इसराइल-हमास संघर्ष के बीच मलाला यूसुफ़ज़ई ने कहा-युद्ध बच्चों को भी नहीं छोड़ता है

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नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफ़ज़ई ने इसराइल-हमास संघर्ष के बीच युद्धविराम की अपील की है.
उन्होंने एक्स पर एक ट्वीट में लिखा, "पिछले कुछ दिनों से मैं दुखद ख़बरें देख रही हूं. मैं फ़लस्तीनी और इसराइली बच्चों के बारे में सोच रही हूं, जो इन सबमें फंस गए हैं."
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मलाला ने लिखा, "मैं महज 11 साल की थी जब मैंने हिंसा और आतंकवाद का सामना किया. हमने अपने स्कूल और मस्जिदों को बम से तबाह होते देखा. शांति एक ऐसी चीज हो गई जिसका हम सिर्फ़ सपना ही देख सकते थे. "
उन्होंने पोस्ट में लिखा, " युद्ध बच्चों को भी नहीं छोड़ता है-उन्हें भी नहीं जिन्हें इसराइल से अगवा कर लिया गया और उन्हें भी नहीं जो हवाई हमले के बीच ग़ज़ा में बिना कुछ खाए-पिए छुपे हुए हैं."
26 वर्षीय नोबेल शांति पुरुस्कार विजेता मलाला युसूफ़जई का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. साल 2012 में महिला शिक्षा के प्रचार में जुटीं मलाला को तालिबानी चरमपंथियों ने निशाने पर लिया था.
इस हमले में मलाला की जान बाल-बाल बची थी. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में काम जारी रखा.



















