राजस्थान: हिजाब पर बीजेपी विधायक के बयान से बवाल, मुस्लिम छात्राओं का विरोध प्रदर्शन
उनके इस बयान के बाद बड़ी तादाद में मुसलमान छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए थाने पर प्रदर्शन किया.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and चंदन शर्मा
राजस्थान: हिजाब पर बीजेपी विधायक के बयान पर बवाल, मुस्लिम छात्राओं का विरोध प्रदर्शन,
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जयपुर के हवामहल विधानसभा
क्षेत्र के बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने स्कूलों में हिजाब पहनकर आने पर आपत्ति
जताते हुए इसे बंद करने की मांग की है.
एक स्कूल के कार्यक्रम
में विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा, "हिजाब ने माहौल ख़राब कर रखा है. इसलिए स्कूलों में इसे बंद करना चाहिए."
उनके इस बयान के बाद
बड़ी तादाद में मुसलमान छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए थाने पर प्रदर्शन किया
और विधायक पर कार्रवाई करने की मांग की.
इस प्रदर्शन के दौरान
छात्राओं के साथ उनके परिजन भी मौजूद थे.
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प्रदर्शन कर रही एक लड़की ने विधायक आचार्य के बारे में कहा- ''ख़ुद भगवा पहन कर विधानसभा जाते हैं और हमें कहते हैं हिजाब मत पहनो.''
जयपुर में मीट दुकानों को बंद कराने और अपने विवादित बयानों को लेकर विधायक बालमुकुंद आचार्य पहले भी विवादों में रहे हैं.
विधानसभा में उठा यह मुद्दा
उधर विधानसभा में विधायक रफ़ीक़ ख़ान ने यह मुद्दा उठाया.
लेकिन राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने विधायक बालमुकुंद आचार्य का बचाव किया है.
डॉ मीणा ने कहा, "कितने ही मुस्लिम देशों में हिजाब और बुर्का पर प्रतिबंध लगा हुआ है. हिजाब और बुर्का, जो आक्रमणकारी आए थे, जो मुगल आए थे, ये उनकी देन है. बच्चों को ये सब छोड़ देना चाहिए."
उन्होंने ये भी कहा कि वे इस मामले पर मुख्यमंत्री से बात करेंगे.
सूडान और दक्षिण सूडान के दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में 52 लोगों की मौत, कई अन्य घायल
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संयुक्त राष्ट्र संघ ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि सूडान और दक्षिण सूडान की सीमा पर दो गुटों के बीच हुई भीषण लड़ाई में दो शांतिरक्षक सैनिकों सहित 52 लोग मारे गए हैं. इस लड़ाई में 64 लोग घायल भी हुए हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अबेई के एक मंत्री के हवाले से बताया है कि दक्षिण सूडान के वारेप स्टेट के हथियारबंद लोगों ने शनिवार को पड़ोसी अबेई इलाक़े पर हमले किए.
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समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस एजेंसी के अनुसार, ज़मीन को लेकर दो गुटों ट्विक डिंका और न्गोक डिंका के बीच ये लड़ाई हुई.
दक्षिण सूडान और सूडान दोनों अबेई पर अधिकार होने का दावा करते हैं. दोनों देशों के बीच 2011 में बंटवारा होने के बाद से अभी तक इस इलाक़े को लेकर विवाद नहीं सुलझ पाया है.
इलाक़े में तैनात संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा बल 'यूनिस्फा' ने कहा है कि शनिवार को उसके ठिकाने पर हुए हमले में घाना के एक शांतिरक्षक सैनिक की मौत हो गई.
यूनिस्फा के अनुसार, रविवार को पाकिस्तान के एक शांतिरक्षक की गोली लगने से मौत हो गई. यह सैनिक घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में जुटा था.
सीरिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों में तीन सैनिकों की मौत, ईरान ने दी सफ़ाई
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इमेज कैप्शन, अमेरिका ने हमले वाले ठिकाने को 'टॉवर 22' का नाम दिया था.
जाॅर्डन की सीमा के
पास सीरिया में स्थित अमेरिकी सेना के तीन ठिकानों पर रविवार को हुए ड्रोन हमलों में
अमेरिका के तीन सैनिक मारे गए और कई दर्ज़न घायल हुए.
अमेरिका ने इन हमलों
के लिए ‘ईरान समर्थित कट्टर चरमपंथी समूहों’ को ज़िम्मेदार ठहराया. लेकिन ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ताज़ा हमलों में अपनी किसी भूमिका से इनकार किया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति
जो बाइडन ने इन हमलों का बदला लेने की क़सम खाई है. उन्होंने कहा है, ‘‘हम
जवाब देंगे.’’
वैसे ‘इस्लामिक रेज़िस्टेंस इन इराक़’ ने इन हमलों की जिम्मेदारी
ली है. 2023 के आखि़र में सामने आए इस समूह में इराक़ में सक्रिय
और ईरान के समर्थन वाले कई लड़ाके शामिल हैं.
इस समूह का ये भी दावा
है कि आने वाले समय में अमेरिकी बलों पर और हमले किए जाएंगे. समूह ने एक बयान
जारी करके कहा है कि उसने सीरिया में शद्दादी, तन्फ़ और रुकबान में
हमले किए हैं.
इसराइल और हमास के बीच
युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया में हुए किसी हमले में पहली बार अमेरिका का कोई
सैनिक मारा गया है. हालांकि अमेरिकी सेना के ठिकानों पर हमले हुए थे, लेकिन
अब तक किसी सैनिक की मौत नहीं हुई थी.
जापान ने चंद्रमा पर भेजे गए लैंडर के बारे में दी ये खुशख़बरी, केली एनजी, बीबीसी न्यूज़
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जापान का मून लैंडर एक सप्ताह तक बंद रहने के बाद एक बार फिर से चालू हो गया है. पावर सप्लाई में समस्या की वजह से ये लैंडर बंद पड़ा था.
जापान एरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी ने कहा कि रविवार रात उन्होंने एक बार फिर से लैंडर से संपर्क साधा, जिससे ये संकेत मिले कि लैंडर में आ रही तकनीकी समस्या अब दूर हो गई है.
जापान की स्पेस एजेंसी ने कहा कि सूरज की रोशनी मिलने से लैंडर के सोलर सेल फिर से काम करने लगे हैं.
सोलर सेल के सूरज से दूर होने की वजह से 20 जनवरी को चांद पर लैंड करने के बाद लैंडर ऊर्जा का उत्पादन नहीं कर पा रहा था.
जापान चांद पर अपना लैंडर भेजने वाला पाँचवां देश है. इससे पहले अमेरिका, पूर्व सोवियत संघ, चीन और भारत ने ये मुकाम हासिल किया है.
जापान के स्पेस एजेंसी को ये उम्मीद थी कि जब सूरज की रोशनी सोलर सेल पर पड़ेगी तो इसमें बिजली उत्पादन होने लगेगा और इसलिए कुछ घंटों तक बैटरी पर चलने के बाद स्पेसक्राफ्ट को बंद कर दिया गया था.
सोशल मीडिया साइट एक्स पर जाक्सा ने अपने मून मिशन 'स्लिम' की ओर से खींची गई तस्वीर शेयर की. ये लैंडर चांद की सतह पर मौजूद चट्टानों की संरचना का अध्ययन करेगा और चांद के बनने से जुड़े सुराग जुटाएगा.
बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ संपन्न हुआ गणतंत्र दिवस समारोह, तस्वीरों में देखिए
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इमेज कैप्शन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी से शुरू होने वाला गणतंत्र दिवस समारोह ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी के पूरा होते ही संपन्न हो गया है.
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के पास स्थित विजय चौक पर सेना के तीनों अंगों के बैंड ने रविवार को ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी में भाग लिया.
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इमेज कैप्शन, इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि थीं.
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी इस अवसर पर उपस्थित थे.
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इमेज कैप्शन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट भी वहां मौजूद थे.
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इमेज कैप्शन, सेना के तीनों अंगों के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी विजय चैक पर मौजूद थे.
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इमेज कैप्शन, बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन हर साल 29 जनवरी को होता है.
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इमेज कैप्शन, सेना के बैरक में लौटने के प्रतीक के रूप में यह समारोह मनाया जाता है.
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इमेज कैप्शन, 1950 में देश के गणतंत्र बनने के बाद से अब तक केवल दो बार 2001 और 2009 में इस समारोह का आयोजन नहीं हो पाया था.
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इमेज कैप्शन, ठंड के बावजूद इस समारोह को देखने के लिए विजय चौक पर काफी लोग मौजूद थे. दर्शकों में इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह देखा गया.
दिनभर: सूत्रधार नीतीश कुमार के झटके से क्या उबर पाएगा 'इंडिया'?, सुनिए मोहनलाल शर्मा और प्रेरणा से
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मालदीव: राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू के ख़िलाफ़ महाभियोग लाने की तैयारी में मुख्य विपक्षी दल
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मालदीव का मुख्य विपक्षी दल 'एमडीपी' राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है.
स्थानीय मीडिया आउटलेट सन इंटरनेशनल की ख़बर के अनुसार, एमडीपी ने महाभियोग चलाने के प्रस्ताव पर पर्याप्त संख्या में सांसदों का समर्थन पा लिया है. इसमें एमडीपी के साथ डेमोक्रेट्स भी हैं.
एमडीपी के एक सांसद ने सन इंटरनेशनल को इसकी जानकारी दी है. हालांकि, ये प्रस्ताव अभी भी जमा नहीं किया गया है.
हाल ही में मालदीव की संसद में महाभियोग प्रस्ताव जमा कराने से जुड़े नियमों को आसान बनाया गया है.
एमडीपी और डेमोक्रेट्स के पास कुल 56 सांसद हैं. इनमें से 43 एमडीपी के और 13 डेमोक्रेट्स के हैं. संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति पर महाभियोग प्रस्ताव पास करने के लिए 56 वोटों की ही ज़रूरत है.
संसद में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने के अगले ही दिन राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने के प्रस्ताव पर समर्थन जुटाया जा रहा है. मालदीव की संसद में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का ताल्लुक एमडीपी से है.
ताज़ा विवाद एमडीपी की ओर से मुइज़्ज़ू की कैबिनेट में चार सदस्यों को शामिल करने से रोकने पर शुरू हुआ.
इस मामले पर रविवार को संसद में वोटिंग के दौरान झड़प तक हो गई. इसके कई विज़ुअल सोशल मीडिया पर भी आए. कुछ सांसद स्पीकर की कुर्सी पर भोंपू बजाकर विरोध करते भी नज़र आए.
कांग्रेस चीफ़ मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- 2024 में मोदी आए तो फिर देश में नहीं होंगे चुनाव
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन
खड़गे ने केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि लोकसभा का यह चुनाव
देश का आखि़री चुनाव होगा.
ओडिशा की एक सभा में
खड़गे ने सोमवार को कहा, ‘‘ये आख़िरी चुनाव है. मोदी अगर फिर से आए, तो
चुनाव नहीं होंगे और देश में तानाशाही आ जाएगी. तुम मानो या न मानो.’’
मल्लिकार्जुन खड़गे ने
नीतीश कुमार का नाम लिए बिना उनके इंडिया गठबंधन छोड़ने और एनडीए का दामन थामने का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, ‘‘परसों
ही हमारे इंडिया गठबंधन के एक नेता को उधर लेकर चले गए.’’
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खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘एक एक को नोटिस देना, डराना, धमकाना. कहना कि उसकी दोस्ती यदि नहीं छोड़ेंगे फिर हम देख लेंगे. डर कर कोई दोस्ती, कोई पार्टी, तो कोई गठबंधन छोड़ रहा है.’’
पार्टी या गठबंधन छोड़ने वाले नेताओं पर तंज़ करते हुए कहा, ‘‘अरे! इतने डरपोक लोग अगर रहे तो क्या ये मुल्क बचेगा. क्या ये संविधान बचेगा. क्या ये लोकतंत्र बचेगा.’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने व्लादिमीर पुतिन के शासन में रूस में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का ज़िक्र करते हुए भी आरोप लगाए हैं.
खड़गे ने कहा, ‘‘ये आखि़री मौक़ा है वोट देने का. इसके बाद कोई वोट नहीं देगा. रूस में पुतिन को जो प्रेसिडेंट इलेक्शन होता है न, वैसा ही होता चला जाएगा. इसके बाद कोई चुनाव नहीं.’’
उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करना, लोकतंत्र की रक्षा करना, बार बार चुनाव होने की जिम्मेदारी आप पर है. आप चाहते हैं तो लोकतंत्र बचेगा, नहीं तो नहीं बचेगा.
सरकार ने चरमपंथी संगठन ‘सिमी’ पर लगे प्रतिबंध को पांच साल के लिए बढ़ाया
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केंद्र सरकार ने चरमपंथी
संगठन ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया (सिमी) पर लगे प्रतिबंध को एक बार
फिर पांच साल के लिए बढ़ा दिया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय
ने सोशल मीडिया साइट एक्स के अपने हैंडल से किए एक ट्वीट में यह जानकारी दी है.
इस ट्वीट के अनुसार,
सिमी को यूएपीए के तहत अगले पांच साल के लिए
‘ग़ैरक़ानूनी संगठन’ घोषित किया जाता है.
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मंत्रालय के अनुसार, सिमी को चरमपंथ भड़काने, शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की घटनाओं मंे लिप्त पाया गया. इससे देश की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को ख़तरा है.
सिमी की स्थापना उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अप्रैल 1977 में हुई थी. संस्था की गतिविधियों को देश के लिए ख़तरनाक़ मानते हुए इस पर 2001 में प्रतिबंध लगा दिया गया था.
2008 में कुछ समय के लिए इस पर से प्रतिबंध हटा लिया गया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर लगे प्रतिबंध जल्द ही बहाल करने का आदेश दिया था.
जेएमएम ने बताया- हेमंत सोरेन व्यक्तिगत काम से दिल्ली में हैं, बीजेपी ने किया था 'लापता' होने का दावा,
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बीजेपी की ओर से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 'लापता' होने के आरोप पर उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जवाब दिया है.
जेएमएम ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया है कि मुख्यमंत्री सोरेन निजी काम से दिल्ली में हैं और वो 31 जनवरी को पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश हो सकते हैं.
जेएमएम के केंद्र प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, "झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व्यक्तिगत काम से दिल्ली गए हैं. उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को 31 जनवरी की दोपहर एक बजे रांची स्थित अपने आवास पर बुलाया है, ताकि ईडी अधिकारी कथित ज़मीन हेराफेरी के मामले में उनका बयान दर्ज कर सकें. ईडी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उनका बयान फिर से दर्ज करने की इच्छा जताई थी. मुख्यमंत्री ने उसका जवाब भेज दिया है."
उन्होंने कहा कि यह हास्यास्पद है कि ईडी उस ज़मीन के बारे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ करना चाहता है, जिसकी ख़रीद-बिक्री हो ही नहीं सकती.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “बड़गाई अंचल की वह ज़मीन भुईहरी (पूर्वजों द्वारा जंगल साफ़ करके आबाद की गई ज़मीन) है, जिसे ख़रीदा या बेचा नहीं जा सकता. उस पर वहां रहने वाले कुछ पाहन लोगों का 50 सालों से क़ब्ज़ा है. फिर भी ईडी मुख्यमंत्री का बयान दर्ज करना चाहता है, तो उसका स्वागत है.”
उन्होंने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि ईडी राजनीतिक इशारे पर काम कर रहा है. मुख्यमंत्री से ईडी ने बीती 20 जनवरी को 17-18 सवाल पूछे थे. उनमें ज़्यादातर उनके द्वारा चुनाव आयोग को दिए हलफ़नामे से संबंधित थे. वे सार्वजनिक दस्तावेज हैं, जो आयकर के पास भी है. फिर भी उस बारे में पूछताछ की गई. बाद में उन लोगों ने सोहराई भवन और बड़गाई की ज़मीन के बारे में कुछ सवाल पूछे. जिनका मुख्यमंत्री से कोई लेना-देना नहीं है.”
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम क़रीब तीन महीने पहले से तय रहता है. अभी 2 और 4 फरवरी को हमारी पार्टी का दुमका और धनबाद में कार्यक्रम है. 9 से 29 फ़रवरी तक विधानसभा का बजट सत्र चलना है. यह निर्णय कैबिनेट की बैठक मे लिया गया था. ऐसे में मुख्यमंत्री को तंग करना गैर-वाजिब और असंवैधानिक है. इससे जनप्रतिनिधि को काम करने में दिक़्क़त होती है.
उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को जैसे पेश किया जा रहा है, वो लोकतांत्रिक मूल्यों के ख़िलाफ़ है.
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इमेज कैप्शन, जेएमएम प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य
क्या था बीजेपी का आरोप?
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने हेमंत सोरेन के गायब होने का दावा करते हुए तंज़ भरे ट्वीट किए थे.
बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि यदि सीएम सोरेन के लापता होने की ख़बर सही है, तो यह झारखंड के लिए संवैधानिक संकट की स्थिति है.
वहीं निशिकांत दुबे ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि हेमंत सोरेन या तो दिल्ली से भाग गए हैं या बीमार हैं या उनका अपहरण हो गया है.
जसप्रीत बुमराह को इंग्लैंड के बल्लेबाज़ ओली पोप से टकराने पर आईसीसी ने फटकारा
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भारत के तेज़
गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी क़रार दिया है.
आईसीसी ने अपने एक बयान में बताया है कि बुमराह
पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाज़ ओली पोप के सामने ग़लत तरीके़ से आ गए.
आईसीसी के अनुसार, यह नियमावली के अनुसार लेवल
‘एक’ क़िस्म का अपराध है. पिछले 24 महीनों के दौरान बुमराह ने पहली बार इस तरह का ‘अपराध’
किया है. इसलिए फटकार लगाने के साथ उनके रिकॉर्ड
में एक ‘डिमेरिट प्वाइंट’ जोड़ दिया गया है.
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आईसीसी ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि ओली पोप से बुमराह के टकराने के मामले की शिकायत चारो अंपायरों ने की थी.
आईसीसी के अनुसार, बुमराह ने मैच रेफरी रिची रिचर्डसन द्वारा दी गई सज़ा स्वीकार कर ली है. इसलिए अब इस मामले की आगे कोई सुनवाई नहीं होगी.
लेवल ‘एक’ के अपराध में चेतावनी देने के साथ मैच फीस के 50 फीसदी के बराबर का जुर्माना लगाया जा सकता है.
पटना से LIVE: बिहार में नीतीश ने फिर बदले सियासी समीकरण, क्या कह रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार?
पटना से LIVE: बिहार में नीतीश ने फिर बदले सियासी समीकरण. वरिष्ठ पत्रकारों से बात कर रहे हैं बीबीसीसंवाददाता अभिनव गोयल. (कैमरा- सेराज अली)
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रविंद्र जडेजा और केएल राहुल इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट से हुए बाहर, सरफ़राज़ को टीम में मिली जगह
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इंग्लैंड के खिलाफ़ चल रही पाँच मैचों की टेस्ट सिरीज़ के दूसरे मुक़ाबले से रविंद्र जडेजा और केएल राहुल बाहर हो गए हैं.
बीसीसीआई ने इसकी जानकारी दी है. ये मैच दो फ़रवरी से विशाखापत्तनम में होना है.
हैदराबाद टेस्ट के चौथे दिन रविंद्र जडेजा को हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई थी, जबकि केएल राहुल ने भी दाएं पैर की मांसपेशियों में दर्द की शिकायत की थी.
बीसीसीआई की मेडिकल टीम दोनों खिलाड़ियों की निगरानी कर रही है.
चयन समिति ने टीम में सरफ़राज़ ख़ान, सौरभ कुमार और वॉशिंगटन सुंदर को शामिल किया है.
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वहीं इंडिया ए में वॉशिंगटन सुंदर की जगह सारांश जैन को जगह मिली है.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे मैच में भारतीय क्रिकेट टीम में रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, यशस्वी जायसवास, श्रेयस अय्यर, केएस भरत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार, जसप्रीत बुमराह (उपकप्तान), आवेश खान, रजत पाटीदार, सरफ़राज़ ख़ान, वॉशिंगटन सुंदर और सौरभ कुमार होंगे.
15 राज्यों में राज्यसभा की 56 सीटों पर 27 फ़रवरी को होगा चुनाव, उसी दिन मतगणना भी होगी
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15 राज्यों में राज्यसभा की 56 सीटों के लिए 27 फ़रवरी को चुनाव होंगे. निर्वाचन आयोग ने सोमवार को इसकी जानकारी दी.
राज्यसभा के इन 56 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2024 में पूरा हो रहा है.
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 27 फ़रवरी को सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम पाँच बजे के करीब मतों की गणना होगी.
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जिन 56 सीटों पर चुनाव होना है उनमें आंध्र प्रदेश की तीन, बिहार की छह, छत्तीसगढ़ की एक, गुजरात की चार, हरियाणा की एक, हिमाचल प्रदेश की एक, कर्नाटक की चार, मध्य प्रदेश की पाँच, महाराष्ट्र की छह, तेलंगाना की तीन, उत्तर प्रदेश में 10, उत्तराखंड में एक, पश्चिम बंगाल में पाँच, ओडिशा में तीन और राजस्थान की तीन सीटें हैं.
निर्वाचन आयोग की ओर से जो शेड्यूल जारी किया गया है उसके अनुसार आठ फ़रवरी को अधिसूचना जारी होगी, 15 फ़रवरी तक नामांकन किया जा सकता है और 20 फरवरी तक नाम वापस लिया जा सकता है.
ईडी के सामने पेश न होने के बाद बीजेपी ने हेमंत सोरेन के ‘लापता’ होने का दावा किया, राज्यपाल से की ये मांग
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भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड के मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन पर प्रवर्तन निदेशालय के डर से ‘लापता’ होने का आरोप लगाया है.
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के
प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने हेमंत सोरेन
के गायब होने का दावा करते हुए तंज़ भरे ट्वीट किए हैं.
वहीं, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि सीएम को ईडी के सवालों का जवाब देना चाहिए. राज्यपाल के अनुसार, "मुख्यमंत्री को आज न कल जवाब देने ही होंगे. वह देश के ज़िम्मेदार नागरिक हैं. उन्हें क़ानून का पालन करना चाहिए.”
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दोनों नेताओं ने राज्य के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्य सचिव और डीजीपी से मुख्यमंत्री का पता लगाने की मांग की है.
बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि यदि सीएम सोरेन के लापता होने की ख़बर सही है, तो यह झारखंड के लिए संवैधानिक संकट की स्थिति है.
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वहीं निशिकांत दुबे ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि हेमंत सोरेन या तो दिल्ली से भाग गए हैं या बीमार हैं या उनका अपहरण हो गया है.
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क्या है मामला
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी, मनी लाॅन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे सीएम हेमंत सोरेन से पूछताछ करना चाहता है. इसके लिए ईडी के अधिकारी सोमवार की सुबह हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे, लेकिन वे वहां नहीं मिले.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईडी अधिकारियों ने उनके ड्राइवर के साथ दिल्ली स्थित झारखंड भवन के कर्मचारियों के फोन को भी अपने क़ब्ज़े में ले लिया.
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इमेज कैप्शन, दिल्ली जाने से पहले सीएम हेमंत सोरेन आख़िरी बार राजभवन के एक कार्यक्रम में दिखे थे.
हेमंत सोरेन 27 जनवरी की शाम चार्टर फ़्लाइट से दिल्ली गए थे. दिल्ली जाने से ठीक पहले वे राजभवन में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया है कि सीएम अभी दिल्ली में ही हैं.
वहीं उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व्यक्तिगत काम से दिल्ली गए हैं.
इमेज स्रोत, Ravi Prakash
बीबीसी के सहयोगी रवि प्रकाश के अनुसार ये दावा किया जा रहा है कि सीएम सोरेन ने ईडी अधिकारियों को एक ईमेल भेजा है. इस मेल में उन्होंने ईडी को बताया है कि वे 31 जनवरी को दोपहर एक बजे पूछताछ के लिए ख़ुद ईडी दफ़्तर जाएंगे.
रांची में मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाक़ों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. रांची के डीएम ने बताया है कि पुलिस बल की यह तैनाती जेएमम कार्यकर्ताओं के राजभवन मार्च करने के कारण की गई है.
फ़िलहाल जेएमएम के सैकड़ों कार्यकर्ता राजभवन कूच कर रहे हैं. जेएमएम ने सोमवार दोपहर बाद साढ़े तीन बजे रांची में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाई है.
सालों से लंबित पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना पर राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच हुआ अहम समझौता,
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राजस्थान के 13 ज़िलों
में चंबल और सहायक नदियों का पानी पहुंचाने से जुड़ी 'पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना' (ईआरसीपी) को लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच रविवार को दिल्ली में अहम समझौता हुआ है.
यह समझौता परियोजना में संशोधन होने के बाद हुआ है. ईआरसीपी अब 'पार्वती-काली सिंध-चंबल पूर्वी राजस्थान नहर लिंक परियोजना' कहलाएगी.
इस परियोजना से
राजस्थान के 13 और मध्य प्रदेश के भी 13 ज़िलों को पानी मिलेगा.
राजस्थान को इस परियोजना से क़रीब 2.80 लाख हेक्टेयर (2,800 वर्ग किलोमीटर) क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा.
इस परियोजना को अब केंद्र की 'नदी जोड़ो परियोजना' में शामिल कर लिया गया है. इस परियोजना की लागत का 90
फ़ीसदी पैसा केंद्र सरकार देगी.
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इमेज कैप्शन, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा.
राजस्थान विधानसभा चुनाव में दोनों ही दलों ने इस परियोजना को चुनावी मुद्दा बनाते हुए एक दूसरे पर आरोप लगाए थे.
साल 2017-18 में बीजेपी की तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार ने पानी की कमी से जूझ रहे ज़िलों के लिए ईआरसीपी की योजना बनाई थी. लेकिन, चंबल के पानी के बंटवारे को लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच विवाद हो रहा था.
पिछली अशोक गहलोत सरकार ने इस परियोजना को केंद्रीय परियोजना घोषित करने के लिए कई बार केंद्र की मोदी सरकार को पत्र लिखे थे.
गहलोत सरकार ने क़रीब 14 हज़ार करोड़ रुपए का बजट भी जारी किया था.
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इमेज कैप्शन, दिल्ली में हुए समझौते के बाद सोमवार को जयपुर पहुंचे सीएम भजन लाल का स्वागत करते समर्थक.
जयपुर में बैठक और दिल्ली में समझौता
इस परियोजना पर बातचीत के लिए मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव रविवार को जयपुर पहुंचे. यहाँ उन्होंने राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा से मुलाक़ात की.
इसके बाद दोनों मुख्यमंत्री एक साथ दिल्ली गए और वहां केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की. इस मुलाक़ात में ही इस परियोजना पर दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए.
राजस्थान में बीजेपी के कैबिनेट मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने बीबीसी से फोन पर कहा, "इस परियोजना से कृषि उत्पादन में वृद्धि होने से आय में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे."
उन्होंने कहा, "चंबल का पानी बहकर समुद्र में गिर जाता है. मैं दशकों से इस पानी को लिफ्ट कर अपने इलाक़े को पानी देने की माँग करता रहा हूँ. आज वो सपना पूरा हो गया."
ईरान ने इसराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में चार लोगों को दी सज़ा-ए-मौत
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ईरान ने सोमवार तड़के इसराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में चार लोगों को मौत की सज़ा दे दी.
समाचार एजेंसी एएफ़पी की ख़बर के अनुसार इन चार लोगों की पहचान मोहम्मद फ़रामर्ज़ी, मोहसिन मज़लूम, वफ़ा अज़रबर, पेजमन फ़तेही के तौर पर हुई है.
इन चारों को जुलाई 2022 में इशफ़हान प्रांत में रक्षा मंत्रालय के केंद्र पर हमले की साज़िश रचने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.
ईरान की समाचार एजेंसी मिज़ान के हवाले से एएफ़पी ने लिखा है, "सोमवार की सुबह मौत की सज़ा पाने वाले ये चारों सदस्य ज़ायनिस्ट (इसराइल) ख़ुफ़िया संगठन से जुड़े थे. इन्हें इशफ़हान में हम हमले की साज़िश रचने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था."
ईरान के अनुसार इन चारों को इसराइल की ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने अपने अभियान से एक-डेढ़ साल पहले भर्ती किया था.
मिज़ान ऑनलाइन की ख़बर के अनुसार, इन चारों को सैन्य प्रशिक्षण देने के लिए अफ़्रीकी देशों में भेजा गया, जहाँ मोसाद के अधिकारी मौजूद थे.
इन चारों को सितंबर 2023 में मौत की सज़ा सुनाई गई थी.
अगस्त 2023 में ही ईरान ने दावा किया था कि उसने मोसाद की अगुवाई में शुरू हुए एक अभियान का पर्दाफ़ाश किया है. ईरान के अनुसार इस ऑपरेशन का मकसद उसके बैलिस्टिक मिसाइल इंडस्ट्री को पूरी तरह बर्बाद करना था. इससे कुछ महीने पहले यानी बीती फ़रवरी में ईरान ने इसराइल पर इशफ़हान के एक सैन्य ठिकाने पर हुए ड्रोन हमले में शामिल होने का भी आरोप लगाया था.
ईरान और इसराइल दोनों ही देश दशकों से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं.
'हनुमान ध्वज' पर तनाव के बीच कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने कहा- बीजेपी और जेडीएस लोगों को क्यों उकसा रही है?
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कर्नाटक के मांड्या ज़िले
में एक 108 फीट ऊंचे पोल पर लगाए गए 'हनुमान ध्वज' को प्रशासन की ओर से हटाए जाने के बाद
विवाद बढ़ता जा रहा है.
आस-पास के गांव में तनाव
को देखते हुए मांड्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.
सीएम सिद्धारमैया ने सवाल
उठाया है कि आखिर बीजेपी और जेडीएस लोगों को क्यों उकसा रहे हैं?
उन्होंने
मीडिया से बात करते हुए कहा- “ मेरा कहना है कि वे (बीजेपी और जनता दल-सेक्युलर) लोगों को
क्यों भड़का रहे हैं? किस लिए? मुझे बताइए वे ये सब किसलिए कर रहे हैं?”
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रविवार को मांड्या ज़िले के केरागोडु गांव में 108 फीट ऊंचे पोल पर लगाए गए 'हनुमान ध्वज' प्रशासन ने हटा दिया और इसकी जगह तिरंगा झंडा लगाया.
जब 'हनुमान ध्वज’ को हटाया जा रहा था तो आस-पास के कुछ गांव वालों के साथ बीजेपी और बजरंग दल के समर्थकों ने इसका विरोध किया और जामकर नारेबाज़ी की. इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज की.
इस घटना के बाद मांड्या के कुछ इलाकों में तनाव पैदा हो गया है जिस देखते हुए सुरक्षा बल को तैनात किया गया है.
इससे पहले सिद्धारमैया ने कहा था,“इतने ऊंचे पोल पर 'हनुमान ध्वज' की बजाय 'राष्ट्रीय ध्वज' को फहराया जाना चाहिए था. राष्ट्रीय ध्वज की जगह ये झंडा फहराना सही नहीं है.”
न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की न्यायिक हिरासत 17 फ़रवरी तक बढ़ी
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न्यूज़ बेवसाइट न्यूज़क्लिक
के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की न्यायिक हिरासत 17 फ़रवरी तक बढ़ा दी गयी है.
दिल्ली की पटियाला हाउस
कोर्ट ने हिरासत बढ़ाने का फ़ैसला दिया है.
बीते साल अक्टूबर में प्रबीर
पुरकायस्थ और न्यूज़क्लिक के ह्यूमन रिसोर्सेज़ के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार
किया गया.
इन दोनों लोगों पर ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं
के तहत गिरफ़्तार किया गया है.
ये मामला न्यूज़क्लिक को
मिली फ़ंडिंग से जुड़ा हुआ है.
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बीते साल अगस्त में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में न्यूज़क्लिक वेबसाइट पर आरोप लगाए गए थे कि चीन का प्रॉपेगैंडा फैलाने के लिए चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के क़रीबी और अमेरिकी करोड़पति ने उन्हें फंडिंग की.
इसके बाद बीते साल अक्टूबर में न्यूज़क्लिक के लिए काम करने वाले कई जाने-माने पत्रकारों के घर पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छापे मारे थे.
कई पत्रकारों से पुलिस ने घंटो पूछताछ की थी.जिन लोगों के आवास पर छापे मारे गए उनमें प्रबीर पुरकायस्थ, पत्रकार अभिसार शर्मा, औनिंद्यो चक्रवर्ती, भाषा सिंह, व्यंग्यकार संजय राजौरा, इतिहासकार सोहेल हाशमी शामिल थे.
इस छापे के बाद ही दिल्ली पुलिस ने प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को गिरफ़्तार कर लिया था.
बीते साल ईडी की छापेमारी के बाद कारवां को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने जो भी किया वह सब पारदर्शी तरीके और कानून के अनुरूप किया.
एनडीए में जाने के बाद जेडीयू नेता ने कांग्रेस को बताया 'अछूत पार्टी', राहुल गांधी को भी घेरा
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इमेज कैप्शन, केसी त्यागी
नीतीश कुमार के पाला बदलकर एनडीए में आने के बाद उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के नेता केसी त्यागी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है.
केसी त्यागी ने कांग्रेस पर क्षेत्रीय पार्टियों को ख़त्म करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक बार ये कहा था कि क्षेत्रीय पार्टियों की कोई विचारधारा नहीं होती. इसी से ख़िन्न होकर जेडीयू ने अलग होने का फ़ैसला किया.
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केसी त्यागी ने कहा, "इंडिया गठबंधन के घटक दलों में समन्वय कायम नहीं हो पाया. बाहर से देखने पर सब सामान्य था. कांग्रेस पार्टी घटक दलों के साथ राजनीति करने में लगी थी. हम इसको मज़बूत करने में लगे थे और वह इसके बड़े पदों को हथियाने में लगी थी. सपा, डीएमके चाहे टीएमसी हो, चाहे कोई और पार्टी हो...सबको राजनीतिक तौर पर कमज़ोर करने के प्रयास जारी थे."
"यूं भी ये जो घटक दल हैं, कांग्रेस पार्टी से लड़कर ही अस्तित्व में आए हैं. लिहाजा कांग्रेस पार्टी इन्हें ख़त्म करना चाहती थी और एक अवसर पर राहुल गांधी कह भी चुके थे कि क्षेत्रीय दलों की कोई विचारधारा नहीं होती. उसी से ख़िन्न और क्षुब्ध होकर, संस्थापक सदस्य होते हुए भी हमने उनसे (इंडिया) नाता तोड़ा. निकट भविष्य में भी इसका (इंडिया) कोई भविष्य नहीं है."
केसी त्यागी ने बिहार के सियासी घटनाक्रम को पूर्व नियोजित बताने को लेकर कहा कि अगर ये प्री प्लान्ड था तो फिर हमने आपके (कांग्रेस) जैसी अछूत पार्टी के साथ ममता बनर्जी को, अरविंद केजरीवाल जी को, अखिलेश यादव जी को क्यों बैठाया?