इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अस्थाई संघर्ष विराम की अपील ठुकराई
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में हमास के साथ जारी संघर्ष में अस्थायी संघर्ष विराम देने की अपील ठुकरा दी है.
लाइव कवरेज
कुमारी स्नेहा and अनंत प्रकाश
इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अस्थायी संघर्ष विराम की अपील ठुकराई
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन
नेतन्याहू ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में हमास के साथ जारी संघर्ष में अस्थायी संघर्ष विराम देने की अपील ठुकरा दी है.
नेतन्याहू ने कहा है कि वह तब तक इसके लिए राज़ी नहीं होंगे जब तक हमास की ओर से अगवा किए गए
इसराइली नागरिक लौटाए नहीं जाते.
नेतन्याहू की ओर से ये बयान अमेरिकी
विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के उस बयान के ठीक बाद आया है जिसमें उन्होंने ग़ज़ा
में मदद सामग्री पहुंचाने के लिए मानवीय आधार पर तात्कालिक विराम लगाने की अपील
दोहराई है.
ब्लिंकन ने कहा कि इस तरह के अस्थायी विराम अगवा किए गए लोगों को छुड़ाने के लिए मुफीद वातावरण तैयार कर सकते हैं.
ब्लिंकन ने ये भी कहा है कि इन तात्कालिक विरामों को लगाए जाने के ढंग पर अभी काम किया जा रहा है और इसराइल की ओर से इनकी सार्थकता पर उठाए गए सवाल भी जायज हैं.
लेकिन नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइल ऐसे
तात्कालिक संघर्ष विरामों को अस्वीकार करता है जिसमें अग़वा किए गए लोगों की वापसी
शामिल न हो.
दो संघर्षरत पक्षों के बीच औपचारिक संघर्ष विराम एक लंबी प्रक्रिया के तहत किए गए इंतज़ाम होते हैं जिनमें दोनों पक्षों को आपस में बातचीत करने का मौका मिलता है.
वहीं, तात्कालिक संघर्ष विराम मानवीय आधार पर लगाए जाते हैं जिनकी अवधि कुछ घंटों की होती है.
कौन हैं अशोक गहलोत के 'वैभव', जिनकी जाँच कर रही है ईडी
ईडी का दावा- सीएम बघेल को महादेव ऐप से मिले करोड़ों, कांग्रेस बोली- मोदी के अस्त्रों से हमें बचाएगा वोटरों का कवच,
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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ऑनलाइन सट्टा महादेव ऐप के मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने दावा किया कि उसने एक कैश कूरियर का बयान दर्ज किया है, जिसने आरोप लगाया है कि महादेव ऐप के प्रमोटरों ने अब तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है.
ईडी का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है. ईडी का दावा है कि उसे सूचना मिली थी कि 7 और 17 नवंबर, 2023 को होने वाले विधानसभा चुनावों के संबंध में महादेव ऐप के प्रमोटरों द्वारा छत्तीसगढ़ में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाया जा रहा है.
इसके बाद ईडी ने कार्रवाई की.
ईडी की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "इससे बड़ा मजाक और क्या हो सकता है कि आप किसी सूबे के मुख्यमंत्री से किसी आदमी से मार-पीट के या दबाव डालकर बोलवा दो... मैं किसी को पकड़ लूं और बोल दूंगा कि प्रधानमंत्री का नाम लेने के लिए तो क्या (वे) प्रधानमंत्री से पूछताछ करेंगे."
प्रवर्तन निदेशालय के बयान के बाद पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा, "छत्तीसगढ़ और राजस्थान में निश्चित हार को भांपते हुए प्रधानमंत्री ने अपना अंतिम और एकमात्र अस्त्र... मोदी-अस्त्र चला दिया है. वो इससे कांग्रेस के नेताओं को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं. लेकिन छत्तीसगढ़ और राजस्थान के लोग कांग्रेस पार्टी के कवच हैं. मोदी की धमकियां, मतदाताओं की दृढ़ता को मज़बूत करेंगी. उन्हें मालूम है कि ये सब इलेक्शन ड्रामा है."
उधर, छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रवक्ता केदार गुप्ता ने कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए.
उन्होंने कहा, "ऐसा माना जा रहा है ये महादेव सट्टा ऐप से जुड़ा हुआ पैसा है जिसके तार मुख्यमंत्री सचिवालय से जुड़े हुए हैं. लगता है कि छत्तीसगढ़ में होने वालो चुनाव में इस पैसे का उपयोग होना था, माननीय मुख्यमंत्री जी इसका जवाब दें?"
प्रवर्तन निदेशालय का दावा
ईडी का कहना है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के चुनावी खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने के लिए विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात से भेजे गए,
एक कैश कूरियर असीम दास को इस मामले में हिरासत में लिया गया.
ईडी के अनुसार 5.39 करोड़ रुपये की नकद राशि असीम दास की कार और घर से बरामद की है. ईडी का कहना है कि असीम दास ने स्वीकार किया है कि जब्त की गई धनराशि, महादेव ऐप प्रमोटरों द्वारा छत्तीसगढ़ में आगामी चुनाव खर्चों के लिए एक राजनेता 'बघेल' को देने की व्यवस्था की गई थी.
गौरतलब है कि गुरुवार को ईडी ने भिलाई शहर से असीम दास ऊर्फ बप्पा और एक कॉन्स्टेबल भीम सिंह यादव को गिरफ़्तार किया.
शुक्रवार को ईडी ने असीम दास और भीम सिंह यादव को रायपुर की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से दोनों को 7 दिनों की ईडी की रिमांड में भेज दिया गया है.
ईडी ने महादेव ऐप के मामले में पहले ही 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और 450 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त किया है. इसके अलावा 14 लोगों के ख़िलाफ़ अभियोजन भी दायर किया गया है.
क्या है महादेव ऐप
ईडी के अनुसार छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर के रहने वाले सौरभ चंद्राकर ने अपने साथी रवि उप्पल के साथ मिल कर ऑनलाइन सट्टा ऐप की शुरुआत की.
आरोप है कि बड़ी संख्या में राज्य के कई पुलिसकर्मियों ने न केवल इस धंधे को संरक्षण दिया, बल्कि इस कारोबार का हिस्सा भी बन गए.
ईडी के अनुसार 2019 में सौरभ और रवि ने अपना पूरा कारोबार दुबई से संचालित करना शुरू किया. इधर ‘महादेव बुक’ से कुछ ही महीनों के भीतर 12 लाख से अधिक सट्टेबाज़ जुड़ गए, जिसका एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ का था.
इस कारोबार को बढ़ाने में सोशल मीडिया की सबसे बड़ी भूमिका रही. सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करके दुनिया के कई देशों में इसके ग्राहक बनाए गए.
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छत्तीसगढ़ में तो बड़ी संख्या में लोग इस ऐप की आईडी और पासवर्ड बेचने के काम में जुट गए. इस आईडी और पासवर्ड के सहारे क्रिकेट से लेकर चुनाव तक में सट्टा लगाया जाने लगा और हज़ारों की संख्या में खोले गए तरह-तरह के बैंक अकाउंट के ज़रिए सारा लेन-देन होता रहा.
पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार कोरोना काल में 2020 में ‘महादेव ऐप’ का कारोबार दिन-दोगुना, रात-चौगुना रफ़्तार से आगे बढ़ा. जब बिना दर्शकों के आईपीएल क्रिकेट की शुरुआत हुई तो महादेव ऐप पर दो हज़ार करोड़ से अधिक की सट्टेबाज़ी हुई.
इस धंधे की कमाई से कुछ फ़िल्मों में भी निवेश हुआ. बॉलीवुड के एक प्रसिद्ध नृत्य निदेशक के अभिनय वाली एक फ़िल्म में सौरभ के भाई के भी पैसे लगे. इसके अलावा होटल के कारोबार में भी कुछ करोड़ लगाए गए.
पिछले ही महीने इस मामले में ईडी ने कई फिल्मी सितारों को भी नोटिस जारी किया है.
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क्रिकेट विश्वकप: अफ़ग़ानिस्तान ने नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ जीत अफ़ग़ान शरणार्थियों के नाम की
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इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान की क्रिकेट टीम के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी
अफ़ग़ानिस्तान की
क्रिकेट टीम के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने शुक्रवार को नीदरलैंड को हराकर ये जीत अफ़ग़ान शरणार्थियों को समर्पित की है.
अफ़ग़ानिस्तान ने
शुक्रवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में वर्ल्ड कप के तहत हुए मुकाबले में
नीदरलैंड को सात विकेट से हराया है.
इस मैच में नीदरलैंड ने 46.3 ओवर में 179 रन बनाए गए थे जिसके बाद अफ़ग़ानिस्तान ने लक्ष्य का पीछा
करते हुए तीन विकेट के नुकसान पर 181 रन बनाकर 31.3 ओवर में मैच जीत लिया.
अफ़ग़ानिस्तान
की ओर से मोहम्मद नबी ने सबसे ज़्यादा तीन विकेट लिए.
टीम के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने कहा, "हमने अच्छी बॉलिंग के साथ ही लक्ष्य का पीछा भी अच्छी तरह किया. ये तीसरा मौका है जब हमने लक्ष्य हासिल किया."
वहीं, मोहम्मद नबी
की तारीफ़ करते हुए कप्तान हशमतुल्लाह ने उन्हें एक ख़ास खिलाड़ी बताया.
उन्होंने कहा कि नबी एक ख़ास खिलाड़ी हैं. जब भी
टीम को उनकी ज़रूरत होती है तो वह रास्ता दिखाते हैं.
इस मौके पर शाहिदी ने बताया कि उन्होंने अब से तीन महीने पहले ही अपनी माँ को खोया है जिस वजह से उनका परिवार दुख और ग़म के दौर से गुज़र रहा है.
उन्होंने कहा, "हम कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह सेमी-फाइनल में पहुंच जाएं. अगर हम ऐसा करने में सफल हुए तो ये
हमारे लिए बड़ी सफलता होगी. मैंने तीन महीने पहले ही अपनी माँ को खोया है, ऐसे में
मेरा परिवार अभी दुख और दर्द से गुज़र रहा है. ऐसे में ये हमारे देश के लिए एक बड़ी
उपलब्धि होगी. और उसके बाद मेरे लिए. मैं एक संदेश देना चाहता हूं. हमारे कई
लोग शरणार्थी के रूप में संघर्ष कर रहे हैं. हम सभी उनके वीडियो देखकर उनका दर्द महसूस
कर रहे हैं. मैं ये जीत उन्हें समर्पित करना चाहता हूं."
क्रिकेट की दुनिया
में अफ़ग़ानिस्तान का टीम अपेक्षाकृत रूप से काफ़ी नयी है.
लेकिन इस विश्वकप के
दौरान इस टीम ने कई बड़े उलटफेर करके दिखाए हैं जिनमें इंग्लैंड से लेकर पाकिस्तान
जैसी मजबूत टीमों को हराना शामिल है.
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हिज़बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह ने कहा- 'दो लक्ष्य हैं, जंग ख़त्म करना और हमास की जीत'
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इमेज कैप्शन, लेबनानी चरमपंथी संगठन हिज्बुल्लाह के नेता नसरल्लाह
लेबनान के चरमपंथी
संगठन हिज़बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह ने शुक्रवार को जारी अपने संदेश में कहा है
कि सभी विकल्प खुले हुए हैं.
उन्होंने कहा है कि इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि हिज़बुल्लाह इस जंग में कब शामिल होगा. हिज़बुल्लाह इस जंग में 8 अक्टूबर से शामिल है.
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अब तक इस जंग में 57 हिज़बुल्लाह लड़ाके मारे जा चुके हैं.
इसके साथ ही उन्होंने इस जंग के लिए अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया है.
उन्होंने कहा कि इस वक़्त सिर्फ दो लक्ष्य हैं, पहला लक्ष्य जंग ख़त्म करना है और दूसरा लक्ष्य इस
जंग में हमास की जीत सुनिश्चित करना है.
हिज़बुल्लाह प्रमुख ने ये भी कहा है कि सात अक्टूबर को दक्षिणी इसराइल पर हुए हमास के हमले में किसी बाहरी तत्व का हाथ नहीं था.
उन्होंने ये भी कहा कि लेबनान सीमा पर टकराव बढ़ने की पूरी संभावनाएं हैं.
हमास के हमले ने इसराइल की कमज़ोरी को उजागर कर दिया: हिज़बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सभा अध्यक्ष से माफी मांगेंगे राघव चड्ढा,
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इमेज कैप्शन, आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा
सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा से उप राष्ट्रपति जगदीप
धनखड़ से मिलकर अपने अनिश्चितकालीन निलंबन पर माफ़ी मांगने को कहा है.
राघव चड्ढा ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स (ट्विटर) पर लिखा है कि “माननीय सर्वोच्च अदालत
के आदेश के बाद मैंने राज्यसभा के माननीय अध्यक्ष के साथ मुलाक़ात करने के लिए समय
मांगा है.”
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इससे पहले सर्वोच्च अदालत में मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने उम्मीद जताई थी कि राज्य सभा के अध्यक्ष इस मामले को सहानुभूति से देखेंगे.
सुप्रीम कोर्ट की इस पीठ ने चड्ढा के वकील की ओर से बयान दर्ज किया है जिसमें बताया गया है कि राघव चड्ढा का सदन की गरिमा को भंग करने का कोई इरादा नहीं है. वह राज्यसभा अध्यक्ष से समय मांगेंगे ताकि वह उनसे बिना शर्त माफ़ी मांग सकें.
राघव चड्ढा को पांच राज्यसभा सदस्यों की सहमति लिए बिना सलेक्ट कमेटी के लिए उनका नाम सुझाने के मामले में निलंबित किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमानी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा है कि दिवाली की छुट्टियों के बाद इस मामले में क्या हुआ, उसकी जानकारी दी जाए.
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हिज्बुल्लाह प्रमुख के भाषण से ठीक पहले इसराइली सेना क्या बोली?
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हिज्बुल्लाह चीफ नसरल्लाह
शुक्रवार शाम यानी अब से कुछ देर में भाषण देंगे.
माना जा रहा है कि वो
इसराइल के ग़ज़ा पर किए जा रहे हमलों को लेकर कुछ बोल सकते हैं.
इसी भाषण को दिए जाने से
ठीक पहले इसराइल की सेना ने कहा है कि वो लेबनान के बॉर्डर पर हाई अलर्ट पर है.
इसराइली सेना ने कहा है
कि हमारे जवान तैनात हैं और तैयार हैं.
सेना ने कहा कि हम लेबनान
के लोगों से कह रहे हैं कि हमास की ख़ातिर अपना भविष्य कुर्बान मत कीजिए.
हिज्बुल्लाह लेबनान का चरमपंथी संगठन है.
शिया कट्टरवाद पर आधारित हिज्बुल्लाह की स्थापना 1982 में इस्लामिक देश लेबनान में हुई थी.
इसराइल के मुताबिक़ हिज्बुल्लाह में क़रीब 45,000 लड़ाके हैं, जिसमें से 20,000 सक्रिय रहते हैं और 25,000 रिज़र्व में.
अखिलेश यादव कांग्रेस से फिर नाराज़ दिखे, क्या कुछ कहा?
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इंडिया गठबंधन के सहयोगी
दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच दूरियां लगातार सामने आ रही हैं.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव
ने शुक्रवार को मीडिया से कहा, ''जहां तक गठबंधन (एमपी विधानसभा चुनाव) का सवाल है तो वो कांग्रेस पार्टी ने मना किया है. मैं कांग्रेस नेताओं के
इंटरव्यू पढ़ता हूं कि समाजवादी पार्टी जातिवादी पार्टी है. सपा परिवारवादी पार्टी
है. ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी में क्या फर्क है? जो बीजेपी बोल रही है,
वही कांग्रेस बोल रही है.''
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एक पत्रकार ने अखिलेश से कहा कि परिवारवाद तो हर पार्टी में है.
इस पर अखिलेश कहते हैं, ''वही तो. हर पार्टी में परिवारवाद है. आरोप केवल एक पार्टी पर नहीं लगना चाहिए.''
कुछ दिन पहले सपा की एक बैठक में भी अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनावों को लेकर कहा था कि पार्टी अगर इंडिया गठबंधन के साथ आगे बढ़ती है तो वो कम से कम 65 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
अखिलेश ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सपा से अलग चुनाव लड़ने पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी.
वो बोले थे- कांग्रेस ने उस सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारा है, जहां से 2018 विधानसभा चुनावों में सपा उम्मीदवार की जीत हुई थी.
चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया चंद्रचूड़ बोले- हम नहीं चाहते कि सुप्रीम कोर्ट ‘तारीख-पर-तारीख’अदालत बने
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भारत के मुख्य न्यायाधीष डीवाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को वकीलों से नए मामलों में स्थगन (एडजर्नमेंट्स) का अनुरोध नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि सुप्रीम कोर्ट ‘तारीख-पर-तारीख’अदालत बन जाए.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, दिन की कार्यवाही की शुरुआत में चीफ़ जस्टिस ने नए मामलों में वकीलों द्वारा स्थगन के अनुरोध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले दो महीने में वकीलों ने 3,688 मामलों में स्थगन का अनुरोध किया.
चीफ़ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी हैं.
उन्होंने कहा, "जब तक अत्यंत जरूरी नहीं हो, तब तक कृपया स्थगन का अनुरोध नहीं करें...मैं नहीं चाहता कि यह अदालत ‘तारीख-पर-तारीख’ अदालत बन जाए.’’
‘तारीख-पर-तारीख’ हिंदी फिल्म ‘दामिनी’ में सनी देओल का लोकप्रिय डायलॉग है. जिसमें अभिनेता ने फिल्म में अदालत के बार-बार तारीख दिए जाने पर गुस्सा जाहिर किया था.
इसराइल में काम करने वाले ग़ज़ा के लोगों पर नेतन्याहू सरकार का बड़ा फ़ैसला
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इसराइली सरकार ने घोषणा की है कि इसराइल में काम कर रहे ग़ज़ा के सभी लोगों को वापस भेजा जाएगा.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से किए गए एक ट्वीट में बताया गया है, "इसराइल ग़ज़ा के साथ हर तरह के संबंध तोड़ रहा है. अब इसराइल में ग़ज़ा का कोई फ़लस्तीनी वर्कर नहीं होगा. हमास के हमले के दिन ग़ज़ा के जो वर्कर्स इसराइल में थे, उन्हें ग़ज़ा भेजा जाएगा."
इसराइल के सिक्योरिटी कैबिनेट ने इस पर भी सहमति जताई है कि फ़लस्तीनी अथॉरिटी फंड में ग़ज़ा के लिए जो भी तय फंड है, उसे ख़त्म किया जाए.
फ़लस्तीनी अथॉरिटी सिर्फ़ कब्जे वाले वेस्ट बैंक के इलाकों में शासन करता है, उसका हमास शासन वाली ग़ज़ा पट्टी पर नियंत्रण नहीं है.
फ़लस्तीनी नागरिक मामलों की एक इसराइली डिफ़ेंस बॉडी 'कॉगेट' ने बताया है कि सात अक्टूबर के हमले से पहले ग़ज़ा के करीब 18,500 फ़लस्तीनी लोगों को इसराइल में आने की अनुमति थी.
एल्विश यादव की गिरफ़्तारी के सवाल पर यूपी पुलिस ने क्या कहा?
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उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को यू-ट्यूबर और बिग बॉस विजेता एल्विश यादव के
ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर पर विस्तार से जानकारी दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, नोएडा में हुई रेव पार्टी में सांप उपलब्ध कराए जाने से जुड़े मामले में दर्ज एफ़आईआर में एल्विश यादव का नाम शामिल है.
इस मामले में उनके साथ-साथ पांच अन्य लोगों के ख़िलाफ़ भी नामज़द एफ़आईआर दर्ज कराई गई है.
यूपी पुलिस में डीसीपी के पद पर तैनात राम बदन सिंह ने बताया है कि इस मामले
में अब तक पांच लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
राम बदन सिंह कहते हैं, ‘इस मामले में एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े गौरव
गुप्ता ने एक एफ़आईआर दर्ज कराई है. इसमें बताया गया है कि गौरव गुप्ता ने एल्विश
यादव से संपर्क किया था कि उन्हें एक पार्टी के लिए सांपों की ज़रूरत है. इस पर एल्विश यादव की ओर से एक राहुल यादव नामक शख़्स का नंबर दिया गया. इस शख़्स से संपर्क
करके इनसे सांप का विष उपलब्ध कराने से जुड़ी बातचीत की गयी. इस पार्टी में फॉरेस्ट की टीम और पुलिस टीम भी गई थी जिसमें पांच लोग
गिरफ़्तार किए गए हैं. इस मामले में नौ सांप बरामद किए गए हैं.”
डीसीपी राम बदन सिंह से पूछा गया कि इन लोगों की गिरफ़्तारी कब तक हो पाएगी? इस पर वो जवाब देते हैं- हमारी टीम काम कर रही है, जल्दी हो जाएगी.
इस मामले में जिस राहुल यादव नामक शख़्स का नाम सामने आ
रहा है, वह यू-ट्यूबर एल्विश यादव के मैनेज़र बताए जा रहे हैं.
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बीजेपी सांसद मेनका गांधी की ओर से एल्विश यादव पर आरोप लगाया गया है कि ‘एल्विश अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रेव पार्टी आयोजित करवाते हैं और वहां सांप एवं उसका ज़हर मुहैया करवाते हैं.’
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मेनका के आरोपों पर एल्विश यादव ने कहा, ''ऐसे लोगों को ऐसे पदों पर देखकर हैरान हूं. जिस हिसाब से मैडम ने इल्ज़ाम लगाए हैं, उस हिसाब की माफ़ी भी तैयार रखें.''
मणिपुर: पुलिस कमांडो, असम राइफल्स के ऑपरेशन से बढ़ा तनाव, पूरा मामला क्या है,
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भारत- म्यांमार सीमा से
सटे मणिपुर के मोरेह शहर में पिछले तीन दिनों से चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चल रहे
अभियान से इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है.
असम राइफल्स और मणिपुर
पुलिस कमांडो ने इलाके में सक्रिय चरमपंथियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान शुरू
किया है.
मणिपुर में सत्तारूढ़ बीजेपी
के आठ विधायकों सहित सभी 10 कुकी विधायकों
ने गुरुवार को राज्य पुलिस पर महिलाओं से छेड़छाड़ और उनके समुदाय के लोगों पर
हमला करने का आरोप लगाया है.
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दरअसल दो दिन पहले मणिपुर पुलिस के एक सब डिविजनल पुलिस अधिकारी चिंगथम आनंद की संदिग्ध कुकी उग्रवादियों की गोलीबारी में मौत हो गई थी. इसके बाद मणिपुर सरकार ने मोरेह शहर के आसपास इन चरमपंथियों की तलाश शुरू की है.
पिछले तीन दिनों से मोरेह शहर पूरी तरह बंद है और पुलिस कमांडो की इस कार्रवाई के डर से सैकड़ों कुकी लोग अपना घर छोड़कर असम राइफल्स कैंप के बाहर शरण लिए हुए हैं.
मोरेह शहर में कुकी संगठन के एक नेता ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया, "चरमपंथियों की तलाशी के नाम पर मणिपुर के पुलिस कमांडो हमारे लोगों के साथ मारपीट कर रहे हैं और महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं. मणिपुर पुलिस के ये कमांडो मैतेई समुदाय से हैं. असम राइफल्स के लोग मूकदर्शक बने हुए हैं. हमने पुलिस अधिकारी की मौत की निंदा की थी लेकिन कुछ चरमपंथियों की गलती के कारण पूरे कुकी समाज के साथ अत्याचार करना कहां से उचित है."
ऐसे आरोप हैं कि पुलिस कमांडो के डर से सैकड़ों कुकी लोगों ने अपना घर-बार छोड़कर अलग-अलग जगह शरण ले रखी है. कुछ लोगों ने अपने छोटे बच्चों के साथ असम राइफल्स कैंप के गेट के बाहर डेरा डाला हुआ है. इस संदर्भ में मणिपुर में तैनात असम राइफल्स के एक लेफ्टिनेंट कर्नल का कहना है कि जब तक इलाके में चरमपंथियों के खिलाफ अभियान चल रहा है, वे ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं कर सकते. अधिकारी ने इस बात की भी पुष्टि नहीं की कि क्या उनके कैंप के बाहर कुकी लोगों ने शरण ले रखी है.
कुकी जनजाति के संगठनों ने शुक्रवार को मणिपुर में मानवाधिकार के उल्लंघन के खिलाफ नई दिल्ली में एक विशाल रैली का आयोजन किया.
इस बीच कुकी जनजातीय संगठन कुकी इंग्पी ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन सौंपकर मैतेई पुलिस कमांडो और आरमबाई टैंगोल द्वारा कुकी लोगों पर कथित अत्याचार करने की शिकायत की है.
ग़ज़ा में मारे गए बच्चों पर इरफ़ान पठान ने किया ट्वीट तो लोगों ने पूछे सवाल
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भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने शुक्रवार को ग़ज़ा में हमास और इसराइल
के बीच जारी संघर्ष पर ट्वीट करके वैश्विक नेताओं से अपील की है कि इस संघर्ष को
जल्द से जल्द ख़त्म कराया जाए.
इरफ़ान पठान ने लिखा है, “ग़ज़ा
में हर रोज़ दस साल से कम उम्र वाले बेगुनाह बच्चों की जान जा रही है और दुनिया चुप
है. एक खिलाड़ी होने के नाते मैं सिर्फ़ आवाज़ उठा सकता हूं. लेकिन अब बहुत हो गया,
दुनिया भर के नेताओं को एकजुट होकर मौत के इस सिलसिले को ख़त्म करना चाहिए.”
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फ़लस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास ने बीती 7 अक्टूबर को इसराइल पर एक अभूतपूर्व हमला किया था. इसके बाद इसराइल ने हमास के ख़िलाफ़ जंग का एलान करते हुए ग़ज़ा पट्टी पर बमबारी शुरू की थी जो अब तक जारी है.
इस संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के हज़ारों लोगों की मौत हो चुकी है. हमास के हमले में जहां इसराइल में 1400 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी. वहीं, ग़ज़ा में जारी इसराइली बमबारी में अब तक 9000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इनमें 3500 से ज़्यादा बच्चे शामिल हैं.
लेकिन इस ट्वीट के बाद इरफ़ान पठान को भारतीय और पाकिस्तानी एक्स (ट्विटर) यूज़र्स की ओर से ट्रोल किया जा रहा है.
हेमिर देसाई नामक ट्विटर यूज़र लिखते हैं – “इरफ़ान पठान ने कश्मीरी पंडितों के साथ हुए नरसंहार पर आवाज़ क्यों नहीं उठाई. हमास के आतंकियों ने इसराइली लोगों के घर में घुसकर लड़कियों को अग़वा करके बच्चों और बेगुनाह लोगों को मारा था.”
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वहीं, पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत काज़मी ने लिखा है – “इरफ़ान पठान की ओर से उनके ट्वीट पर टिप्पणी करने का विकल्प बंद करना बताता है कि भारतीय उनके इस ट्वीट पर किस तरह की प्रतिक्रियाएं देगी. इस बीमार मानसिकता को समझने के लिए सिर्फ़ कोट रीट्वीट देख लीजिए. लेकिन ग़ज़ा में लगभग एक महीने से जारी बर्बरता के बाद उनकी ओर से आख़िरकार आवाज़ उठाए जाने की कद्र करता हूं.”.
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भारतीय ट्विटर यूज़र अतुल मिश्रा ने लिखा है – “पाकिस्तानी अफ़ग़ानी नागरिकों को उनके बच्चों के साथ बाहर निकाल रहे हैं. उस पर आपका क्या कहना है?”
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ऋषि बागरी ने लिखा है – “किसने शुरू किया है? किसने 1400 बेगुनाह नागरिकों को मारा जिनमें बच्चे भी शामिल थे. किसने 200 बेगुनाह नागरिकों को अगवा किया?”
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नेपाल और ओमान ने टी-20 क्रिकेट वर्ल्डकप के लिए किया क्वालिफाई
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अगले साल 2024 में टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप होना है.
नेपाल
और ओमान की टीम ने इस वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर लिया है.
टी-20 वर्ल्डकप में जगह बनाने के लिए ओमान ने बहरीन
को 10 विकेट से हराया.
वहीं, नेपाल ने एक मुश्किल मुकाबले में यूएई को आठ विकेट से हराया.
ओमान की टीम के लिए ये
पहला मौक़ा होगा, जब वो टी-20
वर्ल्डकप में खेलेगी.
सांप वाले वायरल वीडियो और मेनका गांधी पर भड़के एल्विश यादव क्या बोले?
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यू-ट्यूबर एल्विश यादव ने
रेव पार्टी में सांप मुहैया करवाने वाले आरोपों को ख़ारिज किया है.
एल्विश यादव समेत छह लोगों पर नोएडा में
एफ़आईआर दर्ज की गई है.
बीजेपी सांसद मेनका गांधी
की संस्था की शिकायत पर ये एफ़आईआर दर्ज हुई है.
मेनका गांधी ने भी एक
न्यूज़ चैनल से कहा- एल्विश अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रेव पार्टी आयोजित करवाते
हैं और वहां सांप, उसका ज़हर मुहैया
करवाते हैं.
एल्विश यादव ने इन आरोपों
को ख़ारिज किया है और सोशल मीडिया पर मेनका गांधी को घेरा है.
एल्विश यादव ने कहा,
''ऐसे लोगों को ऐसे पदों पर देखकर हैरान हूं. जिस
हिसाब से मैडम ने इल्ज़ाम लगाए हैं, उस हिसाब की माफ़ी भी तैयार रखें.''
एक दूसरे ट्वीट में
एल्विश कहते हैं- इस्कॉन पर इल्ज़ाम लगा लो. मुझ पर लगा लो. ऐसे मिलती है लोकसभा
की टिकट?
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शुक्रवार सुबह से एल्विश यादव का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एल्विश सांप हाथ में लिए दिखते हैं.
इस वीडियो पर एल्विश यादव ने ट्वीट किया- ''ये सीन छह महीने पुराने एक वीडियो का है. हर चीज़ पर भरोसा मत कीजिए.''
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दिल्ली-एनसीआर में जानलेवा प्रदूषण से ख़ुद को ऐसे बचाएं
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दिल्ली-एनसीआर में
प्रदूषण ख़तरनाक स्तर पर है.
दिल्ली एनसीआर में एयर
क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार को 450 के पार है.
वायु गुणवत्ता सूचकांक: हवा कब तक सही, कब गड़बड़?
0-50: अच्छा
51-100: संतोषजनक
101-200: मध्यम
201-300: ख़राब
301-400: बेहद ख़राब
401- 500: गंभीर और ख़तरनाक
इस बढ़े प्रदूषण के कारण
लोगों को सांस लेने में भी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है. आने वाले दिनों
में वायु प्रदूषण और ज़्यादा बढ़ सकता है.
इस तरह के प्रदूषण से
बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं? बीबीसी ने कुछ वक़्त पहले जानकारों से यही समझने की कोशिश की थी.
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पढ़िए कैसे आप इस प्रदूषण से बच सकते हैं?
ऐसे प्रदूषण में खेलना, कूदना, जॉगिंग और वॉकिंग बंद कर देनी चाहिए
किसी भी तरह की सांस से जुड़ी कोई भी दिक़्क़त आपको हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें
घर के अंदर अगर खिड़की खुली रखते हैं तो तुरंत ही उसे बंद कर लें
अगर आपके पास ऐसा एसी है जो बाहर की हवा खींचता है, तो उस एसी का इस्तेमाल बंद कर दें
अगरबत्ती, मोमबत्ती या किसी तरह की लकड़ी न जलाएं, इससे प्रदूषण और बढ़ेगा.
घर पर वैक्यूम क्लिंनिंग का इस्तेमाल न करें. हमेशा धूल साफ करने के लिए पोछे का इस्तेमाल करें
धूल के बचने के लिए कोई भी मास्क आपकी सहायता नहीं करेगा. मास्क N-95 या P-100 ही इस्तेमाल करें. इस तरह के मास्क में सबसे सूक्ष्म कण से लड़ने की क्षमता होती है.