खड़गे ने पीएम मोदी पर किया हमला, कहा- चीन अंदर घुस रहा है, आप सो रहे हो?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज़ कसा है.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and विकास त्रिवेदी
खड़गे ने पीएम मोदी पर किया हमला, कहा - चीन अंदर घुस रहा है, आप सो रहे हो?
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कांग्रेस
अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज़ कसा है.
खड़गे राजस्थान
के चित्तौड़गढ़ में जनसभा कर रहे थे.
इस दौरान खड़गे ने कहा, ''आपकी
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इंच की छाती है, लोग
कहते हैं. मैं तो टेप लेकर मापा नहीं. कहते हैं कि मैं नहीं डरूंगा. अरे आप डरते
नहीं हैं तो चीन को हमारा बहुत सा भाग क्यों छोड़े? वो अंदर घुसकर आ रहे हैं.
आप क्या नींद कर (ले) रहे हो. आप नींद की गोली खाए हो? क्या राजस्थान के खेतों में से
अफीम ले जाकर खाए या वो खिलाए हैं क्या?''
बीते दिनों चीन
ने अरुणाचल प्रदेश की 30
जगहों को नए नाम दिए हैं.
भारत ने चीन के इन दावों को ख़ारिज करते हुए अरुणाचल
प्रदेश को भारत का अभिन्न अंग बताया है.
खड़गे बोले, ''पीएम
मोदी देश के लिए कभी कुछ सोचते नहीं. सिर्फ गांधी परिवार को गालियां देना. हमको
गालियां देना, बस
यही काम करते हैं.''
खड़गे तंज कसते
हुए कहते हैं, ''मोदी ने कहा था कि हर साल 2 करोड़ नौकरियां
दूंगा. काला धन लाकर सबके खाते में 15-15 लाख रुपए दूंगा. किसानों की आय दोगुनी करुंगा.
लेकिन उन्होंने किया कुछ भी नहीं, वह सिर्फ झूठे वादे करते हैं.''
वहीं गुरुवार को पीएम मोदी ने बिहार में हुई जनसभा में कहा, ''आज देश के सारे भ्रष्टाचारी जो हमेशा एक दूसरे से लड़ते थे, अब मिलकर मोदी के ख़िलाफ़ एक हो गए हैं. मैं कहता हूं भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं कि भ्रष्टाचारी बचाओ.''
मददगारों पर इसराइली हमले के बाद ग़ज़ा नहीं पहुंच रही राहत सामग्री, आटा हुआ सौ गुना महंगा
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इमेज कैप्शन, वर्ल्ड सेंट्रल किचन की टीम पर इसराइल ने हमला किया था और सात लोगों की जान चली गई थी
हाल ही में
ग़ज़ा में खाने-पीने की चीज़ों से लोगों की मदद करने वाली अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसी वर्ल्ड सेंट्रल किचन के कर्मचारियों
की इसराइली हमले में मौत हो गई थी.
इस हमले के बाद वर्ल्ड सेंट्रल किचन ने ग़ज़ा में अपना काम रोक दिया था.
इसके बाद
अमेरिका की एक और संस्था अनेरा ने ग़ज़ा में काम करने पर रोक लगा दी है. संस्था ने
अपने कर्मचारियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए यह कदम उठाया.
ये दोनों
संस्थाएं मिलकर क़रीब 20
लाख लोगों तक एक हफ़्ते में खाना पहुंचा रही थी.
संयुक्त राष्ट्र
ने आगाह किया है कि क़रीब आधी आबादी के सामने भूख चुनौती बनकर खड़ी है.
इसराइल के हमले
के बाद राहत सामग्री के साथ उत्तरी ग़ज़ा पहुंचने वाले कुछ ट्रक वहां नहीं पहुंचे
हैं.
ग़ज़ा सिटी में
रहने वाले ओसामा कहते हैं- ''बाज़ार में सामान पहले ही काफी महंगा था और अब
तो मिल भी नहीं रहा. इसराइल के हालिया हमले के बाद एक किलो आटे की कीमत 100
गुना बढ़ गई है.''
जेल के अनुभव बताते हुए संजय सिंह बोले- मैंने पीएम मोदी से वादा किया था...
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आम आदमी पार्टी
के सांसद संजय सिंह बुधवार रात जेल से बाहर आ गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट
से मिली ज़मानत के बाद संजय सिंह जेल से छह महीने बाद बाहर आ सके हैं.
अब संजय सिंह ने
समाचार एजेंसी एएनआई से बात की है और जेल में गुज़ारे वक़्त के बारे में बताया है.
संजय सिंह ने
कहा, ''निश्चित रूप से पार्टी, कार्यकर्ताओं को
याद किया. जिस तरह से सुबह से लेकर शाम तक काम करते थे, उसे मिस किया.
किसी की मदद नहीं कर सकते थे. असुविधा हुई. लेकिन मैंने प्रधानमंत्री जी से वादा
किया था कि आपकी यातना का पैमाना चैक करना चाहता हूं तो हमने चैक किया. छह महीने
जेल रहे.''
वो बोले, ''छह
महीने का जो सबसे सदुपयोग हुआ वो किताबें पढ़ने में हुआ. फोन नहीं था, तो वहां लगने
वाला समय किताबों में खर्च किया. इससे बहुत हौसला मिला. दुनिया में लोकतंत्र को
बचाने के लिए लाखों लोगों ने यातनाएं सही हैं. जो भी लोकतंत्र को बचाने, आज़ादी के लिए
काम करेगा उसे ये सब झेलना होगा.''
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संजय सिंह को दिल्ली की शराब नीति से जुड़े कथित घोटाले केस में ईडी ने गिरफ़्तार किया था. इसी मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन भी जेल में हैं.
इस बारे में संजय सिंह कहते हैं, ''ये गलतफहमी बीजेपी के लोगों को नहीं होनी चाहिए कि केजरीवाल, सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को जेल में रखकर वो सफल हो जाएंगे.''
सुनिए बीबीसी हिंदी का पॉडकास्ट दिनभर- मानसी दाश और मोहन लाल शर्मा से
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वायनाड में राहुल गांधी की राजनीति पर स्मृति इरानी ने कहा- दिल्ली में हगिंग, यहां पर...
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कांग्रेस नेता
राहुल गांधी ने केरल की वायनाड सीट से बुधवार को नामांकन दाखिल किया.
इसके अगले दिन
गुरुवार को स्मृति इरानी वायनाड पहुंचीं. स्मृति इरानी अमेठी से सांसद हैं और 2019
लोकसभा चुनावों में स्मृति ने राहुल को इस सीट से हराया था.
वायनाड पहुंचकर
स्मृति इरानी ने राहुल के लिए कहा- दिल्ली में हगिंग (गले लगाना) यहां पर बेगिंग
(भीख मांगना). यही है उनकी राजनीति.
वो बोलीं, ''कल
कांग्रेस पार्टी की नामांकन रैली में मुस्लिम लीग के झंडों को छिपाना. इस बात को
दिखाता है कि राहुल गांधी या तो मुस्लिम लीग के समर्थन से शर्मसार हैं. या फिर जब
वो उत्तर भारत में आएंगे और मंदिर जाएंगे तो लोगों से मुस्लिम लीग के गठबंधन को
छिपा पाएंगे.''
स्मृति दावा
करते हुए कहती हैं- "मैं वायनाड आकर स्तब्ध हूं कि बैन होने के बावजूद राहुल गांधी
पीएफआई से समर्थन ले रहे हैं."
इंडिया गठबंधन
पर सवाल उठाकर वो कहती हैं- "ऐसा क्यों है कि दिल्ली में जब गठबंधन के नेताओं की
रैली होती है तो वहां सब साथ दिखते हैं. लेकिन जब वायनाड सीट की बात आती है तो एक
कॉम्पिटिशन दिखता है."
अमेठी से चुनाव लड़ने के सवाल पर रॉबर्ट वाड्रा ने क्या कहा?
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लोकसभा चुनाव
क़रीब हैं और जिन अहम सीटों की सबसे ज़्यादा चर्चा है, उनमें यूपी की
अमेठी सीट भी शामिल है.
कांग्रेस नेता
राहुल गांधी 2019 चुनाव में बीजेपी की स्मृति इरानी से इस सीट
पर हार गए थे.
इस बार बीजेपी
ने फिर स्मृति को टिकट दिया है. मगर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के नाम का एलान नहीं
किया है.
इस बार सोनिया
गांधी ने भी रायबरेली से चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला किया है और उन्होंने राज्यसभा
का रुख़ किया है.
अमेठी से
उम्मीदवार कौन होगा?
इस सवाल के जवाब
में प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात की
है.
रॉबर्ट वाड्रा
ने कहा, ''अभी
अमेठी की जो सांसद हैं, उनसे
अमेठी के लोग बहुत परेशान हैं. अमेठी की जनता को लगता है कि गलती हुई है. वो अमेठी
की प्रगति के बारे में नहीं सोच रही हैं. वो बस गांधी परिवार पर इल्ज़ाम लगाने में
लगी रहती हैं.''
वो बोले, ''जब
अमेठी के लोगों को लग रहा है कि उन्होंने गलती की है कि स्मृति को जिताया और राहुल
को दूसरी सीट खोजनी पड़ी. अगर वो चाहते हैं कि गांधी परिवार का कोई सदस्य वहां आए
और वो भारी बहुमत से जिताएंगे, यहां तक कि वो मेरे से भी प्रेरणा करते हैं.''
रॉबर्ट वाड्रा बोले, ''वो
आशा करते हैं कि मैं राजनीति में पहला कदम रखता हूं और सांसद बनने की सोचता हूं तो
मैं अमेठी का ही प्रतिनिधित्व करूं. क्योंकि 1999 से मैंने जो प्रियंका के साथ प्रचार शुरू किया, तब अमेठी से ही
किया था. वहां के लोग जिनके साथ मैंने काम किया, मेहनत की. वो अभी भी मुझसे संपर्क में रहते
हैं.''
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पीएम मोदी के सामने बोले नीतीश कुमार- अब हम लोग साथ आ गए हैं तो हिंदू मुस्लिम का झगड़ा भी ख़त्म
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इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार और पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र
मोदी ने गुरुवार को बिहार के जमुई में सीएम नीतीश कुमार के साथ जनसभा की.
इस सभा में
नीतीश कुमार ने कहा, ''वो तो झूठ-मूठ में एक बार हम साथ कर लिए थे तो
आज झूठ में अपना बात करता है, जो काम हम ही लोगों का है.''
हाल ही में
नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव की आरजेडी के साथ बिहार में अपना गठबंधन ख़त्म किया
था और फिर एनडीए में वापसी की थी.
इसके बाद
तेजस्वी यादव चुनावी सभाओं में युवाओं को नौकरी देने का श्रेय लेते हुए दिखे हैं.
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नीतीश कुमार इस पर कहते हैं, ''हम ही लोगों का किया हुआ है. हम देखे कि गड़बड़ कर रहा है तो छोड़ दिए. अब सब दिन के लिए हम साथ हो गए हैं. पीएम मोदी बिहार के लिए कितना काम करवा दिए. सोच लीजिए कि हम लोग राज्य सरकार में काम करते हैं. केंद्र सरकार काम करती है.''
नीतीश कुमार बोले, ''पहले हिंदू मुस्लिम का झगड़ा होता था. अब हम लोग आ गए हैं तो हिंदू मुस्लिम का झगड़ा भी ख़त्म हो गया. मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी हम कहेंगे. जब तक हम हैं, तब तक झगड़ा नहीं. गलती करके फिर उसी को दे दीजिएगा तो फिर झगड़ा शुरू करा देगा. हम समाज के हर तबके के उत्थान के लिए काम किए. ''
बंगाल पहुंचकर पीएम मोदी क्यों बोले- ममता दीदी का आभार व्यक्त करता हूं...
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पश्चिम बंगाल
में गुरुवार को पीएम मोदी ने कूचबिहार में एक जनसभा की. इसी इलाके में पश्चिम
बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी रैली की.
पीएम मोदी ने
अपनी रैली के दौरान ममता बनर्जी का आभार जताया.
पीएम मोदी ने
कहा, "मैं बंगाल की सीएम ममता दीदी का आभार व्यक्त
करता हूं. 2019 में मैं इसी मैदान में सभा करने आया था तो
उन्होंने बीच में एक बड़ा मंच बनाकर मैदान को बहुत छोटा कर दिया था ताकि लोग मोदी को सुन ना सकें."
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पीएम मोदी बोले, "मैंने उस दिन कहा था कि दीदी आपने अच्छा नहीं किया. अब जनता आपको जवाब देगी और आपने जवाब दे दिया. आज उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया. मैदान खुला रखा तो मुझे आप सबके दर्शन करने का सौभाग्य मिला. आपके दर्शन करके मेरा जीवन धन्य हो गया. मैं इसलिए बंगाल सरकार को कोई रुकावट ना देने लिए आभार व्यक्त करता हूं."
रणदीप सुरजेवाला की आपत्तिजनक टिप्पणी, क्या बोलीं हेमा मालिनी?
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इमेज कैप्शन, बीजेपी सांसद हेमा मालिनी
कांग्रेस नेता
रणदीप सुरजेवाला ने मथुरा से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की
है.
सुरजेवाला एक
चुनावी सभा में बोल रहे थे.
सुरजेवाला ने
कहा था, "सांसद, विधायक क्यों
बनाते हैं ताकि हमारी आवाज़ उठा सकें. कोई हेमा मालिनी तो हैं नहीं..."
बीजेपी और हेमा मालिनी ने
सुरजेवाला के बयान पर आपत्ति जताई है. सुरजेवाला ने भी सोशल मीडिया पर अपनी सफाई पेश की है.
हेमा मालिनी ने
सुरजेवाला की टिप्पणी पर मीडिया से कहा, "जो टारगेट करते हैं, उनसे पूछिए कि
वो क्यों टारगेट करते हैं. हम लोकप्रिय, मशहूर हैं तो नाम वालों को ही निशाना बनाया
जाता है. महिलाओं का कितना सम्मान करना चाहिए, ये पीएम मोदी से सीखना चाहिए."
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वायरल होने के बाद सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो शेयर होते हुए सफाई पेश की है.
सुरजेवाला लिखते हैं, "पूरा वीडियो सुनिए. मैंने कहा कि हम तो हेमा मालिनी जी का भी बहुत सम्मान करते हैं क्योंकि वो धर्मेंद्र जी से ब्याह रखी हैं, बहू हैं हमारी."
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सुरजेवाला लिखते हैं, "बीजेपी की आईटी सेल को काट-छांट, तोड़-मरोड़, फ़र्ज़ी-झूठी बातें फ़ैलाने की आदत बन गई है, ताकि वो हर रोज़ मोदी सरकार की युवा विरोधी, किसान विरोधी, गरीब विरोधी नीतियों-विफलताओं व भारत के संविधान को ख़त्म करने की साज़िश से देश का ध्यान भटका सके."
वो लिखते हैं, "न तो मेरी मंशा हेमा मालिनी जी के अपमान की थी और न ही किसी को आहत करने की. इसीलिए मैंने साफ़ कहा कि हम हेमा मालिनी जी का सम्मान करते हैं और वो हमारी बहू हैं."
बीजेपी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "नारी शक्ति अपमान, कांग्रेस की इकलौती पहचान है. सुरजेवाला ने हेमा मालिनी के लिए जो कहा, वो दोहराया नहीं जा सकता."
पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले भी महिला विरोधी बयान देते रहे हैं और कोई एक्शन नहीं लिया जाता.
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आरजेडी से नाराज़ चल रहे पप्पू यादव अब क्या बोले?
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इमेज कैप्शन, पप्पू यादव
हाल ही में
कांग्रेस में शामिल हुए पप्पू यादव ने एक बार फिर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है.
पप्पू यादव ने
कहा, "सारे
इलाक़ों की भीड़ क्या कहती है. बहुत सारे लोगों ने जिस तरह से मेरी राजनीतिक हत्या
करने की साजिश रची है, हमेशा
से पूर्णिया की जनता जाति से उठकर प्यार देती रही."
वो बोले, "पहली बार पूरे देश ने पप्पू यादव को दिलों में बैठाया है. सबकी एक ही आवाज़ है- पप्पू और पूर्णिया. आज न कोई जाति है न
धर्म. मेरा कोई कसूर नहीं था. मैं सबके साथ खड़ा रहा. कोरोना, बाढ़ में देश के साथ खड़े रहे. ज़िंदगी जो बची है, वो भ्रष्टाचार
मिटाने और बिहार के हर परिवार की खुशियों के लिए लगा दूंगा."
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लोकसभा में पूर्णिया और मधेपुरा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके पप्पू यादव इस बार के चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर लड़ना चाह रहे थे.
मगर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल लालू प्रसाद यादव की आरजेडी ने सीटों के बंटवारे में कोशी और सीमांचल की ज्यादातर सीटें अपने पास रख लीं और कटिहार और किशनगंज की सीट कांग्रेस को दीं.
इस बारे में जब पप्पू यादव से मीडिया ने सवाल किया तो वो बोले, "पूर्णिया में दुश्मनी किस बात से है. ये पूर्णिया है, मधेपुरा नहीं है. यहां की जनता को कोई चुनौती नहीं दे सकता. हम आपकी (लालू यादव की) इज़्ज़त करते हैं. पर पप्पू यादव से इतनी नफरत क्यों. किस बात को लेकर? कौन सी दुश्मनी आप निकाल रहे हैं?"
सुप्रीम कोर्ट ने सांसद नवनीत राणा के जाति प्रमाण पत्र को सही ठहराया
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बॉम्बे हाई
कोर्ट के फ़ैसले को ख़ारिज करते हुए अमरावती से सांसद नवनीत राणा के जाति प्रमाण
पत्र को बरकरार रखा है.
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फ़ैसले
को रद्द कर दिया, जिसमें अमरावती से सांसद नवनीत कौर राणा का जाति प्रमाण
पत्र रद्द कर दिया था.
नवनीत राणा 2019 चुनावों में बतौर निर्दलीय सांसद चुनी गई थीं. मगर अब वो बीजेपी में हैं और बीजेपी की टिकट पर चुनावी मैदान में होंगी.
सप्रीम कोर्ट के फैसले
पर नवनीत राणा ने कहा, “मैं आभारी
हूं. आज दूध का दूध और पानी का पानी हुआ. एक
सैनिक की बेटी और महिला को इतना परेशान किया गया. मुझे अपमानित किया गया. मैं
सुप्रीम कोर्ट और उन लोगों का अभार जताती हूं, जिन्होंने इस लड़ाई में मेरा साथ
दिया.”
राणा
पर अमरावती के आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से साल 2019 में चुनाव लड़ने के लिए अनुसूचित
जाति प्रमाण पत्र के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप लगाया गया था.
आठ जून,
2021 को हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राणा ने फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए
'मोची' जाति का प्रमाण पत्र बनवाया था.
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गौरव वल्लभ कांग्रेस छोड़ने के कुछ घंटों बाद ही बीजेपी में शामिल
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बुधवार को सुबह कांग्रेस
से इस्तीफ़ा देने के बाद दोपहर में ही गौरव वल्लभ बीजेपी में शामिल हो गए.
कांग्रेस से इस्तीफ़ा देते
हुए उन्होंने कहा था, ''वह पार्टी में सहज महसूस नहीं
कर पा रहे हैं. वह धर्म से ‘हिंदू हैं और सनातन विरोधी
नारे नहीं लगा सकते.''
उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
को दिए गए इस्तीफ़े में लिखा है, “पार्टी नए भारत की आकांक्षा को बिल्कुल नहीं समझ
पा रही है. इससे मेरे जैसा कार्यकर्ता हतोत्साहित महसूस कर रहा है. मैं राम मंदिर पर
पार्टी के स्टैंड से क्षुब्ध हूं. मैं कर्म से हिंदू हूं. मैं सनातन विरोधी नारे नहीं
लगा सकता."
"पार्टी और गठबंधन के कई लोग सनातन
विरोधी नारे लगाते हैं और पार्टी का उस पर चुप रहना उसे मौन स्वीकृति देने जैसा है.”
“ना ही मैं सुबह-शाम देश
के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता.इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक
सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं.”
दो हफ्ते में देश में लोकसभा चुनाव शुरू
होने वाला है और कांग्रेस से इस्तीफ़ों का सिलसिला थम नहीं रहा.
इससे पहले मंगलवार को बॉक्सर विजेंद्र सिंह भी कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए
थे
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संजय निरुपम ने कांग्रेस से निकाले जाने पर बताया कि कहाँ जा रही है पार्टी
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संजय निरुपम ने कांग्रेस से
निकाले जाने के बाद कहा है कि मैंने निष्कासन से पहले ही इस्तीफा दे
दिया था.
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस
करके कहा कि कांग्रेस के भीतर कई लॉबी हैं, जो आपस में ही लड़ रही हैं और इससे पार्टी
के कार्यकर्ताओं में हताशा है.
उन्होंने पत्रकारों से बात
करते हुए कहा, “पार्टी से निकाले जाने से पहले ही मैं इस्तीफा दे चुका था. पार्टी के अंदर ही कई
लॉबियों के बीच टकराव चल रहा है और इससे संगठन गर्त में जा रहा है. मैं धीरज रख
रहा था लेकिन मेरा धीरज टूट गया और जो हुआ वे आपके सामने है.”
“पार्टी के अंतर्द्वंद्व के कारण कई लोगों में निराशा है. ऐसे ही चलता रहा
तो धीरे-धीरे बहुत कुछ ख़त्म हो जाएगा. कांग्रेस में पांच पावर
सेंटर हैं- सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी
वेणुगोपाल”
निरुपम
ने कहा कि कांग्रेस जिस नेहरूवादी विचारधारा पर चलती है, वह देश में ख़त्म हो चुकी है.
उन्होंने कहा, “गांधी सेक्युलरिज़म लेकर आए और उनकी सेक्युलरिज़म में धर्म का विरोध नहीं था, लेकिन
नेहरू जी ने जब उसे अपनाया जो वह धर्म के खिलाफ़ थे. 70 सालों तक वो विचारधारा चली
लेकिन हर विचारधारा का एक समय होता है और फिर वो ख़त्म हो जाती है. यही नेहरूवादी सेक्युलरिज़म में भी होना चाहिए. वो विचारधारा अब ख़त्म हो गई है. लेकिन इसे मानने के लिए कांग्रेस
तैयार नहीं है. कांग्रेस पर लेफ्ट की विचारधारा वाले हावी हैं.”
“राहुल
गांधी के आसपास भी ऐसे लोगों की भरमार है. लेफ्ट के लोग ही राम मंदिर का विरोध कर सकते
हैं क्योंकि ये उनकी विचारधारा है.”
बुधवार देर रात कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक आधिकारिक
बयान में कहा कि निरुपम को "अनुशासनहीनता" और "पार्टी विरोधी बयानों"
के कारण निष्कासित किया जा रहा है.
इससे
पहले बुधवार को ही लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी
की थी जिससे निरुपम का नाम हटा दिया गया था.
राहुल गांधी ने अपनी संपत्ति, निवेश और कई अहम जानकारियां हलफ़नामे में दीं
अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी की टाइमिंग पर कोर्ट में बहस, ईडी ने क्या दिया जवाब- प्रेस रिव्यू
ग़ज़ा में वर्ल्ड सेंट्रल किचन के वर्कर्स को टारगेट करके मारने के आरोप पर इसराइली मंत्री का जवाब
एक इसराइली कैबिनेट मंत्री
ने उन दावों से इनकार किया है कि ग़ज़ा में इसराइल ने वर्ल्ड सेंट्रल किचन के सात वर्कर्स की जानबूझ कर हत्या की.
वर्ल्ड सेंट्रल किचन के संस्थापक जोस एंड्रेस ने इसराइल पर अपने
वर्कर्स की कार को "सुनियोजित रूप से एक-एक कर" निशाना बनाने का आरोप लगाया है.
लेकिन इसराइल के वॉर
कैबिनेट के सदस्य नीर बरकत ने बीबीसी न्यूज़ से कहा है कि एंड्रेस का बयान "बकवास"
है.
इसराइल का कहना है कि
जिस स्ट्राइक में इन वर्कर्स की मौत हुई वो एक ‘बहुत बड़ी गलती थी’ और इसराइल ने मामले में जांच का वादा
भी किया है.
बीबीसी की पत्रकार कैटरिओना
पेरी से बात करते हुए बरकत ने कहा कि इसराइल को सात हेल्प वर्कर्स की हत्या पर
"बहुत खेद" है, लेकिन "दुर्भाग्य से, युद्ध में ऐसा हो जाता है."
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित
करने के लिए कदम उठाए जाएंगे कि ऐसी ही घटना "दोबारा न हो", लेकिन हेल्प
वर्कर्स और आम लोगों की मौतें "युद्ध का हिस्सा" थीं.
एंड्रेस के आरोपों के
बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि “आईडीएफ़ ने जानबूझकर निशाना नहीं बनाया यह बकवास है, मुझे खेद है."
कश्मीर में आमने-सामने इंडिया ब्लॉक, पीडीपी और एनसी दोनों उतारेंगे अपने-अपने उम्मीदवार
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पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर की दोनों ही पार्टियां इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, ऐसे में
माना जा रहा था कि दोनों केंद्र शासित प्रदेश में एक साथ चुनाव लड़ सकती हैं.
लेकिन घाटी की तीन लोकसभा सीटों पर दोनों
ही पार्टियों ने एक-दूसरे के सामने अपने उम्मीदवार उतारने का फ़ैसला किया है.
महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस
के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने उनके लिए ‘कोई विकल्प नहीं छोड़ा.’
उनके इस
बयान पर उमर अब्दुल्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि साल 2020 में जब ज़िला काउंसिल
के चुनाव के वक्त गुपकार अलायंस बना था तो उस समय जो सहमति बनी थी पीडीपी उससे
पीछे हट रही है.
महबूबा
मुफ्ती ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा- “ उन्होंने (नेशनल कॉन्फ्रेंस) हमारे
पास कश्मीर की तीनों सीटों पर चुनाव लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा. पार्टी
का संसदीय बोर्ड उम्मीदवारों को लेकर फैसला करेगा.”
जब कांग्रेस
और नेशनल कॉन्फ्रेंस में सीट शेयरिंग की बात हो रही थी तो एनसी ने साफ़ कर दिया था
कि वह घाटी की तीनों सीटों पर चुनाव लड़ेगी क्योंकि इन सीटों पर साल 2019 में उसकी
जीत हुई है.
मीडिया से
बात करते हुए मुफ्ती ने कहा- “ जब मुंबई में इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई, तो मैंने वहां
कहा कि चूंकि (एनसीअध्यक्ष) फ़ारूक़ अब्दुल्ला
हमारे वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए वह (सीट-बंटवारे पर) निर्णय लेंगे और न्याय करेंगे. मुझे
उम्मीद थी कि वह पार्टी हितों को किनारे करके फैसला लेंगें.”
“अगर एनसी ने फैसला लेने से पहले हमसे बात
की होती तो क्या शायद हम कश्मीर के हित के लिए तीन सीटों पर चुनाव ना लड़ने के
बारे में सोचते. लेकिन, जिस तरह उमर (अब्दुल्ला) ने हमें
विश्वास में लिए बिना फैसला किया और कहा कि पीडीपी के पास कोई कार्यकर्ता या
समर्थन नहीं है, इसलिए हमें एक भी सीट पर जीत नहीं मिलेगी. इससे मेरे
कार्यकर्ताओं को दुख हुआ है.”
आठ मार्च को
एनसी ने एक प्रेस कॉन्फेंस की थी और इसमें उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि उनकी पार्टी घाटी की सभी सीटों पर चुनाव
लड़ेगी.
महबूबा मुफ्ती के इस बायन के बाद अब्दुल्ला ने कहा कि "उनकी पार्टी के बारे में कोई टिप्पणी
नहीं की है और इसलिए, मुझे इस पर कुछ नहीं कहना है."
उन्होंने कहा कि पीडीपी डीडीसी चुनावों के लिए बनी सहमति से पीछे हट रही है,
जिसमें तय हुआ था कि जिस पार्टी ने जो सीटें जीती हैं, उन पर वहीं पार्टियां अपने उम्मीदवार उतारेंगी.
ईरान के पास क्या इसराइल से बदला लेने की क्षमता है?
कूच बिहार में पीएम मोदी और ममता बनर्जी की हाई प्रोफाइल रैली
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पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों की बैक-टू-बैक रैलियां हैं.
दोपहर में ममता बनर्जी कूच बिहार में रैली करेंगी और जनसभा को संबोधित करेंगी तो वहीं पीएम मोदी तीन बजे कूच बिहार के रसलीला मैदान में रैली करेंगे.
दोनों की रैलियों के स्थान की दूरी 30 किलोमीटर होगी.
कूच बिहार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में हाल ही में मौजूदा बीजेपी सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक और टीएमसी नेता और मंत्री उदयन गुहा के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी.
बीजेपी और टीएमसी के लिए ये सीट अब प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है.
लोकसभा उम्मीदवार के रूप में दोबारा बीजेपी ने प्रमाणिक को टिकट दिया है. इस बार उनके टीएमसी से प्रतिद्वंद्वी जगदीश वर्मा बसुनिया हैं. बसुनिया राजवंशी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं और सिताई के विधायक हैं.
कभी वाम मोर्चे का गढ़ रहा कूच बिहार इन दिनों बीजेपी के लिए मज़बूत सीट है. लेफ्ट यहां से 1977 से 2009 तक लगातार 32 सालों तक जीतता रहा.
लेकिन अभी ये लोकसभा सीट बीजेपी के पास है. हालांकि साल 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां टीएमसी की महत्वपूर्ण जीत हुई थी. सात विधानसभा क्षेत्रों में से पांच पर टीएमसी ने जीत हासिल की थी.
साल 2014 और 2016 के लोकसभा उपचुनाव में टीएमसी ने ये सीट जीती थी.19 अप्रैल को इस सीट पर चुनाव होना है. ऐसे में दोनों ही पार्टियां इस पर अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती हैं.
कांग्रेस से गौरव वल्लभ का इस्तीफ़ा, कहा- सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकता
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दो हफ्ते
में देश में लोकसभा चुनाव शुरू होने वाला है और कांग्रेस से इस्तीफ़ों का सिलसिला
थम नहीं रहा.
अब कांग्रेस
नेता गौरव वल्लभ ने कहा है कि वह पार्टी
में सहज महसूस नहीं कर पा रहे हैं.
उन्होंने पार्टी
अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को दिए गए इस्तीफ़े में लिखा है, “पार्टी नए भारत की आकांक्षा को बिल्कुल
नहीं समझ पा रही है.जिससे मेरे जैसा
कार्यकर्ता हतोत्साहित महसूस कर रहा है. मैं राम मंदिर पर पार्टी के स्टैंड से क्षुब्ध
हूं. मैं कर्म से हिंदू हूं. मैं सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकता."
"पार्टी और गठबंधन
के कई लोग सनातन विरोधी नारे लगाते हैं और पार्टी का उस पर चुप रहना उसे मौन
स्वीकृति देने जैसा है.”
“ना ही मैं सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता.इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी
के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं.”
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बुधवार को कांग्रेस नेता और बॉक्सर विजेन्द्र सिंह ने बीजेपी जॉइन कर लिया. उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा कि “मैं सोकर उठा तो मुझे लगा बीजेपी मेरे लिए ठीक जगह है.”
बुधवार को ही कांग्रेस ने महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया है.
वह महाराष्ट्र में पार्टी की शिवसेना (यूबीटी) के साथ सीट शेयरिंग के खिलाफ़ बयान दे रहे थे, जिसे कांग्रेस ने 'पार्टी विरोधी गतिविधि' माना है.