राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का समापन, कहा- यह लड़ाई की शुरुआत है

राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा का शनिवार को मुंबई में समापन कर दिया.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and संदीप राय

  1. राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का समापन, कहा- यह लड़ाई की शुरुआत है

    राहुल गांधी

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    लोकसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा का शनिवार को मुंबई में समापन कर दिया.

    वह पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी के साथ मुंबई में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर स्मारक चैत्यभूमि पर भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे.

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    राहुल गांधी मुंबई की धारावी बस्ती में भी गए और लोगों को संबोधित किया.

    उन्होंने कहा, “धारावी के हुनर को मदद मिलनी चाहिए, बैंकों के दरवाज़े धारावी के लिए खुलने चाहिए, क्योंकि आप जैसे लोग ही देश को बनाते हैं.”

    उन्होंने कहा, "भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज समापन है, पर यह अंत नहीं, न्याय की लड़ाई का आरंभ है! यात्रा के दौरान मैंने हर वर्ग के साथ हो रहे भयंकर अन्याय और उत्पीड़न को बहुत करीब से जाना और समझा."

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    यात्रा के समापन पर प्रियंका गांधी ने कहा, “आज राहुल गांधी की 6700 किलोमीटर की भारत जोड़ो न्याय यात्रा समाप्त हो जाएगी. उन्होंने यह यात्रा आप सभी को देश की सच्चाई बताने के लिए शुरू की थी.”

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  2. हरियाणा में धारूहेड़ा की फ़ैक्ट्री का बॉयलर फटा, दर्जनों मज़दूर गंभीर रूप से घायल

    रेवाड़ी

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    हरियाणा के रेवाड़ी ज़िले के धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की एक फ़ैक्ट्री का बॉयलर फट जाने से दर्जनों मज़दूर बुरी तरह घायल हो गए हैं.

    कुछ मीडिया रिपोर्टों में घायलों की संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है.

    रेवाड़ी में सर शादी लाल ट्रामा सेंटर के सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया, “हमें फ़ैक्ट्री के बॉयलर फटने की सूचना मिली और हमने घटनास्थल पर तुरंत एंबुलेंस भेजी. हमारे अस्पताल में 23 लोगों को भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है. बाकी अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया गया है.”

    उन्होंने कहा कि 'एक व्यक्ति की हालत अधिक गंभीर होने की वजह से उसे रोहतक अस्पताल रेफ़र किया गया है.'

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    एक वर्कर के रिश्तेदार ने बताया,“वह फ़ैक्ट्री में कांट्रैक्ट वर्कर थे. जब धमाका हुआ वो उसी में काम कर रहे थे. धमाके की आवाज़ बहुत दूर तक सुनाई दी थी. बाद में हमने पाया कि गंभीर रूप से जले हुए हमारे रिश्तेदारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.”

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  3. हिमंत बिस्वा सरमा बोले- सीएए लागू होने के बाद लाखों लोगों के बन सकेंगे आधार कार्ड,

    हिमंत बिस्वा सरमा

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    भारत में असम एक ऐसा राज्य है, जहां 27 लाख से अधिक लोग चाहकर भी अपना आधार कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं.

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ख़ुद इस बात को मानते हैं कि आधार कार्ड के बिना सैकड़ों लोगों को सरकार की योजनाओं का फ़ायदा नहीं मिल पा रहा है.

    असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की प्रक्रिया के दौरान राज्य के क़रीब 27 लाख लोगों के बायोमीट्रिक लॉक हो गए थे. इस कारण इन लोगों को अब तक आधार कार्ड नहीं मिल पाया है.

    हिमंत बिस्वा सरमा लोकसभा चुनाव की तारीख़ों के एलान के ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.

    सरमा ने कहा, "सीएए लागू हो चुका है. यह सही समय है, जब हम स्वदेशी और वास्तविक लोगों को आधार कार्ड दे सकते हैं. क़रीब 14 हज़ार स्वदेशी असमिया लोगों के नाम एनआरसी में नहीं है. आधार के बिना छात्रों को भी दिक्कत आ रही है."

    उन्होंने कहा, "अब हम वास्तविक नागरिकों के लिए इसकी प्रक्रिया शुरू करेंगे. एक सटीक प्रक्रिया के लिए ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और अन्य पक्षों से चर्चा करूंगा. हमें उम्मीद है कि चुनाव के तुरंत बाद कोई समाधान निकल आएगा."

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    क्या है मामला?

    एनआरसी की फ़ाइनल लिस्ट को अपडेट करने के दौरान लगभग 27 लाख लोगों का बायोमीट्रिक डेटा लिया गया था.

    उस समय जिन लोगों का बायोमीट्रिक लिया गया था, उनसे कहा गया था कि आधार कार्ड उनके पते पर भेज दिया जाएगा, लेकिन आज भी हज़ारों लोग आधार केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं.

    ऐसा कहा जा रहा है कि रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) द्वारा एनआरसी को अब तक नोटिफाई नहीं करने से इन सभी लोगों का बायोमीट्रिक लॉक है.

    ऐसे में जब भी कोई व्यक्ति आधार केंद्र में आधार कार्ड का आवेदन करता है तो बायोमीट्रिक लॉक होने के कारण उनका आवेदन ख़ारिज हो जाता है.

  4. हिमाचल में कांग्रेस के बागी छह विधायकों की सीट पर होंगे उपचुनाव, मतदान एक जून को

    हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू

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    इमेज कैप्शन, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू

    चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों के साथ ही देश में 26 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव भी कराए जाने की घोषणा की है.

    इनमें हिमाचल प्रदेश की वो छह सीटें भी शामिल हैं जिनपर जीते हुए कांग्रेस के विधायकों ने पिछले दिनों सुक्खू सरकार से बग़ावत कर दी थी.

    इन छह सीटों पर सातवें चरण में एक जून को मतदान होगा. राज्य की चार लोकसभा सीटों पर भी इसी दिन वोटिंग होगी.

    पिछले महीने राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी और फिर राज्य का बजट पारित किए जाने के दौरान भी सदन से ग़ैर हाज़िर रहे थे. इसके बाद पार्टी व्हिप को नकारने के कारण उन्हें अयोग्य क़रार दे दिया गया था.

    शनिवार को लोकसभा चुनावों की तारीख़ों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इसकी घोषणा की.

    हिमाचल की कौन सी सीटों पर होंगे उप चुनाव:

    • धर्मशाला
    • लाहौल स्पीति (अनुसूचित जनजाति)
    • सुजानपुर
    • बड़सर
    • गगरेट
    • कुटलेहड़

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिये ये चुनाव अहम होंगे क्योंकि क्रास वोटिंग के बाद बीजेपी ने दावा किया था कि सरकार अल्पमत में आ गई है और नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

  5. लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने क्या कहा?

    नरेंद्र मोदी

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    लोकसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा पर पीएम नरेंद्र ने तीसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद जताई है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, “लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व का शुभारंभ हो गया है. चुनाव आयोग ने 2024 के लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है. बीजेपी-एनडीए इन चुनावों में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है. सुशासन और जनसेवा के अपने ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर हम जनता-जनार्दन के बीच जाएंगे. मुझे पूरा विश्वास है कि 140 करोड़ परिवारजनों और 96 करोड़ से अधिक मतदाताओं का भरपूर स्नेह और आशीर्वाद हमें लगातार तीसरी बार मिलेगा.”

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    बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने चुनाव तारीखों की घोषणा का स्वागत करते हुए दावा किया कि बीजेपी भारी बहुमत से सरकार बनाएगी.

    उत्तर प्रेदश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई कि आगामी लोकसभा चुनावों में एनडीए की 400 से अधिक सीटें आएंगी.

  6. लोकसभा चुनावों की घोषणा पर विपक्षी दलों के नेताओं ने क्या कहा?

    मल्लिकार्जुन खड़गे

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    लोकसभा चुनावों की तारीख़ों की घोषणा पर विपक्षी दलों के नेताओं ने अपनी राय ज़ाहिर की है.

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "सात चरणों में चुनाव कराने का मतलब है कि इस दौरान विकास के सभी कार्य ठप पड़ जाएंगे और 70-80 दिनों तक सारे कामकाज रुकने से आप कल्पना कर सकते हैं कि देश कैसे विकास करेगा क्योंकि चुनावी आचार संहिता के मुताबिक़ लोग इधर से उधर नहीं जाएंगे, माल की सप्लाई नहीं होगी, बजट आवंटन का खर्च नहीं हो पाएगा. इसलिए मेरे हिसाब से यह ठीक नहीं है. चुनाव तीन या चार चरणों में पूरे कराए जा सकते थे."

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    कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने कहा, "पिछली बार की तरह ही लगता है कि चुनाव आयोग ने इस तरह तारीखों की घोषणा की है कि पीएम मोदी को पूरे राज्यों में अपने प्रचार को ले जाने का मौका मिल सके. महाराष्ट्र में पांच चरण में चुनाव हो रहे हैं, जिससे साफ है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया इस बात को सुनिश्चित करती है कि बीजेपी को अपने स्टार प्रचारक को पूरे देश में आसानी से ले जाने का मौका मिले."

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    पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, "हमने कहा था कि एक या दो चरण में चुनाव करने से वोट प्रतिशत बढ़ेगा लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी."

    उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में सात चरणों में चुनाव होगा.

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    टीएमसी के अन्य नेता शांतनु सेन ने कहा कि "हमने एक चरण में चुनाव कराए जाने की मांग की थी क्योंकि बीजेपी शासित राज्यों की तुलना में पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था बेहतर है. लेकिन हमें पता था कि ऐसा नहीं होगा."

    शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि "एक तरफ़ वन नेशन वन इलेक्शन की बात हो रही है दूसरी तरफ़ सात चरण में चुनाव कराए जा रहे हैं."

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    कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने सात चरणों में चुनाव कराए जाने पर कहा कि "क्या हम ये संदेश देना चाहते हैं कि हम एक चुनाव भी कराने में अक्षम हैं और क़ानून व्यवस्था संभाल नहीं सकते."

    आम आदमी पार्टी सांसद संदीप पाठक ने सात चरण में चुनाव कराए जाने का स्वागत किया और उम्मीद जताई की चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से होंगे.

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    राजद सासंद मनोज झा ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हमने चुनाव आयोग को कई बार शिकायत भेजी लेकिन कोई विचार विमर्श नहीं हुआ. लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा धन बल से है, जोकि हमने इलेक्टोरल बॉन्ड और नफ़रती भाषण में देखा है. चुनाव आयोग को पक्षपाती नहीं होना चाहिए चाहे मामला पीएम या गृह मंत्री या विपक्ष के नेता या सामान्य कार्यकर्ता का हो.

    बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि 'यह चुनाव कम समय में करीब तीन या चार चरणों में होता तो ज्यादा बेहतर होता, जिससे समय व संसाधन दोनों की बचत होती और चुनावी खर्च कम करना संभव होता.'

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  7. ग़ज़ा में पहली बार समंदर के रास्ते पहुंची सहायता सामग्री की पहली खेप

    ग़ज़ा में राहत सामग्री

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    भूमध्य सागर के रास्ते मानवीय सहायता सामग्री की पहली खेप ग़ज़ा शुक्रवार को पहुंची.

    स्पेन का ओपन आर्म्स नाम का मालवाहक पोत साइप्रस से 200 टन राहत सामग्री लेकर मंगलवार को चला था. इसमें खाने पीने की चीज़ों के अलावा अन्य सहायता सामग्री भी है.

    इस पोत के ज़रिये वर्ल्ड सेंट्रल किचन नाम की संस्था ने यूएई के सहयोग से खाने की सप्लाई की है. इस कार्गो में चावल, आटा, फली, डिब्बा बंद सब्जियां और डिब्बा बंद प्रोटीन शामिल हैं.

    संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इसराइली सैन्य हमले के बीच ग़ज़ा में भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है.

    ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखता है कि क्रेन से सामान उतारा जा रहा है और उसे इसी मकसद से बनाई गए प्लेटफ़ॉर्म पर लादा जा रहा है.

    पहली बार ऐसा है कि समंदर के रास्ते राहत सामग्री ग़ज़ा में पहुंचाई जा रही है क्योंकि इससे पहले हवाई जहाज से सामान गिराने का प्रयोग असफल रहा था और इसमें कई लोग मारे गए थे.

    ग़ज़ा में राहत सामग्री

    ग़ज़ा में अभी कोई कामचलाऊ पोर्ट भी नहीं है, इसलिए तट से एक जेट्टी बनाई गई जिसे वर्ल्ड सेंट्रल किचन ने बनाया. हालांकि ये फ़ूड कैसे ग़ज़ा में वितरित होगा, ये अभी अस्पष्ट है.

    डब्ल्यूसीके फ़ाउंडर और सेलिब्रिटी शेफ़ जोसे एंद्रेस ने एक्स पर लिखा की सहायता सामग्री को 12 लॉरियों में लादा गया, ‘हमने कर दिखाया.’

    एक बयान में कहा गया है कि इन सामानों की जांच साइप्रस में की गई और तट पर इनकी सुरक्षा के लिए इसराइली सैनिक तैनात किए गए हैं.

    गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि अमेरिकी सेना ग़ज़ा के इस तट की ओर एक अस्थाई तैरता बंदरगाह बनाएगा ताकि राहत सामग्रियों को पहुंचाया जा सके. हालांकि इसकी बारीकियों के बारे में अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है.

  8. जम्मू कश्मीर: लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा न होने पर फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने क्या कहा?

    फ़ारूक़ अब्दुल्ला

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    जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीख़ें न घोषित किए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के मुखिया फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने सवाल खड़ा किया है.

    समाचार एजेंसी से उन्होंने कहा, “यह दुखद है. एक तरफ़ भारत सरकार एक देश एक चुनाव चाहती है और दूसरी तरफ़ वो चार राज्यों विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ-साथ करा रही है लेकिन जम्मू कश्मीर में ऐसा क्यों नहीं हो रहा है? जब हर पार्टी जम्मू कश्मीर में चुनाव चाहती है तो क्या कारण है कि ऐसा नहीं हो रहा है?”

    “अगर वे सुरक्षा का कारण बताते हैं तो मैं ऐसा नहीं सोचता. ये कैसे हो सकता है कि संसदीय चुनावों के लिए सुरक्षा ठीक है और राज्य चुनावों के लिए सुरक्षा ठीक नहीं है.”

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    शनिवार को भारतीय चुनाव आयोग ने देश में लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों की घोषणा की. सात चरणों में होने वाले आम चुनावों के साथ चार राज्यों अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में विधानसभा के भी चुनाव कराए जाएंगे.

    इसके अलावा तीन चरणों में 26 विधानसभा सीटों पर भी उप चुनाव होंगे. ये चुनाव भी आम चुनावों के साथ होंगे.

    कश्मीर में पांच संसदीय सीटों पर पांच चरण में चुनाव होना है.

  9. लोकसभा चुनाव 2024: बिहार की 40 सीटों पर कब, कहां होगी वोटिंग?

    बिहार चुनाव

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    लोकसभा चुनाव 2024 में सात चरणों में वोट डाले जाएंगे. चुनाव के नतीजे चार जून को आएंगे.

    चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हम आप तक चुनाव से जुड़ी जानकारियां पहुंचा रहे हैं. सिर्फ़ तीन ऐसे राज्य हैं, जहां सात चरणों में चुनाव होने हैं.

    ये राज्य हैं- उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल.

    इसी पेज पर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की सीटों के बारे में हम आपको बता चुके हैं. अब जानिए 40 सीटों वाले बिहार में कब, कहां होंगे चुनाव?

    पहला चरण- 19 अप्रैल

    4 सीटें- औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई

    दूसरा चरण- 26 अप्रैल

    5 सीटें- किशनगंज, कटिहार, पुर्णिया, भागलपुर और बांका

    तीसरा चरण- 07 मई

    5 सीटें- झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा और खगड़िया

    चौथा चरण- 13 मई

    5 सीटें- दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय और मुंगेर

    पांचवां चरण- 20 मई

    5 सीटें- सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ़्फ़रपुर, सारण और हाजीपुर

    छठा चरण- 25 मई

    8 सीटें- वाल्मीकि नगर, पश्चिमी चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सिवान और महाराजगंज

    सातवां चरण – 01 जून

    8 सीटें- नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकाट और जहानाबाद

  10. पश्चिम बंगाल की 42 सीटों पर कब कहां डाले जाएंगे वोट?

    पश्चिम बंगाल

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    लोकसभा चुनाव 2024 में सात चरणों में वोट डाले जाएंगे. चुनाव के नतीजे चार जून को आएंगे.

    चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हम आप तक चुनाव से जुड़ी जानकारियां पहुंचा रहे हैं. सिर्फ़ तीन ऐसे राज्य हैं, जहां सात चरणों में चुनाव होने हैं.

    ये राज्य हैं- उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल.

    इसी पेज पर उत्तर प्रदेश की सीटों के बारे में हम आपको बता चुके हैं. अब जानिए 42 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में कब, कहां होंगे चुनाव?

    पहला चरण- 19 अप्रैल

    तीन सीटें- कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी

    दूसरा चरण- 26 अप्रैल

    तीन सीटें- दार्जिलिंग, रायगंज और बालूरघाट

    तीसरा चरण- 07 मई

    चार सीटें- मालदा उत्तर, मालदा दक्षिण, जांगिरपुर और मुर्शिदाबाद

    चौथा चरण-13 मई

    आठ सीटें- बहरामपुर, कृष्णानगर, रानाघाट, बर्धमान पूरब, बर्धमान-दुर्गापुर, असनसोल, बोलपुर और बीरभूम

    पांचवां चरण- 20 मई

    सात सीटें- बनगांव, बैरकपुर, हावड़ा, उलुबेरिया, श्रीरामपुर, हुगली, आरामबाग

    छठा चरण- 25 मई

    आठ सीटें- तमलुक, कंठी, गाटल, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुरा, विष्णुपुर

    सातवां चरण – 01 जून

    नौ सीटें- दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयानगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर

  11. उत्तर प्रदेश की किन-किन सीटों पर कब होगा मतदान? जानिए वाराणसी में कब डाले जाएंगे वोट?

    यूपी चुनाव

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    लोकसभा चुनाव 2024 में सात चरणों में वोट डाले जाएंगे. चुनाव के नतीजे चार जून को आएंगे.

    चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद हम आप तक चुनाव से जुड़ी जानकारियां पहुंचा रहे हैं. इसी क्रम में जानिए कि उत्तर प्रदेश की किन सीटों पर किस चरण में होगा मतदान?

    लोकसभा सीटों के लिहाज से उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य है, जहां 80 सीटें हैं. उत्तर प्रदेश में सातों चरणों में चुनाव होने हैं.

    उत्तर प्रदेश

    पहला चरण- 19 अप्रैल

    आठ सीटें- सहारनपुर, कैराना, मुजफ़्फ़रनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत

    दूसरा चरण- 26 अप्रैल

    आठ सीटें- अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाज़ियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा

    तीसरा चरण- 7 मई

    10 सीटें- संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोज़ाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला, बरेली

    चौथा चरण- 13 मई

    13 सीटें- शाहजहांपुर, खीरी, धौराहा, सीतापुर, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद , इटावा, कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर, बहराइच

    पांचवां चरण- 20 मई

    14 सीटें- मोहनलाल गंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैज़ाबाद, कैसरगंज और गोंडा

    छठा चरण- 25 मई

    14 सीटें- सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अम्बेडकरनगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संतकबीर नगर, लालगंज, आज़मगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही.

    सातवां चरण- 01 जून

    13 सीटें- महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाज़ीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्ज़ापुर, रॉबर्ट्सगंज.

  12. लोकसभा चुनाव 2024: जानिए किस चरण में किन-किन राज्यों में डाले जाएंगे वोट?

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार

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    लोकसभा चुनाव 2024 में सात चरणों में वोट डाले जाएंगे. चुनाव के नतीजे चार जून को आएंगे.

    पहले चरण में 21 राज्यों की 102 सीटों पर, दूसरे चरण में 13 राज्यों की 89 सीटों, तीसरे चरण में 12 राज्यों की 94 सीटों, चौथे चरण में 10 राज्यों की 96 सीटों, पांचवें चरण में 8 राज्यों की 49 सीटों, छठे चरण में सात राज्यों की 57 सीटों और सातवें चरण में आठ राज्यों में 57 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे.

    आगे जानिए किस चरण में किस तारीख़ को किन राज्यों में डाले जाएंगे वोट?

    पहला चरण, 19 अप्रैल

    पहले चरण के तहत 19 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान निकोबार, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, पुदुच्चेरी की कुल 102 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

    दूसरा चरण, 26 अप्रैल

    दूसरे चरण के तहत 26 अप्रैल को असम, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 89 सीटों पर मतदान होगा.

    तीसरा चरण, 7 मई

    तीसरे चरण के तहत 7 मई को असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दादरा नगर हवेली और दमन दीव की कुल 94 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

    चौथा चरण, 13 मई

    चौथे चरण के तहत 13 मई को आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 96 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

    पांचवां चरण, 20 मई

    पांचवें चरण के तहत 20 मई को छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रेदश, पश्चिम बंगाल, बिहार, जम्मू कश्मीर, लद्दाख की 49 सीटों पर मतदान होगा.

    छठा चरण, 25 मई

    छठे चरण के तहत 25 मई को बिहार, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली की कुल 57 सीटों पर मतदान होगा.

    सातवां चरण, 1 जून

    सातवें चरण के तहत एक जून को बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़ की कुल 57 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, लोकसभा चुनाव 2024 की तारीख़ों का हुआ एलान, जानिए कब होंगे चुनाव?

    राजीव कुमार

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    चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तारीख़ों का एलान शनिवार को कर दिया है.

    लोकसभा चुनाव सात चरणों में होगा. ये चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च से शुरू हो रही है और मतगणना चार जून को होगी.

    20 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगी.

    पहले चरण में 19 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.

    दूसरे चरण के तहत 28 मार्च को नोटिफिकेशन जारी होगा. 26 अप्रैल को मतदान होगा.

    तीसरे चरण के तहत सात मई, चौथे चरण के तहत 13 मई और पांचवें चरण में 20 मई को वोट डाले जाएंगे.

    छठे चरण में 25 मई को वोटिंग होगी. सातवें चरण में एक जून को मतदान होगा.

    चुनाव आयोग

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    चार राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव

    संसदीय चुनावों के साथ चार राज्यों में भी विधानसभा चुनाव होने हैं.

    ओडिशा में चार चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे. ओडिशा में 13 मई, 20 मई, 25 मई और एक जून को वोट डाले जाएंगे.

    अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नोटिफिकेशन 20 मार्च 2024 को जारी 19 अप्रैल 2024 को मतदान होगा. अरुणाचल प्रदेश की 60 सीटों पर एक ही चरण में चुनाव होंगे.

    सिक्किम विधानसभा के लिए एक चरण में ही सभी 32 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. नोटिफिकेशन की तारीख 20 मार्च और वोटिंग 19 अप्रैल को होगी.

    आंध्र प्रदेश की सभी 175 सीटों पर 18 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी होगा और 13 मई को वोट डाले जाएंगे.

    इसके अलावा तीन चरणों में 26 विधानसभा सीटों पर भी उप चुनाव होंगे. ये चुनाव भी आम चुनावों के साथ होंगे.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बताईं ये चार चुनौतियां

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार

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    भारतीय चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव 2024 की तारीख़ों का एलान करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है.

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव की तैयारियों का ज़िक्र करते हुए चुनाव में चार चुनौतियां बताईं.

    राजीव कुमार बोले- 4 एम से निपटना होगा. ये चार चुनौतियां हैं,

    मसल्स (बाहुबल)

    मनी (धन)

    मिसइन्फ़र्मेशन (ग़लत सूचनाएं)

    एमसीसी (आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन)

    चुनाव आयोग

    राजीव कुमार ने 4M के बारे में और क्या कहा

    मसल

    ''पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ़ तैनात होंगे. इस बार मसल पावर को कम करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. खून खराबा और हिंसा को हम नियंत्रित करेंगे. चाहे वो चुनाव से पहले, उसके दौरान या बाद में हो.

    हर ज़िले में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे. एक सीनियर अफसर मौजूद रहेगा. जहां से भी शिकायत मिलेगी पूरे देश में उसका निराकरण होगा.

    जिला जजों को हिदायत दी है. जितने तीन साल से पुराने लोग हैं उन्हें बदल दीजिए. ठेका कर्मचारियों को चुनाव प्रक्रिया में नहीं लगाए जाएगा. डबल वोटिंग की शिकायत आए तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए.

    मनी

    पिछले दो साल के चुनावों में हमने 3400 करोड़ रुपये रोके.

    पैसे का गलत इस्तेमाल नहीं होने देंगे. हर राज्य में एनफोर्समेंट एजेंसियों से चौकन्ना रहने को कहा गया है. मुफ्त वितरण, पैसे बांटना आदि पर लगाम लगाई जाएगी. ड्रग्स को रोकने की कोशिश होगी.

    अगर कैश की डिमांड बढ़ेगी तो बैंक अलर्ट करेंगे. बैंक रोजाना संदिग्ध भुगतान की सूचना देंगे.

    हवाई पट्टियों और हैलीपैड की निगरानी होगी. उतरने वाले सामानों की विस्तृत जांच होगी.

    मिसइन्फ़र्मेशन

    लोकतंत्र में सोशल मीडिया में किसी की आलोचना के लिए स्वतंत्र हैं. लेकिन यह तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए. गलत सूचनाएं देकर अफवाह फैलाने को रोका जाएगा.

    सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने के लिए प्रशासन आदेश दे सकता है. हर राज्य में नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे.

    अगर कोई आलोचना की रेखा लांघता है या गलत न्यूज़ फैलाता है तो उस पर कार्रवाई होगी.

    एमसीसी यानी आचार संहिता

    चुनाव के दौरान राजनीति के गिरते स्तर पर सुझाव जारी किए गए हैं. पिछले पांच साल में एमसीसी को इकट्ठा कर एक अंतिम सुझाव जारी किए हैं. पार्टियों को नोटिस दिया कि हर स्टार चुनाव प्रचारक को एमसीसी की गाइडलाइंस देनी होंगी. हम उनका इतिहास देखेंगे.

    नफरती भाषण, धार्मिक नफरत का भाषण, निजी टिप्पणियां, गलत जानकारियों वाला प्रचार अखबार में जो छपता है कि इसकी लहर या उसकी लहर.. इस पर विज्ञापन लिखना होगा.

    बच्चों को इस्तेमाल नहीं करना होगा. विकलांग लोगों के प्रति अपशब्द न बोलें.

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, लोकसभा चुनाव 2024 की तारीख़ों का एलान, चुनाव आयोग कर रहा है प्रेस कॉन्फ्रेंस

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार,

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    इमेज कैप्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार,

    लोकसभा चुनाव 2024 की तारीख़ों का एलान करने के लिए चुनाव आयोग ने आज यानी शनिवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू कर दी है.

    कान्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार समेत वरिष्ठ चुनाव अधिकारी मौजूद हैं.

    आगे पढ़िए चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही ख़ास बातें:-

    17 वीं लोकसभा 16 जून को समाप्त हो रही है. जम्मू कश्मीर में भी चुनाव होने बाक़ी हैं. इसके अलावा आंध्र प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में भी चुनाव होने हैं.

    2024 लोकसभा चुनावों में 97 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर हैं. 10.5 लाख पोलिंग स्टेशन हैं. 1.5 करोड़ चुनाव कर्मचारी होंगे. चुनाव में 55 लाख ईवीएम मशीन इस्तेमाल होंगी.

    महिला वोटर्स की संख्या 47 करोड़ के क़रीब है.

    क़रीब एक करोड़ 82 लाख नए वोटर 2024 चुनावों में वोट डालेंगे.

    पहली जनवरी 2024 को जिनकी उम्र 18 साल नहीं हुई थी, उनका भी नाम हमने जोड़ा है, वो आगे वोट दे सकते हैं. 13.4 लाख आवेदन है, जो 1 अप्रैल 2024 तक 18 साल के हो जाएंगे.

    21 से 31 साल के वोटर्स की संख्या क़रीब 19 करोड़ 70 लाख है.

    85 साल से ऊपर के मतदाताओं की संख्या 82 लाख है. क़रीब 88 लाख विकलांग मतदाता हैं, इनके लिए ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं.

    बीएलओ के साथ राजनीतिक पार्टी अपने एजेंट लगा सकते हैं.

    देश भर के 800 ज़िलों में हमने एसपी, डीएम, कमिश्रनर, पार्टियां, निगरानी एजेंसियों से मुलाकात करके हमने तैयारियों की समीक्षा की है.

    दुनिया के सबसे बड़े और सबसे जीवंत लोकतंत्र पर सबकी नजर है. यह चुनाव का पर्व देश का गर्व है.

    हम पूरी तरह तैयार हैं. हमारी पूरी टीम तैयार है.

    पिछले चुनाव शांतिपूर्वक हुए हैं. कैंपेन के दौरान शोर शराबा कम हुआ. जब्तियां बढ़ीं. कोर्ट केस कम हुए. पिछले दो सालों में हमने काफी काम किया है.

    हिमालय से लेकर कन्याकुमारी, राजस्थान के रेगिस्तान से लेकर अरुणाचल के जंगलों तक पोलिंग बूथ बनेंगे.

    85 साल से ऊपर के मतदाताओं के घर जाकर वोट लिए जाएंगे.

    फार्म 12 डी पहुंचाकर मतदान लेंगे. पहली बार देश में ये व्यवस्था लागू होगी. 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता है तो वे यह आवेदन कर सकते हैं.

    जिस का क्रिमिनल रिकार्ड है उसे तीन बार न्यूज पेपर मे देना पड़ेगा. क्रिमिनल कैंडिडेट के बारे में पार्टियों को सफाई देनी पड़ेगी.

    नो योर कैंडिडेट ऐप से आप अपने उम्मीदवारों के बारे में जान सकते हैं.

  16. सीएए पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे ओवैसी

    असदुद्दीन ओवैसी

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    इमेज कैप्शन, असदुद्दीन ओवैसी

    नागरिकता संशोधन क़ानून यानी सीएए के नियमों पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया है.

    ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल अपनी याचिका में कहा ​है कि 1955 के नागरिकता क़ानून की धारा 6बी के अनुसार, अदालत में मामले के लंबित रहने तक नागरिकता की मांग करने वाले किसी भी आवेदन पर फ़ैसला नहीं हो सकता.

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    इस याचिका में उन्होंने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी एनआरसी पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सीएए और एनआरसी के बीच के संबंध खतरनाक हैं.

    उन्होंने दावा किया है कि सीएए लागू होने के बाद एनआरसी को भी लागू किया जाएगा.

    ओवैसी ने आरोप लगाया है कि एनआरसी के ज़रिए भारतीय मुसलमानों को प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है.

  17. सिंगर अनुराधा पौडवाल बीजेपी में शामिल हुईं, क्या कहा

    सिंगर अनुराधा पौडवाल

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    लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सिंगर अनुराधा पौडवाल बीजेपी में शामिल हो गई हैं.

    बीजेपी में शामिल होने के बाद अनुराधा पौडवाल बोलीं, ''मुझे बहुत ही विनम्रतापूर्वक खुशी मिल रही है कि मैं उस सरकार (पार्टी) से जुड़ रही हूं, जिनका सनातन से इतना गहरा नाता है.''

    वो बोलीं, ''मैं 35 साल से फ़िल्म इंडस्ट्री में हूं, उसमे गाने के बाद मैंने सिर्फ धार्मिक गीत गाए हैं. आप सब जानते हैं. ये मेरा सौभाग्य है कि मैं आज बीजेपी में शामिल हुई हूं.''

    राजस्थान से अपडेट

    इसके अलावा राजस्थान में भी कांग्रेस के कुछ नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं.

    राजस्थान में बीबीसी के स्थानीय पत्रकार मोहर सिंह मीणा के मुताबिक़, कांग्रेस से पूर्व सांसद, विधायक रहे नेताओं ने शनिवार को बीजेपी का हाथ थामा है.

    आरएलपी से विधायक रहे नेता सहित 35 लोग बीजेपी में शामिल हुए हैं.

    मध्य प्रदेश से अपडेट

    वहीं बीजेपी के राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दिया है. ख़बरों में कहा जा रहा है कि वो मध्य प्रदेश के सीधी से टिकट चाह रहे थे.

    बतौर राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह का कार्यकाल अप्रैल 2024 में पूरा हो रहा है.

  18. लोकसभा चुनाव की तारीख़ों की घोषणा से पहले कांग्रेस ने किया 'पांच न्याय' का एलान

    राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे

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    लोकसभा चुनाव 2024 की तारीख़ों का एलान आज यानी शनिवार दोपहर तीन बजे किया जाना है.

    इस एलान से पहले कांग्रेस पार्टी ने 'पांच न्याय' का एलान किया है. हर न्याय के तहत पांच-पांच वादे किए गए हैं.

    इस एलान में किसानों, महिलाओं, आरक्षण, युवाओं और स्वास्थ्य से जुड़े वादे किए गए हैं.

    कांग्रेस इसे किसान न्याय, नारी न्याय, हिस्सेदारी न्याय, युवा न्याय, श्रमिक न्याय कह रही है.

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    कांग्रेस का दावा है कि किसानों को फ़सल के लिए सही दाम मिलेंगे. क़र्ज़ माफ़ी आयोग बनाया जाएगा, बीमा भुगतान का सीधा ट्रांसफर, सही आयात-निर्यात नीति बनाई जाएगी.

    इसके अलावा कांग्रेस की ओर से जीएसटी मुक्त खेती का भी वादा किया गया है.

    युवाओं के लिए कांग्रेस ने युवा न्याय का एलान करते हुए पहली नौकरी पक्की, पेपर लीक से मुक्ति, भर्ती भरोसा जैसे पांच वादे किए हैं.

    वहीं हिस्सेदारी न्याय के तहत कांग्रेस ने अपनी सरकार आने पर जातिगत जनगणना, जल-जंगल-ज़मीन का क़ानूनी हक़ और आरक्षण का हक़ दिए जाने की मांग की है.

    श्रमिक न्याय के तहत कांग्रेस ने स्वास्थ्य अधिकार, श्रम का सम्मान, शहरी रोज़गार गारंटी और सुरक्षित रोज़गार दिए जाने का वादा किया है.

    कांग्रेस ने 400 रुपये प्रति दिन की 'राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी' देने का वादा किया है.

    कांग्रेस का कहना है कि ये राष्ट्रीय स्तर पर सभी मनरेगा श्रमिकों के लिए भी लागू होगा,

    महिलाओं के लिए कांग्रेस ने शक्ति का सम्मान, अधिकार मैत्री, महालक्ष्मी जैसी घोषणाएं की हैं.

  19. यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जेकेएलएफ सहित कई संगठनों पर केंद्र सरकार ने लगाया प्रतिबंध

    केंद्र सरकार

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    केंद्र सरकार ने यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) पर लगे प्रतिबंध को पांच साल के लिए बढ़ा दिया है.

    इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फ्रीडम लीग और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स लीग के चार धड़ों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक ट्वीट करके यह जानकारी दी है.

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    अमित शाह ने लिखा, "मोदी सरकार ने 'जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (मोहम्मद यासीन मलिक गुट)' को अगले पांच साल के लिए 'ग़ैर-क़ानूनी संगठन' घोषित कर दिया है."

    "यह प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर में आतंक और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले कामों में लगा हुआ है. देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को कठोर क़ानूनी नतीज़े भुगतने होंगे."

    अमित शाह ने साथ में गज़ट की एक कॉपी भी पोस्ट की है.

    इसमें बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर पीपुल्स लीग (जेकेपीएल) के चार गुट जेकेपीएल (मुख़्तार अहमद वजा), जेकेपीएल (बशीर अहमद तोता), जेकेपीएल (ग़ुलाम मोहम्मद ख़ान सोपोरी) और याक़ूब शेख़ के नेतृत्व वाले जेकेपीएल (अज़ीज़ शेख़) पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाता है.

  20. इस्लामो​फोबिया की निंदा करने वाले प्रस्ताव से भारत ने बनाई दूरी, क्या कहा?

    संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी दूत रुचिरा कंबोज

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    भारत ने इस्लामोफोबिया की निंदा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर हुए मतदान में भाग नहीं लिया.

    संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी दूत रुचिरा कंबोज ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि यहूदी विरोध, ईसाई विरोध और इस्लाम विरोध से प्रेरित सभी कामों की निंदा होनी चाहिए.

    उन्होंने कहा, "मज़हबों के प्रति भय को केवल अब्राहम धर्मों (यहूदी, ईसाई और इस्लाम) तक सीमित रखने की बजाय ये अहम होगा कि हिंदू, बौद्ध, सिख और अन्य धर्मों के प्रति विरोध को स्वीकार किया जाए."

    रुचिरा ने कहा कि केवल एक मज़हब के प्रति ऐसी भावना पर ज़ोर देने की बजाय हिंसा और भेदभाव का सामना कर रहे हिंदू, बौद्ध, सिख और अन्य धर्मों के प्रति भय को मान्यता देनी चाहिए.

    193 सदस्यों की संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को हुए मतदान में 115 देशों ने पक्ष में वोट डाले, जबकि 44 सदस्यों ने वोट ही नहीं डाले. हालांकि विरोध में किसी भी देश ने मतदान नहीं किया.

    मतदान में भाग न लेने वाले देशों में भारत के अलावा ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, यूक्रेन, ब्राज़ील जैसे देश रहे.