बाइडन ने बनाया कोविड-19 टास्क फोर्स, कहा, 'ज़िंदगियां' बचानी है तो मास्क लगाइए

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अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने चुनाव जीतने के बाद सबसे पहले कोरोना महामारी से निपटने के लिए कोविड-19 टास्क फोर्स का गठन किया है.
13 सदस्यों के इस टास्क फोर्स में तीन को-चेयर और 1 सदस्य हैं. टास्क फोर्स के बारे में बाइडन ने कहा है कि वो वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट से सलाह लेंगे.
उन्होंने कहा कोरोना महामारी से निपटना उनके प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि उनके लिए बड़ी चुनौती है संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों पर लगाम लगाना और लोगों के लिए कारगर वैक्सीन खोजना.
बीबीसी ने अनुमान में बताया कि बाइडन ने बहुमत के लिए ज़रूरी 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों का आँकड़ा पार कर लिया है. हालांकि ट्रंप ने अभी अपनी हार स्वीकार नहीं की है और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात की है.
पूरे देश में पड़े वोटों की संख्या के लिहाज़ से बाइडन और ट्रंप के बीच 45 लाख वोटों का फर्क है.
शनिवार को बाइडन की जीत की घोषणा की गई थी जिसके बाद बाइडन ने ट्रांज़िशन यानी पद की ज़िम्मेदारी लेने से पहले की तैयारियां शुरू कर दी हैं.
नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और उप-राष्ट्रपति कलमा हैरिस ने ट्रांज़िशन वेबसाइट लॉन्च की है जहां उन्होंने स्पष्ट किया है कोरोना महामारी के साथ साथ अर्थव्यवस्था को फिर से दुरुस्त करना, नस्लीय समानता और जलवायु परिवर्तन के लिए वो काम करेंगे.

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बाइडन का कोविड-19 टास्क फोर्स
टास्क फोर्स में जो मेडिकल एक्सपर्ट शामिल हैं उनमें कोविड-19 बनाने की मुहिम पर नज़र रखने वाली सरकारी एजेंसी के प्रमुख और इम्यूनोलॉजिस्ट डॉक्टर रिक ब्राइट प्रमुख हैं.
इसमें वो जानकार भी शामिल हैं जो पहले की रिपब्लिकन सरकार औरडेमोक्रेटिक सरकार के साथ काम किया है.
बाइडन ने कहा है कि महामारी पर नियंत्रण के लिए वो राज्यों और स्थानीय अधिकारियों से भी राय लेंगे.
फ़ेडेरेशन ऑफ़ अमेरिकन साइंटिस्ट्स में सीरियर फैलो डॉक्टर एरिक फ़िजल डिंग ने बीबीसी को बताया कि महामारी का मुक़ाबला करने के लिए सबसे पहले काम होना चाहिए विज्ञान को आधार बना कर नीति बनाना, जो करने में डोनाल्ड ट्रंप नाकाम रहे.
डॉक्टर एरिक कहते हैं, "इस मामले में मास्क लगाने को लेकर ढुलमुल रवैय्या था और नेतृत्व भी परेशान करने वाला था. बिना आपात स्थति के दवाओं के अप्रूवल को लेकर जल्दबाज़ी करना अपने आप में विज्ञान का ग़लत इस्तेमाल था."
"मुझे लगता कि बाइडन ने डॉक्टर रिक का चुनाव कर के बेहद अच्छा काम किया है, वो पहले बायोमेडिकल एडवांस्ड रीसर्च एंड डेवेलपमेंट ऑथोरिटी के प्रमुख रह चुके हैं. वो उन डॉक्टरों में से हैं जिन्होंने महामारी से निपटने के ट्रंप के तरीके की आलोचना की थी."
"उन्होंने सर्जन जनरल डॉक्टर विवेक मर्फी और फूड एंड ड्रर एडमिनिस्ट्रेशन डेविड केसलर को चुन है. ये संकेत है कि वो विज्ञान समझते हैं."
डॉक्टर रिक ब्राइट का कहना है कि वक्त से पहले कोविड के बारे में दी गई चेतावनी को ट्रंप प्रशासन ने नज़रअंदाज़ कर दिया था.

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बुरा दौर अभी आने वाला है- बाइडन
जो बाइडन ने कहा है कि वैक्सीन हमारे लिए उम्मीद की किरण है और ये अगले साल हमारे लिए परिस्थिति बदल सकती है.
हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि कोरोना की दूसरी लहर का बुरा दौर आना अभी बाक़ी है. उन्होंने लोगों से गुज़ारिश की कि वो मास्क का इस्तेमाल करें और सभी सुरक्षा कदमों का पालन करें.
बाइन ने कहा, "इस महामारी से निपटने के लिए हमें कड़े कदम उठाने की ज़रूरत है. हमारे सामने अभी सर्दी का पूरा मौसम बाक़ी है. अमेरिका में संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ से अधिक है. बीते सप्ताह देश में कुछ दिनों तक लगातार संक्रमण के एक लाख बीस हज़ार नए मामले दर्ज किए गए."
"कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ रहा है, अधिक संख्या में लोग अस्पतालों में आ रहा हैं, मौतों के आंकड़े बढ़ रहे हैं."


















