर्ण, कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन

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नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 11 आम नागरिकों की मौत के बाद रविवार रात कई जगह पर लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर शांति मार्च निकाले और इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ अपना विरोध जताया.
स्थानीय पत्रकार एचए होंगनाओ कोनयाक के मुताबिक़ घटना के बाद से लोगों में गुस्सा है और राजधानी कोहिमा समेत कई जगह मोमबत्तियां जलाकर शांति मार्च निकाले गए हैं.
राजधानी कोहिमा में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
उन्होंने बताया है कि हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और मोन ज़िले में प्रशासन ने धारा 144 लगा दी है और चार लोगों से अधिक के इकट्ठा होने पर रोक है. यहां सुरक्षा व्यवस्था के सख़्त इंतेज़ाम किए गए हैं.
शवों को अभी भी मोन के ज़िला अस्पताल में रखा गया है.
कोनयाक का कहना है कि प्रदेश के दूसरे हिस्सों से मोन की तरफ अतिरिक्त पुलिसबल भेजे गए हैं
वहीं राज्य के मुख्यमंत्री समेत बड़े अधिकारी घटनास्थल पहुंच रहे हैं.

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नगालैंड के मोन ज़िले के तिरु इलाक़े में शनिवार रात सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है. ये इलाक़ा म्यांमार की सीमा के नज़दीक है.
शनिवार रात गश्त लगा रही सेना की एक टुकड़ी ने काम ख़त्म कर घर लौट रहे लोगों पर लोगों पर गोलियां चलाईं. इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई.
इसके बाद इस घटना से नाराज़ स्थानीय लोगों की सेना के साथ झड़प हुई जिसमें सात और आम नागरिकों और सेना के एक जवान की मौत हो गई.
इसके बाद से मोन में स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है.

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इमेज कैप्शन, अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया रूस और यूक्रेन के तनाव के बीच पुतिन और बाइडन करेंगे चर्चा

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए वार्ता करेंगे. क्रेमलिन ने इस वार्ता की पुष्टि की है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, दोनों नेता यूक्रेन के तनावपूर्ण हालातों पर चर्चा करेंगे.
एक बयान में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा, "चर्चा के दौरान यूक्रेन की सीमा पर रूस की सेना की गतिविधियों को लेकर बाइडन अमेरिकी चिंताओं को ज़ाहिर करेंगे."
साकी ने कहा कि बाइडेन यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता ज़ाहिर करेंगे.
इसके अलावा कूटनीतिक स्थिरता, साइबर और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी दोनों नेताओं में वार्ता होगी.
वहीं, क्रेमलिन की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि जून में जिनेवा में हुए समझौते को लागू करने को लेकर भी दोनों नेता बात करेंगे.
क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कॉफ़ के मुताबिक़, चर्चा में यूक्रेन और जिनेवा समझौता बातचीत का मुख्य एजेंडा होगा.
रूस ने हाल के महीनों में यूक्रेन सीमा के पास सैनिकों की मौजूदगी बढ़ाई है.
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माना जाता है कि यूक्रेन सीमा के पास क़रीब 94 हज़ार रूसी सैनिक तैनात है. रूस ने यूक्रेन की सीमा के पास भारी हथियार भी पहुंचाए हैं.
यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा था कि हो सकता है कि रूस जनवरी के अंत में यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर बड़ा आक्रमण करे.
विश्लेषक मानते हैं कि यूक्रेन पर कड़ा रुख अपनाकर पुतिन पश्चिमी देशों को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं.
यूक्रेन में बीते सात सालों से गृहयुद्ध चल रहा है. रूस ने 2014 में क्राइमिया पर क़ब्ज़ा कर लिया था.
यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में सक्रिय अलगाववादियों का भी रूस समर्थन करता है.
हालांकि, रूस सीधे तौर पर यूक्रेन में जारी संघर्ष में शामिल होने से इनकार करता रहा है.
यूक्रेन चाहता है कि वो पश्चिमी देशों के सुरक्षा संगठन नेटो का हिस्सा बने, जिसका अहम सदस्य अमेरिका भी है.
वहीं, रूस नहीं चाहता कि नेटो सेनाएं ठीक उसके दरवाज़े तक पहुंच जाए.
उत्तर प्रदेश: बुलंदशहर में आरएलडी नेता के काफ़िले पर गोलीबारी, एक की मौत,

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इमेज कैप्शन, घटनास्थल पर ज़मीन पर पड़े कारतूस बुलंदशहर में आरएलडी नेता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख हाजी यूनुस के काफ़िले पर रविवार दोपहर गोलीबारी हुई.
इस गोलीबारी में हाजी युनुस के समर्थक ख़ालिद की मौत हो गयी है.
रविवार को हाजी यूनुस नई मंडी चौकी क्षेत्र के भाईपुरा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे और शादी समारोह से लौटते समय हाजी यूनुस के काफ़िले पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की.
काफिले की दोनों गाड़ियों पर लगभग 40 से ज्यादा गोलियों के छेद नजर आ रहे हैं.
हाजी यूनुस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस तरह से गोलियां चली हैं उसे देख कर लगता है कि ऑटोमेटिक गन से से उनके काफिले पर हमला किया गया.
हाल ही में हाजी यूनुस अपने समर्थकों के साथ बसपा छोड़ आरएलडी में शामिल हुए थे.
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बुलन्दशहर के एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने वारदात की जानकारी देते हुए कहा कि, "पूर्व ब्लॉक प्रमुख हाजी यूनुस जो एक शादी में भाईपुरा गांव गए थे, वाहन से मिर्ज़ापुर गांव की तरफ जा रहे थे. रास्ते में बम्बे के पुल पर एक गाड़ी खड़ी थी जिसमें से कुछ लोगों ने उतर कर हाजी यूनुस के साथ चल रही गाड़ियों पर फायर किया है."
"उसमें पांच लोगों को गोली लगी है. इनका विश्वास है कि इनके भतीजे अनस जोकि वर्तमान में जेल में बंद हैं उसके द्वारा यह घटना कराई गई है और हम लोग इसमें जांच कर रहे हैं. शीघ्र ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी शुरू की जाएगी."
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', मोहन लाल शर्मा के साथ.
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कोरोना: ऑक्सीजन की कमी से मौतों के लिए जॉर्डन में अस्पताल कर्मचारियों को जेल

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इमेज कैप्शन, जॉर्डन में अल साल्ट अस्पताल के बाहर तैनात पुलिसकर्मी जॉर्डन में एक अदालत ने कोविड-19 महामारी के दौरान एक अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 10 लोगों की मौत होने के मामले में फ़ैसला सुनाया है.
अदालत ने इस मामले में अस्पताल के प्रमुख अधिकारी समेत कुल पांच कर्मचारियों को तीन साल जेल की सज़ा सुनाई है.
अस्पताल में दस मरीजों की मौत के लिए अदालत ने इन पांच लोगों को ज़िम्मेदार माना है.
बीती मार्च में इन मौतों को लेकर जनता में भारी आक्रोश देखा गया था. इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री नाथिर ओबेदत को अपना इस्तीफ़ा तक देना पड़ा था.
इस मामले में सरकार के ख़िलाफ़ भी लोगों का आक्रोश चरम पर था. लोगों ने सरकार को हटाने के लिए खुलकर विरोध प्रदर्शन भी किए जिसके बाद सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.
म्यामांरः सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर चढ़ाई गाड़ी, कइयों की मौत

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म्यांमार के प्रमुख शहर यंगून में सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर गाड़ी चढ़ाने और उन पर गोलियां चलाने की ख़बर है.
इस घटना में कम से कम चार प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. कई लोग घायल भी हुए हैं.
चश्मदीदों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों पर चढ़ने से पहले गाड़ी ने रफ़्तार पकड़ी थी. उनका कहना है कि जैसे ही सैन्य सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू हुए, सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों गाड़ी चढ़ा दी.
इस प्रदर्शन के दौरान सैन्यबलों ने कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया है. सेना का कहना है कि मारे गए प्रदर्शनकारियों ने हिंसा शुरू की थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ रविवार सुबह हुए इस घटनाक्रम में मारे गए लोगों की तादाद पांच हो सकती है.
सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरें में एक सैन्य वाहन लोगों पर चढ़ता हुआ देखा जा सकता है.
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सुबह हुई हिंसा के बावजूद दोपहर को यंगून में एक और विरोध प्रदर्शन हुआ है.
म्यांमार में रह-रहकर सैन्य सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं. कई बार प्रदर्शनकारी छोटे समूहों में होते हैं और सेना के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करते हैं.
विपक्ष की शैडो सरकार का कहना है कि वह बेग़ुनाह प्रदर्शनकारियों की मौत से दुखी है.
रविवार को हुए हमले के बाद नेशनल यूनिटी गवर्मेंट के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि "वो सेना की अमानवीय कार्रवाई का ज़ोरदार जवाब देगे."
रविवार सुबह की हिंसा के एक चश्मदीद ने रॉयटर्स को बताया, "मुझे टक्कर लगी और मैं एक ट्रक के सामने गिर गया. एक सैनिक ने मुझ पर अपनी राइफल की बट से वार किया लेकिन मैंने उसे पीछे धकेल दिया. मैं आढ़ा-तिरछा होकर भागा तो उसने पीछे से मुझ पर गोली चलाई. भाग्य से मैं बच गया."
दो चश्मदीदों के मुताबिक] सैनिकों से भरी एक कार पीछे से प्रदर्शनकारियों पर चढ़ गई. इसके बाद तितर-बितर हुए प्रदर्शनकारियों को पीटा गया.
म्यांमार में सेना ने इसी साल फ़रवरी में तख़्तापलट कर दिया था. सेना के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शनों में अभी तक कम से कम तेरह सौ लोग मारे गए हैं.
नगालैंड हिंसा पर असदुद्दीन ओवैसी ने मांगा अमित शाह का इस्तीफ़ा

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इमेज कैप्शन, एआईएमआईएम पार्टी के प्रमुख सांसद असदुद्दीन ओवैसी नगालैंड के एक ज़िले मोन में बीते शनिवार भारतीय सेना के एक ऑपरेशन में 11 आम लोगों की मौत होने के बाद विपक्षी नेताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोल दिया है.
इस मामले में एआईएमआईएम पार्टी के प्रमुख सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमित शाह के इस्तीफ़े की मांग की है.
असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया है, “नगालैंड में अपनी जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना. अमित शाह को उनके पद से हटा देना चाहिए. उग्रवादियों के साथ उनके समझौता करने की बात धोख़ा थी. नवंबर में मणिपुर में सातअफ़सरों को उग्रवादियों ने मार दिया था. उत्तरपूर्व में शांति नहीं है, केवल हिंसा है."
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इसके साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले में गृह मंत्रालय की ज़िम्मेदारी तय करते हए सवाल उठाया है कि जब लोग अपने ही देश और ज़मीन में सुरक्षित नहीं हैं तो गृह मंत्रालय क्या कर रहा है.
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, “ये एक हृदय विदारक घटना है. सरकार को सही मायनों में इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि जब अपनी ही ज़मीन पर आम लोगों के साथ - साथ सुरक्षाकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं तो गृह मंत्रालय क्या कर रहा है."
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तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने भी इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है.
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, “नगालैंड से चिंताजनक ख़बर आ रही है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं. हमें घटना की गहन जांच सुनिश्चित करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पीड़ितों को न्याय मिले!"
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असली जिहाद है ग़रीबी - बेरोज़गारी से लड़ना, ना कि धर्म के ख़िलाफ़ लड़ना- गुलाम नबी आज़ाद

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इमेज कैप्शन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने शनिवार को कहा है कि असली जिहाद ग़रीबी और बेरोज़गारी से लड़ना है ना कि किसी नेता, धर्म या पार्टी के ख़िलाफ़ लड़ना.
जम्मू कश्मीर के रामबन में एक रैली को संबोधित करते हुए आज़ाद ने जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य बनाए जाने की मांग उठाई.
उन्होंने कहा कि लोगों की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नौकरशाही राजनीतिक रूप से चुने गए नेताओं का मुक़ाबला नहीं कर सकती है.
उन्होंने कहा कि जिहाद का मतलब ये नहीं है कि किसी दूसरे धर्म के ख़िलाफ़ लड़ा जाए. और हमारे सबसे बड़े दुश्मन ग़रीबी और बेरोज़गारी हैं और असली जिहाद इनका ख़ात्मा करना है ना कि किसी नेता, धर्म या पार्टी के ख़िलाफ़ लड़ना.
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि वो किसी नेता या दल को अपना दुश्मन नहीं मानते हैं.
उन्होंने कहा कि महंगाई की वजह से दाल और चीनी जैसी रोज़ाना की ज़रूरत की चीज़ें भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं.
उन्होंने कहा कि वो राजनेता कम और सुधारवादी ज़्यादा हैं. और भेदभाव और दुर्व्यवहार को ख़त्म करने के लिए सुधार की ज़रूरत है.
आज़ाद ने कहा कि कुछ लोग हैं जो धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे लोग मानसिक रूप से बीमार हैं.
उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री रहते हुए मैंने कभी भी क्षेत्र या धर्म के आधार पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया और सबको बराबर समझा."
ब्रेकिंग न्यूज़, ईरान के परमाणु संयंत्र के पास धमाका, सरकार ने बताया- मिसाइल परीक्षण

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इमेज कैप्शन, ईरान का नतांज़ परमाणु संयंत्र ईरान के इस्फ़ाहन प्रांत में स्थित नतांज़ परमाणु संयंत्र के नज़दीक स्थानीय समयानुसार शनिवार शाम को एक धमाका होने की पुष्टि हुई है.
स्थानीय लोगों ने बताया है कि ये एक ज़ोरदार धमाका था जिससे कुछ पलों के लिए आसमान रोशनी से भर गया.
हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया ने इसे एक डिफेंस ड्रिल बताते हुए कहा है कि त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता के आकलन के लिए एक डिफेंस ड्रिल के तहत मिसाइल लॉन्च की गयी थी.
ईरानी सेना के प्रवक्ता शहीन ताक़िख़नी ने कहा है कि इस ड्रिल को सावधानीपूर्वक अंजाम दिया गया था और चिंता की कोई बात नहीं है.
उन्होंने कहा, “त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता के आकलन के लिए इस क्षेत्र (नतांज़) के मिसाइल डिफेंस सिस्टम से एक मिसाइल टेस्ट की गयी थी. इस टेस्ट का उद्देश्य इस क्षेत्र की तैयारियों का आकलन करना था. इस तरह की ड्रिल को सुरक्षित ढंग से संपूर्ण सुरक्षा तंत्र के समन्वय एवं सावधानी पूर्वक अंजाम दिया जाता है और इससे चिंता की कोई बात नहीं है.”
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएई के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जाएद से मुलाक़ात की

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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर 'हिंद महासागर सम्मेलन 2021' में भाग लेने के संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी पहुंचे हैं.
यहां उन्होंने यूएई के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जाएद और विदेश मंत्री शेख़ अब्दुल्ला बिन जाएद से मुलाकात की.
इस मुलाक़ात में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध आने वाले सालों में नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे.
जयशंकर 4 - 5 दिसंबर को 5वें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अबू धाबी में हैं.
इस बार हिंद महासागर सम्मेलन 2021 का विषय "हिंद महासागर: पारिस्थितिकी, अर्थव्यवस्था, महामारी" है.
यूएई के क्राउन प्रिंस का शुक्रिया अदा करते हुए विदेशमंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, "आज लेने आने के लिए आपका धन्यवाद, संयुक्त अरब अमीरात की स्वर्ण जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी की ओर से बधाई. मुझे यकीन है कि आने वाले वर्षों में हमारी साझेदारी नई ऊंचाइयों को छुएगी."
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रूस और यूक्रेन के तनाव के बीच में आए अर्दोआन

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तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन रूस के राष्ट्रपति व्लादमिर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादमिर ज़ेलेनेस्की के बीच वार्ता की पहल कर सकते हैं.
अर्दोआन के प्रवक्ता इब्राहिम कालिन ने शनिवार को ये जानकारी दी है.
तुर्की के सरकारी मीडिया अनादोलु एजेंसी को दिए गए इँटरव्यू में कालिन ने कहा,‘’तुर्की के रूस और यूक्रेन दोनों देशों के साथ बेहतर रिश्ते हैं, इसलिए हम दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष में किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं करते. हमारा उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव कम करना है.’’
‘’कई पश्चिमी देशों का रूस के साथ संबंध ठीक नहीं हैं,लेकिन तुर्की का रूस के साथ ख़ास रिश्ता है. अगर दोनों देश इसके लिए तैयार हों तो तुर्की यक़ीनन दोनों देशों के बीच अहम भूमिका निभा सकता है. हमारे राष्ट्रपति, पुतिन और ज़ेलेंस्की के बीच एक बैठक की व्यवस्था करके तनाव को कम करने के लिए एक रचनात्मक क़दम उठा सकते हैं.‘’
शुक्रवार को,पुतिन ने अर्दोआन से टेलीफ़ोन पर बातचीत में कहा कि यूक्रेन मिंस्क समझौतों का उल्लंधन कर रहा है. संघर्ष के क्षेत्र में यूक्रेनी सेना उत्तेजक गतिविधि कर रही है, उन्होंने बेरख्तर ड्रोन के इस्तेमाल का भी ज़िक्र किया, जिसे यूक्रेन ने तुर्की से लिया है.
हाल ही में अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी ने बताया है कि रूस, यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर रहा है और अगले साल की शुरुआत में रूस की ओर से सैन्य कार्रवाई की जा सकती है.
अमेरिका का ये भी कहना है कि रूस ने यूक्रेन से लगी सीमाओं पर सेना की टुकड़ियों की तैनाती शुरू कर दी है.
खुफ़िया एजेंसी की हमले को लेकर जताई जा रही संभावना के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि ‘वह रूस को अपने मक़सद में कामयाब नहीं होने देंगे’ और अगर रूस यूक्रेन पर हमला करेगा तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा.
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने से कम से कम 13 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

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इंडोनेशिया में सेमेरू ज्वालामुखी विस्फोट से कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं. ये जानकारी इंडोनेशिया के अधिकारियों ने दी है.
इंडोनेशिया की आपदा राहत एजेंसी बीएनपीबी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि घटनास्थल पर फंसे दस लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
जावा द्वीप के सबसे ऊंचे पर्वत सेमेरू पर शनिवार को ज्वालामुखी फटा जिससे राख, काला धुंआ और लावा तेज़ी से बाहर आने लगा जो पूर्वी जावा प्रांत के आस-पास के गांवों में फैल गया, इससे लोगों के बीच अफ़रा-तफ़री का माहौल पैदा हो गया.
अधिकारियों ने कहा है कि विस्फोट ने लुमाजांग ज़िले के दो क्षेत्रों को मलंग शहर से जोड़ने वाले पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया है और इस इलाके की इमारतों को तहस-नहस कर दिया.
बीएनपीबी के अधिकारी अब्दुल मुहरी ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा कि ज्वालामुखी के विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अब तक दो की पहचान ही हो सकी है.
बयान में बताया गया है कि दो गर्भवती महिलाओं सहित 98 लोग इस हादसे में घायल हुए हैं और ज़्यादातर लोग जलने के कारण ज़ख्मी हुए हैं.

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राहत एवं बचाव एजेंसी के एक अन्य अधिकारी ने स्थानीय समाचार चैनल मेट्रो टीवी को बताया कि राहत बचाव कार्य रोक दिया गया है क्योंकि गर्म बादलों के कारण काम करने में परेशानी हो रही है.
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि भारी चट्टानों और गर्म ज्वालामुखी के कारण हमें राहत बचाव अभियान सीमित करना पड़ा है.
इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय ने रविवार को बताया कि विस्फोट के कारण उड़ानें बाधित नहीं हुई हैं. हालांकि, पायलटों को एशफ़ाल (राख के फव्वारे) से सावधान रहने के लिए सतर्क कर दिया गया है.
12,000 फ़ीट से अधिक ऊंचा सेमेरू पर्वत, इंडोनेशिया के लगभग 130 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है. इससे पहले यह ज्वालामुखी जनवरी में फटा था लेकिन इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ.
इंडोनेशिया "पैसिफिक रिंग ऑफ फायर" से घिरा हुआ है, जो एक अत्यधिक भूकंप सक्रिय क्षेत्र है, जहां धरती के क्रस्ट पर अलग-अलग प्लेटें मिलती हैं और बड़ी संख्या में भूकंप और ज्वालामुखी पैदा करती हैं.
वरुण गांधी यूपी में लाठीचार्ज पर बोले- ‘ये आपके बच्चे होते तो इनके साथ यही व्यवहार होता?’

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिक्षक भर्ती के लिए प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस के लाठीचार्ज के वीडियो को ट्वीट करके उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से बीजेपी के लोकसभा सांसद वरुण गांधी ने सवाल किया है कि ‘ये आपके बच्चे होते तो इनके साथ यही व्यवहार होता?’
शनिवार की शाम जब ये छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और कैंडल मार्च निकाल रहे थे, तभी पुलिस ने इन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था.
इस घटना का वीडियो ट्वीट करते हुए वरुण गांधी ने लिखा है, “ये बच्चे भी मां भारती के लाल हैं, इनकी बात मानना तो दूर, कोई सुनने को तैयार नहीं है. इस पर भी इनके ऊपर ये बर्बर लाठीचार्ज. अपने दिल पर हाथ रखकर सोचिए क्या ये आपके बच्चे होते तो इनके साथ यही व्यवहार होता? आपके पास रिक्तियां भी हैं और योग्य अभ्यर्थी भी, तो भर्तियां क्यों नहीं?”
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इसी घटना का वीडियो शनिवार रात पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया था और पूछा था, “भाजपा के राज में भावी शिक्षकों पर लाठीचार्ज करके ‘विश्व गुरु’ बनने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है. हम 69000 शिक्षक भर्ती की माँगों के साथ हैं.”
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
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शिक्षक की नौकरी चाह रहे युवा लखनऊ में कैंडल मार्च निकाल रहे थे. तभी पुलिस आ गई और लाठियां भांजकर युवाओं को खदेड़ा दिया. शिक्षक अभ्यर्थियों की मांग है कि 69 हज़ार शिक्षकों की बहाली की जाए. साथ ही 22 हज़ार सीट और जोड़ी जाएं.
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने भी ट्वीट कर कहा है, ''यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती के पुराने और लंबित मामले को लेकर राजधानी लखनऊ में शनिवार रात शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालने वाले सैकड़ों युवाओं को पुलिस लाठीचार्ज करके घायल करना अति-दुःखद और निंदनीय. सरकार इनकी जायज़ मांगों पर तत्काल सहानुभूतिपूर्वक विचार करे, बीएसपी की यह माँग.''
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ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली में ओमिक्रॉन वेरिएंट के संक्रमण का पहला मामला मिला

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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया है कि दिल्ली में पहले ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले का पता चला है.
उन्होंने बताया है कि कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाया गया 37 वर्षीय मरीज़ तंज़ानिया से लौटा था और उसे एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
जैन ने बताया कि अस्पताल में 17 लोगों को भर्ती कराया गया है जो कोविड-19 पॉज़िटिव हैं.
भारत में यह ओमिक्रॉन वेरिएंट का पांचवां मामला बताया जा रहा है. इससे पहले बेंगलुरु में दो, मुंबई में एक और जामनगर में ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक मामला मिल चुका है.
सऊदी पहुँचे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का क्राउन प्रिंस एमबीएस ने किया स्वागत

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शनिवार को जेद्दा पहुंचे, जहां सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनका स्वागत किया. मैक्रों खाड़ी देशों के दो दिवसीय यात्रा पर हैं.
इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम पर ले जाने पर ज़ोर दिया.
सऊदी अरब की ओर से जारी साझा बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने निजी क्षेत्र में निवेश के ज़रिए आर्थिक साझेदारी के महत्व पर बल दिया.
सऊदी अरब के विज़न 2030 के तहत ऊर्जा,पानी और वेस्ट मैनेजमेंट, परिवहन, नागरिक उड्डयन, डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य के क्षेत्र में फ्रांस की कंपनियों के बढ़ते सहयोग का सऊदी अरब ने स्वागत किया. फ्रांस ने भी भविष्य में सऊदी अरब की ओर से ऐसे निवेशों की उम्मीद जताई.
दुबई में पत्रकरों से बात करते हुए राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि सऊदी अरब, खाड़ी में सबसे अधिक आबादी वाला और सबसे शक्तिशाली देश है जिसके पास मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने की कुंजी है. लेबनान के लिए किए जा रहे फ्रांस के प्रयास में भी सऊदी अहम भूमिका है.
मैक्रों ने कहा कि वह ईरान के साथ इस इलाके में हुए शांति समझौते में भी सऊदी की मदद को महत्वपूर्ण मानते हैं.
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शुक्रवार से मैक्रों खाड़ी देशों के दौरे पर हैं, इस दौरे का सबसे पहला ठिकाना संयुक्त अरब अमीरात था, जहां दोनों देशों के बीच 19.20 अरब डॉलर की डील हुई. संयुक्त अरब अमीरात ने फ्रांस के साथ 80 रफ़ाल लड़ाकू विमान और 12 सैन्य हेलिकॉप्टर ख़रीदने का फ़ैसला किया.
इसके बाद वह क़तर पहुंचे जहां उन्होंने बताया कि यूरोपीय देश अफ़गानिस्तान में जल्द ही एक मिशन खोलेंगे.
इस दो दिवसीय दौरे का आख़िरी पड़ाव सऊदी अरब था.
ब्रेकिंग न्यूज़, नागालैंड में कई ‘आम लोगों’ का मारा जाना दुर्भाग्यपूर्ण: मुख्यमंत्री

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नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ़ियू रियो ने ट्वीट करके बताया है कि मोन ज़िले के ‘ओटिंग में आम लोगों का मारा जाना बेहद दुखद है और वो इसकी निंदा करते हैं.’
ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि नागालैंड के मोन ज़िले में सुरक्षाबलों ने उग्रवादियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाया था जिसमें कई आम नागरिकों की मौत हुई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने जानकारी दी है कि इस घटना में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है.
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मुख्यमंत्री रियो ने कहा है कि वो मारे गए लोगों के शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हैं और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं. जाँच के लिए उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन कर दिया गया है और क़ानून के अनुसार, न्याय किया जाएगा, सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील है.
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इस घटना पर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट करके दुख जताया है.
उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय एसआईटी टीम का गठन कर दिया गया है जो शोकाकुल परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी.
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ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि उग्रवादी संगठन के संदिग्ध लड़ाकों के ख़िलाफ़ मोन ज़िले के ओटिंग गांव में सुरक्षाबलों ने अभियान चलाया था जिसमें कम से कम एक दर्जन गांव वाले मारे घए हैं.
इस घटना में एक जवान के मारे जाने की भी ख़बर है.
पुतिन के कुछ घंटों का भारत दौरा इतना अहम क्यों है?
भारत को लेकर पाकिस्तान के इस फ़ैसले से तालिबान ख़ुश

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अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान के उस फ़ैसले का स्वागत किया है, जिसमें उसने भारत से भेजे जा रहे 50000 मीट्रिक टन गेहूं को बाघा बॉर्डर से अफ़ग़ानिस्तान की सीमा तक ले जाने के लिए अफ़ग़ान ट्रकों के इस्तेमाल की मंजूरी दी है.
पाकिस्तानी मीडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने शर्त रखी थी कि वो गेहूं या तो अफ़ग़ानिस्तान के ट्रक से भेजेगा या अपने ट्रक से. पहले पाकिस्तान इसके लिए तैयार नहीं था लेकिन शुक्रवार को उसने अफ़ग़ानिस्तान के ट्रक से भेजने की अनुमति दे दी.
इस फ़ैसले की जानकारी शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने दी थी. पाकिस्तान ने कहा था कि फ़ैसला मानवीय आधार पर किया गया है. भारत अफ़ग़ानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाएं भेज रहा है.
भारत ये मदद वाघा बॉर्डर से होते हुए पाकिस्तान के पंजाब में भेजेगा, जिसके बाद इसे ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के तोरखम तक लाया जाएगा, जो अफ़ग़ान प्रांत के नंगरहार की सीमा में पड़ता है.
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अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत मंसूर अहमद खान ने शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्ताकी के साथ की गई एक बैठक में उन्हें इस फ़ैसले की जानकारी दी.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "यह क़दम मानवीय आधार पर है. हमारा यह फ़ैसला दिखाता है कि पाकिस्तान सरकार की प्रतिबद्धता अफ़ग़ानिस्तान को लेकर है.''
इसके बाद अफ़ग़ान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल क़हर बल्खी ने ट्वीट कर लिखा कि ये बैठक "व्यापार को बढ़ाने और भारत की ओर से मिली मदद के ट्रांसपोर्टेशन पर थी.''
विदेश मंत्री मुत्ताकी ने गेहूं के परिवहन को लेकर अफ़ग़ानिस्तान के वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद दिया.
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मानवीय संकट से जूझ रहे अफ़ग़ागिस्तान के लिए बीते महीने भारत ने 50 हज़ार मीट्रिक टन गेहूं की सहायता देने का ऐलान किया था, जिसके बाद भारत में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत फ़रीद मामुंदज़ई ने भारत का शुक्रिया अदा किया था.
उन्होंने ट्वीट किया था, "ऐसे समय में जब लगभग 2.3 करोड़ अफ़ग़ान कड़ी सर्दी में अनाज की भारी कमी का सामना कर रहे हैं, मैं भारत के अफ़ग़ानिस्तान को 50 हज़ार मीट्रिक टन अनाज और जीवन रक्षक दवाएं भेजने के फ़ैसले की सराहना करता हूं."
"उम्मीद करता हूँ कि भारत की इस दरियादिली का अन्य देश और संस्थाएं भी अनुसरण करेंगी और इस मुश्किल घड़ी में अफ़ग़ानिस्तान की सहायता के लिए आगे आएंगी."
"ऐसी नेकी कभी जाया नहीं जाती और इससे हमेशा फ़र्क़ पड़ता है. भारत और पीएमओ का धन्यवाद,ऐसे समय में जब अफ़ग़ानिस्तान को अनाज की आपात ज़रूरत है,आपकी इस मेहरबानी और दरियादिली के लिए धन्यवाद."
ईरान के सैनिक और तालिबान सरहद पर क्यों भिड़े?
