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यूएन महासचिव बोले- हमास का हमला 'अकारण' नहीं, इसराइल हुआ नाराज़

इसराइल पर हमास के हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बड़ा बयान दिया है जिसके बाद इसराइल ने उनका इस्तीफ़ा मांगा है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and अनंत प्रकाश

  1. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बोले- इसराइल पर 'अकारण' नहीं हुआ हमास का हमला

    संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनी गुटेरेस ने मंगलवार को इसराइल हमास संघर्ष पर बयान दिया है जिस पर इसराइल की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है.

    संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनी गुटेरेस ने कहा है कि सात अक्टूबर को हमास की ओर से किया गया हमला किसी 'वैक्यूम' यानी 'अचानक या अकारण' नहीं था.

    उन्होंने कहा कि ‘फ़लस्तीनी लोग पिछले 56 साल से दमघोंटू क़ब्ज़े की प्रताड़ना झेल रहे हैं. उन्होंने अपनी ज़मीन को धीरे-धीरे (इसराइली) बस्तियों और हिंसा की चपेट में आते देखा है. उनकी अर्थव्यवस्था चरमरा गई. उनके लोग विस्थापित हुए और घर तबाह कर दिए गए. उनके कष्टों के राजनीतिक समाधान की उम्मीदें धूमिल हो रही थीं.’

    लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि 'हमास के भयावह हमलों को फ़लस्तीनी लोगों की शिकायतों से सही नहीं ठहराए जा सकता और न ही उन्हें फ़लस्तीनी लोगों को मिली सज़ाओं के लिए सही ठहराया जा सकता है.'

    ये बयान आने के बाद संयुक्त राष्ट्र में इसराइली एंबेसडर गिलाड इरडान ने गुटेरेस के इस्तीफ़े की मांग की है.

    इसी बीच हमास नियंत्रित ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि पिछले 24 घंटों में ग़ज़ा में 700 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

    ये इस संघर्ष के दौरान 24 घंटों के अंतराल में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

    इसके साथ ही अब तक इस संघर्ष में इसराइली बमबारी की वजह से ग़ज़ा में मरने वालों की संख्या 5700 से ज़्यादा हो चुकी है.

    वहीं, इसराइल में इस संघर्ष की वजह से 1400 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

  2. वंशवाद को लेकर उद्धव का पीएम मोदी पर निशाना, बोले- मुझे परिवार पर गर्व

    महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क में अपनी पार्टी की दशहरा रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वंशवाद को लेकर निशाना साधा.

    उद्धव ने पीएम मोदी द्वारा परिवारवाद को लेकर उन्हें निशाने पर लेने को लेकर कहा कि 'मुझे अपने परिवार पर गर्व है.'

    उद्धव ठाकरे ने कहा, “मोदी ने परिवारवाद पर बात की. हां, मैं परिवारवाद का समर्थक हूं क्योंकि मुझे अपने परिवार पर गर्व है. जो लोग परिवार की व्यवस्था में विश्वास नहीं रखते, वे वंशवाद की बात क्यों करते हैं?”

    आगे उन्होंने कहा, “वंशवाद की बात करने सेपहले उस वंशवाद को उतारो जो आपने अपने सिर पर चढ़ा रखा है.”

    एकनाथ शिंदे का उद्धव पर तंज

    वहीं, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने मुंबई के आज़ाद मैदान में अपनी पार्टी की दशहरा सभा का आयोजन किया. इसमें बाला साहेब ठाकरे के लिए एक कुर्सी छोड़ी गई थी.

    यह कार्यक्रम मुंबई नगर निगम मुख्यालय के सामने आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में शिवसेना नेता आनंद दिघे की तस्वीर भी लगाई गई थी.

    इस कार्यक्रम के दौरान शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि 'बाला साहेब ने जिस कांग्रेस की निंदा की थी, अब उसी के गीत गाए जा रहे हैं.'

  3. अर्दोआन ने पुतिन से इसराइल हमास संघर्ष पर की बात, पश्चिमी देशों के रुख पर हुई चर्चा

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने मंगलवार को इसराइल और हमास के बीच जारी जंग के मुद्दे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बात की है.

    तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय ने इसकी जानकारी दी है.

    तुर्की की ओर से एक्स (ट्विटर) पर लिखा है – राष्ट्रपति अर्दोआन ने फ़लस्तीन की ज़मीन पर लगातार बढ़ती बर्बरता और नागरिक मौतों के आंकड़ों पर जोर देते हुए कहा है कि पश्चिमी देशों की चुप्पी की वजह से ये मानवीय संकट उस स्तर पर पहुंच गया है जिसे रोका नहीं जा सकता.”

    अर्दोआन ने ये भी कहा कि तुर्की लगातार इस क्षेत्र में अमन और शांति स्थापित करने की दिशा में प्रयास करना जारी रखेगा.

    ये फ़ोन वार्ता उस दौर में हुई है जब तुर्की पर इसराइल को लेकर अपने रुख में बदलाव लाने का आरोप लगाया जा रहा है.

    इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए क्लिक करें

  4. नवाज़ शरीफ़ को फौरी राहत देते हुए इस्लामाबाद कोर्ट ने क्या कहा,

    इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने एवेनफील्ड और अल-अज़ीज़ा मिल केस में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की प्रोटेक्टिव बेल दो दिन के लिए बढ़ा दी है.

    इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो से कहा है कि वह अपने चेयरमैन से जाकर पूछे कि क्या एनएबी इस मामले को आगे लेकर जाना चाहती है. एनएबी इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता है.

    साल 2019 में पाकिस्तान छोड़ने से पहले नवाज़ शरीफ़ को इन मामलों में क्रमश: दस और सात साल की सज़ा सुनाई गई थी.

    नवाज़ शरीफ़ तोशाख़ाना मामले में भी वॉंटेड हैं और भगौड़ा घोषित किए गए थे.

    लेकिन नवाज़ शरीफ़ आज सुबह जज के सामने पेश हुए जिसके बाद कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ जारी अरेस्ट वॉरंट निलंबित किया. इसके साथ ही अदालत ने इस मामले की सुनवाई 20 नवंबर से शुरू करने का फ़ैसला किया है.

    नवाज़ शरीफ़ को इस मामले में फौरी राहत मिल गयी है लेकिन उन पर गिरफ़्तारी की तलवार अभी भी लटक रही है.

    बीबीसी के कोर्ट रिपोर्टर शहज़ाद मलिक के मुताबिक़, अदालत में माहौल 2017-18 की तुलना में काफ़ी अलग था. नवाज़ शरीफ़ के बरी होने के लिए क़ानूनी आधार हैं. हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ बदला हुआ सरकारी रुख कई सवाल खड़े करेगा. इस मामले की तुलना इमरान ख़ान के साथ भी की जाएगी क्योंकि उन्होंने भी तोशाख़ाना मामले में जमानत याचिका दायर की थी जिसे अस्वीकार कर दिया गया है.

    नवाज़ शरीफ़ चार साल तक विदेश में रहने के बाद बीती 21 अक्टूबर को पाकिस्तान पहुंचे हैं. अदालत ने उन्हें इन मामलों में भगोड़ा घोषित किया हुआ था.

    अगर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ इन मामलों में खुद को बरी साबित कराने में सफल हो पाते हैं तो वह चुनाव लड़ने के साथ-साथ प्रधानमंत्री बनने में भी सक्षम होंगे.

  5. हमास ने छोड़े दो और बंधक, बाकियों का क्या? 24 अक्टूबर का 'दिन भर' सुनिए मोहन लाल शर्मा और प्रेरणा से

  6. इसराइल का दावा, हमास ग़ज़ा में पहुंचे ईंधन की कर रहा है जमाखोरी

    इसराइल ने दावा किया है कि ग़ज़ा के अस्पतालों और आम लोगों को जिस ईंधन की ज़रूरत है, हमास उसकी जमाखोरी कर रहा है.

    इसराइली सेना ने सोशल मीडिया पर कुछ सेटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं जिनमें इसराइल के मुताबिक़ मिस्र से सटती सीमा के पास हमास संचालित 12 फ्यूल टैंक दिख रहे हैं.

    इसराइल का ये दावा एक ऐसे समय पर आया है जब ग़ज़ा के अस्पतालों में ईंधन ख़त्म होने को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है.

    मिस्र के रास्ते कुछ खाने-पीने का सामान समेत अन्य मानवीय सहायता ट्रकों से पहुंच रही हैं.

    लेकिन इसराइल ने ग़ज़ा में ईंधन की सप्लाई की मंज़ूरी नहीं दी है. इसराइल का कहना है कि इस पर हमास का नियंत्रण होगा.

    सात अक्टूबर को हमास के हमले के पहले इसराइल ही केबल के ज़रिए ग़ज़ा में बिजली आपूर्ति कर रहा था. फिलहाल इसराइल ने इसे भी बंद कर दिया है.

    ग़ज़ा में हमास शासित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अस्पतालों में अब क़रीब 48 घंटे का ही ईंधन बचा है.

    मंत्रालय ने कहा कि बीती रात उत्तरी ग़ज़ा में इंडोनेशिया अस्पताल में ईंधन खत्म होने से ब्लैकआउट हो गया.

    24 घंटे में 700 से अधिक मौतें

    हमास शासित स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये भी जानकारी दी है कि सात अक्टूबर से अब तक ग़ज़ा में 5,791 लोगों की मौत हो गई है. कल से लेकर अब तक में इस आंकड़े में 700 तक की बढ़ोतरी हुई है.

    वहीं, इसराइल ने कहा है कि उसने बीते दिन ग़ज़ा में 400 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं.

  7. चीन ने अब अपने रक्षा मंत्री को भी हटाया, दो महीने से नहीं दिखे थे ली शांगफू़

    चीन ने अपने रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू़ को पद से हटा दिया है. तीन महीने के भीतर चीन ने दूसरे शीर्ष नेता को हटाया है.

    जुलाई महीने में विदेश मंत्री के पद से हटाए गए चिन गांग को आज स्टेट काउंसलर के पद से भी हटा दिया गया.

    चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी ने बताया है कि चीन के शीर्ष सांसदों और नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्टैंडिंग कमेटी ने दोनों को पद से हटाने पर मंज़ूरी दे दी है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, फिलहाल दोनों को हटाने के लिए कोई ख़ास स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है. वहीं, ली शांगफ़ू की जगह किसी दूसरे नेता की नियुक्ति भी नहीं हुई है.

    फिलहाल चीन में कोई रक्षा मंत्री नहीं है.

    ली शांगफ़ू बीते दो महीने से सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बीते महीने ही ये रिपोर्ट की थी कि ली भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं.

  8. अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान को हराया, वायरल हुए अजय जडेजा, तेंदुलकर और शोएब ने कही ये बात

    अफ़ग़ानिस्तान की क्रिकेट टीम ने सोमवार शाम पाकिस्तान पर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है.

    ये अफ़ग़ानिस्तान की वर्ल्ड कप मुकाबले में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहली जीत थी. इस जीत के बाद से सोशल मीडिया पर अफ़ग़ान खिलाड़ियों की लगन और मेहनत की तारीफ़ हो रही है.

    लेकिन इस जीत के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर रहे अजय जडेजा की तारीफ़ भी हो रही है.

    तारीफ़ करने वालों में भारत और पाकिस्तान के आम क्रिकेट प्रशंसकों से लेकर सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी भी शामिल हैं.

    अजय जडेजा को मैदान पर उनकी शानदार फील्डिंग और बल्लेबाज़ी के लिए जाना जाता था. जडेजा साल 1996 और 1999 के विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे.

    जडेजा ने साल 2023 में ही अफ़ग़ानिस्तान की क्रिकेट टीम की मेंटरिंग की ज़िम्मेदारी संभाली है.

    ऐसे में सोमवार शाम अफ़ग़ानिस्तान की जीत के बाद पूर्व भारतीय खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी शोएब मलिक समेत कई लोग जडेजा को इस जीत का आर्किटेक्ट करार दे रहे हैं.

    तेंदुलकर ने लिखा है - "इस विश्वकप में अफ़ग़ानिस्तान का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है. बल्ले के साथ उनका अनुशासन, मैदान पर दमदार रुख और विकेट्स के बीच आक्रामक रनिंग उनकी मेहनत के बारे में बताता है. ये सब अजय जडेजा के प्रभाव की वजह से हो सकता है."

    साल 1992 का वर्ल्ड कप जीतने वाली पाकिस्तानी टीम को हराने से पहले इसी टीम ने इंग्लैंड को भी हराया है.

    भारत से बाहर पाकिस्तान में भी उनकी तारीफ़ सुनी जा रही है.

    शोएब मलिक ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल 'ए स्पोर्ट्स' से बात करते हुए कहा, 'मैंने अजय जडेजा को उनके साथ बैठे देखा था. मैंने उनके साथ 2015 के वर्ल्ड कप के दौरान एक चैनल के लिए काम किया है. क्रिकेट को लेकर उनकी समझ शानदार है. उन्होंने कहा कि आपके आसपास सही लोग हों तो इसका बहुत फर्क पड़ता है.'

    अफ़ग़ानिस्तान की टीम ने 283 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आठ विकेट के साथ पाकिस्तान पर जीत दर्ज की है.

  9. कम वेतन मिलने की वजह से हड़ताल पर गईं इस देश की प्रधानमंत्री

    आइसलैंड में प्रधानमंत्री काटरीन याकब्सडोटीयर समेत लाखों महिलाओं ने मंगलवार को काम करने से इनकार कर दिया है.

    इसकी वजह तनख़्वाह में लैंगिक आधार पर असमानता और महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध होना बताई जा रही है.

    महिलाओं ने वेतन की असमानता और जेंडर आधारित हिंसा के विरोध में मंगलवार को काम करने से इनकार किया है.

    आइसलैंड में महिलाएं अधिकतर स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में काम करती हैं. साल 1975 के बाद से पहली बार महिलाएं पूरे दिन की हड़ताल पर गई हैं.

    आइसलैंड की प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैं इस दिन काम नहीं करूंगी और मैं उम्मीद करती हूं कि सभी महिलाएं (कैबिनेट में) ऐसा ही करेंगी.''

    प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस बात पर गौर कर रही है कि परंपरागत रूप से पुरुषों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों की तुलना में महिला-प्रधान व्यवसायों को कितना महत्व दिया जाता है.

    वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रैंकिंग में लैंगिक समानता के मामले में आइसलैंड 14 सालों तक दुनिया में सबसे बेहतर देश रहा है. लेकिन, यहां पूरी तरह समानता नहीं है क्योंकि फोरम ने इसे 91.2 फीसदी स्कोर दिया था.

    इससे पहले 1975 में आइसलैंड की 90 प्रतिशत महिला कर्मचारी हड़ताल पर चली गई थीं. उनकी मांग थी कि अर्थव्यवस्था में महिलाओं के योगदान को महत्व दिया जाए.

    इस हड़ताल के बाद अगले साल देश की संसद में समान वेतन से जुड़ा क़ानून पारित किया गया था.

  10. इसराइल से बोले मैक्रों, बंधकों को छुड़ाना होना चाहिए पहला मकसद

    फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को इसराइल पहुंचकर कहा है कि इस युद्ध का पहला मकसद सभी बंधकों को छुड़ाना होना चाहिए.

    मैक्रों ने ये बात इसराइली राष्ट्रपति आइज़क हरज़ॉग की मौजूदगी में कही.

    उन्होंने कहा कि इसराइल का कर्तव्य इस संघर्ष को विस्तार दिए बग़ैर हमास से लड़ना होना चाहिए.

    मैक्रों ने मंगलवार को तेल अवीव पहुंचकर उन इसराइली फ्रेंच नागरिकों से मुलाक़ात की जिन्होंने इस संघर्ष में अपनों को खोया है.

    मैक्रों ने ये भी बताया है कि अभी भी नौ फ्रैंच नागरिक लापता हैं या बंधक बनाकर रखे गए हैं.

    बीती 7 अक्टूबर को शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है.

    इससे पहले अमेरिका से लेकर ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों के नेता इसराइल पहुंच चुके हैं.

  11. अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम की जीत पर अमरुल्लाह सालेह ने दी बधाई

    अफ़ग़ानिस्तान की पूर्व सरकार में ख़ुफ़िया प्रमुख रहे और खुद को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान का कार्यकारी राष्ट्रपति बताने वाले अमरुल्लाह सालेह ने अफ़ग़ानिस्तान की क्रिकेट टीम को पाकिस्तान पर जीत के लिए बधाई दी है.

    अफ़ग़ानिस्तान की क्रिकेट टीम ने सोमवार शाम पाकिस्तान को वर्ल्ड कप के एक मुकाबले में हराकर इतिहास रच दिया है.

    ये वर्ल्ड कप के दौरान अफ़ग़ानिस्तान की पाकिस्तान पर पहली जीत थी.

    इस जीत पर सालेह ने लिखा है,“अफ़ग़ानिस्तान की क्रिकेट टीम को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक सही समय, एक सही जगह और सही संदेश के साथ हराने के लिए मेरी हार्दिक बधाई. अफ़ग़ानिस्तान का राष्ट्रीय झंडा नज़र आना इस जीत को गहरे मायने देता है.

    मैं इस ऐतिहासिक और भुलाई न जा सकने वाली जीत की तारीफ़ करता हूं. मैं अपनी क्रिकेट टीम से आह्वान करता हूं कि तालिबान के प्रतीकों और गुटों से जुड़े लोगोज़ से दूरी बनाकर रखें ताकि अपनी छवि को मजबूत बनाए रखें. आगे बढ़ते रहें, देश आपके साथ है.”

  12. हमास के कब्ज़े से रिहा हुई महिला बंधक ने बताया, कैसे रखा और क्या खिलाया

    फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के कब्ज़े से रिहा हुए दो बंधकों में से एक 85 वर्षीय योचेवेद लिफ़शिट्ज़ ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पिछले दो सप्ताह का अनुभव साझा किया है.

    उन्होंने कहा है कि हमास के लड़ाके उन्हें किबुत्ज़ से मोटरबाइक पर अगवा करके ले गए थे. उन्होंने कहा कि उन्हें एक दरवाज़े से ग़ज़ा ले जाया गया और इस दौरान उन्हें कई जगह चोटें आईं. उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ़ हो रही थी.

    उन्होंने बताया कि कैसे हमास के लड़ाकों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटा.

    लिफ़शिट्ज़ ने कहा कि इसराइली सरकार ने अरबों रुपये सीमा पर बाड़बंदी करने में ख़र्च कर दिए लेकिन ये हमास को इसराइल से घुसने से नहीं रोक पाया.

    प्रेस कॉन्फ़्रेंस में लिफ़शिट्ज़ की बेटी शैरोन ने कहा कि उनकी मां को कई किलोमीटर तक गीले मैदान में पैदल चलने पर मजबूर किया गया.

    शैरोन ने कहा कि हमास ने अंडरग्राउंड सुरंगों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया है. शैरोन ने इन सुरंगों की तुलना मकड़ी के जाल से की.

    लिफ़शिट्ज़ की बेटी ने बताया कि हमास के लड़ाकों ने उनकी मां के गहने और घड़ी तक उतरवा ली. जब वह मोटरबाइक से उतरीं तो वहां मौजूद लोगों ने उनसे कहा कि वे 'क़ुरान में विश्वास' रखते हैं और इसलिए उनको नुकसान नहीं पहुंचाएंगे.

    लिफ़शिट्ज़ और 24 अन्य बंधकों को सुरंगों में ले जाया गया.

    उन्होंने कहा कि बंधकों को साफ़-सुथरी जगहों पर रखा गया था और सोने के लिए गद्दे दिए गए. हर दो से तीन दिन के अंदर एक डॉक्टर उनकी निगरानी के लिए आता था. ग़ज़ा ले जाते समय घायल हुए एक बंधक का इलाज किया गया.

    उन्होंने बताया कि हर पांच बंधकों की निगरानी के लिए एक गार्ड मौजूद था.

    लिफ़शिट्ज़ ने बताया कि सुरंगों में रहने के दौरान उन्हें और उनके ग्रुप को खाने के रूप में सफ़ेद चीज़ (व्हाइट चीज़) और खीरे दिए गए. यही ख़ाना हमास के लड़ाके भी खा रहे थे.

  13. नवाज़ शरीफ़ की सज़ा टली, पंजाब सरकार ने किया एलान

    पंजाब की कार्यकारी सरकार ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ को अल-अज़ीज़िया केस में मिली सज़ा टाल दी है.

    शरीफ़ ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट की ओर से फ़ैसला आने के बाद पंजाब सरकार से इस बारे में निवेदन किया था.

    इसके बाद पंजाब सरकार ने संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए ये फ़ैसला लिया है.

    इससे पहले साल 2018 में इस्लामाबाद की अकाउंटेबिलिटी कोर्ट ने अल-अज़ीज़िया स्टील मिल केस में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को सात साल जेल की सज़ा सुनाई थी.

    लगातार पेशी पर हाज़िर न होने के कारण अदालत उनके ख़िलाफ़ इश्तहारी भी घोषित कर चुकी थी.

  14. हमास ने जिस महिला बंधक को रिहा किया, इसराइल ने जारी की उनकी तस्वीरें

    फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने मंगलवार तड़के दो इसराइली बंधकों को रिहा कर दिया है.

    इनमें 79 वर्षीय नुरित कूपर और 85 वर्षीय योचेवेद लिफ़शिट्ज़ शामिल हैं. हमास की ओर से रिहा किए जाने के बाद इनका तेल अवीव में इलाज किया जा रहा है.

    इसराइल ने इनमें से लिफ़शिट्ज़ की तस्वीरें जारी की हैं.

  15. चीन ने कहा- इसराइल के पास है आत्मरक्षा का अधिकार लेकिन...,

    चीनी विदेश मंत्री ने कहा है कि इसराइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है लेकिन उसे आम नागरिकों की भी रक्षा करनी होगी और अंतराष्ट्रीय कानूनों का पालन भी करना होगा.

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पहली बार इसराइली विदेश मंत्री एली कोहेन से हमास और इसराइल के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर फोन पर बात की.

    चीन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि वांग यी ने एली कोहेन से कहा कि उनकी सरकार को आत्म-रक्षा करते हुए अंतराष्ट्रीय कानूनों को भी मानना होगा.

    चीन के विदेश मंत्री ने फ़लस्तीनी विदेश मंत्री रियाद अल-मलिकी से भी बात की और ग़ज़ा के लोगों के प्रति चीन की "गहरी सहानुभूति" व्यक्त की.

    वांग यी आने वाले दिनों में अमेरिका के दौरे पर जाने वाले हैं.

    इससे पहले इसराइल की बमबारी को लेकर चीन ने कहा था कि इसराइल हमास के हमले के बाद जिस तरह की प्रतिक्रिया दे रहा है वो ‘आत्मरक्षा से कहीं ज्यादा है.’

  16. आरएसएस चीफ़ ने विजयादशमी उत्सव के मौके पर किया मणिपुर हिंसा का ज़िक्र, क्या कहा?

    महाराष्ट्र के नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 'विजयादशमी उत्सव' में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मणिपुर का ज़िक्र किया.

    उन्होनें कहा कि आखिर सालों से एक साथ रहने वाले कुकी ओर मैतेई समुदाय के बीच अचानक झगड़ा क्यों शुरू हुआ, इससे किसे फ़ायदा होगा?

    सरसंघचालक ने मंच से संबोधित करते हुए कहा, “मणिपुर की स्थिति अभी शांत हो रही है, लेकिन आपस में ये झगड़ा कैसे हुआ? बहुत वर्षों से मणिपुरी कुकी और मणिपुरी मैतेई साथ में रहते थे तो अचानक झगड़ा कैसे हो गया.”

    “ये सीमा से लगने वाला क्षेत्र है. वहां पर ऐसे झगड़े होना, वहां पर अलगाव की बात होना, इससे किसका फ़ायदा है? बाहर की शक्तियों का भी फ़ायदा है. क्या बाहरी लोग ऐसा करने वाले थे?”

    'आज दुनिया भारत की ओर देखती है'

    उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत का प्रभाव बढ़ रहा है और जटिल समस्याओं के हल के लिए भारत की ओर देखा जाता है.

    मोहन भागवत ने कहा, “विश्व में अनेक समस्याएं हैं जिनका हल उन्हें नहीं मिलता. स्वार्थ और कट्टरपंथ के कारण कलह चलते हैं, उसका कोई हल नहीं दिख रहा है. विश्व में प्रयास किया गया सबको एक रंग में घोलने का, सबमें एकरूपता लाने का, लेकिन ये यशस्वी नही हो सकता. दुनिया विविधता से बनी है और विविधता तो रहेगी ही.”

    “इस विविधता में एकता कैसे लाएं. स्वार्थ तो है ही, कट्टरपंथ भी है तो उससे उन्माद पैदा होता है. स्वार्थ के टकराव के कारण युद्ध चलते हैं. उसका कोई उपाय नज़र नहीं आता. विश्व को उसका रास्ता नहीं दिख रहा और वो चाहता है कि भारत उसका रास्ता दिखाए.”

    “भारत के पास अपनी भी समस्या है और समस्याएं हमेशा रहेगी लेकिन हम उसका उपाय खोजते रहेंगे, ठीक करते रहेंगे. देश में स्व-केंद्रित नीतियां बन रही हैं, हम ग़लत नीतियों पर इतना आगे बढ़ गए थे कि तुरंत मुड़ नहीं सकते थे. धीरे-धीरे सुधार किए जा रहे हैं. हमें समाज का मन-वचन और कर्म से समर्थन करना होगा. आज के समय में अगर आप अपने मूल्यों पर खड़े हो कर परिवर्तन लाते हैं तो दुनिया के सामने नमूना पेश करेंगे.”

  17. इसराइल ने ग़ज़ा में तेज़ किए हमले, 24 घंटे के अंदर 400 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना

    इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने कहा है कि बीते 24 घंटे में ग़ज़ा के 400 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं. इससे पहले सोमवार को इसराइल ने 320 ठिकानों को निशाना बनाया था.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आईडीएफ़ ने कहा है कि उनके निशाने में हमास के वो बंदूकधारी भी हैं जो इसराइल की ओर रॉकेट दागने की तैयारी कर रहे थे. एक सुरंग की शाफ़्ट भी इसराइली हमले का निशाना बनी है. इस रास्ते से हमास के लड़ाके समुद्र के मार्ग से इसराइल में घुसपैठ कर सकते थे.

    आईडीएफ़ ने कहा है कि हमास के लड़ाकों के संचालन केंद्रों और मस्जिदों में जमा की गई युद्ध सामग्री भी उसके हमले का निशाना बनी है.

    आईडीएफ़ ने कहा है कि "वो बेकसूर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये अभियान जारी रखेगा."

    दक्षिणी इसराइल में भी हमले

    इसराइली सेना ने ग़ज़ा पट्टी में रहने वाले फ़लस्तीनियों को उत्तरी इलाकों को खाली कर के दक्षिण की ओर जाने का आदेश दिया है. लेकिन रातभर दक्षिणी इलाकों में भी इसराइल के हमले जारी रहे हैं.

    इसराइल ने कहा है कि दक्षिणी इलाके सुरक्षित हैं, लेकिन वहां मौजूद बीबीसी के संवाददाता रुश्दी अबुअलूफ़ के अनुसार हर रात इस इलाके में हमले हो रहे हैं.

    जहां तक मानवीय स्थिति की बात है तो वह भी यहां दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है. लोग यहां ट्रकों को आते देख रहे हैं लेकिन कोई राहत सामग्री बांटी नहीं जा रही.

  18. सीजेआई ने कहा- समलैंगिक विवाह को लेकर दिए फ़ैसले पर कायम हूं

    चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि संवैधानिक मुद्दों पर दिए गए फ़ैसले कई बार अंतर्चेतना की आवाज़ होती है और वह समलैंगिक विवाह मामले में अपने फैसले पर अब भी कायम हैं.

    उन्होंने कहा कि 1950 से लेकर आज तक भारत के सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में केवल 13 बार ऐसा हुआ है जब सीजेआई का फ़ैसला अल्पमत में रहा हो.

    सीजेआई चंद्रचूड़ ने वॉशिंगटन डीसी में जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित 'भारत और अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ' से जुड़ी एक चर्चा के दौरान ये बात कही.

    समलैंगिक विवाह पर दिए गए अपने फ़ैसले पर विस्तार से बात करते हुए सीजेआई ने कहा,“जब मैंने अपना फ़ैसला सुनाया तो मैं अल्पमत में था, मेरा मानना था कि समलैंगिक जोड़े बच्चा गोद ले सकते हैं.लेकिन मेरे तीन साथियों का मानना था कि ऐसा नहीं होना चाहिए. हालांकि, इस पर फैसला करना संसद का काम है.”

  19. इसराइल पहुंचे फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों

    फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बिन्यामिन नेतन्याहू से मिलने इसराइल पहुंचे हैं.

    मैक्रों के इस दौरे का मकसद इसराइल के साथ फ़्रांस की एकजुटता दिखाना है. साथ ही हमास की ओर से बंधक बनाए गए इसराइलियों को छुड़वाने में मदद और मौजूदा संघर्ष को बढ़ने से रोकने के लिए भी मैक्रों मदद पेश करेंगे.

    मैक्रों के सलाहकारों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को इसकी जानकारी दी.

    इस दौरे पर इसराइली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग और वहां के विपक्षी पार्टियों के नेताओं बैनी गैंत्ज़ और याएर लैपिड से मुलाक़ात करेंगे.

  20. नवीन पटनायक के करीबी पूर्व आईएएस ऑफ़िसर वीके पांडियन को मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा

    ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पूर्व निजी सचिव वीके पांडियन को राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है.

    इससे पहले ओडिशा काडर के शक्तिशाली आईएएस अधिकारी पांडियन ने स्वेच्छा से रिटायरमेंट की मांग की थी जिसे केंद्र सरकार मंज़ूरी दे दी.

    इसके तुरंत बाद उन्हें मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार ने कैबिनेट रैंक का दर्जा देते हुए सरकार के 5टी कार्यक्रम और नबीन ओडिशा कार्यक्रम का प्रमुख बना दिया है.

    इससे पहले पांडियन मुख्यमंत्री नवीन पटनयाक के निजी सचिव के रूप में काम कर रहे थे.

    वर्ष 2000 बैच के आईएएस अधिकारी पांडियन पहले से ही प्रशासन में शक्तिशाली भूमिका में थे, अब उन्हें सरकार में अहम ज़िम्मेदारी दे दी गई है.

    माना जाता है कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने पांचवे कार्यकाल में जिस 5टी कार्यक्रम की शुरुआत की है वो पांडियन का ही विचार है.

    बदलाव के लिए शुरू की गई इस पहल का मक़सद राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करना है.

    पटनायक सरकार का दावा है कि इस कार्यक्रम के तहत राज्य में अब तक चार हज़ार से अधिक हाई स्कूलों का कायापलट किया जा चुका है.