इसराइल- हमास संघर्ष में पिछले 24 घंटों में क्या कुछ हुआ?

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस कर कहा है कि अमेरिका हमेशा इसराइल की मदद के लिए मौजूद रहेगा.

लाइव कवरेज

  1. इसराइल- हमास संघर्ष में पिछले 24 घंटों में क्या कुछ हुआ?

    ग़ज़ा

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    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस कर कहा है कि अमेरिका हमेशा इसराइल की मदद के लिए मौजूद रहेगा.

    ब्लिंकन ने कहा कि वो ‘अविश्वसनीय रूप से कठिन’ समय में इसराइल लौटे हैं.

    इसके बाद वो क़तर जाएंगे, जहां हमास के बंधक बच्चों और महिलाओं को रिहा किए जाने की वार्ता चलने की ख़बरें आ रही हैं. हालांकि इसराइल ने इन ख़बरों का खंडन किया है.

    बीते शनिवार को इसराइल में चरमपंथी समूह हमास के औचक जानलेवा हमले में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1300 हो गई है.

    उधर ग़ज़ा पट्टी पर इसराइल की हवाई बमबारी में अबतक 1400 लोग मारे गए हैं जिनमें करीब 450 बच्चे हैं.

    इसराइली सेना प्रमुख

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    इसराइली सेना प्रमुख ने मानी विफलता

    इसराइली सेना के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ ने हमास के हमले के बाद पहली बार मीडिया के सामने हमला रोकने में असफलता की बात स्वीकार की.

    फ़लस्तीनी क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इसराइल के हमले में अब तक 6,268 लोग घायल हुए हैं और 3,38,000 फ़लस्तीनी या तो बेघर हो गए हैं या घर छोड़ दिए हैं.

    वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम ने ग़ज़ा में हालात बहुत खराब होने की चेतावनी जारी की है.

    इस बीच गुरुवार को सीरिया की सरकारी मीडिया ने कहा है कि इसराइल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क और अलेप्पो शहर के हवाई अड्डों को निशाना बनाया है.

    ग़ज़ा

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    बंधकों को छुड़ाने के लिए वार्ता

    इसराइली अधिकारियों के अनुसार, हमास के हमले में 150 बंधकों को ग़ज़ा ले जाया गया है.

    इसराइल ने कहा है कि जब तक इसराइली बंधकों को रिहा नहीं किया जाता तब तक ग़ज़ा की घेराबंदी ख़त्म नहीं होगी, और वहां पानी, बिजली की सप्लाई नहीं की जाएगी.

    जबकि हमास ने कहा है कि अगर ग़ज़ा के नागरिक इलाकों पर इसराइल हवाई बमबारी बंद नहीं करता है तो वे बंधकों को मार देंगे.

    फ़्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने कहा कि हमास के हमले के बाद इसराइल में उसके 17 नागरिक लापता हैं, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं.

  2. क्रिकेट वर्ल्ड कप: दक्षिण अफ़्रीका की ऑस्ट्रेलिया पर शानदार जीत, 134 रनों से हराया

    रबाडा

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    दक्षिण अफ़्रीका 311/7

    क्विंटन डी कॉक 109, तेंबा बावुमा 35, एडन मारक्रम 56

    ऑस्ट्रेलिया 177 ऑल आउट

    मार्नस लाबुशेन 46, मिचेल स्टार्क 27, पैट कमिंस 22

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    वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप के लखनऊ में खेले गए एक मैच में दक्षिण अफ़्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 134 रनों से हरा दिया है.

    वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की लगातार ये दूसरी हार है. पहले मैच में भारत ने चेन्नई ऑस्ट्रेलिया हराया था.

    लखनऊ में दक्षिण अफ़्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए 311 रन बनाए. इस लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम कभी भी मज़बूत स्थिति में नहीं दिखी.

    लगातार विकेट खोते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 17 ओवर आते-आते सात विकेट खो दिए थे.

    इस दौरान मार्नस लाबुशेन (46) और मिचेल स्टार्क (27) ने मैच बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन कामयाब न हो सके.

    आख़िर में कप्तान पैट कमिंस (22) और एडम ज़ैम्पा (11) ने कुछ ज़ोर तो लगाया पर तब तक देर हो चुकी थी.

    दक्षिण अफ़्रीका के रबाडा की तेज़तर्रार गेंदों को सामने ऑस्ट्रेलिया टीम कुछ ख़ास नहीं कर पा रही थी. उसके बाद स्पिनर केशव महाराज ने भी ऑस्ट्रेलिया के दो विकेट झटके.

    दक्षिण अफ़्रीका की पारी

    इससे पहले दक्षिण अफ़्रीका ने 311 रनों का स्कोर बनाया

    विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक ने 106 गेंदों पर 109 रनों की पारी खेली.

    उनके अलावा एडन मारक्रम ने 56 और हेनरिक क्लासेन ने 29 रन बनाए. कप्तान तेंबा बावुमा ने भी 55 गेंदों पर 35 रनों की पारी खेली.

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क ने दो और ग्लेन मैक्सवेल ने दो विकेट लिए.

  3. ग़ज़ा पर इसराइली हमले में अब तक 447 बच्चों की मौत: फ़लस्तीनी अधिकारी का दावा

    ग़ज़ा

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    फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि इसराइल की बमबारी में अब तक 1,417 लोगों की मौत हुई है, जिसमें से 447 बच्चे हैं.

    फ़लस्तीनी क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इसराइल के हमले में अब तक 6,268 लोग घायल हुए हैं.

    इस बीच इसराइल में भी हमास के हमले में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,300 हो गई.

    ग़ज़ा सिटी से संवाददाता रूश्दी अबू अलूफ़ आज सुबह ग़जा सिटी के अल शीफ़ा अस्पताल गए थे, जहां 2,000 लोगों ने शरण ले रखी है.

    अस्पताल के पास अब बहुत ही कम ईंधन रह गया है और घायलों की संख्या कहीं ज्यादा है.

  4. इसराइली सेना प्रमुख ने कहा- हमास के हमले की होगी जांच, लेकिन फिलहाल अब युद्ध पर है ध्यान

    इसराल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज के प्रमुख हेरज़ी हलेवी

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    इसराइली सेना प्रमुख ने पिछले सप्ताह देश पर हुए चरमपंथी संगठन हमास के हमले के बाद पहली बार मीडिया से बात की है.

    इसराल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज के प्रमुख हेरज़ी हलेवी ने कहा, "आईडीएफ़ देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है. और शनिवार को ग़ज़ा गट्टी से लगते हुए इलाकों में जो कुछ हुआ, उसे हम हैंडल नहीं कर पाए."

    उन्होंने कहा, "हम जानकारियां जुटाएंगे, जांच करेंगे लेकिन अभी युद्ध का समय है."

    वहीं, उनसे ग़ज़ा में बंधक बनाए गए लोगों के बारे में पूछा गया तो हलेवी ने कहा कि उन लोगों को वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी.

    इसराइल के ऊर्जा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा है कि जब तक इसराइली बंधकों को रिहा नहीं किया जाता तब तक ग़ज़ा की घेराबंदी ख़त्म नहीं होगी, और वहां पानी, बिजली की सप्लाई नहीं की जाएगी.

  5. ‘मेरी मां ऑक्सीजन पर हैं और उन्हें हमास ने किडनैप किया है’,

    शेरॉन लिफ़शित्ज़ और नोआम सागी

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    इमेज कैप्शन, शेरॉन लिफ़शित्ज़ और नोआम सागी

    इसराइल में जिस समय अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस कर रहे थे उसी समय लंदन में भी एक न्यूज़ कॉन्फ्रेंस हो रही थी.

    बंधकों के दो ब्रिटिश रिश्तेदारों ने उनकी रिहाई की तुरंत अपील की है.

    नोआम सागी की 74 वर्षीय मां का किबुत्ज़ नीर ओज़ में शनिवार को अपहरण किया गया था.

    रोते हुए नोआम ने पूछा, “उनका अपराध क्या है? उन्हें बंधक क्यों बनाया गया है? क्या इसराइल में यहूदी होने की वजह से?”

    नोआम ने कहा कि उनकी मां एडा को अपना 75वां जन्मदिन मनाने के लिए लंदन में होना चाहिए था.

    उन्होंने कहा, “ये दूसरा होलोकास्ट है. उन्हें जलाया गया, काटा गया और मारा गया. इनमें अधिकतर बच्चे और बूढ़े थे.”

    शेरॉन लिफ़शित्ज़ के बुज़ुर्ग परिजनों का भी किबुत्ज़ से अपहरण किया गया है, उनकी मां ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल करती हैं.

    शेरॉन ने रोते हुए कहा, “इन लोगों को वापस घर पर लाया जाए.”

    उन्होंने कहा कि उनके परिजन शांति के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिनके बहुत सारे फ़लस्तीनी दोस्त हैं. वो ग़ज़ा गए हैं और उन्होंने बीमार फ़लस्तीनियों को सीमा से लाकर इलाज कराया है.

  6. दिनभर: इसराइल का सीरिया में अलप्पो और दमिश्क पर हमला

  7. इसराइल ने सीरिया पर किया हमला, दमिश्क और अलेप्पो के हवाई अड्डों पर बमबारी

    सांकेतिक तस्वीर

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    सीरिया की सरकारी मीडिया ने कहा है कि इसराइल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क और अलेप्पो शहर के हवाई अड्डों को निशाना बनाया है.

    सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी 'सना' की ख़बर के अनुसार, एयरपोर्ट के लैंडिंग एरिया को मिसाइल से क्षति पहुंची है और इस वजह से वो अब सेवा में नहीं है.

    स्थानीय मीडिया के अनुसार, सीरिया एयर डिफ़ेंस ने हमले के जवाब में कार्रवाई शुरू की है. ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (एसओएचआर) ने कहा कि अलेप्पो में कई धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं.

    ईरान के विदेश मंत्री के सीरिया यात्रा से एक दिन पहले इसराइल ने ये हमला किया है.

    सीरिया और ईरान दोनों ही इसराइल के दुश्मन देश हैं. ईरान लंबे समय से हमास का समर्थन करता रहा है.

    इसराइल ईरान से संबंधित ठिकानों को सीरिया में निशाना बनाता रहा है.

  8. इसराइल में बड़ी संख्या में लोग मिलिट्री ड्यूटी के लिए जा रहे,

    इसराइली सेना

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    इसराइल में रक्षा मंत्रालय में बड़ी संख्या में लोग मिलिट्री सेवा देने के लिए आ रहे हैं.

    इसराइल में सेना में सेवा देना अनिवार्य है और इससे लोगों का सेना के साथ लंबे समय तक जुड़ाव बना हुआ रहता है. लेकिन मौजूदा वक़्त को देखते हुए इसराइली बड़ी संख्या में देश में मिलिट्री बेस के बाहर रिपोर्ट कर रहे हैं.

    युवा लोग यहां सामान्य कपड़ों में अपने माता-पिता के साथ आ रहे हैं और फिर सैन्य कपड़ों में देखे जा रहे हैं.

    इससे पहले जब हमने एक टैक्सी ड्राइवर से बात की थी तो वो हमें फ़िल्मिंग में मदद के लिए कुछ इलाकों में ले जाने को राजी हुए थे लेकिन अब उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि सेना में उनकी जरूरत है.

    एक शॉपिंग सेंटर में एक महिला ने कहा कि वो सेना में भर्ती के लिए बेचैन हैं लेकिन उन्हें बताया गया है कि अभी उनकी जरूरत नहीं है. सैकड़ों लोग दक्षिणी इलाके की तरफ़ जा रहे हैं जहां के बारे में ऐसा कहा जा रहा है कि इसराइल गज़ा में जमीनी अभियान शुरू करने की योजना बना रहा है.

  9. फ़लस्तीन पर भारत के रुख़ के बारे में पूछे गए सवाल का विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब

    अरिंदम बागची

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    इसराइल-फ़लस्तीन पर भारत के रुख़ के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि भारत हमेशा एक संप्रभु फ़लस्तीन देश के गठन के लिए सीधी वार्ताओं को दोबारा शुरू होने की हिमायत करता रहा है.

    उन्होंने कहा, "भारत हमेशा एक संप्रभु फ़लस्तीन देश के गठन के लिए सीधी वार्ताओं के दोबारा शुरू होने की हिमायत करता रहा है जो इसराइल के साथ शांतिपूर्वक अस्तित्व में रहे."

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसराइल-हमास के संघर्ष के बीच इसराइल में भारतीय नागरिकों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि एक नागरिक के घायल होने की ख़बर उन्हें भी मिली है. संभवत: वो अस्पताल में है. अभी तक इस संघर्ष में किसी भी भारतीय नागरिक की मौत नहीं हुई है.

    शनिवार को हमास ने इसराइल पर हमला कर दिया था. इस हमले में अब तक कम से कम 1,200 लोगों की मौत हुई है. अरिंदम बागची ने इसराइल पर हुए हमले को आतंकवादी कृत्य बताया है.

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    उन्होंने बताया कि करीब 18,000 भारतीय इसराइल में हैं. बागची ने कहा, "भारतीय लोगों से अपील की जाती है कि वे खुद को भारतीय दूतावास में रजिस्टर कराएं और सलाहों पर ध्यान दें."

    इसराइल से भारतीय लोगों को बाहर निकालने के 'ऑपरेशन अजय' के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आज एक चार्टर विमान देर शाम तेल अवीव पहुंचेगा. ऐसा अनुमान है कि 230 यात्री इसमें सवार होंगे. भारत के पास सभी विकल्प मौजूद हैं.

    अभी उन्हीं नागरिकों को वापस लाया जा रहा है जो वापस लौटना चाहते हैं.

    वहीं वेस्ट बैंक और ग़ज़ा में भारतीय नागरिकों की मौजूदगी के बारे में उन्होंने कहा, "जहां तक मेरी जानकारी है, कुछ दर्जन लोग वेस्ट बैंक में हैं जबकि 3-4 लोग ग़ज़ा में हैं. अभी हमारे पास लोगों को निकालने की अपील इसराइल से ही हुई है."

  10. बाटला हाउस मुठभेड़: दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषी क़रार दिए गए आरिज़ ख़ान की फांसी की सज़ा को उम्रक़ैद में बदला

    आरिज़ ख़ान

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    दिल्ली हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को 2008 के बाटला हाउस एनकाउंटर मामले में आरिज़ खान को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सज़ा में रियायत दी है और इसे उम्रक़ैद में बदल दिया है.

    2008 में बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की मौत हो गई थी.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट की एक डिविज़न बेंच ने ख़ान की याचिका को आंशिक तौर पर अनुमति दी, जिसमें फांसी की सज़ा को घटाकर उम्रक़ैद करने की अपील की गई थी.

    निचली अदालत ने मार्च 2021 को सुनाए गए अपने फ़ैसले में कहा था कि ये मामला दुर्लभ से दुर्लभतम कैटेगरी में आता है इसलिए मौत की सज़ा सुनाई जाती है.

    दिल्ली हाईकोर्ट ने आरिज़ ख़ान को दोषी करार दिए जाने के आदेश को बरकरार रखा और इस मामले में उसकी याचिका ख़ारिज कर दी.

    19 सितंबर, 2008 को दिल्ली पुलिस की एक टीम बाटला हाउस में इंडियन मुजाहिदीन से संबंध रखनेवाले चरमपंथियों को गिरफ़्तार करने के लिए वहां छापेमारी कर रही थी. इन पर दिल्ली में सिरियल बम विस्फोट करने के आरोप थे, जिसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी.

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, दिल्ली पुलिस की टीम जब बाटला हाउस पहुंची तो उन पर गोलीबारी शुरू हो गई और पुलिस की टीम वहां फंस गई और आत्मरक्षा में गोली चलाने को मजबूर हो गई.

    इस दौरान गोलीबारी में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की मौत हो गई. घर के ड्रॉइंग रूम में मौजूद चरमपंथियों में से एक को गोली लगी और आरिज़ ख़ान समेत दो वहां से फ़रार होने में सफल रहे.

    आरिज़ ख़ान को 2018 में गिरफ़्तार किया गया था.

  11. अमेरिकी विदेश मंत्री पहुंचे इसराइल, नेतन्याहू के साथ हमास पर दिया बयान

    ब्लिंकन और नेतन्याहू

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    इसराइल के दौरे पर गए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस की है और उन्होंने कहा है कि अमेरिका हमेशा इसराइल की मदद के लिए मौजूद रहेगा.

    ब्लिंकन ने कहा कि वो ‘अविश्वसनीय रूप से कठिन’ समय में इसराइल लौटे हैं. उन्होंने कहा कि मारे गए परिवारों की तस्वीरें देखना उनके लिए असंभव है.

    “बच्चों को मारा गया, शवों को क्षत-विक्षत किया गया, युवा लोगों को ज़िंदा जलाया गया, महिलाओं का रेप किया गया, बच्चों के सामने परिजनों को और परिजनों के सामने बच्चों को जान से मारा गया.”

    ब्लिंकन ने इसराइली नागरिकों के साहस पर भी टिप्पणी की.

    उन्होंने कहा, “मैं इसराइल ये संदेश लेकर आया हूं कि आप अपनी रक्षा करने के लिए बेहद मज़बूत होंगे लेकिन जब तक अमेरिका मौजूद है आपको ऐसा कभी नहीं करना पड़ेगा.”

    ब्लिंकन ने कहा, “जो भी शांति और न्याय चाहता है उसे हमास के आतंक के राज की निंदा करनी होगी. हमास का इकलौता एजेंडा इसराइल को तबाह करना और यहूदियों की हत्या करना है.”

    हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि हर राष्ट्रीयता के नागरिक को नुक़सान पहुंचाने से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए.

    उन्होंने पुष्टि की है कि हमास के हमले में 25 अमेरिकी नागरिकों की मौत हुई है.

  12. ग़ज़ा में इसराइल ने ग्राउंड ऑपरेशन क्यों शुरू नहीं किया?,

    इसराइली सेना

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    ग़ज़ा में इसराइल के ज़मीनी अभियान के बारे में अब तक कोई राजनीतिक फ़ैसला नहीं हो पाया है.

    इसराइल-ग़ज़ा सीमा के पास के इलाके में बड़ी संख्या में इसराइली सैनिक मौजूद हैं. लेकिन आज सुबह इसराइली सेना के एक कर्नल ने ब्रीफ़िंग के दौरान बताया कि अब तक ज़मीनी अभियान को आगे बढ़ाने के बारे में राजनीतिक फ़ैसला नहीं हो पाया है.

    सेना किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए योजना बना रही है और दक्षिणी इलाकों में सुरक्षा मज़बूत कर रही है.

    इसी तरह का काम उत्तरी इलाकों में भी किया जा रहा है क्योंकि लेबनान से भी हमले का ख़तरा है.

    इसराइल में बुधवार को युद्ध मंत्रिमंडल का गठन किया गया. इसमें बंधकों के भाग्य पर विचार किया जा रहा है.

    एक दक्षिणपंथी मंत्री का बयान इसराइल की मीडिया में यह कहते हुए आया 'अब समय आ गया है कि कठोर हुआ जाए.'

    इस बयान को इस तरह से लिया जा रहा है कि वे (बंधक) फ़ैक्टर न बनें. वहीं, कई लोगों का ये कहना है कि बंधकों को छुड़ाने के लिए इसराइल को हर संभव प्रयास करने चाहिए.

  13. LIVE: गुजरात में भारत-पाकिस्तान मैच और नवरात्रि से पहले कैसा है माहौल.

  14. ग़ज़ा के अस्पताल घायलों और सुरक्षित पनाह चाहने वालों से भरे,

    अस्पताल

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    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा सिटी के अल-शिफ़ा अस्पताल में कई फ़लस्तीनी परिवार शरण लिए हुए हैं, एक लड़का ज़मीन पर सोता हुआ.

    ग़ज़ा में इस सुबह मैं एक अस्पताल से गुज़रा. अस्पताल के बाहर एंबुलेंस की लंबी लाइनें थीं जो इमर्जेंसी रूम में घायलों को छोड़ने का इंतज़ार कर रही थीं.

    फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि शनिवार के बाद से 5,339 लोग घायल हुए हैं.

    अस्पताल में भारी भीड़ हैं और स्वास्थ्य से जुड़े साज़ो-सामान और तेल ख़त्म हो रहा है. अस्पताल लोगों से रक्तदान करने की अपील कर रहे हैं.

    इसराइल ने शनिवार को बिजली काट दी थी और ग़ज़ा का इकलौता पावर स्टेशन ईंधन की कमी के कारण बंद पड़ गया है.

    अस्पताल

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    इमेज कैप्शन, अस्पताल में बने एक शेल्टर के तंबू से झांकते फ़लस्तीनी बच्चे

    एक दूसरे अस्पताल में कल मेरी एक डॉक्टर से मुलाक़ात हुई थी. मुझे ये देखकर हैरत हुई कि अस्पताल का इस्तेमाल विस्थापित शेल्टर के रूप में कर रहे हैं.

    हर कोने में आप ज़मीन पर एक परिवार को सोते देख सकते हैं. उनका मानना है कि अस्पताल सुरक्षित है.

  15. जर्मन चांसलर ने कहा- देश में इसराइल का झंडा जलाने वालों पर होगी कार्रवाई,

    जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शॉल्त्स

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    जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शॉल्त्स ने कहा है कि देश में हमास का गौरवगान और इसराइल का झंडा जलाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

    उन्होंने कहा कि फ़लस्तीन समर्थक समूह 'समीदून' को प्रतिबंधित किया जाएगा.

    उन्होंने इस ग्रुप के सदस्यों पर शनिवार को बर्लिन की गलियों में इसराइली नागरिकों की मौत का जश्न मनाने और मिठाइयां बांटने का आरोप लगाया.

    उन्होंने कहा, "ये अमानवीय है. हम घृणा और उकसावे के साथ खड़े नहीं होंगे. हम यहूदी विरोधी घृणा को बर्दाश्त नहीं करेंगे."

    शॉल्त्स ने जर्मनी में हमास की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है. यूरोपीय यूनियन, ब्रिटेन, अमेरिका हमास को पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं और हमास का जर्मनी में कोई आधिकारिक संगठन भी नहीं है.

    चासंलर ने कहा है कि प्रतिबंध में सभी तरह के सहयोग और गतिविधियां शामिल हैं.

  16. इसराइली बंधकों के छूटने की कितनी संभावनाएं हैं?,

    ग़ज़ा

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    ग़ज़ा में बंधक बनाकर रखे गए इसराइल के लोगों को छुड़ाने की कोशिशें जारी हैं.

    ऐसा माना जा रहा है कि क़तर, मिस्र और कई अन्य देश ग़ज़ा से बंधकों को छुड़ाने के लिए पर्दे के पीछे से बातचीत करने की कोशिश में लगे हैं.

    हमास के साथ बातचीत के लिए जिस पेशकश पर विचार किया जा रहा है उसमें महिलाओं और बच्चों को छोड़े जाने के बदले इसराइल की जेल में बंद 36 फ़लस्तीनी महिलाएं और बच्चों को छोड़े जाने का विचार शामिल है. लेकिन दोनों ही तरफ से अभी तनाव और संघर्ष चरम पर है. न तो अभी इसराइल और न ही हमास समझौते या छूट देने का मन बना रहे हैं.

    ग़ज़ा सिटी

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    फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ग़ज़ा में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. 5339 लोग इस हमले में घायल हुए हैं.

    संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 3,38,000 से अधिक फ़लस्तीनी विस्थापित हुए हैं - अधिकांश अस्पतालों और संयुक्त राष्ट्र के स्कूलों में शरण लेकर रह रहे हैं.

    वहीं, इसराइल में हमास के हमले में अब तक कम से कम 1,200 लोगों की मौत हो चुकी है.

    हमास ने चेतावनी दी थी कि बिना चेतावनी के इसराइल जितनी बार हमले करेगा और फ़लस्तीनी लोगों की मौत होगी, उसके बदले एक बंधक को मार दिया जाएगा.

    अब तक इस बात के सबूत सामने नहीं आए हैं कि उन्होंने ऐसा किया है. वहीं, इसराइल की तरफ से भी संयम के संकेत नहीं मिल रहे हैं.

  17. इसराइल के ग़ज़ा पर लगातार हमले पर ईरान ने अब ये कहा

    इब्राहिम रईसी

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    ग़ज़ा पर इसराइल के लगातार हमले पर ईरान की प्रतिक्रिया आई है. ईरान के राष्ट्रपति ने इसराइल पर ‘जनसंहार’ का आरोप लगाया है.

    राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने ग़ज़ा की घेराबंदी करने को सभी अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन बताया है. ग़ज़ा में इस समय बिजली, पानी और ईंधन की सप्लाई काट दी गई है.

    ऐसा माना जाता है कि ग़ज़ा में हमास को ईरान मदद देता है. हालांकि मंगलवार को ही ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने कहा था कि उनका देश इसराइल पर हमले के पीछे नहीं है.

    इसके साथ ही ख़ामेनेई ने कहा कि वो हमले की योजना बनाने वालों के ‘हाथ चूमेंगे.’

  18. इसराइल ने बंधकों को छुड़ाने के लिए अपनाई ये रणनीति

    गज़ा

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    इसराइल के ऊर्जा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा है कि जब तक इसराइली बंधकों को रिहा नहीं किया जाता तब तक ग़ज़ा की घेराबंदी ख़त्म नहीं होगी, और वहां पानी, बिजली की सप्लाई नहीं की जाएगी.

    सोशल मीडिया पर काट्ज़ ने कहा, "जब तक हमारे बंधक बनाए गए लोगों को छोड़ा नहीं जाता तब तक ना ही बिजली के स्विच ऑन किए जाएंगें, ना ही पानी के हाइड्रेंट खोले जाएंगे और ना ही ईंधन के ट्रक ग़ज़ा में घुसेंगे."

    इसराइल ने शनिवार से ग़ज़ा में बिजली के साथ-साथ खाने, दवा और पानी जैसी ज़रूरी चीज़ों की भी आपूर्ति रोक दी है.

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    गज़ा में मुख्य अस्पताल के जेनरेटर का ईंधन भी कुछ घंटों में होगा ख़त्म

    बुधवार को ग़ज़ा के एकमात्र पावर प्लांट के बंद होने से ग़ज़ा अंधेरे में डूब गया है. इसराइल की बमबारी जारी है.

    ग़ज़ा के मुख्य अस्पताल के जेनरेटर में महज़ कुछ घंटे के लिए ईंधन बचा है.

    सहायता समूहों का कहना है कि इसराइल की नाकेबंदी के कारण ग़ज़ा में खाना और साफ़ पानी ख़त्म हो रहा है.

    मिस्र ने ग़ज़ा में सहायता आने के लिए छह घंटे के मानवीय संघर्ष विराम का आह्वान किया है.

    बीती रात ग़ज़ा में क्या हुआ?

    • फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ग़ज़ा में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
    • 5339 लोग इस हमले में घायल हुए हैं.
    • संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि 3,38,000 से अधिक फ़लस्तीनी विस्थापित हुए हैं - अधिकांश अस्पतालों और संयुक्त राष्ट्र के स्कूलों में शरण लेकर रह रहे हैं.
  19. इसराइली सेना ने बच्चों के सिर काटे जाने पर कही अब ये बात

    इसराइली

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इसराइली सेना ने कहा है कि हमास के चरमपंथियों ने इसराइली बच्चों के सिर धड़ से अलग करके उनकी हत्या की.

    इसराइली सेना आईडीएफ़ के प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस का कहना है कि हमास के चरमपंथियों ने शनिवार को किए गए घातक हमलों के दौरान बच्चों के सिर काट दिए.

    उन्होंने कहा- “हम मानते हैं कि हमें ये समझने और ऐसी रिपोर्ट की पुष्टि करने में थोड़ा वक़्त लगा. हमारे लिए ये यक़ीन करना भी मुश्किल था कि हमास ऐसी बर्बरता कर सकता है.”

    “मुझे लगता है कि अब हम यक़ीन से कह सकते हैं कि हमास ने ऐसा किया. चारों तरफ़ शव पड़े थे, कटे हुए शव.”

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि उन्होंने वो तस्वीरें देखी हैं जिसमें ‘हमास के आतंकवादियों ने बच्चों का सिर कलम’ कर दिया.

    हालांकि जब बीबीसी ने इस बयान को लेकर व्हाइट हाउस से संपर्क किया. तो व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने राष्ट्रपति बाइडन की टिप्पणियों से किनारा करते हुए बीबीसी को बताया कि बाइडन ने ऐसी तस्वीरें नहीं देखीं.

    अधिकारी ने कहा कि “वह (राष्ट्रपति बाइडन) इसराइल से आ रही रिपोर्ट्स की बात कर रहे थे.”

    जब जो बाइडन ने ये बयान दिया था तो इसराइली सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की थी.

  20. ग़ज़ा बॉर्डर के पास इसराइली सैनिकों का बढ़ता जमावड़ा

    वीडियो कैप्शन, ग़ज़ा बॉर्डर के पास इसराइली सैनिकों का बढ़ता जमावड़ा

    इस संघर्ष में अब तक 2200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.