हिंदू विरोधी होने के आरोप पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने क्या कहा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी सरकार को हिंदू विरोधी बताए जाने पर बीजेपी पर निशाना साधा है.

लाइव कवरेज

संदीप राय

  1. हिंदू विरोधी होने के आरोप पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने क्या कहा,

    सिद्धारमैया

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    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी सरकार को हिंदू विरोधी बताए जाने पर बीजेपी पर निशाना साधा है.

    कर्नाटक विधानसभा में हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती विधेयक 2024 में संशोधन लाने पर बीजेपी ने सिद्धारमैया सरकार पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया था.

    बुधवार को विधानसभा में पास किए गए इस संशोधन में अमीर मंदिरों की ओर से कॉमन पूल (संयुक्त कोष) में जमा की जाने वाली राशि को बढ़ाने का प्रावधान है.

    इस कोष के फ़ंड का इस्तेमाल ‘हिंदू समुदाय के कल्याण और उत्थान’ के लिए किया जाता है.

    मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक बयान जारी कर कहा, “ऐसा लगता है कि इन आरोपों को राजनीतिक लाभ के लिए ग़लत तरीके से पेश किया गया.”

    उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजेंद्र पर ‘झूठ’ बोलने का आरोप लगाया.

    संशोधन पास होने के बाद विजेंद्र की ओर से किए गए ट्वीट का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा, “ये साफ़ है कि बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष का पद उनके लिए आरक्षित कर रखा है जो झूठ बोलते हों. लगता है बीवाई विजेंद्र इस पद के लिए फ़िट हैं या शायद वो इस पद पर बने रहने के लिए अन्य बीजेपी नेताओं से प्रतिस्पर्द्धा कर कर रहे हैं.”

    उन्होंने लिखा, “विजेंद्र को शर्म आनी चाहिए. एक नेता के तौर पर उनकी साख नरेंद्र मोदी के शासन में भारतीय रुपये की तरह गिर रही है.”

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    गौरतलब है कि इससे पहले संयुक्त कोष में मंदिरों के लिए योगदान का नियम इस प्रकार तय था- (ए) सालाना 10 लाख रुपय से अधिक आमदनी वाली संस्थाओं के लिए 10 प्रतिशत (बी) सालाना पांच से दस लाख रुपये तक की आमदनी वाली संस्थाओं पर पांच प्रतिशत. इसके अलावा इस कोष में राज्य सरकार की ओर से मिलने वाला अनुदान भी शामिल था.

    संशोधन के बाद अब सालाना एक करोड़ से अधिक आमदनी वाली संस्थाओं को 10 प्रतिशत और 10 लाख से एक करोड़ रुपये की सालाना आमदनी वाली संस्थाओं को पांच प्रतिशत योगदान देना होगा.

    सिद्दारमैया ने कहा कि ‘संयुक्त कोष को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है.’

    मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बीबीसी से कहा, “हमने सालाना 10 लाख रुपये से कम आमदनी वाले मंदिरों को छूट दी है. इस संसोधन को इसलिए लाया गया क्योंकि संयुक्त कोष में सालाना केवल 8 करोड़ रुपये ही इकट्ठा हो पा रहे हैं. जोकि अपर्याप्त है.”

  2. संदेशखाली में धरने पर बैठे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार गिरफ्तार, रिहा,

    सुकांत मजूमदार

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    पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले के संदेशखाली में पुलिस ने गुरुवार को थाने के सामने बैठकर धरना दे रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को गिरफ़्तार किया.

    इसके बाद नाव के ज़रिए उन्हें धामाखाली ले जाया गया. और कुछ देर बाद निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया.

    सुकांत ने पत्रकारों को बताया, "पुलिस ने मुझे गिरफ़्तार किया था. बाद में जमानत पर रिहा किया है. लेकिन मैं पार्टी कार्यकर्ताओं के नहीं आने तक यहां से कोलकाता नहीं लौटूंगा."

    सुकांत संदेशखाली के भाजपा नेता विकास सिंह के घर गए थे. संदेशखाली में हिंसा भड़काने के आरोप में विकास को पहले ही गिरफ़्तार किया जा चुका है.

    विकास के घर से लौटकर सुकांत संदेशखाली थाने के सामने ही धरने पर बैठ गए. वहां धारा 144 लागू होने के कारण पुलिस ने क़रीब एक घंटे बाद उनसे धरना ख़त्म करने को कहा.

    कुछ देर तक स्थानीय लोगों के साथ कहासुनी के बाद पुलिस सुकांत को वहां से हटाकर नदी के तट पर ले गई. जहां से नाव के ज़रिए उन्हें धामाखाली ले जाया गया.

    इससे पहले बीते सप्ताह संदेशखाली जाने की कोशिश के दौरान टाकी में पुलिस के साथ धक्का मुक्की के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की तबीयत बिगड़ गई थी और उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

    सबसे पहले पहुंचे बशीरहाट जेल

    आज वे सबसे पहले बशीरहाट जेल गए जहां भाजपा के गिरफ़्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को रखा गया है. यहीं से वे संदेशखाली के लिए रवाना हुए.

    लेकिन पुलिस ने उनको धामाखाली में यह कहते हुए रोक दिया कि वे सिर्फ अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ ही वहां जा सकते हैं.

    सुकांत ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना किसी वजह के गिरफ़्तार किया है. वे थाने में जाकर अधिकारियों से भी यही सवाल पूछना चाहते थे.

    लेकिन पुलिस ने उनको भीतर जाने से रोक दिया.

    उसके बाद वे वहीं धरने पर बैठे गए. उनका कहना था कि मुख्य अभियुक्त शाहजहां शेख को गिरफ़्तार नहीं करने तक वे यहां से नहीं उठेंगे.

    लेकिन घंटे भर बाद पुलिस ने उनको वहां से हटा दिया और अपने साथ ले गई.

    भाजपा सूत्रों ने बताया कि देर रात कोलकाता लौटने के बाद सुकांत मजूमदार सीधे राजभवन जाकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात करेंगे.

  3. जो बाइडन के कुत्ते ने सीक्रेट सर्विस एजेंटों को 24 बार काटा, दस्तावेज़ों से मिली जानकारी, ऐडम डर्बिन, बीबीसी न्यूज़

    अमेरिकी राष्ट्रपति

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के कुत्ते 'कमांडर' ने यूएस सीक्रेट सर्विस एजेंटों को कम से कम 24 बार काटा है.

    हाल ही में जारी किए गए दस्तावेज़ों में ये जानकारी सामने आई है.

    एक वरिष्ठ एजेंट ने जानकारी दी है कि सीक्रेट सर्विस को इस वजह से अपनी रणनीति में बदलाव लाना पड़ा. इसके तहत एजेंटों को कुत्ते से दूरी बरतने की सलाह दी गयी.

    ये चेतावनी 'कमांडर' को व्हाइट हाउस से बाहर निकाले जाने से महीनों पहले जारी की गयी थी.

    सूचना के अधिकार के तहत जारी किए गए इन दस्तावेज़ों के मुताबिक़, जर्मन शेफर्ड नस्ल के इस कुत्ते ने अक्टूबर 2022 और जुलाई 2023 के बीच कम से कम 24 बार सीक्रेट सर्विस में काम करने वाले सुरक्षाकर्मियों को काटा.

    इसमें कई एजेंटों की कलाई, बांह, कोहनी, कमर, सीने, जांघ और कंधे तक जख़्मी हुए.

    इनमें सिर्फ़ सीक्रेट सर्विस एजेंटों वाले मामले शामिल हैं. व्हाइट हाउस के शेष स्टाफ़ के मामले इसमें शामिल नहीं है.

    बाइडन परिवार के इस कुत्ते की पिछले अक्टूबर में ही व्हाइट हाउस से विदाई हो गई थी. इससे एक सप्ताह पहले ही सीक्रेट सर्विस के एक एजेंट को कुत्ते के काटने की वजह से इलाज करवाना पड़ा था.

    बीती जून में एक एजेंट की बांह पर कुत्ते ने इतना गहरा काटा कि उन्हें टांके लगवाने पड़े. इसकी वजह से फर्श पर खून फैल गया और व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को 20 मिनट के लिए बंद करना पड़ा.

    जुलाई में भी एक अन्य एजेंट को कुत्ते ने काटा, उन्हें भी छह टांके लगवाने पड़े.

  4. अदन की खाड़ी में एक पोत पर मिसाइल से हमला

    हूती विद्रोही

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    यमन के पास अदन की खाड़ी से गुजर रहे एक मालवाहक पोत पर दो मिसाइलें दागे जाने की ख़बर आ रही है.

    यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने कहा कि इस हमले के बाद अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं ने पलटवार किया है.

    मैरीटाइम सिक्योरिटी फ़र्म एम्ब्रे ने कहा कि इस कार्गो शिप पर प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश पलाउ का झंडा लगा था.

    इस हमले को लेकर हूती विद्रोहियों की ओर से कोई दावा नहीं किया गया है. लेकिन नवंबर से ही वे इस क्षेत्र में मर्चेंट कार्गो पर हमलों को अंजाम दे रहे हैं.

    ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का उत्तर पश्चिमी यमन के अधिकांश हिस्से पर कब्ज़ा है. उनका कहना है कि ग़ज़ा युद्ध के ख़िलाफ़ फ़लस्तीनियों के समर्थन में उनकी कार्रवाई जारी रहेगी.

    मैरीटाइम सिक्योरिटी फ़र्म एम्ब्रे ने कहा है कि ब्रिटेन के इस कार्गो शिप पर यमन के अदन शहर के दक्षिण पूर्वी तट से 130 किलोमीटर दूर हमला किया गया है.

    यह पोत थाइलैंड से लाल सागर की दिशा में जा रहा था.

    इस बीच गुरुवार को इसराइली सेना ने कहा है कि इसराइल की ओर दागे गए मिसाइल को उसने लाल सागर में इंटरसेप्ट किया है.

    इससे पहले अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़ों में सात मोबाइल क्रूज़ मिसाइल और एक मोबाइल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को ‘आत्मरक्षा’ में निशाना बनाया है.

  5. ऑस्ट्रेलियाई बिशप क्रिस्टोफ़र सॉन्डर्स पर रेप का आरोप तय

    ऑस्ट्रेलिया बिशप

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    ऑस्ट्रेलिया के बिशप क्रिस्टोफ़र सॉन्डर्स पर बलात्कार और कई यौन अपराधों के आरोप तय किए गए हैं. इनमें से कई मामले बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध के हैं.

    74 साल के सॉन्डर्स को बुधवार ब्रूम में गिरफ़्तार किया गया था. उनपर साथ ही साथ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलियन पुलिस और पोप ने भी जाँच के आदेश दिए हैं.

    इस तरह के आरोपों का सामना करने वाले वह सबसे वरिष्ठ कैथोलिक पादरियों में से एक हैं.

    सॉन्डर्स पर रेप के दो आरोप हैं. इसके अलावा उनपर अशोभनीय व्यवहार से जुड़े 14 मामले दर्ज कराए गए हैं और तीन मामले बच्चों के साथ गलत तरीके से व्यवहार से जुड़े हैं.

    ये कथित मामले पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कई इलाकों में साल 2008 से 2014 के बीच के हैं.

    इससे पहले कार्डिनल जॉर्ज पेल को भी यौन अपराध से जुड़े केस में जेल हुई थी और बाद में उन्हें बरी कर दिया गया था.

    जॉर्ज पेल अब इस दुनिया में नहीं हैं. उनके बाद सॉन्डर्स ही ऑस्ट्रेलिया के सबसे वरिष्ठ कैथोलिक पदाधिकारी हैं जिनपर बच्चों के साथ यौन शोषण जैसे आरोप तय किए गए हैं.

    गुरुवार को बयान जारी कर ऑस्ट्रेलियाई कैथोलिक बिशप कॉन्फ़्रेंस ने पुलिस के साथ सहयोग करने का वादा किया और कहा कि सॉन्डर्स पर लगे आरोप बेहद 'गंभीर और परेशान करने वाले' हैं.

  6. तालिबान ने फ़ुटबॉल स्टेडियम में हत्या के दो अभियुक्तों को दी सज़ा-ए-मौत, बीबीसी मॉनिटरिंग

    तालिबान

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    तालिबान प्रशासन ने हत्या के दो अभियुक्तों को ग़ज़नी प्रांत में खुलेआम फ़ांसी की सज़ा दी. तालिबान संचालित सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर आज इसकी जानकारी दी गई.

    वेबसाइट पर जारी बयान में पहले 'हत्यारे' का नाम सैयद जमाल बताया गया है, जो मैदान-वर्दाक प्रांत के सैयदाबाद ज़िले के रहने वाले थे. उनपर अपने ही इलाके के रहने वाले आमिर मोहम्मद की चाकू से हत्या करने का आरोप था. ये मामला 2 दिसंबर 2017 का था.

    इस बयान में दूसरे अभियुक्त का नाम गोल ख़ान बताया गया है. ये ग़ज़नी प्रांत के अंदार ज़िले के रहने वाले थे. उनपर भी अपने ही ज़िले के मोहम्मद क़ासिम की चाकू से हत्या करने का आरोप था. ये मामला दो जनवरी 2022 का था.

    बयान के अनुसार तीन अपीलीय अदालतों में बार-बार और सटीकता से इसकी जाँच की गई और इसके बाद तालिबान नेता हिबतुल्लाह अखुंदज़दा ने भी इन मामलों की जाँच की.

    अखुंदज़दा ने दोनों को मौत की सज़ा दिए जाने को मंज़ूरी दी और ये सज़ा अली लाला गांव के फुटबॉल स्टेडियम में दी गई.

    इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और आम जनता मौजूद थी.

  7. दिनभर, पूरा दिन पूरी ख़बरः किसान की मौत के बाद अब क्या है रणनीति?

  8. मणिपुर हाई कोर्ट ने मैतेई समुदाय को एसटी सूची में शामिल करने की सिफ़ारिश वाला आदेश वापस लिया,

    मणिपुर हिंसा

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    मणिपुर हाई कोर्ट ने अपने पिछले आदेश से उस अंश को हटा दिया है जिसमें राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की सिफ़ारिश करने का निर्देश दिया गया था.

    दरअसल, मणिपुर हाई कोर्ट ने ये आदेश 27 मार्च, 2023 को दिया था जिसके कुछ दिन बाद राज्य में जातीय हिंसा भड़क गई. कोर्ट के इस आदेश को लेकर कुकी जनजाति के लोग नाराज़ हो गए और राज्य में 3 मई से शुरू हुआ जातीय संघर्ष अब तक जारी है.

    न्यायमूर्ति गोलमेई गाइफुलशिलु की एकल न्यायाधीश पीठ ने बुधवार को एक समीक्षा याचिका की सुनवाई के दौरान इस आदेश से एसटी का दर्जा देने की सिफ़ारिश वाली बात को हटा दिया है.

    न्यायमूर्ति गाइफुलशिलु ने कहा, “पैरा संख्या 17(iii) में दिए गए निर्देश को हटाने की आवश्यकता है और 27 मार्च, 2023 के निर्णय में से उक्त पैरा संख्या को हटाने के लिए आदेश दिया गया है."

    न्यायमूर्ति गाइफुलशिलु की पीठ ने कहा कि यह फैसला "क़ानून की ग़लत धारणा" के तहत पारित किया गया था क्योंकि याचिकाकर्ता तथ्य और कानून के बारे में अपनी गलतफ़हमी के कारण उक्त रिट याचिका की सुनवाई के समय अदालत की उचित सहायता करने में विफल रहे."

    सुप्रीम कोर्ट ने भी बीते साल 17 मई को हाई कोर्ट के उस निर्देश को "अप्रिय" और गलत बताया था तथा कथित अशुद्धियों के कारण आदेश पर रोक लगा दी थी.

    मणिपुर में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं, जबकि 40 प्रतिशत आदिवासी आबादी में नगा और कुकी शामिल हैं और मुख्य रूप से पहाड़ी जिलों में रहते हैं.

    मणिपुर में जारी जातीय हिंसा में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 50 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए है.

  9. आईपीएल 2024 का शेड्यूल जारी, पहला मुकाबला धोनी और कोहली की टीम में

    आईपीएल

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    आईपीएल 2024 टूर्नामेंट के 17 दिनों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है.

    पहला मैच 22 मार्च को चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के बीच चेन्नई में होगा.

    माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र अभी 17 दिनों का ही शेड्यूल जारी किया गया है.

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    पिछले साल का आईपीएल चैंपियनशिप सीएसके ने जीती थी.

  10. संयुक्त किसान मोर्चा ने बैठक के बाद मांगा केंद्रीय गृह मंत्री का इस्तीफ़ा, बताई आगे की पूरी योजना

    किसान नेता

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    संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शन के दौरान एक युवा किसान के मारे जाने और पुलिस की कार्रवाई के विरोध में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का एलान किया है.

    संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफ़े की मांग की है और कहा है कि शुक्रवार को पूरे देश में ब्लैक डे मनाया जाएगा.

    किसान नेताओं ने मारे गए किसान के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवज़ा देने और किसान के कर्ज को माफ़ करने के अलावा हरियाणा पुलिस, हरियाणा सीएम और हरियाणा गृह मंत्री के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की.

    किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सीमा में घुसकर लगभग 100 से अधिक ट्रैक्टरों को नुकसान पहुंचाया गया है, इसका भी मुआवज़ा सरकार दे. उन्होंने कहा कि युवा किसान की मौत की न्यायिक जांच होनी चाहिए.

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    किसान नेता रमिंदर सिंह पटियाला ने कहा, “हम समझते हैं कि पीछे से बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ये डिज़ाइन किया है. इसलिए हम अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के इस्तीफ़े की मांग करते हैं.”

    गुरुवार को चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा की नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी और जनरल बॉडी की बैठक के बाद किसान नेताओं ने 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान मज़दूर महापंचायत का एलान किया.

    प्रेस वार्ता में किसान नेता सुनीलम ने कहा कि इस महापंचायत में एमएसपी की क़ानूनी गारंटी, कर्ज माफी, बिजली के निजीकरण के को रद्द किए जाने और लखीमपुर खीरी घटना के आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी पर कार्रवाई की मांग रखी जाएगी.

    उन्होंने कहा कि इस महापंचायत में केंद्रीय ट्रेड यूनियनें भी शामिल होंगी और चार लेबर कोड को वापस करने और अंधाधुन प्राइवेटाइजेशन को रद्द करने की मांग शामिल रहेगी.

    किसान नेता

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    बैठक में लिए गए फैसले-

    जोगिंदर सिंह उगरहां, डॉ. दर्शनपाल, रजोवाल, डॉ. सुनीलम, राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह समेत संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल दर्जनों किसान संगठनों के नेताओं ने हिस्सा लिया.

    23 फ़रवरीः इन नेताओं ने कहा कि 23 फ़रवरी को पूरे देश में ब्लैक फ़्राइडे मनाया जाएगा और इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर और हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज का पुतला दहन किया जाएगा.

    26 फ़रवरीः राकेश टिकैत ने कहा कि भारत को डब्ल्यूटीओ से निकालने की मांग को लेकर 26 फ़रवरी को सभी राजमार्गों पर ट्रैक्टर रैली होगी. इस दौरान किसान अपने अपने ट्रैक्टर ट्रालियों समेत हाईवे पर एक तरफ़ खड़े होकर प्रदर्शन करेंगे.

    किसान नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि अबू धाबी में 26 से 31 फ़वरी के बीच डब्लूटीओ की बैठक हो रही है. डब्लूटीओ से भारत को अलग करने की मांग को लेकर उस दौरान पूरे देश में प्रदर्शन किया जाएगा.

    14 फरवरीः किसान मज़दूर महापंचायत रामलीला मैदान में होगी. किसान, मज़दूर, महिलाएं, छात्र और युवा इसमें शामिल होंगे.

  11. सपा से अलग होकर पार्टी बनाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य अब इंडिया गठबंधन से सीट बंटवारे पर करेंगे बात

    स्वामी प्रसाद मौर्य

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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफ़ा देने के कुछ दिन बाद ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (आरएसएसपी) बनाई है.

    गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नई बनी यह पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ सीट साझेदारी पर बात करेगी.

    दिलचस्प ये है कि समाजवादी पार्टी भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और सपा ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को 17 सीटें लड़ने के लिए दी हैं.

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, “हमारी ये घोषणा हो चुकी है कि हम इंडी अलायंस को मजबूत करेंगे और साथ ही साथ किन सीटों पर लड़ना है और किन पर नहीं लड़ना है, इस पर आगे चर्चा होगी.”

    उन्होंने कहा, “मुझे इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी आज ही मिली है इसलिए पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर मैं इंडिया अलायंस के साथियों से बात करूंगा.”

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    स्वामी प्रसाद मौर्य लंबे समय से बसपा की राजनीतिक करते रहे थे और उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे. लेकिन 2017 में पाल बदलकर बीजेपी में चले गए और 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले सपा ज्वाइन कर लिया.

    लेकिन सपा पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने बीते 13 फ़रवरी को महसचिव पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

  12. रांची की पिच पर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स क्यों बोले- ‘ऐसा पहले कभी नहीं देखा’

    बेन स्टोक्स

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    भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सिरीज़ का चौथा मैच शुक्रवार से रांची में होने जा रहा है. लेकिन इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इससे पहले पिच को लेकर हैरानी जताई है.

    बेन स्टोक्स ने कहा,“इससे पहले ऐसा कभी नहीं देखा है.”

    बीबीसी स्पोर्ट्स के साथ इंटरव्यू में बेन स्टोक्स ने कहा कि उन्हें रांची की पिच समझ नहीं आई क्योंकि दूर से ऐसा लगा कि यह घास से ढंकी हुई है लेकिन क़रीब से जाकर देखने पर पता चला कि उसमें कई जगह दरारें हैं और बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों के लिए काफ़ी मुश्किल हो सकती है.

    उन्होंने कहा, “मुझे कोई अंदाज़ा नहीं है इसलिए मैं नहीं जानता कि क्या हो सकता है. ड्रेसिंग रूम से पिच हरी और घास वाली दिखती है लेकिन जब आप क़रीब जाते हैं तो यह अलग दिखती है, बहुत काली और उबड़-खाबड़ और कुछ दरारें भी जो साफ दिखती हैं.”

    इस सिरीज़ में इंग्लैंड 1-2 से पीछे चल रहा है और अगर रांची टेस्ट उसके हाथ से गया तो स्वाभाविक तौर पर सिरीज़ भी हाथ से चली जाएगी.

    राजकोट में हुए तीसरे टेस्ट मैच में उसे पहले ही बड़ी हार का सामना करना पड़ा था.

    राजकोट टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 434 रनों के रिकॉर्ड अंतर से हराया. इंग्लैंड पर टेस्ट मैचों में भारत की यह सबसे बड़ी जीत थी.

    इंग्लैंड की टीम के सामने जीत के लिए भारत ने 557 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था लेकिन मेहमान टीम केवल 122 रन बना कर ऑल आउट हो गई.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में हिमस्खलन से एक विदेशी की मौत, एक अभी भी लापता

    गुलमर्ग

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    मंगलवार को जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में स्कींग वाली जगह पर हुए हिमस्खलन में एक विदेशी व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरे शख्स लापता हैं.

    सामाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि हिमस्खलन की चपेट में आए पांच स्कीयर को बचाया गया है जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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    अधिकारियों के अनुसार, हिमस्खलन की जद में कोंगडूरी स्लोप आ गया जहां स्की करने वाले कई व्यक्ति इसकी चपेट में आ गए.

    उन्होंने बताया कि ये विदेशी स्कीयर बिना स्थानीय निवासियों के ही स्की स्लोप पर स्कींग करने पहुंचे थे.

  14. किसान प्रदर्शन और सीबीआई छापों पर राहुल गांधी बोले- 'ये है मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी'

    राहुल गांधी

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    किसान प्रदर्शनों से जुड़ी पोस्ट करने वाले एक्स अकाउंट ब्लॉक करने के केंद्र सरकार के आदेश और ताबड़तोड़ सीबीआई छापों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है.

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “किसान एमएसपी मांगें, तो उन्हें गोली मारो - ये है मदर ऑफ डेमोक्रेसी? जवान नियुक्ति मांगें, तो उनकी बातें तक सुनने से इनकार कर दो - ये है मदर ऑफ डेमोक्रेसी? पूर्व गवर्नर सच बोलें, तो उनके घर सीबीआई भेज दो - ये है मदर ऑफ डेमोक्रेसी? सबसे प्रमुख विपक्षी दल का बैंक अकाउंट फ्रीज़ कर दो- ये है मदर ऑफ डेमोक्रेसी? धारा 144, इंटरनेट बैन, नुकीली तारें, आंसू गैस के गोले - ये है मदर ऑफ डेमोक्रेसी? मीडिया हो या सोशल मीडिया, सच की हर आवाज़ को दबा देना - ये है मदर ऑफ डेमोक्रेसी? मोदी जी, जनता जानती है कि आपने लोकतंत्र की हत्या की है और जनता जवाब देगी!”

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    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के वैश्विक मामलों को देखने वाले अकाउंट ने भारत सरकार के इस आदेश को लेकर बयानजारी किया है.

    इसके अनुसार, “भारत सरकार ने आदेश जारी किया है, जिसमें एक्स के कुछ अकाउंट और पोस्टों पर कार्रवाई करने को कहा गया है. कहा गया है कि उन अकाउंट और पोस्ट को ब्लॉक किया जाए क्योंकि ये भारत के क़ानून के मुताबिक़ दंडनीय है.”

    किसान बीते 13 फ़रवरी को दिल्ली चलो की कॉल दी थी और इस समय पंजाब हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    उधर, सीबीआई ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर और 29 अन्य जगहों पर छापेमारी की है.

  15. किसान आंदोलन के बीच पीएम मोदी ने किसानों को लेकर क्या कहा

    नरेंद्र मोदी

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    गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फ़ेडरेशन की गोल्डन जुबली के मौके पर अहमदाबाद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के 'कल्याण' की बात कही है.

    पीएम मोदी ने कहा कि 'हम किसानों के कल्याण में कोई कोशिश नहीं छोड़ेंगे.'

    पीएम का ये बयान हरियाणा और पंजाब के किसानों के प्रदर्शन के बीच आया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारी सरकार का ज़ोर, अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने के साथ ही उर्वरकदाता बनाने पर भी है."

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    पीएम ने कहा, "हम किसानों को सोलर पंप दे रहे हैं. खेत की मेड़ पर ही छोटे-छोटे सोलर प्लांट लगाने के लिए मदद दे रहे हैं. इसके अलावा गोबर धन योजना के तहत पशुपालकों से गोबर खरीदने की योजना भी बनाई जा रही है."

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सहकारिता का दायरा बहुत अधिक बढ़ा रहे हैं. इसके लिए पहली बार हमने केंद्र में अलग से सहकारिता मंत्रालय बनाया है. आज देश के दो लाख से अधिक गांवों में सहकारिता समितियों का निर्माण किया जा रहा है. खेती हो, पशुपालन हो, मछली पालन हो, इन सभी सेक्टर में ये समितियां बनाई जा रही हैं."

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    पीएम मोदी ने कहा कि हमारा मिशन छोटे किसानों को उत्पादक के साथ-साथ कृषि उद्यमी और निर्यातक बनाने का भी है.

  16. केजरीवाल को ईडी ने सातवीं बार बुलाया, आप ने दी ये प्रतिक्रिया

    अरविंद केजरीवाल

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय के सातवीं बार समन भेजने पर आम आदमी पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है.

    पार्टी की नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा, "जब से चंडीगढ़ के मेयर चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आया, तो हमें हर जगह से ख़बर आने लग गई कि अब ईडी समन करने वाली है. अब सीबीआई समन/अरेस्ट करने वाली है. क्योंकि चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी की जीत का बदला, भारतीय जनता पार्टी को लेना है."

    "आज जो समन अरविंद केजरीवाल जी को आया है वह सिर्फ़ और सिर्फ़ चंडीगढ़ मेयर चुनाव के बदले का प्रयास है. क्योंकि अगर ये क़ानूनी मामला होता, अगर ये इनवेस्टिगेशन का मामला होता तो ईडी कोर्ट के फ़ैसले का इंतज़ार करती."

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    मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का नतीजा पलटते हुए, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को विजेता घोषित किया था.

    क्या था मामला?

    30 जनवरी को हुए चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार मनोज सोनकर को जीता हुआ घोषित किया गया था.

    इस नतीजे पर सवाल इसलिए खड़े हुए थे क्योंकि संख्याबल इंडिया गठबंधन यानी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के साथ था.

    चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 वोट हैं. 30 जनवरी को चुनाव के पीठासीन अधिकारी ने बताया कि बीजेपी उम्मीदवार को 16 और आम आदमी पार्टी के कुलदीप कुमार को 12 वोट मिले.

    पीठासीन अधिकारी ने आठ वोटों को अमान्य घोषित कर दिया था.

    चुनाव प्रक्रिया से जुड़े जो वीडियो सामने आए उनमें दिखा कि पीठासीन अधिकारी मतपत्रों पर कुछ लिख रहे हैं.

    विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारी ने ही मतपत्रों पर निशान बनाए, जिन्हें बाद में अमान्य क़रार दिया गया.

  17. आंदोलन कर रहे किसानों का दावा- हरियाणा पुलिस ने कैंप पर हमला बोला, छह लोग लापता

    शंभू बॉर्डर

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    शंभू बॉर्डर पर मौजूद किसानों ने दावा किया है कि अर्द्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस ने सीमा पार कर के पंजाब में किसानों के कैंप पर हमला किया, जिसके बाद छह लोग लापता हैं.

    किसानों ने इस संबंध में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.

    एक किसान नेता ने कहा, "हम इस बात की निंदा करते हैं कि पैरामिलिट्री फ़ोर्सेंज़ और हरियाणा पुलिस फ़ोर्स बॉर्डर क्रॉस कर के पंजाब में घुसकर किसानों के कैंप पर हमला किया. पंजाब पुलिस को इस बारे में जवाब देना चाहिए कि ये कैसे हुआ."

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    उन्होंने कहा, "हमारे ट्रैक्टरों पर अटैक किया गया. वहां से हमारे छह लोग मिसिंग (लापता) हैं. कल जिनको उठाकर ले गए हैं. मानवता के आधार पर दो देशों की जंग के दौरान भी पैरामेडिकल स्टाफ़ पर कोई हमला नहीं करता. लेकिन कल खनौरी में उन्होंने जो मेडिकल कैंप थे, वहां घायलों का जो डॉक्टर ट्रीटमेंट कर रहे थे, उन्हें पीटा, लूटपाट की वहां पर. ये सरासर बताता है कि इस सरकार ने बर्बरता की सीमा पार कर दी है."

  18. जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर सहित 30 जगहों पर सीबीआई का छापा

    सत्यपाल मलिक

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    सीबीआई ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर और 29 अन्य जगहों पर छापेमारी की है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ये छापेमारी किरु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में हुई है.

    ख़बर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने साल 2022 में इस मामले की सीबीआई जाँच की मांग की थी. सत्यपाल मलिक ने ही ये मामला उठाया था.

    सत्यपाल मलिक ने पिछले साल ये दावा किया था कि दो कॉन्ट्रैक्ट के बदले उन्हें जम्मू-कश्मीर के गवर्नर रहते हुए 300 करोड़ रुपये की घूस की पेशकश की गई थी.

    सत्यपाल मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे थे.

    सीबीआई ने पहले बताया था कि, "2200 करोड़ रुपये के किरु हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट एक प्राइवेट कंपनी को देने के दौरान कथित धांधली के आरोपों के बाद केस दर्ज किया गया है."

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    इस मामले में सीबीआई ने चेनाब वैली पावर प्रोजेक्ट लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन नवीन कुमार चौधरी और एमएस बाबू, एमके मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा के अलावा पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया था.

  19. एक्स ने कहा- भारत ने किसान प्रदर्शन की पोस्ट शेयर करने वाले अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया

    किसान प्रदर्शन

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    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने भारत सरकार के उस आदेश पर असहमति जतायी है, जिसमें कहा गया कि 'किसान प्रदर्शनों से जुड़ी पोस्ट करने वाले एक्स अकाउंट या पोस्ट को ब्लॉक किया जाए.'

    एक्स के वैश्विक मामलों को देखने वाले अकाउंट ने भारत सरकार के इस आदेश को लेकर बयान जारी किया है.

    उन्होंने अपने बयान में कहा, “भारत सरकार ने आदेश जारी किया है, जिसमें एक्स के कुछ अकाउंट और पोस्टों पर कार्रवाई करने को कहा गया है. कहा गया है कि उन अकाउंट और पोस्ट को ब्लॉक किया जाए क्योंकि ये भारत के क़ानून के मुताबिक़ दंडनीय है.”

    “आदेश का पालन करते हुए हम इन अकाउंट और पोस्टों को केवल भारत में ही ब्लॉक करेंगे. हालाँकि, हम इससे असहमत हैं और मानते हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए. ”

    “भारत सरकार के आदेश के ख़िलाफ़ हमारे रुख़ वाली एक रिट अपील अब भी पेंडिंग है. हमारी नीति के अनुसार, हमने इन अकाउंट्स के यूज़र्स को सूचना दे दी है. क़ानूनी वजहों से हम भारत सरकार का आदेश शेयर नहीं कर सकते. लेकिन हमारा मानना है कि इस आदेश को सार्वजनिक करना पार्दशिता के लिहाज से सही है.”

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    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आईटी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के अनुरोध पर सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को 177 अकाउंट को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का आदेश दिया है, जो किसानों के विरोध प्रदर्शन से पोस्ट शेयर कर रहे हैं.

  20. संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा- मोदी सरकार है युवा किसान की मौत के लिए ज़िम्मेदार

    किसान संगठन

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    संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के दौरान एक युवा किसान की मौत पर शोक जताते हुए आरोप लगाया है कि ‘ वर्तमान संकट और एक शख़्स की मौत के लिए ज़िम्मेदार सिर्फ़ मोदी सरकार है.’

    किसानों के संगठन ने स्थिति पर चर्चा करने और 'प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की निर्णायक नीति' तैयार' करने के लिए 22 फरवरी को अपनी राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक बुलाई है.

    बुधवार को किसानों के प्रदर्शन के दौरान मारे गए 21 साल के नौजवान की पहचान शुभकरण सिंह के रूप में हुई है. शुभकरण सिंह बठिंडा ज़िले के बालोक गांव के रहने वाले थे.

    पंजाब और हरियाणा के बीच स्थित खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में उनकी मौत हुई और कुछ अन्य लोग घायल भी हुए हैं.

    किसान संगठन एसकेएम ने अपने बयान में कहा- “हरियाणा-पंजाब सीमा पर पुलिस के क्रूरतापूर्ण दमन और गोलीबारी में भटिंडा ज़िले के बालोक गांव के किसान शुभकरण सिंह की हत्या का हम कड़ा विरोध करते है.”

    “रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षाबलों के दमन में लगभग 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. यह किसान परिवारों की रोजी-रोटी कमाने वालों पर क्रूर हमला है, ये किसान प्रधानमंत्री के किए गए वादों को पूरा कराने के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे."

    "9 दिसंबर 2021 को एसकेएम के साथ हुए समझौते को लागू करने में फेल रहे प्रधानमंत्री और उनके मंत्री वर्तमान संकट और किसान की मौत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं.”

    इस टकराव के बाद किसानों ने ‘दिल्ली कूच मार्च’ को दो दिनों के लिए रोका है.

    बुधवार शाम की गई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने ये जानकारी दी.

    उन्होंने कहा, "केंद्र की मोदी सरकार नोट कर ले कि ये मोर्चा (प्रदर्शन) रुकने नहीं वाला है. खनौरी वाली सारी घटना का जायज़ा लेकर अगली रणनीति दो दिनों में स्पष्ट करेंगे. दिल्ली कूच पर दो दिनों तक रोक रहेगी. उसके बाद फ़ैसला लेंगे."