हमास ने कहा-जब तक युद्ध ख़त्म नहीं होगा, बंधकों को छोड़ने पर कोई बातचीत नहीं होगी

हमास ने कहा है कि फ़लस्तीनी समूहों ने आगे बंधकों को छोड़े जाने के विचार को ख़ारिज कर दिया है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and स्नेहा

  1. हमास ने कहा-जब तक युद्ध ख़त्म नहीं होगा, बंधकों को छोड़ने पर कोई बातचीत नहीं होगी

    इसराइली बंधकों पर हमास का बयान

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    हमास ने कहा है कि फ़लस्तीनी समूहों ने आगे बंधकों को छोड़े जाने के विचार को ख़ारिज कर दिया है. हमास ने कहा कि जब तक इसराइल युद्ध ख़त्म करने पर सहमति नहीं जताएगा, वो बंधकों को नहीं छोड़ेंगे.

    टेलीग्राम पर अरबी भाषा में जारी बयान में हमास ने कहा, " फ़लस्तीन के लोगों का निर्णय है कि बंधकों या कैदियों की अदला बदली को लेकर आगे कोई बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी जब तक आक्रमकता ख़त्म नहीं होती.

    हालांकि, अब तक ये स्पष्ट नहीं है कि हमास किन समूहों का हवाला दे रहा है. ग़ज़ा पट्टी में इस्लामिक जिहाद एक छोटा समूह है और उन्होंने भी इसराइली बंधकों को रखा हुआ है.

    युद्ध विराम को लेकर मिस्र के काहिरा में बातचीत चल रही है. बुधवार को हुई बातचीत का कोई परिणाम निकल नहीं पाया. ऐसा कहा जा रहा है कि हमास का कहना है कि वह कुछ दिनों के युद्ध विराम पर तैयार नहीं होगा.

    इसराइल-ग़ज़ा युद्ध

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    नवंबर के अंत में छह दिनों के संघर्ष विराम के दौरान हमास ने 105 बंधकों को फ़लस्तीनी कैदियों के साथ अदला-बदली में छोड़ा था.

    ऐसा माना जा रहा है कि ग़ज़ा में इसराइल के 120 बंधक अब भी हैं. इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि उत्तरी ग़ज़ा में अब कोई अस्पताल काम नहीं कर रहा है क्योंकि ईंधन ख़त्म हो चुके हैं.

    ग़ज़ा में हमास के ख़िलाफ़ अभियान चला रही इसराइली सेना का कहना है कि उन्हें ग़ज़ा सिटी में एक और सुरंग नेटवर्क का पता चला है जो कि हमास के नेताओं से जुड़ा है.

    सात अक्टूबर को हमास ने इसराइल पर हमला किया था और वे 240 लोगों को बंधक बनाकर ले गए थे. इस हमले में इसराइल के 1,200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी.

    वहीं इसराइल के हमले में ग़ज़ा में अब तक 20,000 लोगों की मौत हो चुकी है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में युद्धविराम को लेकर एक बार फिर वोट डाले जाने की तैयारी हो रही है.

  2. देश के आपराधिक कानून को बदलने वाले तीन विधेयक राज्यसभा से पारित, पीएम क्या बोले?

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

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    देश के आपराधिक कानून को बदलने वाले तीन अहम विधेयक- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक-राज्यसभा से पारित हो गए हैं.

    ये बिल भारतीय दंड संहिता (आपीसी), कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह ले लेंगे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विधेयकों के राज्यसभा से पारित होने पर कहा, " ये हमारे इतिहास का एक अहम क्षण है. ये विधेयक औपनिवेशिक युग के कानूनों के अंत के प्रतीक हैं. लोक सेवा और कल्याण पर आधारित कानून से एक नए युग की शुरुआत होती है.

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    गुरुवार को शीतकालीन सत्र भी ख़त्म हो गया.

    इस विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानून की आत्मा, शरीर और विचार भारतीय हैं.

    गृह मंत्री ने कहा, "हमने कहा था कि न्याय मिलने की गति बढ़ाएंगे, कानूनों को सरल बनाएंगे, कानूनों को भारतीय बनाएंगे और न्यायिक एवं न्यायालय प्रबंध व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएंगे. ये जो मैं पढ़ रहा हूं, ये हमारे संकल्प पत्र का हिस्सा है. मान्यवर, उस समय मैं ही पार्टी का अध्यक्ष था. आज इस सदन में हम पूरा करने का काम कर रहे हैं."

  3. शाहरुख़ ख़ान की फ़िल्म 'डंकी' में दर्शकों को क्या पसंद आया, क्या नहीं

    वीडियो कैप्शन, शाहरुख़ ख़ान की फ़िल्म 'डंकी' में दर्शकों को क्या पसंद आया, क्या नहीं

    शाहरुख़ ख़ान की बहुप्रतीक्षित फ़िल्म डंकी रिलीज़ हो गई है. फ़िल्म में शाहरुख़ ख़ान के अलावा विक्की कौशल और तापसी पन्नू भी मुख्य भूमिका में हैं.

    फ़िल्म देखने वालों का क्या कुछ कहना है, बीबीसी ने उनसे बात की.

    वीडियो: सुप्रिया सोगले और दीपक जसरोटिया

  4. चेक रिपब्लिक की राजधानी में एक यूनिवर्सिटी में गोलीबारी, 10 लोगों की मौत

    प्राग में गोलीबारी

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    चेक रिपब्लिक के प्राग में एक यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी में 10 लोगों की मौत हो गई.

    अधिकारियों ने बताया कि चार्ल्स यूनिवर्सिटी पर हमला करनेवाला बंदूकधारी भी मारा गया है. रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार, यूनिवर्सिटी कर्मचारियों को कमरे में ही रहने के लिए कहा गया है. स्टूडेंट्स ने बताया है कि उन्होंने खुद को क्लासरूम में बंद कर लिया है.

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस इलाके की तरफ नहीं आएं और अपने घरों में ही रहें.

  5. इसराइल-ग़ज़ा युद्ध: हमास ने इसराइल पर दागे कई रॉकेट, निशाने पर तेलअवीव

    रॉकेट से हमला

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    हमास ने ग़ज़ा पट्टी से इसराइल के तेलअवीव पर कई रॉकेट दागे हैं.

    रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी की ख़बर के अनुसार तेलअवीव में सायरन सुने जाने के बाद लोगों को बम शेल्टर में शरण लेनी पड़ी.

    इसराइल के ड्रोन सिस्टम ने रॉकेटों को हवा में ही मार गिराया और और इससे किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.

    वहीं, इसराइली सेना ने कहा है कि पिछले 24 घंटे में उन्होंने ग़ज़ा में 300 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं.

    गज़ा में इसराइल-हमास जंग शुरू हुए दो महीने से ज़्यादा हो चुके हैं. इस संघर्ष में अब तक ग़ज़ा में 19 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका, ब्रिटेन और फ़्रांस समेत कई देश सीज़फ़ायर के लिए इसराइल पर दबाव बना रहे हैं.

    इसी बीच लेबनान के ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह ने रात के वक़्त उसके शहरों पर रॉकेट हमले किए हैं. ये हमले किरयत श्मोना और उत्तरी इसराइल के अन्य शहरों पर किए गए हैं. सोमवार को इसराइल और लेबनान की सीमा पर दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई थी. दूसरी तरफ़, हिज़बुल्लाह का कहना है कि इसराइल लेबनान के गांवों को लगातार निशाना बना रहा है और उसने इसी की जवाबी कार्रवाई में रॉकेट हमले किए हैं.

  6. दिनभर: हमास बोला युद्ध ख़त्म होने तक बंधक रिहा नहीं

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  7. जम्मू-कश्मीर में सेना के वाहनों पर चरमपंथी हमला, तीन जवानों की मौत

    भारतीय सेना

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    जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर के थानामंडी में सेना के दो वाहनों पर हुए चरमपंथी हमले में सेना के तीन जवानों की मौत हो गई. वहीं तीन अन्य घायल हैं.

    भारतीय सेना ने एक बयान में बताया है कि तीन सैनिकों की मौत हो गई है और तीन अन्य घायल हैं.

    सेना थानामंडी के डेरा की गली इलाके में कल रात से ही अभियान चला रही है.

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    गुरुवार शाम तीन बजकर 45 मिनट पर दो वाहनों से सेना के जवान अभियान स्थल की तरफ बढ़ रहे थे तभी चरमपंथियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, ये हमला सुरनकोट पुलिस स्टेशन के इलाके में धतयार मोड़ पर हुई. बुधवार रात यहां चरमपंथियों की मौजूदगी का पता चला था जिसके बाद सेना यहां तलाश अभियान चला रही थी.

    इस इलाक़े में ऑपरेशन ख़बर लिखे जाने तक जारी था.

  8. नवजोत सिंह सिद्धू को पटना हाई कोर्ट से मिली राहत, मामला क्या है?

    नवजोत सिंह सिद्धू

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    क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू को राहत देते हुए पटना हाई कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ चल रहे चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े एक केस को खारिज कर दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ये मामला साल 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान सिद्धू के एक कथित विवादास्पद भाषण से जुड़ा हुआ है.

    इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू ने कटिहार ज़िले के एडिश्नल चीफ़ ज्युडिशियल मैजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. एसीजीएम कोर्ट ने 12 अक्टूबर, 2020 के अपने आदेश में इस मामले का संज्ञान लिया था.

    एक चुनावी रैली के दौरान सिद्धू के भाषण को लेकर ज़िले के बारसोई पुलिस स्टेशन में आईपीसी और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया गया था.

  9. ब्राह्मण श्मशान पर उठे सवाल, सभी के लिए खुले द्वार

    वीडियो कैप्शन, ब्राह्मण श्मशान पर उठे सवाल, सभी के लिए खुले द्वार

    ओडिशा के केन्द्रापड़ा शहर में केवल ब्राह्मणों के लिए चलाए जा रहे एक अलग श्मशान स्थल को लेकर विवाद उठने के बाद नगर प्रशासन ने इसे सभी वर्गों के लिए खोल दिया है.

    साल 1928 में इस श्मशान को 'केवल ब्राह्मणों' के लिए स्थापित किया गया था. अब इसे क़ानून और संविधान के ख़िलाफ़ पाया गया है.

    क़ानूनी जानकारों के अनुसार, यह संविधान की धारा 14, 19 और 21 का उल्लंघन करता है, जो धर्म या जाति के आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव को गैर क़ानूनी ठहराते हैं.

  10. क़तर की जेल में बंद नौसेना के पूर्व अधिकारियों को लेकर विदेश मंत्रालय ने ये बताया

    अरिंदम बागची

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    क़तर में आठ भारतीयों को मौत की सज़ा के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये मामला क़तर के कोर्ट ऑफ़ अपील में है और अब तक तीन सुनवाई हुई है.

    उन्होंने कहा, "दोहा में हमारे राजदूतों को तीन दिसंबर को इन आठों लोगों से मिलना का मौका मुहैया कराया गया. लेकिन इसके अलावा अभी साझा करने के लिए कुछ नहीं है. अभी मुझे पता नहीं है कि वहां कितने लोगों की सजा माफी हुई और इसमें कोई भारतीय है भी या नहीं."

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    क़तर में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों की मौत की सज़ा ने भारत के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. जिन आठ लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है, वे भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं. इनमें कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कैप्टन वीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुग्नाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और सेलर रागेश शामिल हैं.

    ये लोग एक डिफेंस सर्विसेज कंपनी के लिए काम कर रहे थे. कंपनी के लिए काम करने वाले सभी लोग भारतीय नौसेना से रिटायर हो चुके हैं.

    क़तर में इन लोगों को पिछले साल (2022) 30 अगस्त को गिरफ़्तार किया गया था. तब से उन्हें तन्हाई कैद में रखा गया था. इन लोगों का मुकदमा इस साल 29 मार्च को शुरू हुआ था.

  11. लातिन अमेरिका का वो देश जहां भारतीय मूल की है 40 फ़ीसदी आबादी

    वीडियो कैप्शन, लातिन अमेरिका का वो देश जहां भारतीय मूल की है 40 फ़ीसदी आबादी

    गुलाम प्रथा की समाप्ति के बाद, ब्रिटेन के औपनिवेशिक देशों में सबसे ज़्यादा भारतीय नागरिक अप्रवासी बनकर गुयाना में ही बसे.

    दक्षिण अमेरिका के इकलौते अंग्रेजी भाषी देश गुयाना को ब्रिटेन ने उपनिवेश के तौर पर बसाया था. गुलाम प्रथा की समाप्ति के बाद, ब्रिटेन के औपनिवेशिक देशों में सबसे ज़्यादा भारतीय नागरिक अप्रवासी बनकर गुयाना में ही बसे.

    यही वजह है कि ब्राज़ील की सीमा से सटे और शताब्दियों से वेनेजुएला के साथ सीमा विवाद वाले देश गुयाना में हर दस नागरिकों में चार मूल रूप से भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़े हैं.

  12. पीएम मोदी पर राहुल गांधी की टिप्पणी के मामले में ईसी जल्द फ़ैसला करे: हाई कोर्ट

    राहुल गांधी

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    दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग को ये निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ राहुल गांधी की कथित टिप्पणी के मामले में वो जल्द से जल्द फ़ैसला करे.

    पिछले महीने एक भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री को 'जेबकतरा' कहा था. इस 'टिप्पणी' को लेकर निर्वाचन आयोग ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर रखा है.

    दिल्ली हाई कोर्ट ने इस सिलसिले में दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग को ये निर्देश जारी किया है. इसके लिए कोर्ट ने चुनाव आयोग को आठ हफ़्तों की मोहलत भी दी है.

    याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की मांग की है. साथ ही राजनीतिक नेताओं के ऐसे आचरण को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाने की भी मांग की गई है.

    हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ़ जस्टिस मनमोहन ने कहा कि हालांकि कथित बयान ठीक नहीं है लेकिन चुनाव आयोग इसकी जांच कर रहा है और राहुल गांधी को इस सिलसिले में नोटिस भी जारी किया गया है.

  13. रूसी हीरों पर लगेगा प्रतिबंध?

    वीडियो कैप्शन, यूक्रेन जंग के बाद रूस पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगे पर उसका हीरों का निर्यात जारी रहा

    रूस दुनिया में रफ़ डायमंड्स का सबसे बड़ा उत्पादक है. बीते साल यूक्रेन के साथ जंग छेड़ने के बाद से रूस पर कई प्रतिबंध लगाए गए लेकिन उसका हीरों का निर्यात जारी रहा.

    कइयों ने आरोप लगाया कि इससे होने वाली कमाई जंग में इस्तेमाल हो रही है.

    शायद इसीलिए अब यूरोपीय संघ और जी7 देश रूस के हीरों पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं. देखिए सोफ़िया बेटिज़ा की ये रिपोर्ट.

  14. कुश्ती छोड़ने के साक्षी मलिक के एलान पर क्या बोले बृज भूषण शरण सिंह

    बृज भूषण शरण सिंह

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    भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद के चुनाव में पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह की जीत के बाद महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ने का एलान किया है.

    साक्षी मलिक के इस फ़ैसले पर बृज भूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि साक्षी मलिक के इस फ़ैसले से मुझे क्या लेना-देना?

    बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, "मैं जीत का श्रेय देश के पहलवानों और भारतीय कुश्ती संघ के सचिव को देना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि नई फेडरेशन के गठन के बाद कुश्ती प्रतियोगिताएं फिर से शुरू होंगी."

  15. 76 साल की उम्र में पेंटिंग कर नाम कमा रही हैं दलजीत कौर

    वीडियो कैप्शन, 76 साल की उम्र में पेंटिंग करके नाम कमाने वाली दलजीत कौर की कहानी

    दलजीत कौर 76 साल की उम्र में प्रोफ़ेशनल पेंटिंग आर्टिस्ट बनने का ख़्वाब पूरा कर रही हैं.

    दलजीत को बचपन से पेंटिंग से प्यार था, लेकिन पिता की माली हालत बहुत अच्छी ना होने की वजह से वो इसे आगे नहीं बढ़ा सकी थीं.

    साल 1997 में पति की रिटायरमेंट के बाद उन्होंने पेंटिंग की पढ़ाई बहाल करने के बारे में सोचा भी लेकिन बढ़ती उम्र की वजह से किसी कॉलेज में उन्हें दाख़िला नहीं मिला. लेकिन कोरोना लॉकडाउन के समय उन्होंने घर पर दोबारा पेंटिंग करनी शुरू कर दी.

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह की जीत पर बोलीं साक्षी मलिक- मैं कुश्ती छोड़ती हूं...

    महिला पहलवान साक्षी मलिक

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    इमेज कैप्शन, महिला पहलवान साक्षी मलिक

    बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह के भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष निर्वाचित होने पर महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कहा है कि 'वो अगर इस फेडरेशन में रहेगा तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं.'

    दिल्ली में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साक्षी मलिक ने कहा, "एक बात और कहना चाहूंगी कि अगर प्रेसीडेंट बृजभूषण जैसा आदमी ही रहता है, जो उसका सहयोगी है, उसका बिजनेस पार्टनर है. वो अगर इस फेडरेशन में रहेगा तो मैं अपनी कुश्ती को त्यागती हूं. मैं आज के बाद आपको कभी भी वहां नहीं दिखूंगी."

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    पहलवान साक्षी मलिक ने कहा, "लड़ाई लड़ी, पूरे दिल से लड़ी... हम 40 दिनों तक सड़कों पर सोए और देश के कई हिस्सों से बहुत सारे लोग हमारा समर्थन करने आए. सभी देशवासियों को धन्यवाद जिन्होंने आज तक मेरा इतना सपोर्ट किया."

    इससे पहले भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, "मैं जीत का श्रेय देश के पहलवानों और भारतीय कुश्ती संघ के सचिव को देना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि नई फेडरेशन के गठन के बाद कुश्ती प्रतियोगिताएं फिर से शुरू होंगी."

    भारतीय कुश्ती महासंघ के नए अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर संजय सिंह ने कहा, "कैंप (कुश्ती के लिए) आयोजित किए जाएंगे...जिनको कुश्ती करनी है वो कुश्ती कर रहे हैं, जो राजनीति करना चाहते हैं वे राजनीति करें..."

  17. इसराइली-फ़लस्तीनियों के बीच शांति की राह कितनी मुश्किल?

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: इसराइली-फ़लस्तीनियों के बीच शांति की राह कितनी मुश्किल?

    गज़ा में इसराइल-हमास जंग शुरू हुए दो महीने से ज़्यादा हो चुके हैं.

    इस संघर्ष में अब तक करीब 19 हज़ार लोगों की जान जा चुकी है. अमेरिका, ब्रिटेन और फ़्रांस समेत कई देश सीज़फ़ायर के लिए इसराइल पर दबाव बना रहे हैं.

    दशकों से ज़मीन के टुकड़े के लिए इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच हो रहे संघर्ष में शांति की की राह कितनी मुश्किल है? कवर स्टोरी में इसी की बात.

  18. लाल सागर में जहाजों पर हमले और मालदीव को लेकर विदेश मंत्रालय ने ये कहा

    अरिंदम बागची

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    लाल सागर में कई कारोबारी जहाजों पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों पर भारत के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई है. मंत्रालय ने कहा है कि भारत इस पर क़रीबी नजर बनाए हुए हैं.

    विदेश मंत्रालय के साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में इससे संबंधित एक सवाल के जवाब में मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "भारत हमेशा से कारोबारी जहाजों के निर्वाध आवागमन का समर्थक रहा है. हम वहां के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. हम मुक्त समुद्री यातायत के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा हैं."

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    भारत के साथ हाइड्रोग्राफ़िक सर्वे पर मालदीव के समझौता को रिन्यू करने से जुड़े सवाल पर अरिंदम बागची ने कहा, "भारत का हाइड्रोग्राफ़ी के क्षेत्र में शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है और हिंद महासागर क्षेत्र में हम कई देशों के साथ सहयोग कर रहे हैं और साझेदारों को जो उससे लाभ हुआ है, वो भी दिख रहा है."

    "भारत और मालदीव के बीच ये समझौता 8 जून 2019 को हुआ था, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के आग्रह पर मालदीव का दौरा किया था. इस सर्वे के तहत भारत और मालदीव को मिलकर मालदीव के इलाक़े में जल क्षेत्र, रीफ़, लैगून, सामुद्रिक लहरों और उसके स्तर का अध्ययन करना था."

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  19. जिम्मी लाई पर शुरू हुआ मुक़दमा

    वीडियो कैप्शन, जिम्मी लाई पर आरोप है कि उन्होंने चीन के कम्युनिस्ट नेताओं की आलोचना करते हुए आर्टिकल लिखे

    हॉन्ग कॉन्ग के वरिष्ठ लोकतंत्र समर्थक और मीडिया टायकून जिम्मी लाई पर मुक़दमा शुरू हो गया है.

    उन पर आरोप है कि उन्होंने चीन के कम्युनिस्ट नेताओं की आलोचना करते हुए जो आर्टिकल लिखे, जिससे उन्होंने देश की सुरक्षा को कमज़ोर किया है.

    हालांकि जिम्मी लाई इन आरोपों को ख़ारिज करते हैं. देखिए बीबीसी संवाददाता जेम्स लैंडेल की ये रिपोर्ट.

  20. प्रॉपर्टी को आधार से जोड़ने पर विचार करे केंद्र सरकार: दिल्ली हाई कोर्ट

    दिल्ली हाई कोर्ट

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    दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से सभी तरह की चल और अचल संपत्तियों को नागरिकों के आधार कार्ड से जोड़ने पर विचार करने के लिए कहा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट की राय में ऐसा करने से भ्रष्टाचार, काला धन और बेनामी लेनदेन पर रोकथाम लगेगी.

    हालांकि जस्टिस राजीव शकढेर और जस्टिस गिरीश कथपालिया की बेंच ने कहा कि ये मुद्दा नीतिगत निर्णय से जुड़ा हुआ है और अदालतें इस बारे में सरकार को निर्देश नहीं दे सकती हैं.

    कोर्ट ने ये भी कहा कि ऐसा करने के लिए सरकार के सामने प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है और सरकार उस पर तीन महीने में विचार कर सकती है.