You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

चुनाव जीतने के बाद मीट की दुकानें बंद कराने निकले बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य

फ़ोन पर अधिकारियों को मीट की दुकानें बंद कराने का आदेश देते हुए बालमुकुंद आचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and अभिनव गोयल

  1. चुनाव जीतने के बाद मीट की दुकानें बंद कराने निकले बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य,

    राजस्थान में जयपुर की हवामहल सीट से बीजेपी के विधायक चुने गए बालमुकुंद आचार्य ने सोमवार को मीट दुकानें बंद कराने के आदेश दिए हैं.

    फ़ोन पर अधिकारियों को मीट की दुकानें बंद कराने का आदेश देते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है.

    बालमुकुंद आचार्य फ़ोन पर चेतावनी देने के बाद मीट की दुकानें बंद कराने के लिए ख़ुद सड़क पर उतर आए. उन्होंने मीट की दुकानों से लाइसेंस दिखाने को कहा.

    इस दौरान चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, "गंद मचा रखा है. कराची बनाना चाहते हो, यह अपरा काशी है."

    दुकान पर खड़े एक शख़्स को उन्होंने कहा, "तेरी है क्या मियां यह दुकान... आंखें मत दिखाना, यह बाबा बवाल है."

    इससे पहले विधायक बालमुकुंद आचार्य ने फ़ोन पर नगर निगम अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा, "चांदी की टकसाल पर नॉन वेज की सारी दुकानें कृपया हटा दीजिए. इनके लाइसेंस चेक कीजिए. मैं शाम को आपसे रिपोर्ट लूंगा."

    उन्होंने 'अधिकारियों' को आदेश देते हुए कहा कि 'तुरंत प्रभाव से सड़क किनारे लगे नॉन वेज के ठेले लगे हैं, ये नहीं दिखने चाहिए. मैं शाम को आपसे रिपोर्ट लूंगा.'

  2. हमास का दावा- ग़ज़ा में मरने वालों की संख्या 16 हज़ार के पास पहुंची

    हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ग़ज़ा में मरने वालों की संख्या 16 हज़ार के क़रीब पहुंच गई है.

    ग़ज़ा का स्वास्थ्य मंत्रालय हमास के हाथों में है. उनका कहना है कि 7 अक्टूबर के बाद यानी इसराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद ग़ज़ा में 15 हज़ार 899 लोगों की मौत हुई है.

    मंत्रालय ने बताया कि रविवार को आंकड़ा जारी करने के बाद से 349 लोग मारे गए हैं.

    हमास का कहना है कि मरने वालों में 70 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं.

    इसराइल का कहना है कि युद्ध का मक़सद हमास को ग़ज़ा पट्टी से हटाना है. 7 अक्टूबर को हमास के लड़ाकों ने इसराइल में घुसकर हमला किया था, जिसमें 1200 लोगों की मौत हुई थी.

    उस वक़्त हमास क़रीब 240 लोगों को बंधक बनाकर वापस ग़ज़ा ले गया था.

    शुक्रवार को ख़त्म हुए सात दिन के अस्थाई युद्ध विराम के दौरान 100 से ज़्यादा बंधकों को रिहा किया गया था.

  3. मणिपुर के टेंग्नौपाल में चरमपंथी गुटों के बीच गोलीबारी, 13 लोगों के शव बरामद,

    मणिपुर के टेंग्नौपाल ज़िले में सोमवार दोपहर को हुई ताज़ा हिंसा में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है.

    टेंग्नौपाल ज़िले के एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "ज़िले के सैबोल के पास लीथु गांव में चरमपंथियों के दो समूहों के बीच गोलीबारी हुई थी.”

    उन्होंने बताया, “यह घटना सोमवार की है. पुलिस को 13 लोगों के शव मिले हैं. फ़िलहाल इस गोलीबारी की घटना की जांच की जा रही है, लिहाजा इससे अधिक जानकारी अभी नहीं दी जा सकती."

    दरअसल, जिस जगह यह हिंसा हुई है वहां से लगभग 10 किलो मीटर दूर सुरक्षाबल तैनात थे. असम राइफ़ल्स ने गोलीबारी की घटना की सूचना मिलने के बाद मणिपुर के टेंग्नौपाल में एक ऑपरेशन शुरू किया था.

    इस ऑपरेशन के बाद इलाक़े से 13 शव बरामद किए गए. पुलिस ने अभी तक मरने वालों की शिनाख्त को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है.

    पुलिस का कहना है कि मृतक लीथु क्षेत्र से नहीं हैं और हो सकता है कि वे किसी अन्य स्थान से आए हों, जिसके बाद वे एक अलग समूह के साथ गोलीबारी में शामिल हो गए.

    मणिपुर में 3 मई से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि क़रीब 60 हज़ार लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

  4. राजस्थान: वसुंधरा राजे के घर हलचल बढ़ी, 20 से ज्यादा विधायकों से की मुलाकात,

    राजस्थान विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 115 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिला है. सीएम फेस के बिना लड़े गए चुनाव के बाद अब मुख्यमंत्री के लिए दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है.

    प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह समेत पार्टी और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी दिल्ली पहुंच चुके हैं.

    मुख्यमंत्री की दौड़ में छह से ज़्यादा नाम चर्चाओं में बने हुए हैं.

    बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को अपने आवास पर बीस से ज़्यादा विधायकों से मुलाकात की है.

    वसुंधरा राजे को सूबे की कमान मिलेगी या कोई नया चेहरा बीजेपी से मुख्यमंत्री बनेगा, यह सवाल अब भी बरक़रार है. इस बीच वसुंधरा राजे की समर्थक विधायकों से हुई मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं में है.

    पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के 13 सिविल लाइंस आवास पर विधायक कालीचरण सराफ, प्रताप सिंह सिंघवी, बाबू सिंह राठौड़, प्रेमचंद बैरवा, रामस्वरूप लांबा, गोविन्द रानीपुरिया, ललित मीणा, कंवरलाल मीणा, राधेश्याम बैरवा, कालू लाल मीणा, मंजू बाघमार, शंकर सिंह रावत, गोपीचंद मीणा, विजय सिंह चौधरी, केके विश्नोई समेत कई विधायक और कार्यकर्ता मिलने पहुंचे है.

    बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी और पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने भी वसुंधरा राजे से मुलाकात की है.

    वसुंधरा राजे के आवास पर मुलाकात करने पहुंचे वैर सीट से विधायक बहादुर सिंह कोली ने मुख्यमंत्री पद के लिए वसुंधरा राजे के नाम का समर्थन किया है.

    उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "जो जनता की मांग है, वो वसुंधरा जी हैं. वसुंधरा जी को सीएम बनाना चाहिए. हम लोग उनको मज़बूत करने के लिए आए हैं."

  5. मिचौंग चक्रवात से ठप पड़ा चेन्नई शहर- देखिए तस्वीरें

  6. दिनभर: नए सीएम की दौड़ में कौन से चेहरे?

  7. विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक, ममता बनर्जी ने कहा- मुझे जानकारी नहीं है...

    इंडिया गठबंधन की 6 दिसंबर को होने वाली बैठक पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी है.

    पत्रकारों ने जब उनसे यह सवाल किया तो उन्होंने कहा, "जिस बारे में मुझे पता नहीं है, उसके बारे में आप मुझसे क्यों पूछ रहे हैं. मुझे जानकारी नहीं है. इसलिए मैंने उत्तर बंगाल में प्रोग्राम रख दिए हैं. वहां छह-सात दिन का मेरा प्रोग्राम है."

    उन्होंने कहा, "अगर मुझे जानकारी होती तो मैं प्रोग्राम क्यों रखती. हम जरूर जाते, लेकिन मेरे पास कोई जानकारी नहीं है.

    इंडिया एलायंस के ट्विटर हैंडल के मुताबिक छह दिसंबर को इंडिया गठबंधन ने चौथी बैठक करने का फैसला लिया है और यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुलाई है.

    इंडिया गठबंधन की पहली बैठक पटना में 23 जून को हुई थी, जिसमें कुल 15 पार्टियों शामिल हुई थीं.

    इसके बाद दूसरी बैठक बेंगलुरु में 17 और 18 जुलाई को हुई थी, जिसमें 26 पार्टियों ने हिस्सा लिया था.

    तीसरी बैठक मुंबई में 31 अगस्त और 1 सितंबर को हुई, जिसका जिम्मा एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना(ठाकरे) ने लिया था.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस की तरफ़ से लड़ रहे छह नेपाली नागरिकों की मौत

    नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस की सेना की तरफ़ से लड़ रहे छह नेपाली नागरिकों की मौत हो गई है.

    नेपाली विदेश मंत्रालय ने रूस की सरकार से अपने लोगों के शव भेजने का आग्रह किया है.

    साथ ही नेपाल ने रूस से ये भी कहा है कि मारे गए नेपाली नागरिकों के परिजनों को मुआवजा भी दिया जाए.

    विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि रूस की सरकार इस लड़ाई के लिए नेपाली नागरिकों को भर्ती न करे और अगर किसी को भर्ती किया गया है तो उसे तत्काल नेपाल भेज दिया जाए.

  9. सुनील कनुगोलू की सुनी होती तो कांग्रेस तेलंगाना की तरह बाक़ी राज्यों में करती कमाल?

  10. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने किया इशारा- 'राजस्थान के नए सीएम बन रहे हैं ना...'

    संसद परिसर में सोमवार को जब कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी कैमरे पर बीजेपी सांसद बालकनाथ के साथ दिखाई दिए तो उन्होंने कहा कि 'राजस्थान के नए सीएम बन रहे हैं ना...'

    जब सांसद बालकनाथ से पूछा गया कि सीएम बनने के बाद वो पहला काम क्या करेंगे? तो जवाब में उन्होंने इस सवाल को हंसी में टाल दिया.

    राजस्थान में बीजेपी को 199 में से 115 सीटें मिली हैं और अब मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है.

    इस रेस में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राजसमंद की सांसद दीया कुमारी, जोधपुर सीट पर सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराने वाले गजेंद्र सिंह शेखावत, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता राजेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व आईएएस और केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन मेघवाल के साथ-साथ अलवर जिले की तिजारा सीट से विधायक बने बालकनाथ का नाम भी शामिल है.

    राजस्थान में चुनावी नतीजे आने के बाद भी पत्रकारों ने उनसे मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल किया था और पूछा था कि आपका नाम भी सीएम की रेस में लिया जा रहा है.

    इसके जवाब में उन्होंने कहा था, "हमारा सब कुछ प्रधानमंत्री जी हैं और सब उनकी देखरेख में चलेगा. उनकी देखरेख और विजन के साथ देश आगे बढ़ेगा."

  11. विधानसभा चुनाव के नतीजों का लोकसभा चुनाव पर क्या असर होगा

  12. हमास के ख़िलाफ़ इसराइल का ग्राउंड ऑपरेशन अब पूरी ग़ज़ा पट्टी में फैला

    इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी के दक्षिणी शहर से लोगों को निकल जाने के लिए कहा है. सोमवार को इसराइल का ग्राउंड ऑपरेशन दक्षिणी ग़ज़ा में दाखिल हो गया.

    इसराइली हमले के बाद हताश-परेशान लोग अब तक सुरक्षित माने जाने वाले उस इलाके से निकलने लगे. इसराइल की फौज ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नक़्शे के साथ चेतावनी जारी की.

    इस नक़्शे में ख़ान यूनिस शहर के एक चौथाई इलाके को पीले रंग से चिह्नित किया गया था. चेतावनी में कहा गया कि ख़ान यूनिस के इस इलाके को खाली कर दिया जाए.

    नक्शे में दक्षिण और पश्चिम की तरफ़ इशारा करते हुए तीन तीर भी बने हुए हैं जिसके जरिए लोगों को भूमध्य सागर और मिस्र की सीमा की तरफ़ बढ़ने के लिए कहा गया है. यहां रह रहे लोगों की बड़ी संख्या पहले से ही विस्थापितों की है.

    इसराइली हमले के समय बहुत से लोग सो रहे थे. हमले के दौरान लोगों को प्लास्टिक की थैलियों में अपना ज़रूरी सामान लेकर भागना पड़ा.

    अबू मोहम्मद नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उत्तरी ग़ज़ा में अपना घर छोड़ने के बाद उन्हें तीसरी बार मजबूर होकर जान बचाने के लिए भागना पड़ा.

    उन्होंने बताया, "बीती रात इसराइली टैंकों ने पूरब और उत्तर से धावा बोल दिया. पश्चिम में समुद्र की तरफ़ से भी हमला किया गया. धमाकों से पैदा हुई लाल रोशनी में नहाया हमारा घर लगातार हिल रहा था. बच्चों और बड़ों में डर और बेचैनी के कारण अफरा-तफरी का माहौल था."

    उन्होंने कहा, "अगर वे हमारी जान ही लेना चाहते हैं तो उन्होंने हमें ग़ज़ा में हमारे घर से क्यों निकाला?"

    अबू मोहम्मद की पड़ोसी नसरीन कहती हैं, "उन्होंने हमसे उत्तरी ग़ज़ा से ख़ान यूनिस की तरफ़ जाने को कहा था. अब वे ख़ान यूनिस पर बमबारी कर रहे हैं. अब तो ख़ान यूनिस भी सुरक्षित नहीं रहा और अगर हम यहां से रफ़ाह भी चले जाएं तो वो भी सुरक्षित नहीं है. वे क्या चाहते हैं, हम कहां जाएं?"

    इस बीच इसराइली मिलिट्री के प्रवक्ता ने बताया, 'हमास के ख़िलाफ़ इसराइल का ग्राउंड ऑपरेशन अब पूरी ग़ज़ा पट्टी में फैल हो गया है. इसराइली मिलिट्री आतंकवादियों का सामना कर रही है, उन्हें ख़त्म कर रही है.'

  13. फिर शुरू हुई जंग, ग़ज़ा में किस हाल में रह रहे लोग

    जंग की वजह से ग़ज़ा में हज़ारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है.

    उत्तरी ग़ज़ा में लगातार इसराइली हमलों की वजह से लोगों को भागकर दक्षिण ग़ज़ा में शरण लेनी पड़ी.

    लेकिन दक्षिणी ग़ज़ा में रह रहे लोगों का कहना है कि वहां खाने-पीने की चीज़ों की भारी कमी है. इसके साथ ही बीमारियों का ख़तरा भी मंडरा रहा है.

  14. सऊदी अरब के हज मंत्री भारत की यात्रा पर, एजेंडे में क्या है?

    सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्री तौफीक बिन फौजान अल राबिया भारत की यात्रा पर हैं.

    दिल्ली स्थित सऊदी अरब के दूतावास ने बताया कि हज और उमरा को लेकर भारत के साथ बेहतर कॉर्डिनेशन बनाने के लिए उनके मंत्री भारतीय नेताओं से मुलाकात करेंगे.

    मंत्री तौफीक की भारत यात्रा का मकसद उस पूरी प्रक्रिया को भी आसान करना है, जिससे होकर ही भारतीयों को हज और उमरा के लिए इजाजत मिलती है.

    सऊदी अरब हर साल हज यात्रा के लिए एक लिस्ट जारी करता है, जिसमें हर देश का एक कोटा होता है, यानी वह सीमित संख्या में ही किसी भी देश के लोगों को हज करने की अनुमति देता है.

    पिछले दशक में औसतन हर बरस 25 लाख मुसलमानों ने हज किया है.

    हज क्या है?

    मुसलमानों का ऐसा मानना है कि इस्लाम के आख़िरी पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद (570-632) को अल्लाह ने कहा कि वो काबा को पहले जैसी स्थिति में लाएँ और वहाँ केवल अल्लाह की इबादत होने दें. साल 628 में पैगंबर मोहम्मद ने अपने 1400 अनुयायियों के साथ एक यात्रा शुरू की.

    इस्लाम के कुल पाँच स्तंभों में से हज पाँचवाँ स्तंभ है. सभी स्वस्थ और आर्थिक रूप से सक्षम मुसलमानों से अपेक्षा होती है कि वो जीवन में एक बार हज पर ज़रूर जाएँ.

    मुसलमानों के लिए इस्लाम के पाँच स्तंभ काफ़ी मायने रखते हैं. ये स्तंभ पाँच संकल्प की तरह हैं. इस्लाम के मुताबिक़ जीवन जीने के लिए ये काफ़ी अहम हैं.

    जब पैगंबर अब्राहम फ़लस्तीन से लौटे, तो उन्होंने देखा कि उनका परिवार एक अच्छा जीवन जी रहा है और वो पूरी तरह से हैरान रह गए.

    मुसलमान मानते हैं कि इसी दौरान पैगंबर अब्राहम को अल्लाह ने एक तीर्थस्थान बनाकर समर्पित करने को कहा. अब्राहम और इस्माइल ने पत्थर का एक छोटा-सा घनाकार इमारत निर्माण किया. इसी को काबा कहा जाता है.

    अल्लाह के प्रति अपने भरोसे को मज़बूत करने को हर साल यहाँ मुसलमान आते हैं.

  15. बीजेपी ने हिमाचल और कर्नाटक की मिली हार के बाद जीत की रणनीति कैसे बनाई?

  16. तीन राज्यों में बीजेपी की जीत पर बोले अखिलेश यादव- हम लोग निराश नहीं...

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह लंबी लड़ाई है.

    पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हम लोग निराश नहीं है. राजनीति में लोकतंत्र में इस तरह के परिणाम आते हैं. जिस लोकसभा के क्षेत्र में मैं बैठा हूं, वहां अगर बीजेपी पांच लाख वोटों से अगर जीतती है, तब भी इसका मतलब यह नहीं है कि सबका साथ, सबका विकास और सबका सम्मान हो रहा हो."

    उन्होंने कहा, "अभी भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जो निराश हैं, जिन्हें उम्मीद थी, जिनकी उम्मीद टूटी है. ये राजनीति में परिणाम आए हैं, जो भी राजनीतिक पार्टी रहेगी वह इन्हें स्वीकार करेगी."

    उन्होंने कहा, "लड़ाई लंबी है, इन परिणामों से हमें और जिन लोगों को बीजेपी का मुकाबला करना है, उन्हें बहुत तैयारी करने होगी. बहुत अनुशासन में रहकर उन चीजों का मुकाबला करना होगा, जिस रणनीति के तहत बीजेपी इतना बहुमत पा रही है. इसलिए मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में परिणाम दूसरे होंगे."

  17. क्यों चर्चा में है नेपाल का ये समलैंगिक जोड़ा

    नेपाल के पहले समलैंगिक जोड़े की शादी को क़ानूनी मान्यता मिली है.

    कैसी रही माया गुरुंग और सुरेंद्र पांडे के लिए अपनी शादी को क़ानूनी वैधता दिलाने की यात्रा?

    देखिए बीबीसी संवाददाता श्रीजना की रिपोर्ट.

  18. राघव चड्ढा की संसद सदस्यता बहाल हुई, क्या बोले आप सांसद

    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की संसद सदस्यता बहाल कर दी गई है.

    सोमवार को राज्यसभा में प्रस्ताव पास कर निलंबन वापस लिया गया.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर राघव चड्ढा ने कहा, "11 अगस्त 2023 को मुझे राज्यसभा से सस्पेंड किया गया था, यानी कि भारत की संसद से निलंबित किया गया था. अपने सस्पेंशन को समाप्त कराने के लिए और फिर से संसद के अंदर जाकर आपकी आवाज उठाने के लिए मुझे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा."

    "अपने निलंबन के संदर्भ में एक याचिका मैंने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी, कोर्ट ने उसका संज्ञान लिया और उसमें हस्तक्षेप किया. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मेरी सस्पेंशन समाप्त हुई."

    उन्होंने कहा, "आज संसद भवन के भीतर एक प्रस्ताव लाकर मेरे सस्पेंशन को खत्म किया गया. करीब 115 दिनों तक मुझे सस्पेंड रखा गया. 115 दिनों तक मैं आपकी आवाज संसद के अंदर नहीं उठा सका, आपके सवाल सरकार से नहीं पूछ सका, आपके हक की आवाज नहीं उठा सका. जो जवाब आप सरकार से चाहते थे वो नहीं ला सका."

    अगस्त में दिल्ली सेवा विधेयक से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राघव चड्ढा पर पांच सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ा था.

  19. कैसी है रणबीर कपूर की फ़िल्म 'एनिमल' और विक्की कौशल की 'सैम बहादुर'

    आज सिनेमाघरों में रणबीर कपूर की फ़िल्म 'एनिमल' और विक्की कौशल की फ़िल्म 'सैम बहादुर' रिलीज़ हुई है.

    दोनों ही फ़िल्में दो अलग मिज़ाज की हैं. एनिमल जहां एक्शन से भरपूर है तो वहीं सैम बहादुर एक ऐतिहासिक किरदार पर आधारित फ़िल्म है.

    इन दोनों फ़िल्मों का दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार था. लेकिन सिनेमाघरों तक जाने से पहले ये जान लीजिए कि फ़िल्म समीक्षकों ने इन दोनों फ़िल्मों को कितने स्टार दिए हैं.

  20. तीन दिन में कमाई 300 करोड़ के पार, बॉक्स ऑफिस पर 'एनिमल' का शोर

    रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल ने तीन दिनों में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है.

    फिल्म का निर्देशन संदीप रेड्डी वंगा ने किया है.

    शुक्रवार को फिल्म हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषा में रिलीज हुई थी.

    फिल्म का प्रोडक्शन टी-सीरीज के बैनर तले हुए हैं. कंपनी ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि दुनियाभर में फिल्म ने 356 करोड़ की कमाई की है.

    एनमिलमें रणबीर कपूर के अलावा अनिल कपूर, बॉबी देओल, रश्मिका मंधाना, तृप्ति डिमरी, सुरेश ओबरॉय और प्रेम चोपड़ा अहम भूमिका में हैं.