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इसराइल, हमास के बाद अब रेड क्रॉस ने भी इसराइली बंधकों के रिहा होने की पुष्टि की

इसराइल और ग़ज़ा के बीच हुए चार दिनों के अस्थाई युद्धविराम के तहत बंदियों की रिहाई हुई है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and चंदन शर्मा

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइल, हमास के बाद अब रेड क्रॉस ने भी इसराइली बंधकों के रिहा होने की पुष्टि की

    इसराइल की सेना और हमास दोनों ने पुष्टि कर दी है कि इसराइल के 13 बंधक रिहा कर दिए गए हैं.

    समाचार एजेंसी एएफपी से हुई बातचीत में इसराइली सुरक्षा बल के एक सूत्र ने इस ख़बर की पुष्टि की है.

    रेड क्रॉस ने भी 24 बंधकों के रिहा होने की पुष्टि की है.

    एएफ़पी ने हमास के क़रीबी दो सूत्रों के हवाले से बताया है कि सात अक्टूबर को दक्षिणी इसराइल पर हुए घातक हमलों में बंधक बनाए गए कुछ लोगों को इसराइल को देने के लिए रेडक्रॉस को सौंप दिया गया है.

    रेड क्रॉस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, ''हम 24 बंधकों की सुरक्षित रिहाई की पुष्टि करके राहत महसूस कर रहे हैं.''

    रेडक्रॉस ने बताया कि विभिन्न पक्षों के बीच तटस्थ मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका समझते हुए उसने बंदियों को ग़ज़ा से से रफ़ाह बॉर्डर तक पहुंचाकर उनकी रिहाई की है.

    अब तक ये ख़बर मिली थी कि हमास ने 13 इसराइली बंधकों को रिहा किया है. वहीं थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने 12 थाई नागरिकों के छोड़े जाने की ख़बर दी थी.

    अब हमास और इसराइल के बीच मध्यस्थ रहे क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जिन बंंधकों को छोड़ा गया है उनमें 13 इसराइली नागरिक, 10 थाईलैंड के और फ़िलीपीन्स के एक नागरिक शामिल हैं.

    इसराइल और ग़ज़ा के बीच हुए चार दिनों के अस्थाई युद्धविराम के तहत बंदियों की रिहाई हुई है.

  2. हमास की क़ैद से रिहा थाईलैंड के सभी बंधक अस्पताल ले जाए गए

    हमास की क़ैद से छोड़े जाने के बाद थाईलैंड के सभी 12 बंधकों को स्वास्थ्य जांच के लिए तेल अवीव के एक दक्षिण में एक अस्पताल में ले जाया गया है.

    थाईलैंड के मीडिया ने बताया है कि ग़ज़ा और मिस्र की सीमा पर स्थित रफ़ाह क्रॉसिंग से मिस्र पहुंचे इन बंधकों को दक्षिणी तेल अवीव स्थित शामिर मेडिकल सेंटर ले जाया गया.

    रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों को यहां मेडिकल केयर की सुविधा दी जाएगी और 48 घंटों तक यहां रखा जाएगा.

    एक अधिकारी ने बताया कि क़तर और मिस्र की मध्यस्थता में हमास के साथ हुए एक अलग समझौते के बाद थाईलैंड के नागरिकों को रिहा किया गया है.

    अधिकारी ने यह भी बताया कि थाईलैंड के सभी 12 बंधक पुरुष हैं.

  3. फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई के पहले वेस्ट बैंक में इसराइली सेना के साथ लोगों की झड़प,

    वेस्ट बैंक में रामल्लाह के निकट बेतुनिया चेकप्वाइंट के पास सड़क पर इसराइली सेना और फ़लस्तीनियों के बीच झड़प हो गई है.

    यह वही जगह है जहां फ़लस्तीन के 39 क़ैदी इसराइल की जेलों से रिहा किए जाने हैं.

    फ़लस्तीनियों के समूह को पीछे धकेलने के लिए इसराइल की सेना ने उन पर रबर की गोलियां और आंसू गैस चलाई.

    दूसरी ओर फ़लस्तीनियों की तरफ से सेना की ओर पत्थर और आंसू गैस के डिब्बे फेंके गए.

    फ़लस्तीन के क़ैदियों के परिजन अपने लोगों को रिसीव करने के लिए वहां पहुंचे हैं. लेकिन वहां तनाव काफ़ी बढ़ा हुआ है.

  4. मिस्र ने अब कहा, इसराइल के सभी बंधक पहुंचे कि नहीं, ये साफ़ नहीं

    मिस्र में मौजूद सूत्रों ने मिस्र के अधिकारियों के हवाले से पहले बताया कि इसराइली बंधक मिस्र पहुंच गए हैं और उन्हें इसराइल ले जाने के लिए आरिश हवाई अड्डे ले जाया जा रहा है.

    हालांकि मिस्र ने पहले के बयान के उलट अब कहा है कि अभी यह साफ नहीं है कि इसराइल के सभी बंधकों को मिस्र को सौंपा गया है या नहीं.

    इससे पहले मिस्र और गज़ा के दक्षिण बॉर्डर पर स्थित रफ़ाह क्रॉसिंग पर काफ़ी चहल-पहल देखी जा रही थी.

    इसराइल और ग़ज़ा के बीच हुए चार दिनों के अस्थाई युद्धविराम के तहत बंदियों की रिहाई हुई है.

  5. मिस्र ने बताया, पहुंच गए हैं इसराइली बंधक

    मिस्र में मौजूद सूत्रों ने मिस्र के अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी है कि इसराइली बंधक अब मिस्र पहुंच गए हैं और उन्हें आरिश हवाई अड्डे ले जाया जा रहा है.

    यहां से इन लोगों को सैन्य हेलिकॉप्टर के ज़रिए इसराइल ले जाया जाएगा.

    इससे पहले मिस्र और गज़ा की दक्षिण बॉर्डर पर स्थित रफ़ाह क्रॉसिंग पर काफ़ी चहल पहल देखी जा रही थी.

    इसराइल और ग़ज़ा के बीच हुए चार दिनों के अस्थाई युद्धविराम के तहत बंदियों की रिहाई हुई है.

  6. इसराइल ने कहा बंधक समझौते के पालन का बारीकी से मूल्यांकन करेंगे पीएम नेतन्याहू

    इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योव गैलेंट बंधकों की रिहाई के समझौते के पालन किए जाने का बारीकी से मूल्यांकन करेंगे.

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ये दोनों नेता इसराइल की राजधानी तेल अवीव में सेना के मुख्यालय में बने कमांड सेंटर में मौजूद होंगे.

    बयान के अनुसार, ''प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री हमाास की क़ेद से रिहा हुए इसराइली लोगों को देश में वापस इसराइल लाने के ऑपरेशन के प्रबंधन पर बारीकी से नज़र रखेंगे.''

    इससे पहले हमास ने 13 इसराइली बंधकों को राहत कार्य में लगी रेड क्रॉस के हवाले कर दिया था.

    इन्हें मिस्र से सटी ग़ज़ा की सीमा की तरफ ले जाया जा रहा है. मिस्र से इन सभी को इसारइली सेना अपने हेलिकॉप्टरों में ले जाएगी.

    इससे पहले मिस्र और गज़ा की दक्षिण बॉर्डर पर स्थित रफ़ाह क्रॉसिंग पर काफ़ी चहल पहल देखी जा रही थी.

    उधर इसराइल में कई परिवार अस्पतालों के बाहर पहुँच रहे हैं. इन परिवारों को उम्मीद है कि उनके परिजन भी आज रिहा होंगे.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, हमास ने छोड़े 13 बंधक, मिस्र में रेड क्रॉस के पास पहुँचे

    इसराइली मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार हमास ने 13 इसराइली बंधकों को राहत कार्य में लगी रेड क्रॉस के हवाले कर दिया है.

    इन्हें मिस्र से सटी ग़ज़ा की सीमा की तरफ ले जाया जा रहा है. मिस्र से इन सभी को इसारइली सेना अपने हेलिकॉप्टरों में ले जाएगी.

    इससे पहले मिस्र और गज़ा की दक्षिण बॉर्डर पर स्थित रफ़ाह क्रॉसिंग पर काफ़ी चहल पहल देखी जा रही थी.

    उधर इसराइल में कई परिवार अस्पतालों के बाहर पहुँच रहे हैं. इन परिवारों को उम्मीद है कि उनके परिजन भी आज रिहा होंगे.

    12 थाई बंधक रिहा

    इससे पहले थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमास ने थाईलैंड के 12 नागरिकों को छोड़ दिया है. इन्हें ग़ज़ा में बंधक बनाकर रखा गया था.

    लेकिन ये 12 लोग युद्धविराम की शर्तों का हिस्सा नहीं है. युद्धविराम की शर्तों का पालन करते हुए हमास ने 13 इसराइली नागरिकों को भी छोड़ दिया है.

    थाई बंधकों के बारे में थाईलैंड दूतावास के अधिकारियों का कहना है कि वो "बंधकों को लाने जा रहे हैं."

    हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया है कि बंधकों को कहां रखा गया है.

  8. थाईलैंड के 12 होस्टेज हमास की क़ैद से रिहा किए गए, बाक़ी का इंतज़ार

    थाईलैंड के प्रधानमंत्रीने कहा है कि हमास ने थाईलैंड के 12 नागरिकों को छोड़ दिया है. इन्हें ग़ज़ा में बंधक बनाकर रखा गया था.

    लेकिन ये 12 लोग युद्धविराम की शर्तों का हिस्सा नहीं है.

    युद्धविराम की शर्तों का पालन करते हुए हमास को 13 इसराइली नागरिकों को छोड़ना है

    थाईलैंड दूतावास के अधिकारियों का कहना है कि वो "बंधकों को लाने जा रहे हैं." हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया है कि बंधकों को कहां रखा गया है.

    वहीं इसराइल और ग़ज़ा में शाम के 4 बज गए हैं.

    ऐसे में यु​द्धविराम की शर्तों के अनुसार सात अक्टूबर को हमास द्वारा बंधक बनाई गई इसराइल की 13 महिलाओं और बच्चों के रिहा किए जाने की उम्मीद है.

    इन सबके परिजन पिछले सात हफ़्तों से इनकी रिहाई का इंतज़ार कर रहे हैं.

    दूसरी ओर इसराइल की जेलों से फ़लस्तीन के 39 क़ैदियों को वेस्ट बैंक में रिहा किया जा रहा है. इन क़ैदियों में 24 महिलाएं और 15 किशोर उम्र के लड़के हैं.

    इसराइल और ग़ज़ा के बीच हुए चार दिनों के अस्थाई युद्धविराम के तहत दोनों पक्षों के बंदियों की रिहाई हुई है.

  9. युद्धविराम के बाद ग़ज़ा में अपने घर लौटते फ़लस्तीनी, तस्वीरों में देखिए

    इसराइल और हमास के बीच चार दिनों का अस्थाई युद्धविराम शुक्रवार सुबह से लागू हो गया है.

    इस युद्ध में उत्तरी ग़ज़ा के हज़ारों लोगों को अपना घर छोड़कर दक्षिण की ओर जाना पड़ा था.

  10. दिनभर: इसराइल-ग़ज़ा युद्धविराम के बाद बंधकों की रिहाई का इंतज़ार, सुनिए सुमिरन प्रीत कौर और मोहन लाल शर्मा से

  11. अदानी समूह पर लगे आरोपों की जांच की मांग वाली याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में पूरी

    हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अदानी समूह पर फ्रॉड करने के लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग करने वाली याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में पूरी हो गई है.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती ने बताया कि शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इस मामले पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

    सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की तीन सदस्यीय खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है.

    सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखने से पहले याचिकाकर्ताओं और भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के वकीलों की दलीलें सुनी.

    इस दौरान अदालत ने संकेत दिया कि इस मामले में वो सेबी के लिए अतिरिक्त दिशानिर्देश जारी करेगी.

    सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई के दौरान कहा कि अदानी समूह पर लगे आरोपों की जांच पूरी करने के लिए उसे और समय नहीं चाहिए.

    सेबी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सेबी ने जांच के बाद फ़ैसले तक पहुंचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

    मेहता ने अदालत में कहा कि कुल 24 मामलों में से 22 की जांच पूरी हो चुकी है.

    उन्होंने बताया कि बाक़ी बचे 2 मामलों में हमें विदेशी नियामकों से सूचनाओं की ज़रूरत है. हम उनके संपर्क में हैं, लेकिन सूचनाएं मिलने की समय सीमा हमारे कंट्रोल में नहीं है.

    अदालत ने शेयरों की क़ीमतों में हुए उतार चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में सेबी से सवाल पूछा.

    इस पर मेहता ने जवाब दिया कि कहीं भी शॉर्टसेलिंग दिखने पर कार्रवाई की जाएगी.

  12. महाराष्ट्र में चल रहे मराठा आरक्षण आंदोलन की पूरी कहानी

    मराठा आरक्षण की मांग को लेकर पूरे महाराष्ट्र में हलचल मची हुई है. इसका केंद्र मराठवाड़ा है. महाराष्ट्र में पिछले 40 सालों से मराठा आरक्षण की मांग उठ रही है लेकिन अभी तक यह पूरी नहीं हुई है.

    आज भले ही यह आंदोलन हिंसक रूप ले रहा हो लेकिन इसके पीछे की वजह दशकों का आर्थिक संघर्ष है. देखिए मराठा आरक्षण पर यह ख़ास रिपोर्ट.

  13. उत्तरकाशी: टनल में फँसे मज़दूरों का 13वाँ दिन, मशीन की रफ़्तार पर टिका रेस्क्यू ऑपरेशन...,

    उत्तरकाशी सुरंग बचाव पर भारत सरकार के सड़क परिवहन राजमार्ग विभाग के अपर सचिव और एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद ने बताया कि, "ऑगर ड्रिलिंग मशीन को फिर से जोड़ दिया गया है."

    उन्होंने बताया, "वेल्डिंग के बाद एक नया पाइप डाला जाएगा, जिसकी प्रक्रिया में दो घंटे लगेंगे. अभी 46.1 मीटर तक पहुँच चुके हैं."

    उन्होंने बताया, "ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार की मदद से पता चला है कि अगले 5 मीटर तक किसी तरीक़े की कोई बाधा आने की उम्मीद नहीं है. दो घंटे के बाद, हम (सुरंग के अंदर) पाइप डालेंगे. मुझे आशा है कि हमें किसी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा."

    उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के संबंध में शुक्रवार को अस्थाई मीडिया सेंटर, सिलक्यारा में प्रेस ब्रीफिंग की गई.

    इस दौरान महमूद अहमद ने बताया, "ऑगर मशीन से 45 मीटर के बाद ड्रिलिंग शुरू करते हुए कुल 1.8 तक ड्रिलिंग पूरी कर ली गई थी. इस प्रकार कुल 46.8 से आगे की ड्रिलिंग के बाद धातु के टुकड़े मशीन में फसने से ड्रिलिंग रोक दी गई थी. इसके बाद श्रमिकों द्वारा पाइप के मुहाने पर फंसे धातु के टुकड़ों को पाइप के अंदर घुंस कर काट दिया गया है."

    उन्होंने बताया, "बीते दिन दोबारा ऑगर मशीन स्थापित कर ड्रिलिंग शुरू करते हुए 1.2 मीटर अतिरिक्त ड्रिलिंग की गई थी. इस प्रकार कुल 48 मीटर तक ड्रिलिंग की थी. पाइप के आख़िरी सिरे पर फंसे धातु के टुकड़ों से पाइप क्षतिग्रस्त हुआ है. जिसके बाद क्षतिग्रस्त 1.2 मीटर पाइप को काटकर बाहर निकाला गया."

    महमूद अहमद ने बताया, "अब तक कुल 46.8 मीटर पाइप को पुश किया गया है. आगे की ड्रिलिंग पूरी सावधानी के साथ शुरू की जाएगी."

  14. एक ऐसा घर जिसके दरवाज़े दो अलग-अलग राज्यों में खुलते हैं

    एक घर, दो पते. घर का एक दरवाज़ा हरियाणा में खुलता है और दूसरा राजस्थान में. ये घर इलाक़े में चर्चा का विषय बना रहता है.

    दो राज्यों की सीमा पर बने 3500 वर्ग मीटर के इस घर का 2500 वर्ग मीटर क्षेत्र राजस्थान में और 1000 वर्ग मीटर हरियाणा में आता है. क्या है इस घर की कहानी और कैसे इस घर के सदस्य दोनों राज्यों की राजनीति में सक्रिय रहते हैं? वीडियो: बुशरा शेख़

  15. चीन में फैले निमोनिया और फ्लू से निपटने पर भारत सरकार ने कहा- 'हैं तैयार हम'

    उत्तरी चीन में बच्चों के बीच फैल रहे निमोनिया और एवियन एंफ्लुएंजा (H9N2) के बारे में भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि वो इन बीमारियों के संक्रमण पर क़रीबी निगाह बनाए हुए है.

    हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि भारत को चीन में फैल रहे इन दोनों बीमारियों से बहुत कम ख़तरा है.

    मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया है कि वो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

    इसमें बताया गया है कि अभी हाल में डीजीएचएस के महानिदेशक की अध्यक्षता में इस बारे में एक बैठक हुई. इसमें इस बीमारी के देश में फैलने पर इससे निपटने के उपायों पर चर्चा हुई.

    डब्ल्यूएचओ का क्या है कहना

    इस रोग के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन से और अधिक जानकारी देने के लिए कहा है.

    कुछ गैर सरकारी मीडिया प्लेटफॉर्म की रिपोर्टों में कहा गया है कि चीन के इन इलाकों में बच्चों के अस्पतालों में बड़ी संख्या में बीमार बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं.

    उधर, चीन के अधिकारी इसे फ़्लू जैसी बीमारी बता रहे हैं. उनका कहना है कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए उठाए गए कदमों को वापस लेने से इस सर्दी में ये फ़्लू जैसी बीमारी बढ़ी है.

  16. समझौते की घोषणा के बाद बंधकों की रिहाई का इंतज़ार

    इसराइल-हमास युद्ध से जुड़े ताज़ा घटनाक्रम में अब सबकी निगाहें बंधकों की रिहाई पर लगी हैं.

    हमास और इसराइल में हुए समझौते के मुताबिक़ फ़लस्तीनी क़ैदियों के साथ इसराइली बंधकों की अदला-बदली होने वाली है.

    साथ ही खुलने वाला है ग़ज़ा में मानवीय मदद का रास्ता. कवर स्टोरी में इन तमाम पहलुओं की बात.

  17. वीमेन्स प्रीमियर लीग 2024 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी की तारीख़ का एलान

    आईपीएल की तर्ज पर 2023 से शुरू हुए वीमेन्स प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के दूसरे सीज़न के लिए खिलाड़ियों की नीलामी की तारीख़ तय हो गई है.

    सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर डब्ल्यूपीएल के आधिकारिक हैंडल से शुक्रवार को बताया गया कि 9 दिसंबर को मुंबई में 'टाटा डब्ल्यूपीएल' के लिए महिला खिलाड़ियों की नीलामी की जाएगी.

    इससे पहले 19 अक्टूबर को सभी 5 टीमों की 60 खिलाड़ियों की सूची जारी की गई, जो नीलामी से बाहर रखी गई हैं. इनमें से 21 खिलाड़ी विदेशी हैं.

    वहीं इन पांच टीमों की 29 खिलाड़ियों को नीलामी के लिए स्वतंत्र कर दिया गया था.

    अभी 2024 की वीमेन्स प्रीमियर लीग की तारीख़ों का एलान नहीं किया गया है.

    2023 में 4 से 26 मार्च के बीच टाटा डब्ल्यूपीएल का आयोजन किया गया. इसमें पांच टीमों ने भाग लिया था.

    हरमनप्रीत कौर की अगुआई में मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को हराकर इस टूर्नामेंट के पहले सीज़न का ​ख़िताब जीता था.

  18. 26/11 हमला: किस हाल में है अजमल कसाब को पहचानने वाली लड़की

  19. उत्तरकाशी सुरंग हादसा: 'जब पति बाहर आएंगे तो मैं चाहूंगी कि वो ये काम ना करें...', उत्तरकाशी से बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणे और सहयोगी पत्रकार आसिफ़ अली

    उत्तरकाशी के सिल्क्यारा गाँव में सुरंग में फंसे हुए 41 मज़दूरों के बाहर निकलने का इंतज़ार कर रहे लोगों में देवेंद्र किस्कू भी एक हैं.

    वो बिहार के बांका ज़िले हैं. उनके छोटे भाई वीरेंद्र किस्कू भी सुरंग में दूसरे मज़दूरों के साथ फंसे हुए हैं. देवेंद्र किस्कू घटना के तीन दिन बाद बिहार से उत्तरकाशी पहुंचे और सुरंग से कुछ ही दूरी पर कमरे में रुके हुए हैं.

    साथ में वीरेंद्र की पत्नी रजनी भी हैं और दोनों वीरेंद्र से बात करने के लिए सुरंग में जाते रहते है.

    देवेंद्र कहते हैं, "वीरेंद्र को हमारी चिंता लगी रहती हैं कि हम लोग अपने घर से इतनी दूर उसे देखने आए हैं. तो हम उसकी चिंता करते हैं और वो हमारी चिंता कर रहा है."

    अंदर जाकर वो वीरेंद्र को हौसला देते हैं और कहते हैं, "वीरेंद्र हमसे पूछता है कि भैया हमको निकालने के लिए क्या हो रहा है. हम कहते हैं उन्हें दिलासा देते हैं और कहते हैं अभियान जल्द सफल होगा और उन्हें जल्द ही निकाल लिया जाएगा."

    देवेंद्र कहते हैं, "मैं देख रहा हूँ कि प्रशासन के लोग जितनी तेज़ी से काम कर सकते हैं कर रहे हैं. जब शुरू-शुरू में मशीन फेल हो रही थी तो हमें चिंता होती थी. लेकिन अब लग रहा है कि सब कुछ ठीक ठाक हो रहा है."

    वीरेंद्र की पत्नी रजनी भी उत्तरकाशी में मौजूद हैं. वो बताती हैं कि वीरेंद्र ने उन्हें बताया कि रात में उन्होंने रोटी खाई और सुबह ताज़ी बनी हुई खिचड़ी खाई.

    अंत में रजनी कहती हैं, "जब वीरेंद्र सुरक्षित बाहर आ जाएंगे तो हम चाहेंगे कि वो यह काम ना करें, कोई दूसरा काम करें."

    भाई देवेंद्र भी कहते हैं, "वो एक्सकेवेटर चलााने का काम करता है कहीं और खुले में कर सकता है. परिवार तो चाहता है कि वो सुरंग में काम ना करे. लेकिन अंत में तो वही तय करेगा जब वो बाहर निकल कर आएगा."

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