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अस्पताल में हमले को लेकर आरोप प्रत्यारोपः अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा इसराइल का पूरा साथ देंगे

बाइडेन ने इसराइल को पूरा समर्थन देने की बात कही और बताया कि इसराइली कैबिनेट, मिस्र से ग़ज़ा में मदद आने देने के लिए तैयार हो गई है.

लाइव कवरेज

स्नेहा and संदीप राय

  1. अस्पताल में हमले को लेकर आरोप प्रत्यारोपः अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा इसराइल का पूरा साथ देंगे

    मंगलवार को ग़ज़ा के अल अहली अस्पतालमें हुए धमाके में मरने वालों की संख्या 471 बताई गई है. फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इसमें 314 लोग घायल हुए हैं.

    इस धमाके के लिए हमास ने इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है जबकि इसराइल ने इससे इनकार करते हुए कहा कि ग़ज़ा से ही दाए गए रॉकेट के मिस फ़ायर होने की वजह से ये घटना घटी है.

    बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इसराइल पहुंचे और ग़ज़ा और पश्चिमी तट के फ़लस्तीनी क्षेत्रों के लिए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद की घोषणा की.

    उन्होंने इसराइल को पूरा समर्थन देने की बात कही और बताया कि इसराइली कैबिनेट, मिस्र से ग़ज़ा में मदद आने देने के लिए तैयार हो गई है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इसराइल के लिए भी ‘डिफ़ेंस पैकेज का एलान करता हूँ. इसके लिए मैं कांग्रेस में चर्चा करूंगा.’

    उधर अल अहली अस्पताल में भीषण हादसे के बाद जॉर्डन में मिस्र के राष्ट्रपति अल सीसी, फ़लस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास से मुलाक़ात रद्द होने के कारण बाइडेन तेल अवीव से वापस लौट गए हैं.

    इसराइल के कब्ज़े वाले फ़लस्तीनी इलाक़े पश्चिमी तट, जॉर्डन, ईरान, ट्यूनिशिया, लेबनान और तुर्की में बड़े पैमाने पर फ़लस्तीनी लोगों के समर्थन में लोग सड़कों पर उतरे.

    हालांकि अमेरिका ने अस्पताल में हुए हादसे पर कहा है कि यह काम इसराइल का नहीं बल्कि किसी ‘तीसरी टीम’ का है.

    इस घटना ने अरब और पश्चिमी मुल्कों में तनाव को बढ़ा दिया है.

    हमास के एक अधिकारी ओसामा हमदान ने लेबनान में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ‘इसराइल को सपोर्ट करने वाले अमेरिका और पश्चिमी देश, ग़ज़ा में नागरिकों के ख़िलाफ़ युद्ध के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार हैं.’

    सात अक्टूबर को इसराइल पर हमास की ओर से हुए घातक हमले के बाद से इसराइल ग़ज़ा पर लगातार हवाई हमले कर रहा है.

    इसराइली सेना ने उत्तरी ग़ज़ा के 11 लाख लोगों को दक्षिण में चले जाने की चेतावनी थी.

  2. क्रिकेट वर्ल्ड कप: न्यूज़ीलैंड ने अफ़ग़ानिस्तान को 149 रनों से हराया

    वर्ल्ड कप मैच में न्यूज़ीलैंड ने अफ़ग़ानिस्तान को 149 रनों से हराकर जीत दर्ज की है.

    न्यूज़ीलैंड की टीम ने 50 ओवरों में छह विकेट पर 288 रन बनाया था.

    अफ़ग़ानिस्तान की टीम न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों के सामने लगा कि ताश के पत्तों की तरह ढह गई हो.

    अफ़ग़ानिस्तान की पूरी टीम 34.4 ओवर में 139 बनाकर ऑल आउट हो गई.

    इसके साथ ही न्यूज़ीलैंड अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है.

    यह मौजूदा क्रिकेट वर्ल्ड कप में होने वाले 48 मैचों में 16वां मैच था.

    अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने टॉस जीत गेंदबाज़ी करने का फैसला किया.

    लेकन उनकी रणनीति उतनी काम नहीं आ पाई और न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों के सामने महज 107 रनों पर अफ़ग़ानिस्तान की आधी टीम पवैलियन लौट चुकी थी.

    चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम ने अच्छी शुरुआत की.

    न्यूज़ीलैंड की ओर से सर्वाधिक 71 रन ग्लेन फिलिप्स ने बनाया.

  3. मिस्र के रास्ते ग़ज़ा की मदद को हाँ, बाइडन बोले - हम इसराइल के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलेंगे...

    इसराइल दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वे ‘इन मुश्किल भरे दिनों में इसराइल के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे.'

    उन्होंने कहा, “इसराइल, आप तन्हा नहीं है. इसराइल एक सुरक्षित यहूदी लोकतंत्र बना रहेगा. आज, कल और हमेशा.”

    “ईश्वर हमेशा शांति के लिए काम करने वालों की रक्षा करे और जो ख़तरे में हैं उनकी हिफ़ाज़त करे.”

    ‘फ़लस्तीन के लोग भी मुसीबत झेल रहे हैं.’

    जो बाइडन ने कहा है कि वो फ़लस्तीनी लोगों के लिए भी दुखी हैं. ग़ज़ा पर बोलते हुए बाइडन ने कहा है कि वहां लोगों को भोजन, दवाओं और सिर ढंकने के लिए जगह की ज़रूरत है.

    उन्होंने कहा कि इसराइली कैबिनेट, मिस्र से ग़ज़ा में मदद आने देने के लिए तैयार हो गई है.

    उन्होंने कहा कि 'अगर हमास ने आने वाली मानवीय मदद को चुराया तो एक बार फिर साबित हो जाएगा कि उन्हें आम फ़लस्तीनियों के कल्याण की कोई चिंता नहीं है.'

    उन्होंने कहा कि मिस्र जैसे देशों के संपर्क में हैं जो ग़ज़ा में ट्रकों के ज़रिए मदद भेज सकते हैं.

    इसके अलावा राष्ट्रपति बाइडन ने कहा -

    • ग़ज़ा अस्पताल पर हुए हमले पर उन्होंने कहा, “ये बहुत ही दुखद है. बहुत से लोगों की जान गई है. जो सबूत मिले हैं उसके आधार पर ये आतंकवादी ग्रुप का भटका हुए रॉकेट लगता है.”
    • मानवीय सहायता पर राष्ट्रपति ने कहा, “मैंने इसराली कैबिनेट से ग़ज़ा के लोगों के लिए जीवन रक्षक मानवीय मदद डिलीवर करने के लिए सहमति को कहा है. इसराइल इस बात पर राज़ी हो गया है. अब ये मदद मिस्र से ग़ज़ा में दाखिल हो पाएगी.”
    • अमेरिकी मदद के बारे में बाइडन ने कहा, “मैं ग़ज़ा और वेस्ट बैंक लिए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद का एलान करता हूँ. साथ ही इसराइल के लिए भी डिफ़ेंस पैकेज का एलान करता हूँ. इसके लिए मैं कांग्रेस में चर्चा करूंगा."
    • इसराइल के लोगों के लिए बाइडन ने कहा, “आपके देश का जन्म यहूदियों के लिए एक सुरक्षित स्थान बनने के लिए हुआ है. मैं वादा करता हूं कि अमेरिका अपनी पूरी ताक़त का इस्तेमाल उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए करेगा."
  4. हमास का दावा, नागरिकों के ख़िलाफ़ युद्ध के लिए अमेरिका और पश्चिम ज़िम्मेदार

    हमास के एक अधिकारी ओसामा हमदान ने लेबनान में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ‘इसराइल को सपोर्ट करने वाले अमेरिका और पश्चिमी देश, ग़ज़ा में नागरिकों के ख़िलाफ़ युद्ध के लिए पूरी तरह से ज़िम्मेदार हैं.’

    ग़ज़ा के अल अहली अस्पताल में भीषण धमाके के बाद हमदान की ये टिप्पणी आई है. इस घटना में 500 लोग मारे गए हैं.

    ग़ज़ा पट्टी पर शासन करने वाले हमास ने इस धमाके लिए इसराइल को ज़िम्मेदार बताया है.

    जबकि इसराइली सेना ने दावा किया है कि ये फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद ग्रुप के द्वारा लांच किए गए रॉकेट के फेल हो जाने की वजह से हुआ था.

    उसका कहना है कि ग़ज़ा से फ़ेल होने वाले रॉकेटों की संख्या में वृद्धि हो रही है.

    सात अक्टूबर को इसराइल पर हमास की ओर से हुए घातक हमले के बाद से इसराइल ग़ज़ा पर लगातार हवाई हमले कर रहा है.

    इसराइली सेना ने उत्तरी ग़ज़ा के 11 लाख लोगों को दक्षिण में चले जाने की चेतावनी थी.

  5. ग़ज़ा अस्पताल पर हमला: लोगों ने याद किये वो दिल दहला देने वाले पल, कहा हमले के लिए इसराइल ज़िम्मेदार

    मंगलवार को ग़ज़ा में अल अहली अस्पताल में हुए धमाके के बाद बच गए लोगों ने जो कुछ बताया वो दिल दहला देने वाला है.

    अस्पताल में आर्थोपेडिक विभाग के प्रमुख फ़ादेल नईम ने बताया कि 'धमाके बाद उन्हें अस्पताल में चारो ओर क्षत विक्षत शव और घायल लोग दिख रहे थे.'

    उन्होंने समाचार एजेंसी रायटर्स को बताया, “लोग सर्जरी डिपार्टमेंट की ओर दौड़े आ रहे थे और हमें बचाओ हमें बचाओ चिल्ला रहे थे. अस्पताल के अंदर बहुत से लोग मारे गए थे और घायल पड़े थे.”

    उन्होंने कहा, "जिन्हें बचाया जा सकता था उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन संख्या इतनी ज़्यादा थी कि उसके सामने अस्पताल की टीम बहुत अपर्याप्त थी. हमने उन्हें ज़िंदा देखा लेकिन हम उनकी कोई मदद नहीं कर सके."

    ग़ज़ा निवासी अदनान अल-नक़ा ने समाचार एजेंसी एफ़पी को बताया, “पूरी जगह जल रही थी. हर तरफ़ शव बिखरे पड़े थे- बच्चों के, महिलाओं के और बुज़ुर्गों के.”

    जब धमाका हुआ तो फ़ातिमा सईद अस्पताल में ही थीं. उन्होंने बताया कि वो आग की "तपिश महसूस कर सकती थीं."

    ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसराइल पर फिर लगाए आरोप

    ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. अशरफ़ अल क़ुद्रा ने इस धमाके के लिए फिर से इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    उन्होंने कहा कि जबसे इसराइल ने ग़ज़ा पर बम बरसाने शुरू किए हैं तबसे अबतक 3,478 लोग मारे गए हैं और 12,065 लोग घायल हुए हैं.

    इसराइल ने अस्पताल में हुए धमाके के पीछे अपने हाथ होने से इनकार किया है.

    इसराइली सेना का कहना है कि ज़मीनी जानकारी और पकड़ी गई बातचीत से पता चलता है कि फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद से जुड़े चरमपंथियों की ओर से छोड़े गए रॉकेट के फ़ेल हो जाने की वजह से अस्पताल में धमाका हुआ.

  6. दिनभर-पूरा दिन, पूरी ख़बरः ग़ज़ा में अस्पताल पर हमला, कसूरवार कौन?

  7. किसानों और कर्मचारियों के लिए मोदी सरकार की बड़ी घोषणा, एमएसपी और डीए बढ़ाने का ऐलान

    विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार ने बुधवार को गेहूं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने और सरकारी कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी की घोषणा की.

    सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार ने गेहूं के एमएसपी में 150 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोत्तरी की घोषणा की है.

    इस घोषणा के बाद 2025-25 मार्केटिंग सीज़न के लिए अब गेंहू की एमएसपी बढ़कर 2,275 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगी.

    नरेंद्र मोदी सरकार 2014 में जबसे सत्ता में आई है यह सबसे बढ़ोत्तरी है.

    नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की मीटिंग में ये फैसला लिया गया.

    मौजूदा समय में गेंहूं पर एमएसपी 2,125 रुपये प्रति क्विंटल है.

    सरकारी कर्मचारियों के डीए में 4% की वृद्धि

    अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डीए में 4% की वृद्धि की है. अब डीए बेसिक सैलरी का 46% हो जाएगा.

    इसके अलावा नॉन गैजेटेड रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के बराबर सैलरी का बोनस दिया जाएगा.

    इससे केंद्र सरकार के 48.67 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशनधारियों को फायदा मिलेगा. ये फैसला एक जुलाई 2023 से लागू होगा.

  8. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की 300 छात्राएं फूड प्वॉइजनिंग से हुईं बीमार, अस्पताल में भर्ती

    उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की 300 छात्राएं फ़ूड प्वॉइज़निंग के चलते बीमार हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

    बुधवार की सुबह बड़ी संख्या में छत्राओं में फूड प्वाइज़निंग की लक्षण दिखाई दिए.

    दोपहर तक लगभग सभी छात्राओं को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है.

    यूनिवर्सिटी के अस्पताल जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के चीफ़ सुप्रीटेंडेंट डॉ. हैरिस मंज़ूर ख़ान ने कहा कि छात्राओं की मॉनीटरिंग जारी है.

    एएमयू के बेग़म अज़ीज़ुन निसा हॉल में 1,500 के रहने की क्षमता है.

    अधिकारियों ने कहा कि फ़ूड इंस्पेक्टर ने खाने का सैंपल इकट्ठा किया गया है उसे जांच के लिए भेजा गया है.

  9. COVER STORY: मिस्र की सीमा पर फ़ंसे ग़ज़ा छोड़ने की कोशिश कर रहे हज़ारों लोग

    एक हफ़्ते से ग़ज़ा में इसराइल के हवाई हमले जारी हैं, जिसमें लगभग 2700 लोगों की मौत हुई है.

    क़रीब एक हज़ार लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.

    इसराइल का रूख़ आक्रामक है और ग़ज़ा से लोगों का पलायन जारी है.

    लेकिन फ़िलहाल उन्हें कहीं पनाह नहीं मिल रही है. कवर स्टोरी में आज इसी की बात.

  10. ग़ज़ा के अस्पताल पर हमले के लिए कौन जिम्मेदार है, इसराइली सेना ने बताया

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स (आईडीएफ़) के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने बताया कि इसराइली सेना ने पाया है कि अल अहली अस्पताल पर हुए हमले के लिए फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद समूह जिम्मेदार है.

    उन्होंने पत्रकारों को बताया, "हमने आईडीएफ़ के सभी संबंधित विंग से तत्काल जानकारियां जुटाई."

    हगारी ने कहा कि अस्पताल पर हमले से पहले हमास की तरफ से इसराइल पर स्थानीय समय के अनुसार मंगलवार शाम छह बजकर 15 मिनट पर कई रॉकेट दागे गए.

    उन्होंने कहा, "फिर इसके बाद सात बजकर 59 मिनट पर फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद ने एक कब्रगाह से करीब 10 रॉकेट दागे. इसी समय ग़ज़ा के अस्पताल में विस्फोट की ख़बरें आईं. "

    हगारी ने दावा किया कि हमास को ये पता है कि ये विस्फोट इस्लामिक जिहाद के रॉकेट का परिणाम है. लेकिन उसने इसराइल को दोष देने के लिए 'वैश्विक मीडिया अभियान' चलाया.

    उन्होंने कहा, "यहां तक कि उन्होंने मृतकों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताया. वो इस बात को जानते हैं कि इस्लामिक जिहाद के रॉकेट के हमले की वजह से ऐसा हुआ और अस्पताल को क्षति पहुंची. एरियल फुटेज से इसकी पुष्टि हुई है कि रॉकेट सीधे अस्पताल पर नहीं गिरा है और निकट की इमारतों को भी नुकसान नहीं पहुंचा है. सिर्फ अस्पताल के बाहर के पार्किंग इलाके को नुकसान पहुंचा है."

  11. ग़ज़ा अस्पताल में धमाके से 500 की मौत, क्या कह रहे हैं सऊदी अरब, ईरान और खाड़ी के बाक़ी खाड़ी

  12. टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के 15 साल बाद आया कोर्ट का फैसला

    टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की 15 साल पहले हुई हत्या मामले में दिल्ली के साकेत कोर्ट ने पांच अभियुक्तों को दोषी क़रार दिया है.

    बीबीसी हिंदी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र के मोहंती ने बताया कि 30 सितम्बर 2008 को सौम्या विश्वनाथन को दिल्ली के नेल्सन मंडेला मार्ग पर गोली मार दी गई थी.

    दक्षिणी दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में उसी रात उन्हें कार में मृत पाया गया था. उनके सिर में गोली मारी गई थी.

    जिन पांच लोगो को कोर्ट ने दोषी करार दिया है उनमें- रवि कपूर, अमित शुक्ला, बलजीत मलिक, अजय कुमार और अजय सेठी का नाम शामिल है. वो मार्च 2009 से ही जेल में हैं.

    रवि, अमित, बलजीत और अजय कुमार को 302 और 34 के तहत दोषी क़रार करार दिया गया जबकि पांचवे अभियुक्त अजय सेठी को धारा 411 के तहत दोषी ठहराया गया.

    साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सेशन जज रवींद्र कुमार पांडे अब इस मामले में 26 अक्टूबर को सज़ा सुनाएंगे.

    इस मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर को पूरी हो गई थी और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

    दिल्ली पुलिस का दावा था कि सौम्या की हत्या के पीछे लूट की मंशा थी.

    पुलिसक के अनुसार, इस मामले में तब ठोस सुराग लगा जब एक अन्य मामले में आईटी एक्ज़ीक्युटिव जिगिशा घोष की हत्या में इस्तेमाल हथियार को बरामदगी हुई.

    घटना की रात क्या हुआ?

    घटना की रात सौम्या स्वामीनाथन दफ़्तर में काम कर रही थीं, मालेगाँव और मोडेसा के धमाकों पर रिपोर्ट तैयार करते-करते उन्हें काफ़ी देर हो गई थी. वे मध्य दिल्ली के अपने दफ़्तर से अपने घर वसंत कुंज जा रही थीं जो दक्षिण दिल्ली में है.

    सौम्या ने हत्या से ठीक पहले सवा तीन बजे अपने पिता से फ़ोन पर बात की थी और उनसे कहा था कि वे जल्द ही घर पहुँचने वाली हैं.

    पुलिस को ड्राइवर वाली सीट पर सौम्या अचेत अवस्था में मिलीं, उनके सिर में गोली लगी थी और अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

    पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया लेकिन उस समय तक हत्या की वजह या हत्यारे के बारे में कुछ पता नहीं चल सका.

    उनकी गाड़ी में संघर्ष के निशान दिखाई पड़ रहे थे और उनकी कार का एक टायर भी पंचर हो गया था, कार की ट्यूब में से पुलिस ने एक गोली बरामद की.

    तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बयान से उठा था विवाद

    उस समय विश्वनाथन की हत्या के मामले दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बयान पर विवाद खड़ा हो गया था.

    दीक्षित ने सौम्या की हत्या पर दुख प्रकट करते हुए कहा था कि "बहुत ज्यादा साहस दिखाना अच्छा नहीं है."

    उन्होंने कहा था, "लोगों को इतना एडवेंचरस नहीं होना चाहिए, मुझे उनके परिवार के बारे में सोचकर बहुत बुरा लग रहा है, जाँच अभी चल रही है. वो एक ऐसे शहर में सुबह के तीन बजे अकेले गाड़ी चलाकर जा रही थी जहाँ रात के अंधेरे में महिलाओं का निकलना बहुत सुरक्षित नहीं माना जाता, मुझे लगता है कि हमें थोड़ा एहतियात बरतना चाहिए. मैं सचमुच बहुत दुखी हूँ."

    सौम्या विश्वनाथन मालेगांव और माडेसा के धमाकों पर काम कर रही थीं.

  13. समलैंगिक शादी पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर मुख्य याचिकाकर्ता क्या बोले?

    भारत के सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने पर अपना फ़ैसला सुना दिया.

    कोर्ट ने कहा कि समलैंगिक विवाह को क़ानूनी रूप से मान्यता देना संसद और विधानसभाओं का काम है.

    बीबीसी ने समलैंगिक विवाह में मुख्य याचिकाकर्ता सुप्रियो चक्रवर्ती और अभय डांग से सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर उनकी राय जानने की कोशिश की.

  14. आज़म ख़ान, उनकी पत्नी और बेटे को सात-सात साल की सज़ा, क्या है पूरा मामला,

    समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान, उनकी पत्नी तंज़ीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है.

    इस मामले में उन्हें सात-सात साल की सज़ा सुनाई गई है.

    बुधवार को वादी के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने मीडिया से कहा, "फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है. इसमें आज़म ख़ान, उनकी पत्नी तंज़ीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म को सात-सात साल की सज़ा सुनाई गई है."

    उन्होंने आगे कहा, "इस मामले में भाजपा से नगर विधायक आकाश सक्सेना ने दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में कई धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इन धाराओं में 420, 467, 468, 120बी, 471 धाराएं शामिल हैं. न्यायालय ने इन तीनों को सज़ा सुनाई है. सभी धाराओं की सज़ा तीनों अभियुक्तों पर लागू होगी."

    स्वार सीट का चुनाव किया गया था रद्द

    अब्दुल्ला आज़म पर वर्ष 2017 में ये आरोप लगा था कि वो चुनाव लड़ने की उम्र का पैमाना पूरा नहीं करते हैं.

    विधायक आकाश सक्सेना के एडवोकेट संदीप सक्सेना ने कहा, "शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में अब्दुल्ला आज़म ख़ान की उम्र 1 जनवरी 1993 है जबकि जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार उनका जन्म 30 सितंबर 1990 है."

    यह मामला हाई कोर्ट भी पहुंचा था जहां उनके प्रमाण पत्र को फर्ज़ी बताया गया था.

    इसके बाद स्वार विधानसभा सीट से उनका चुनाव रद्द कर दिया गया था.

  15. निठारी हत्याकांड: सुरिंदर कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को बरी करते हुए हाई कोर्ट ने क्या कहा?

  16. बेंगलुरु में फ़लस्तीनी लोगों के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले 11 एक्टिविस्टों पर एफ़आईआर,

    फ़लस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए में बेंगलुरु में हुए प्रदर्शन में शामिल 11 एक्टिविस्टों पर एफ़आईआर दर्ज की गई है.

    बीते सोमवार को बेंगलुरु के महात्मा गांधी रोड पर दर्जनों लोग इकट्ठा हुए थे.

    पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने इस प्रोटेस्ट को फ़्लैश मॉब (अचानक इकट्ठा हो जाने वाली भीड़) कहा था.

    जिन एक्टिविस्टों पर एफ़आईआर दर्ज हुई है उनके परिचितों ने बीबीसी हिंदी को बताया कि रंगोली सेंटर पर केवल तख्तियां लेकर खड़े होने के लिए लोग इकट्ठा हुए थे.

    एक एक्टिविस्ट ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि इतने लोग आ जाएंगे.

    पुलिस कमिश्नर दयानंद ने पत्रकारों से कहा कि कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रदर्शन केवल फ्रीडम पार्क में ही करने की इजाज़त है. ये कार्रवाई तभी की गई जब सार्वजनिक स्थान पर अव्यवस्था फैली और इससे ट्रैफ़िक में बाधा पहुंची.

    बहुत्व कर्नाटका संगठन के विनय श्रीनिवास समेत 11 एक्टिविस्टों पर आईपीसी की धारा 188, 283, 290, 291 और 149 के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है.

  17. सचिन पायलट, रमेश बिधूड़ी और हिंदू मुसलमान पर टोंक के लोग ये बोले

    राजस्थान के टोंक से सचिन पायलट विधायक हैं.

    बीजेपी ने सांसद रमेश बिधूड़ी को टोंक का प्रभारी बनाया है.

    टोंक के लोग विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र हिंदू मुसलमान राजनीति, विकास के मुद्दों पर क्या कुछ बोले?

  18. जो बाइडन का इसराइल दौरा: अमेरिकी राष्ट्रपति की राह में क्या है चुनौतियां, जेम्स लैंडेल, कूटनीतिक संवाददाता

    कूटनीति में बातचीत ज़रूरी होती है और तरक्की के लिए भरोसा चाहिए होता है. लेकिन ग़ज़ा के अल-अहली अस्पताल में धमाके से जो बर्बादी हुई है, उसका मतलब है कि अब वहां दोनों ही बातें कम हैं.

    राष्ट्रपति बाइडन अरब नेताओं से आमने-सामने की बातचीत के लिए जॉर्डन के दौरे पर नहीं जा रहे हैं. उन्हें एयर फोर्स वन से ही अब इन नेताओं से बातचीत के लिए फोन करना होगा.

    इसका ये भी मतलब है कि वे सिर्फ़ इसराइल के दौरे पर हैं. मतलब ये कि उनकी पूरी यात्रा असंतुलित लग रही है.

    ऐसा करके राष्ट्रपति बाइडन मुमकिन है कि एक लक्ष्य हासिल कर लें, वो ये कि हमास के बर्बर हमले के बाद इसराइल के प्रति अमेरिकी समर्थन का इजहार करना.

    लेकिन उनका दूसरा टास्क कूटनीतिक गतिरोध को तोड़ना है, जिसमें कहीं ज़्यादा मुश्किल आएगी.

    एक युद्ध प्रभावित क्षेत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति का दौरा कोई आम बात नहीं है और अमेरिका की योजना बाइडन के इस दौरे से इसराइल को ग़ज़ा में मानवीय सहायता हेतु रास्ता देने के लिए मनाने का है.

    ताकि आम लोगों के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाए जा सकें. इसके लिए इतना भरोसा तो पैदा करना होगा जिससे बातचीत के लिए थोड़ी गुंजाइश बन सके और अरब देशों की मध्यस्थता से बंधकों की रिहाई के बारे में बात हो सके.

    लेकिन बढ़े हुए तनाव के बीच इन सब की संभावना कम लग रही है.

  19. समलैंगिक विवाह के मामले में मुख्य न्यायाधीश के अल्पमत में होने का मतलब क्या?

  20. नेतन्याहू से मिलने के बाद ग़ज़ा अस्पताल पर हुए हमले को लेकर क्या बोले जो बाइडन

    इसराइल की यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रति जो बाइडन ने इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मिलने के बाद उनसे कहा कि 'ऐसा लगता है कि इसे किसी और टीम द्वारा अंजाम दिया गया है.'

    बाइडेन ने कहा, "इस घटना से उन्हें गहरा दुख और क्षोभ हुआ है."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "जो कुछ मैंने देखा उस आधार पर लगता है कि आप ने नहीं बल्कि, यह काम किसी अन्य टीम द्वारा किया गया है. लेकिन ऐसे बहुत लोग हैं जिन्हें ये स्पष्ट नहीं है, इसलिए हमें बहुत सारी चीजों को काबू करना है."

    हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति बुधवार को इसराइल के प्रति "अपना समर्थन दिखाने" के लिए वहां पहुंचे हैं.

    अमेरिकी राष्ट्रपति की इस यात्रा में उन्हें जॉर्डन में फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तेह अल सिसी और जॉर्डन के किंग से भी मुलाक़ात होनी थी लेकिन अरब देशों ने उनसे मिलने से मना कर दिया, इसलिए अब उनका दौरा सिर्फ़ इसराइल तक ही सीमित रहेगा.

    ग़ज़ा अस्पताल पर हुए हमले पर कई देशों के नेताओं ने 'निंदा' की और इसे 'जनसंहार' कहा है.

    फ़लस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अल अहली अस्पताल पर हुए हमले को 'भयावह युद्ध नरसंहार' बताया है. उन्होंने कहा, "इसराइल ने सारी हदें पार कर दी हैं."

    हमास हमले के बाद शुरू से ही प्रतिक्रिया देने में सावधानी बरने वाले और अमेरिकी मध्यस्थता में इसराइल के क़रीब आ रहे सउदी अरब ने भी इसराइल की कड़ी निंदा की है.

    ग़ज़ा के स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि ग़ज़ा के अल अहली अस्पताल पर इसराइल के हवाई हमले में क़रीब 500 लोगों की मौत हो गई है.