मध्यपूर्व का ये शहर है दुनिया की सबसे महंगी जगह
दुनिया भर में सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों की वजह से चीज़ों की बढ़ती क़ीमतों और बढ़ती महंगाई के कारण तेल अवीव दुनिया का सबसे महंगा शहर बन गया है.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे, रजनीश कुमार and अभिजीत श्रीवास्तव
मध्यपूर्व का ये शहर है दुनिया की सबसे महंगी जगह

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दुनिया भर में सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों की वजह से चीज़ों की बढ़ती क़ीमतों और बढ़ती महंगाई के कारण तेल अवीव दुनिया का सबसे महंगा शहर बन गया है.
इसराइल के इस शहर का नाम पहली बार इकोनोमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (ईआईयू) के सर्वे में सामने आया है. बीते साल ये शहर इस सूची में पांचवे नंबर पर था. लेकिन इस साल पेरिस और सिंगापुर को पीछे छोड़कर ये शहर रहने के लिहाज़ से दुनिया का सबसे महंगा शहर बन गया है.
वहीं लंबे वक्त तक युद्ध से जूझता रहा सीरिया का दमिश्क इस सूची में सबसे नीचे बना हुआ है.
ये सर्वे अमेरिकी डॉलर में चीज़ों और सेवाओं की क़ीमतों के आधार पर दुनिया के 173 देशों की तुलना करता है.
ईआईयू का कहना है कि अभी जो लिस्ट जारी की गई है उसके लिए अगस्त और सितंबर में डेटा इकट्ठा किया गया था और इसके अनुसार बीते पांच सालों में स्थानीय मुद्रा में यहां महंगाई औसतन 3.5 फीसदी की दर से बढ़ी है.
जिन शहरों को स्टडी में शामिल किया गया था उनमें बीते वक्त में यातायात सबसे अधिक महंगा हुआ है और इसका कारण पेट्रोल की क़ीमतों में औसतन 21 फीसदी की बढ़ोतरी है.

ईआईयू द्वारा जारी किए गए वर्ल्ड कॉस्ट ऑफ़ लिविंग इंडेक्स के अनुसार तेल अवीव इस सूची में सबसे ऊपर होने का बड़ा कारण डॉलर की तुलना में इसराइल की मुद्रा शेकेल की कीमत बढ़ना है. इस कारण यहां सामान की क़ीमतों में, ख़ास कर राशन के सामान में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
सर्वे के अनुसार शराब और यातायात के मामले में ये दुनिया का दूसरा सबसे महंगा शहर है, पर्सनल केयर की चीज़ों की कीमतों के मामले में पांचवा और छुट्टियां और मनोरंजन के मामले में दुनिया का छठा सबसे महंगा शहर है.
हर्तीज़ अख़बार को दिए एक साक्षात्कार में तेल अवीव के मेयर रॉन हुल्दाई ने चेतावनी दी थी कि शहर में प्रॉपर्टी की क़ीमतें 'बहुत तेज़ी' से बढ़ रही हैं.
उनका कहना था कि "मूल समस्या ये है कि देश में कोई दूसरा मेट्रोपॉलिटन शहर नहीं है. अमेरिका में न्यू यॉर्क, शिकागो, मायामी जैसे शहर हैं. ब्रिटेन में ग्रेटर लंदन, मैनचेस्टर और लिवरपूील जैसे शहर हैं एक शहर में महंगाई बढ़ी तो आप दूसरे शहर जा सकते हैं लेकिन यहां ऐसे विकल्प नहीं है."
दुनिया के पांच सबसे महंगे शहर हैं -
- तेल अवीव
- पेरिस और सिंगापुर
- ज़्यूरिक
- हॉन्ग कॉन्ग
दुनिया के पांच सबसे सस्ते शहर हैं -
- दमिश्क
- त्रिपोली
- ताशकंद
- ट्यूनिस
- अल्माटी
ओमिक्रॉन अपडेटः विदेश से आए छह यात्री कोरोना संक्रमित पाए गए

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भारत सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि बुधवार को विदेशों से आने वाले छह लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट से संभावित ख़तरे वाले देशों से भारत पहुंचे 11 उड़ानों के 3,476 लोगों की जांच की गई.
पॉजिटिव पाए गए लोगों के सैंपल को जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया है.
केंद्र सरकार ने ओमिक्रॉन को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं जो बुधवार से ही लागू हुई हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय की विज्ञप्ति में बताया गया है, "लखनऊ को छोड़ कर देश के अन्य हवाई अड्डों पर दोपहर चार बजे तक 11 अंतरराष्ट्रीय उड़ाने उतरी जिनमें 3,476 यात्री थे."
"सभी यात्रियों को आरटीपीसीआर टेस्ट की गई जिसमें 6 यात्री कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं."
"इन सभी छह यात्रियों के सैंपल को INSACOG प्रयोगशाला भेज दिया गया है जहां इनकी पूरी जिनोम सिक्वेंसिंग कराई जाएगी."
जर्मनी में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान का बम फटा, रेल सेवा बाधित

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जर्मनी में दूसरे विश्व युद्ध के समय का एक बम अचानक से फट गया और चार लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो गए.
घायलों में से एक हालत गंभीर बताई गई है.
यह विस्फोट जर्मनी के शहर म्यूनिख में रेलवे की एक कंस्ट्रक्शन साइट पर हुआ.
दमकल विभाग का कहना है कि यह विस्फोट मुख्य स्टेशन के पास एक पुल से सटे ड्रिलिंग के काम के दौरान हुआ.
विस्फोट के बाद म्यूनिख के अधिकांश हिस्से में रेल यातायात सेवा रूक गई.
जर्मनी में युद्ध के दौरान के बम अक्सर पाए जाते हैं. उन्हें वहां से फौरन हटा कर विशेषज्ञों की मदद से निष्क्रिए कर दिया जाता है.
पुलिस का कहना है कि यह बम टनल के काम के दौरान पुल के पास फटा.
स्थानीय रिपोर्ट्स में यह बताया गया है कि बम के फटने की ज़ोरदार आवाज़ सुनाई दी और काफी मात्रा में ऊपर उठता धुंआ भी देखा गया.
विदेश मंत्री जयशंकर यूएई में अर्थव्यवस्था और महामारी पर पड़ोसियों के साथ करेंगे मंथन

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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर यूएई में पड़ोसी देशों के साथ मंथन करने वाले हैं. बातचीत का मुद्दा कोरोना महामारी और अर्थव्यवस्था पर केंद्रित रहेगा.
कोरोना महामारी ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर असर डाला है. भारत और दक्षिण एशिया के उसके पड़ोसी देश भी इससे प्रभावित हुए हैं.
अबू धाबी में इसे लेकर ही अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इंडियन ओशियन कॉन्फ्रेंस के आयोजक इंडिया फाउंडेशन ने ये जानकारी दी है कि सम्मेलन में एस जयशंकर के अलावा श्रीलंका के राष्ट्रपति, मालदीव के उप-राष्ट्रपति और फिजी के प्रधानमंत्री भी शामिल होने वाले हैं.
दो दिनों का ये सम्मेलन दिसंबर चार और पांच तारीख को अबू धाबी में होगा.
सम्मेलन में इस साल चर्चा का विषय है, हिंद महासागर की पारिस्थितिकि, अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी.
सम्मेलन में 30 देशों से करीब 200 प्रतिनिधि शामिल होंगे और सम्मेलन का उद्घाटन श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की भाषण से होगा.
ममता बनर्जी के बयान पर कांग्रेस का जवाब- हमारे बिना बीजेपी को हराने की बात सिर्फ़ सपना

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कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि कांग्रेस के बिना बीजेपी को हराना संभव नहीं है.
केसी वेणुगोपाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के बिना बीजेपी को हराने की बात 'सिर्फ़ सपना है.'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को मुंबई में एनसीपी नेता शरद पवार से मुलाक़ात की थी और यूपीए के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे.
यूपीए कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन है. साल 2004 से 2014 तक केंद्र में इस गठबंधन की सरकार रही है.
केसी वेणुगोपाल कांग्रेस के महासचिव हैं.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "सभी को भारतीय राजनीति की सच्चाई का पता है. अगर कोई ये सोचता ही कि कांग्रेस के बिना कोई बीजेपी को हरा सकता है तो ये केवल सपना है."
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इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने मुंबई में कहा था कि "अगर सभी पार्टियां साथ आ गईं तो बीजेपी को हराना संभव होगा."
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि आज देश की जो परिस्थिति है, उसके लिए एक मज़बूत विकल्प की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा "अभी कोई यूपीए नहीं है.’"
साथ ही उन्होंने कहा, ''ये काम कोई अकेले नहीं कर सकता. इसीलिए मैंने शरद जी से मुलाक़ात की है. एक वैकल्पिक राजनीति चाहिए. हमने शरद जी का साथ लंबे समय तक काम किया है. हमें लड़ना होगा.''
हाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी मोर्चे से अलग रास्ता लेते दिखाई दिए हैं. संसद के मौजूदा सत्र के पहले कांग्रेस ने विपक्षी दलों की जो बैठक बुलाई थी, उससे तृणमूल कांग्रेस ने दूरी बनाए रखी थी.
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कोविड: ओमिक्रॉन को यात्रा प्रतिबंधों से रोकना संभव नहींः डब्ल्यूएचओ

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कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के फैलने को लेकर पूरी दुनिया में जहां हवाई यात्राओं पर तरह-तरह के नियम लाए जा रहे हैं वहीं कई देशों ने यात्राओं को लेकर नियमों में कई बदलाव किए हैं. कुछ देशों ने तो विदेशी यात्राओं से जुड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं.
भारत में भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बहाली 15 दिसंबर से शुरू होनी थीं, लेकिन उसे फिलहाल अनिश्चितकाल (अगली घोषणा तक) के लिए टाल दिया गया है.
लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर यात्राओं से जुड़ी कोई भी कार्रवाई इसकी "मौजूदगी के ख़तरे के आधार पर" करनी चाहिए क्योंकि यात्रा पर प्रतिबंध इस वेरिएंट को फ़ैलने से नहीं रोक सकेगा.
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डब्ल्यूएचओ ने यात्रा से जुड़ा एक बयान जारी कर कहा है कि यात्रा प्रतिबंध ओमिक्रॉन के फैलने को नहीं रोक सकेंगे बल्कि इस तरह के प्रतिबंध लोगों के जीवन और उनकी आजीविका पर भारी पड़ेंगे.
इस बयान में ये भी कहा गया है कि रिपोर्ट है कि 28 नवंबर तक 56 देशों ने ओमिक्रॉन के उनके देशों में संभावित प्रवेश में देरी को लेकर कुछ यात्रा उपाए लागू किए हैं.
इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को लेकर भी सलाह दी है.
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 60 से अधिक उम्र के उन लोगों ने जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगाई है या जिनके पास कोविड संक्रमण होने के कोई सबूत मौजूद नहीं हैं और वो जिन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी समस्याएं हैं, उन्हें उनकी यात्रा स्थगित करने की सलाह दी जानी चाहिए क्योंकि उन्हें बीमारी और मौत दोनों का ही अधिक ख़तरा है.
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यूक्रेन बोला- रूस के संभावित हमले पर तैयार रहे नेटो

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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यूक्रेन ने नेटो से बुधवार को आग्रह किया कि वो रूस के संभवित हमलों को लेकर आर्थिक प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे.
रूस के दसियों हज़ार सैनिक यूक्रेन की सीमा के आसपास हैं. यूक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा ने कहा कि लातविया में नेटो देशों के विदेश मंत्रियों से वे आग्रह करेंगे कि रूस के बढ़ते ख़तरों को लेकर कैसे जवाब देना है, इस पर चर्चा करें.
उन्होंने कहा कि शीत युद्ध के बाद रूस के साथ यह सबसे गंभीर संकट की स्थिति है. यूक्रेन के विदेश मंत्री कुलेबा लातविया की राजधानी रिगा में हैं. उन्होंने रिगा में पत्रकारों से कहा, ''मैं अपने सहयोगियों से अनुरोध करूंगा कि वे यूक्रेन के साथ आएं.''
कुलेबा ने कहा कि रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नेटो को यूक्रेन के साथ सैन्य और रक्षा सहयोग भी बढ़ाना चाहिए.
यूक्रेन नेटो का सदस्य नहीं है लेकिन अमेरिकी नेतृत्व वाले इस गठजोड़ ने कहा है कि वो सोवियत यूनियन के हिस्सा रहे यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. यूक्रेन 2014के बाद से नेटो और यूरोपीय यूनियन में शामिल होने की कोशिश कर रहा है.
यूक्रेन मामले में नेटो की सक्रियता को लेकर रूस ग़ुस्से में है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगवार को कहा था कि नेटो ने अगर सीमा लांघी तो रूस हाइपरसोनिक हथियार के साथ तैयार है और यूक्रेन में भी मिसाइलों की तैनाती होगी.
पुतिन ने बुधवार को कहा कि मॉस्को अमेरिका और उसके सहयोगियों से गंभीर वार्ता चाहता है ताकि हालात बेकाबू ना हों.
वहीं अमेरिका भी रूस की धमकियों के सामने झुकता नहीं दिख रहा है. अमेरिका ने कहा कि किसी भी देश के पास ये अधिकार नहीं है कि यूक्रेन को नेटो के साथ आने से रोक दे. गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ से स्कॉहोम में मिलने वाले हैं.

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एमएसपी क्या है और सरकार को इसे देने में क्या परेशानी है?
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अगली घोषणा तक ओमिक्रॉन के कारण टाली गई

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कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर बढ़ती चिंताओं को देखते हुए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ एविएशन यानी डीजीसीए ने निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बहाली अनिश्चित काल के लिए टाल दी है.
डीजीसीए ने अपने बयान में कहा है, ''वैश्विक स्तर पर कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर चिंता बढ़ रही है. इस स्थिति पर हमारी नज़र बनी हुई है. व्यावसायिक अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर विमानों की उड़ान की बहाली की घोषणा सही वक़्त पर की जाएगी.''
पिछले हफ़्ते डीजीसीए ने कहा था कि निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 15 दिसंबर से शुरू हो जाएंगी. पिछले 20 महीनों से कोविड संक्रमण के कारण व्यावसायिक अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर उड़ानें बंद हैं.
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इल्हान उमर बोलीं- मुझे जान से मारने की धमकी मिली

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अमेरिकी मुस्लिम महिला सांसद इल्हान उमर ने बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है. उन्होंने एक वॉयस मेल जारी किया, जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई.
उमर ने सांसद लॉरेन बोबर्ट से उनके मुस्लिम विरोधी बयानों पर सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने की मांग की थी. जिसे बोबर्ट ने सिरे से ख़ारिज कर दिया था.
मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में इल्हाम ने रिपब्लिकन नेतृत्व से इस बाबत कहा कि मुस्लिम विरोधी नफ़रत के ख़िलाफ़ खड़े हों और उन्हें रोकें, जो इसके लिए ज़िम्मेदार हैं.
बोबर्ट ने उमर को जिहादी समूह की सदस्य और आत्मघाती हमलावरों से जुड़ा हुआ बताया था.
उमर ने कहा कि उन्हें यह वॉयस मेल सोमवार को मिला, जब बोबर्ट ने एक फ़ोन कॉल के दौरान सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया था. बीते हफ़्ते बोबर्ट ने उमर पर जो टिप्पणी की थी, उसके बाद से दोनों सांसद खुल कर एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं.
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अमेरिकी संसद के बाहर उमर के वीडियो को देखकर बोबर्ट ने कहा था कि उन्हें यह देख कर राहत मिली कि उनके पास कोई बैकपैक नहीं है.
बोबर्ट ने बीते हफ़्ते इसे लेकर माफ़ी भी मांगी थी.
उन्होंने ‘मुस्लिम समुदाय में मैंने, जिसे भी ठेस पहुँचाई हो’ कहते हुए माफ़ी मांगी थी, लेकिन तब उन्होंने सीधे तौर पर उमर का नाम नहीं लिया था.
सोमवार को फ़ोन पर हुई बातचीत के बाद उमर और बोबर्ट ने एक-दूसरे की आलोचना करते हुए बयान जारी किया.
उमर ने कहा, "मैं उनके साथ बातचीत करने में यक़ीन रखती हूँ, जो सम्मानजनक तरीक़े से आपसे मतभेद रखते हैं. लेकिन तब नहीं जब वह मतभेद घृणा या अन्य नकारात्मक कारणों पर आधारित हों."
उन्होंने कहा, "मैंने उस बेकार के फ़ोन कॉल को बीच में ही ख़त्म करना सही समझा."
वहीं बोबर्ट ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा, "माफ़ी स्वीकार नहीं करना और कॉल बीच में काट देना, ख़राब संस्कृति की पहचान और डेमोक्रेटिक पार्टी का आधार है."
क़रीब एक हफ़्ते पहले बोबर्ट ने अपने क्षेत्र के लोगों के साथ हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें इल्हान उमर से बातचीत का ज़िक्र था.
हालांकि उमर का कहना है कि दोनों के बीच ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई.
जिहादी दस्ते का हिस्सा कहे जाने के विरोध में इल्हान को न्यूयॉर्क के जमाल बोमन का भी समर्थन मिला है.
इल्हान मूल रूप से सोमालिया की हैं. सोमालिया से पलायन कर उनका परिवार अमरीका में शरणार्थी के तौर पर बस गया था.
2018 में हुए चुनावों में मिनेसोटा से जीतकर इल्हान उमर हाइस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स में आई थीं. वो पहली दो मुसलमान महिलाओं में से एक हैं जो अमरीकी कांग्रेस तक पहुंचीं हैं.
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शरद पवार से मिलने के बाद ममता बोलीं- अब कोई यूपीए नहीं है

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात की है. ममता बनर्जी ने कहा कि वो महाराष्ट्र उद्धव ठाकरे का हालचाल जानने आई थीं क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश की जो परिस्थिति है, उसके लिए एक मज़बूत विकल्प की ज़रूरत है.
ममता ने कहा, ''ये काम कोई अकेले नहीं कर सकता. इसीलिए मैंने शरद जी से मुलाक़ात की है. एक वैकल्पिक राजनीति चाहिए. हमने शरद जी का साथ लंबे समय तक काम किया है. हमें लड़ना होगा.'' ममता बनर्जी ने यूपीए के सवाल पर कहा कि अब कोई यूपीए नहीं है. ममता ने कहा, ''यूपीए क्या है? अभी कोई यूपीए नहीं है.’’
ममता बनर्जी से मुलाक़ात की तस्वीर को ट्वीट करते हुए शरद पवार ने लिखा है, ''मेरे मुंबई स्थित आवास पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से मिलकर ख़ुशी हुई. हमने कई मुद्दों पर चर्चा की. हम लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए एक सामूहिक कोशिश को लेकर सहमत हुए हैं.''
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धमकी के बाद बेंगलुरु में मेरा शो रद्द किया गया: कुणाल कामरा

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कॉमेडियन कुणाल कामरा ने बुधवार को कहा कि बेंगलुरु में उनका आगामी स्टैंड-अप शो रद्द कर दिया गया है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि आयोजकों को धमकी मिली थी, इसके बाद इसे रद्द कर दिया गया.
इससे पहले एक और स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी को शो करने की अनुमति नहीं मिली थी. पुलिस ने मुनव्वर फ़ारूक़ी को विवादित व्यक्ति कहा था.
कुणाल कामरा मोदी सरकार की कई मुद्दों को लेकर आलोचना करते रहे हैं. उन्होंने अपने शो के रद्द होने सूचना व्यंग्यात्मक तरीक़े से ट्विटर पर दी है.
कुणाल कामरा को लोग स्टैंडअप कॉमेडियन के रूप में जानते हैं.
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर प्रोडक्शन असिस्टेंट की थी. वो एक विज्ञापन एजेंसी में प्रोडक्शन असिस्टेंट थे.
विज्ञापन के क्षेत्र में क़रीब 11 साल काम करने के बाद कुणाल ने बतौर स्टैंड-अप कॉमेडियन अपना करियर शुरू किया था.
साल 2013 में उन्होंने अपना पहला कार्यक्रम पेश किया था.
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राज्यसभा में चीन से जुड़ा सवाल पूछने की अनुमति नहीं मिली: सुब्रमण्यम स्वामी

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बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा है, ''राज्यसभा सचिवालय ने मुझे आज सूचित किया कि मेरे सवाल, 'चीनी सैनिक एलएसी पार कर लद्दाख में आए हैं कि नहीं' को राष्ट्र हित में पूछने की अनुमति नहीं दी जा सकती. अगर यह त्रासद नहीं है तो हास्यास्पद है.''
स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने स्वामी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है- शर्मनाक
स्वामी के इस ट्वीट पर वीरेंद्र मिश्र नाम के एक ट्विटर यूज़र की प्रतिक्रिया आई- न कोई आया है और न ही कोई आएगा..? इस प्रतिक्रिया के जवाब में स्वामी ने लिखा है, ''कॉलेज के दिनों में लता मंगेसकर का गाया एक गाना मैंने सुना था, आएगा वो आएगा, आएगा मेरा बालम...''
स्वामी के इस ट्वीट पर सिवा गणेश नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है, ''क्या इस मामले सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ कोई मुक़दमा किया जा सकता है?'' इस पर स्वामी ने अपने जवाब में लिखा है- हाँ, संविधान के अनुच्छेद एक के तहत किया जा सकता है.''
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सऊदी अरब में भी मिला ओमिक्रॉन का पहला मामला

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सऊदी अरब में भी बुधवार को कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट का पहला मामला मिला. सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए के अनुसार, उत्तरी अफ़्रीका के एक देश से आए व्यक्ति में यह मामला मिला है. एसपीए के अनुसार, सऊदी के इस व्यक्ति को और उससे जो भी संपर्क में आए थे, उन्हें आइसोलेट किया गया है. मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ़्रीका में ओमिक्रॉन का यह पहला मामला है.
सऊदी अरब ने आज ही यानी बुधवार को कई देशों पर लगा ट्रैवेल बैन हटा दिया. सऊदी अरब कोरोना महामारी से जुड़ी पाबंदियों में लगातार ढील दे रहा है. भारत, मिस्र, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, ब्राज़ील और वियतनाम पर लगा ट्रैवेल बैन ख़त्म कर दिया गया है.
इन छह देशों के लोग अब सऊदी अरब में आ सकते हैं. इन देशों के वे लोग अब सऊदी अरब आ सकते हैं, जिन्होंने 14 दिन पहले तक किसी और देश की यात्रा नहीं की थी. इन देशों से सऊदी आने वाले लोगों के पास वैध पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट होनी चाहिए.
इसके अलावा फ्लाइट पर सवार होने से 72 घंटे पहले क़दूम प्लेफॉर्म पर रजिस्टर करना अनिवार्य होगा. आने के पाँच दिन पाँच दिन क्वॉरंटीन रहना होगा. क्वॉरंटीन के पहले दिन और पाँचवां दिन टेस्ट भी कराना होगा.
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अमेरिका पर भड़का रूस, बोला- उसकी कमज़ोरी ज़ाहिर है

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इमेज कैप्शन, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखरोवा रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखरोवा ने बुधवार को कहा कि मॉस्को पर दबाव बनाने के लिए प्रतिबंधों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना अमेरिका की कमज़ोरी को दिखाता है.
मारिया व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी की टिप्पणी प्रतिक्रिया दे रही थीं. जेन साकी ने मंगलवार को रूस और यूक्रेन की सीमा पर हालात को देखते हुए कहा था कि अमेरिका किसी भी कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार रहता है. यूक्रेन और रूस में जारी नए तनाव पर अमेरिका ने यूरोप के अपने साझेदारों से भी बात की है.
अब अमेरिका को जवाब देते हुए रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखरोवा ने कहा, ''हम इसके लिए तैयार हैं. इस तरह के रवैए के पीछे के झूठ को हम अच्छी तरह से जानते हैं. प्रतिबंधों का इस्तेमाल उनकी कमज़ोरी को दर्शाता है. इन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से समस्या है. इनकी विदेश नीति में प्रतिबंध एक अहम उपकरण है. हमें लगता है कि ये इनकी कमज़ोरी है और उन्हें भी इसका अहसास होना चाहिए.''
यूक्रेन अपने आधे सैनिकों की तैनाती डोनबास में कर रहा: रूस

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इमेज कैप्शन, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखरोवा रूस ने बुधवार को यूक्रेन पर आरोप लगाया है कि वो अपने आधे सैनिकों या 125,000 सैनिकों की तैनाती पूर्वी यूक्रेन के डोनबास में कर रहा है. डोनबास एक कॉन्फ्लिक्ट ज़ोन (टकराव भरा इलाक़ा) है.
यहाँ सरकार समर्थित बल और रूस समर्थित अलगाववादियों के बीच 2014 से ही संघर्ष चल रहा है. यह आरोप रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखरोवा ने मॉस्को में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान लगाया.
रूस के इस बड़े आरोप पर यूक्रेन की तरफ़ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. रूस ने कहा है कि यूक्रेन से बढ़ते तनाव को लेकर वो चिंतित है. पश्चिम के देशों को लग रहा है कि रूस, यूक्रेन पर नया हमला कर सकता है जबकि रूस ने इन अटकलों को ख़ारिज कर दिया है.
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ने यूक्रेन और रूस में शांति बहाली के लिए तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के मध्यस्थता के प्रस्ताव पर कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव में डोनबास में जारी संघर्ष का हवाला नहीं दिया था.
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