इसराइल-हमास संघर्ष: अब तक 1200 की मौत, ग़ज़ा की नाकाबंदी, पढ़िए आज दिन भर क्या-क्या हुआ

बिन्यामिन नेतन्याहू ने इसराइल के जवाब को 'महज शुरुआत' बताया है. नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश 'बेशुमार ताक़त का इस्तेमाल करते हुए हमास को हराएगा.'

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and राजेश आर्य

  1. इसराइल-हमास संघर्ष: अब तक 1200 की मौत, ग़ज़ा की नाकाबंदी, पढ़िए आज दिन भर क्या-क्या हुआ

    नाकेबंदी

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    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने हमास के हमले के बाद अपने देश के जवाब को 'महज शुरुआत' बताया है. नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश 'बेशुमार ताक़त का इस्तेमाल करते हुए उन्हें (हमास को) हराएगा.'

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक दक्षिणी इसराइल के अधिकारियों के मुलाक़ात के दौरान नेतन्याहू ने कहा, "हमास को बहुत बुरा अनुभव होगा."

    उन्होंने कहा, "ये सिर्फ़ शुरुआत है. हम सब आपके साथ हैं. हम ताक़त के दम पर उन्हें हराएंगे. बेशुमार ताक़त आजमाएंगे. हम मिडिल ईस्ट को बदल देंगे. "

    इस बीच क़तर के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वो बंधकों को छुड़ाने के लिए इसराइल और हमास के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं.

    क्या है ताज़ा स्थिति

    • इसराइल पर हमास के हमले को दो दिन से ज़्यादा वक़्त बीत चुका है लेकिन इसराइल का कहना है कि अब तक वो गज़ा लगती अपनी सीमा को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर सका है.
    • लेकिन, इसराइल ने कहा है कि हमास ने जहां हमला किया था, उन इलाकों पर वो पूरी तरह अधिकार हासिल कर चुका है. इन बस्तियों में हमास के लड़ाकों ने आम लोगों को देखते ही गोली मार दी थी.
    • इसराइल की सेना के मुताबिक ऐसा मुमकिन है कि अब भी फ़लस्तीन के कुछ चरमपंथी देश में मौजूद हों

    मरने वालों की संख्या बढ़ी

    इसराइल

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    • शनिवार से जारी हिंसा में अब तक इसराइल के कम से कम 700 और 500 फ़लस्तीनियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है
    • इसराइल में अमेरिका के नौ नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. वहीं, ब्रिटेन के 10 नागरिकों को लेकर आशंका जाहिर की गई है कि या तो उनकी मौत हो गई है या फिर वो लापता हैं.
    • हमास ने इसराइल के दर्जनों लोगों को बंधक बनाया हुआ है. इनमें से ज़्यादातर लोग गज़ा में हैं.
    • हमास के एक प्रवक्ता ने बताया है कि इसराइल के हवाई हमले में चार बंधकों की मौत हो गई है. हालांकि, इस दावे की किसी और स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है.
    इसराइल के रक्षा मंत्री

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    गज़ा की नाकेबंदी

    • इसराइल की सेना ने दोपहर के वक़्त गज़ा पर हवाई हमलों की संख्या बढ़ा दी. सेना ने बताया था कि बीती हमास के 500 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया.
    • इसराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने गज़ा की पूरी तरह नाकेबंदी करने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि ग़ज़ा में खाना, पानी और बिजली सप्लाई काटी जा रही है. इसराइल ने कहा है कि ग़ज़ा पट्टी से न कोई बाहर आ पाएगा, न दाख़िल हो पाएगा.
    • संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गज़ा में एक लाख 20 हज़ार से ज़्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं. इनमें से कई एक ने स्कूलों में शरण ली है.
  2. योगी आदित्यनाथ के किस बयान पर पाकिस्तान को आपत्ति, क्या कहा?

    योगी आदित्यनाथ

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    पाकिस्तान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान की निंदा की है जिसमें उन्होंने ‘सिंधु’ को वापस लेने की बात की थी.

    योगी आदित्यनाथ के बयान को दक्षिणी पाकिस्तान के सिंधु नदी के करीब के इलाक़े को हासिल करने के दावे से जोड़कर देखा जा रहा है

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर एक बयान भी जारी किया है.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज़ ज़हरा बलोच ने कहा है, “ हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए निहायत ग़ैरज़िम्मेदार बयान की निंदा करते हैं”

    बयान में उन्हें ‘कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा’ का समर्थक बताया गया है.

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    योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था ?

    पाकिस्तान ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिस बयान पर आपत्ति की है, उसे रविवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया था.

    सिंधी समाज के एक कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा था, “सिंधी समाज इस बात को जानता है. विभाजन के बाद वहां पर छोड़ी हुई अपनी भूमि हर एक को प्यारी होती है.”

    उन्होंने आगे कहा, “500 वर्षों के बाद राम जन्मभूमि वापस ली जा सकती है तो कोई कारण नही कि हम सिंधु वापस न ले सकें.”

    पाकिस्तान का बयान

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    पाकिस्तान ने क्या कहा?

    बयान पर आपत्ति जाहिर करते हुए पाकिस्तान ने कहा है, “ये भी उतना ही निंदनीय है कि मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि को वापस लेने की बात कहते हुए उस क्षेत्र को वापस लेने की बात की है जो पाकिस्तान का हिस्सा है. इतिहास में दर्ज है कि 6 दिसंबर 1992 को हिंदू अतिवादियों की भीड़ ने दावे के मुताबिक अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि वापस लेने के लिए ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था.”

    बयान में आगे कहा गया है, “साफ़ है कि मुख्यमंत्री का उकसाने वाला बयान ‘अंखड भारत’ के निराधार दावे से प्रेरित है.”

    बयान में कहा गया है, “आधिपत्य जमाने वाली और विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं के बजाए भारतीय नेताओं को पड़ोसी देशों के साथ विवाद को सुलझाना चाहिए और उनके साथ मिलकर शांतिपूर्ण और समृद्ध दक्षिण एशिया बनाने के लिए काम करना चाहिए.”

  3. मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने इसराइल पर लगाए ये आरोप

    मलेशिया, महातिर मोहम्मद, इसराइल, हमास, फ़लस्तीन

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    इमेज कैप्शन, मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद.

    मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि पिछले कई दशकों से इसराइल फ़लस्तीनियों के खिलाफ युद्ध अपराध,नरसंहार और अकल्पनीय अत्याचार कर रहा है.

    सोमवार को एक ट्वीट में मोहम्मद ने कहा कि यह सब अचानक नहीं हुआ है, बल्कि सात दशकों में बिना किसी रुकावट के व्यवस्थित तरीके से चलाया गया है.

    उन्होंने कहा कि फ़लीस्तीनी जमीन को इसराइल ने एकतरफा समझौतों के जरिए अवैध रूप तरीके से हासिल किया था.

    इसराइली जबरदस्ती फ़लिस्तीनियों की जमीन और खेत को कब्जा कर रहे हैं. हमास के हालिया हमले पर मोहम्मद ने कहा कि यह मामला पिछले हमलों से अलग नहीं है, सिवाय इस बात के कि इस बार वे बाहरी मदद पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि पश्चिमी शक्तियां और उनका तंत्र अपने झूठ, अपने नैरटिव के जरिए बता रहे हैं कि शत्रुता आतंकवादियों द्वारा किया गया आतंक का कार्य है. यह उस तथ्य को नजरअंदाज करता है कि यह उन लोगों का प्रतिशोध है, जिनकी स्वतंत्रता और उनकी जमीन के अधिकारों को बलपूर्वक छीन लिया गया है.

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  4. स्वामी रामदेव की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आईएमए, बिहार और छत्तीसगढ़ से मांगा जवाब

    स्वामी रामदेव, आईएमए, कोरोना, सुप्रीम कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, स्वामी रामदेव.

    कोरोना काल में एलोपैथिक दवाओं को लेकर दिए बयान के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर स्वामी रामदेव की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.

    ये मामले बिहार और छत्तीसगढ़ में दर्ज कराए गए हैं.

    स्वामी रामदे ने कोरोना के इलाज में एलोपैथिक दवाओं के इस्तेमाल और उनके प्रभाव को लेकर विवादास्पद टिप्पणियां की थीं.

    उनकी याचिका पर जस्टिस एएस बोपन्ना और एमएम सुंदरेश का पीठ सुनवाई कर रहा है. रामदेव की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने पैरवी की.

    स्वामी रामदेव की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और बिहार-छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब मांगा है.

    स्वामी रामदेव ने 2021 में इन एफआईआर पर होने वाली कार्रवाई पर स्टे की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

    उन्होंने अपनी याचिका में एफआईआर पर होने वाली कार्रवाई पर स्टे के अलावा आईएमए की ओर से पटना और रायपुर में दर्ज कराई गई एफआईआर को दिल्ली की किसी अदालत में भेजने की अपील की है.

    आईएमए की राज्य इकाइयों ने स्वामी रामदेव के खिलाफ आईपीसी की धारा-188, 269 और 504 के तहत शिकायतें दर्ज कराई हैं.

    इन शिकायतों के मुताबिक महामारी के दौरान स्वामी रामदेव कथित तौर पर सोशल मीडिया पर डॉक्टरों, भारत सरकार, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और कोरोना के इलाज में शामिल संस्थाओं द्वारा इस्तेमाल की जा रहीं दवाओं को लेकर ग़लत जानकारी फैलाते रहे.

  5. पाकिस्तानी पत्रकार ज़ैनब अब्बास को भारत से डिपोर्ट करने के दावे पर आईसीसी ने दिया ये जवाब,

    ज़ैनब अब्बास

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    पाकिस्तान की खेल पत्रकार और कमेंटेटर ज़ैनब अब्बास को भारत से 'जबरन वापस नहीं भेजा गया है.'

    ज़ैनब अब्बास वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी के प्रेंजेंटरों में शामिल थीं. उनकी भारत से वापसी के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही थी कि अधिकारियों ने उन्हें ‘डिपोर्ट’ (जबरन वापस) कर दिया है.

    लेकिन, अब आईसीसी ने बताया है कि ज़ैनब ‘निजी कारणों’ से वापस गईं हैं.

    आईसीसी के मीडिया और कम्युनिकेशन के डायरेक्टर क्लेयर फरलॉन्ग ने बीबीसी को बताया, “वो निजी कारणों से घर लौटी हैं. रिपोर्टों के उलट उन्हें डिपोर्ट नहीं किया गया है.”

    आईसीसी ने इस मामले को साफ़ करने की कोशिश की है लेकिन भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया में उनकी वापसी की अलग वजह बताई जा रही है.

    रिपोर्टों और सोशल मीडिया में दावा किया गया है कि पुराने ट्वीट वायरल होने के बाद ज़ैनब को धमकी मिल रही थीं. उनके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में एक केस भी दायर किया गया है.

    उधर, ज़ैनब अब्बास ने अब तक इस मामले पर कुछ नहीं कहा है. उन्होंने ये भी नहीं बताया कि किस ‘निजी कारण’ से वो वापस लौटी हैं.

    भारत में वर्ल्ड कप की शुरुआत 5 अक्टूबर को हुई. तभी से ज़ैनब के पुराने ट्वीट चर्चा में हैं. ख़ासकर एक साल पहले किया गया ट्वीट.

    इसमें उन्होंने कथित तौर पर हिंदू धर्म और भारत के बारे में अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था.

    ये भी दावा किया गया कि ट्वीट वायरल होने के बाद उन्हें धमकियां मिल रही थीं और इसी वजह से वो वापस लौट गईं.

    बीबीसी ने ज़ैनब का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क किया लेकिन अब तक उनका कोई जवाब नहीं मिला है.

    पाकिस्तान में हैशटैग ज़ैनब अब्बास सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर टॉप ट्रेंड में है.

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    कौन है ज़ैनब ख़ान

    ज़ैनब ने अपने स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर करियर की शुरूआत वर्ष 2015 के वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान न्यूज़ चैनल दुनिया न्यूज़ से की.

    2016 में वे पाकिस्तान सुपर लीग के शो में प्रेज़ेंटर बन गईं. इसके बाद उन्होंने स्पोर्ट्स एंकर की दुनिया में एक मुकाम हासिल कर लिया.

    इसी साल वे बीबीसी के टेस्ट मैच स्पेशल कार्यक्रम से जुड़ीं और पाकिस्तान का इंग्लैंड दौरान कवर किया.

    2019 के क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान के भीतर वे पहली महिला स्पोर्ट्स रिपोर्टर और कंमेंटेटर बनीं.

    जुलाई 2021 में ज़ैनब ने स्काई स्पोर्टस पर डेब्यू किया.

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    पाकिस्तान में एक्स ( पहले ट्विटर) पर ज़ैनब अब्बास ट्रेंड कर रही हैं.

    हुज़ैफ़ा चौधरी नाम के एक यूज़र ने लिखा है - ज़ैनब अब्बास ने भारत से लौटने का सही फ़ैसला किया है. अब मुझे डर है कि भारतीय लोग हमारे खिलाड़ियों को भी हानि पहुँचा सकता हैं. भारत टूर्नामेंट होस्ट करने के लिए एक ख़राब देश है."

    महीन ग़नी नाम की यूज़र ने लिखा है कि ज़ैनब ने चाहे कभी भी कुछ लिखा हो उन्हें अपने शब्दों के लिए ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए. इसमें कोई शर्म की बात नहीं है.

    इधर भारत में सोशल मीडिया पर ज़ैनब अब्बास को कथित तौर पर डिपोर्ट किए जाने के बारे में पोस्ट साझा की जा रही हैं.

    हालांकि आईसीसी ने साफ़ किया है कि उन्हें भारत से डिपोर्ट नहीं किया गया है बल्कि वे अपनी इच्छा से निजी कारण के चलते लौटी हैं.

  6. इसराइल के बंधकों को छुड़ाने के लिए हमास से बात कर रहा है क़तर- रिपोर्ट

    बंधक

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    हमास के कब्ज़े से इसराइल की महिलाओं और बच्चों को छुड़ाने के लिए क़तर के मध्यस्थ बातचीत कर रहे हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक क़तर के मध्यस्थ हमास के अधिकारियों के संपर्क में हैं.

    इन महिलाओं और बच्चों को चरमपंथी समूह हमास ने अगवा कर लिया था और अपने साथ ग़ज़ा ले गए थे.

    बातचीत की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया है कि क़तर ने प्रस्ताव रखा है कि इसराइल ने फ़लस्तीन के जिन 36 महिलाओं और बच्चों को पकड़ा हुआ है, उनके बदले इसराइल के बंधक छोड़ दिए जाएं.

    सूत्र ने बताया है कि ये बातचीत अमेरिका के कोऑर्डिनेशन में की जा रही है.

    इसराइल या फिर हमास ने इस रिपोर्ट को अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

  7. सुनिए दिनभर मोहनलाल और प्रेरणा के साथ: ग़ज़ा में इसराइल-हमास संघर्ष

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    बीबीसी हिंदी का पॉडकास्ट दिनभर-पूरा दिन, पूरी ख़बर है कार्यक्रम में आज विस्तार से बात गज़ा में इसराइल-हमास के बीच चल रहे संघर्ष, अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप और ख़ेल की ख़बरों की.

    गज़ा में इसराइल-हमास के बीच तीसरे दिन भी संघर्ष जारी, अब तक हज़ार से ज़्यादा मौतें पीएम मोदी ने कहा भारत इसराइल के साथ, तो क्या फ़लस्तीन के मुद्दे पर बदल रही है भारत की नीति ?

    अफ़ग़ानिस्तान में एक बार फिर भूकंप का कहर, मलबे में दबे लोगों को निकालने की जद्दोजहद जारीय

  8. हमास ने कहा- बंधकों के साथ होगा मानवीय और गरिमामय व्यवहार

    इसराइल, ग़ज़ा पट्टी

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    इमेज कैप्शन, इसराइली हमले के बाद ग़ज़ा से उठता धुंआ.

    फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के प्रमुख बसीम नईस ने कहा है, "हम अपने बंधकों के साथ बहुत ही मानवीय, गरिमामय तरीके से व्यवहार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. वो बीबीसी रेडियो-4 से बात कर रहे थे."

    उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि कितने लोगों को बंधक बनाया गया है और फ़लीस्तीनी चरमपंथियों ने कितने लोगों की हत्या की है.

    शनिवार से अबतक इसराइल में 700 से अधिक लोग मारे गए है. इसमें 200 वो लोग भी शामिल हैं, जिन्हें हमास के बंदूकधारियों ने एक म्यूजिक फेस्टिवल में मार डाला था.

    इनके अलावा दर्जनों लोगों को बंधक बनाया गया है. इनमें से अधिकांश लोगों को ग़ज़ा ले जाया गया है. वहीं ग़ज़ा में हमास के ठिकानों पर किए गए इसराइल के हमलों में अबतक 500 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

    नईम ने कहा कि हमास के नेता मोहम्मद दीफ़ ने चरमपंथियों को निर्देश दिए हैं कि बड़ों का सम्मान करें, नागरिकों का सम्मान करें, बच्चों का सम्मान करें और ऐसे लोगों की हत्या न करें जो सीधे तौर पर इस लड़ाई में शामिल नहीं हैं.

  9. घटनास्थल पर ही पड़े हुए हैं हमास के लड़ाकों के शव, कैसी तैयारी कर रहा है इसराइल

    Isreal, Hamas, Gaza

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    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा पर इसराइल के हमले से मची तबाही.

    हमास ने शनिवार को इसराइल पर बड़ा हमला किया था. इस हमले के बाद हमास और इसराइली सुरक्षा बलों के बीच लड़ाई जारी है.

    बीबीसी संवाददाता जोनाथन बेले ने बताया, "हमने देखा कि हमास के लड़ाकों के शव अभी भी पड़े हुए हैं. वहीं इसराइली पीड़ितों के शव बहुत पहले ही पहचान करने या दफ़नाए जाने के लिए ले जाए जा चुके हैं."

    "हमनें देखा कि एक इसराइली ड्राइवर ने अपना ट्रक रोका और हमास के एक लड़ाके के शव पर पत्थर फेंका. सीमा के दोनों तरफ तनाव फैल गया है."

    इसराइल के हथियारों से लैस और प्रशिक्षित सैनिक हमला करने वाले चरमपंथियों को मिटाने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं हमास सीमा के पार से दिन-रात रॉकेटों से हमले कर रहा है.

    इसराइल की हवाई सुरक्षा प्रणाली 'आयरन डोम' लगातार काम कर रही है. इसके बाद भी वह ग़ज़ा से दागे जा रहे हर रॉकेट का पता नहीं लगा पा रही है. इसराइल बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है. उसके लड़ाकू विमान लगातार उड़ान भर रहे हैं और ग़ज़ा में सैकड़ों टार्गेट को निशाना बना रहे हैं.

    लेकिन यह साफ़ है कि इसराइल इससे अधिक की योजना बना रहा है. ग़ज़ा सीमा पर टैंक, सैनिकों और बख़्तरबंद वाहनों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है. यह ग़ज़ा पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की तैयारी नज़र आ रही है.

    अमेरिका और ब्रिटेन के कितने नागरिकों की मौत?

    हमास और इसराइल के बीच जारी संघर्ष में अभी तक नौ अमेरिकी और 10 से अधिक ब्रितानी नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है.

    अमेरिकी सरकार ने बताया है कि इसराइल में उनके 9 नागरिकों की जान गई है.

    व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, "हम हमले में मारे गए पीड़ितों और उनके परिवार के प्रति संवेदना ज़ाहिर करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं."

    "हम स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं और अपने इसराइली सहयोगियों के साथ संपर्क में हैं." वहीं बीबीसी को यूके के एक अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार 10 से अधिक ब्रिटिश नागरिकों के इसराइल में हुए हमास के हमलों के बाद मारे जाने या लापता होने की आशंका है.

  10. निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए जाने के सवाल पर दिया ये जवाब

    Jammu Kashmir, Election Commission of India, Assembly Election

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    इमेज कैप्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार.

    चुनाव आयोग ने कहा है कि सुरक्षा और अन्य राज्यों के चुनाव को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तारीखों का एलान किया .

    यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. कॉन्फ्रेंस का आयोजन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान करने के लिए किया गया था.

    राजीव कुमार ने कहा, ''जो भी सही समय होगा आयोग की नज़र में, सुरक्षा और अन्य राज्यों के चुनाव को ध्यान में रखते हुए इसके निर्णय के बारे में आपको सूचित करेंगे.''

    केंद्र सरकार ने पाँच अगस्त 2019 को जम्मू -कश्मीर से अनुछेद 370 हटाकर जम्मू -कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म कर दिया था. इसके बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बाँट दिया गया था. लद्दाख जो कि जम्मू-कश्मीर का ही हिस्सा था, उसे एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया.

    इसके साथ ही दोनों ही राज्यों में उपराज्यपाल की तैनाती कर दी गई थी.

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    जम्मू-कश्मीर में 2014 के बाद से विधानसभा चुनाव नहीं हुए हैं. उस चुनाव में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ( पीडीपी) और बीजेपी ने एक गठबंधन सरकार बनाई थी. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री बनी थीं.

    बीजेपी ने 2018 में महबूबा की सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था. इससे उनकी सरकार गिर गई थी. इसके बाद जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.

    बाद में सरकार ने जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया को शुरू की थी. यह प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है.

    चुनाव आयोग ने परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बाद विधानसभा और लोकसभा सीटों को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

    चुनाव आयोग के मुताबिक अब राज्य में विधानसभा की 90 और लोकसभा की पाँच सीटें होंगी. विधानसभा सीटों में से 43 जम्मू क्षेत्र में और 47 सीटें कश्मीर घाटी में हैं.

    राज्य की विधानसभा में सात सीटें अनुसूचित जाति और नौ सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की गई हैं.

  11. भारत में फ़लस्तीन के राजदूत ने इसराइल पर हमास के हमले को लेकर क्या कहा

    अदनान अबु अल हायजा

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    भारत में फ़लस्तीनी राजदूत अदनान अबु अल हायजा ने हमास के इसराइल पर हमले को लेकर कहा है कि वो इसकी आलोचना नहीं करेंगे.

    अबु हायजा से सवाल किया गया था कि क्या आपको नहीं लगता कि हमास ने जो किया है, उसकी निंदा होनी चाहिए. उन्होंने आम लोगों पर हमला किया, कई सारे लोगों को उन्होंने बंधक बना लिया, इसराइल ने इसे जंग बताया है. इस पूरे मामले पर आपका क्या कहना है?

    इस पर उन्होंने कहा, "फ़लस्तीनियों का क्या? फ़लस्तीनियों के बारे में आपका क्या कहना है? इस साल की शुरुआत से अब तक फ़लस्तीन के 260 आम नागरिक मारे गए हैं. दूसरा, पांच हज़ार से ज़्यादा फ़लस्तीनी इसराइल की जेलों में कैद हैं. तीन सौ से ज़्यादा लोग डिटेंशन सेंटर में मौजूद हैं. वो लोग रिहा करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल करते हैं. इसराइल के पास उनके ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं है, लेकिन फिर भी उन्हें जेलों में रखा गया है. जो लोग भी हमास के कदमों की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें पहले इसराइल और इसराइली सेटलर जो कुछ वेस्ट बैंक में कर रहे हैं, उसकी आलोचना करनी चाहिए."

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    इसके बाद उनसे पूछा गया कि क्या वो हमास के इस कदम की आलोचना करेंगे, जिसके जबाव में उन्होंने कहा, "कतई नहीं. हमास फ़लस्तीनी लोगों का हिस्सा है. मैं फ़लस्तीन पर इसराइल के कब्ज़े की आलोचना करता हूं."

    "अगर कब्ज़ा नहीं होता, तो हमास ना होता, तो फ़तह ना होता. इसराइल के अपने लड़ाके हैं. हमास का ऑपरेशन शायद बड़ा है, लेकिन इसराइली सेटलर, इसराइली लड़ाके हर रोज़ वेस्ट बैंक में ऐसा करते हैं. वो लोग शांति और ज़मीन एक साथ चाहते हैं और ऐसा हो नहीं सकता. दुनिया की किसी भी और जगह की तरह फ़लस्तीनी भी शांति के साथ जीना चाहते हैं. हम इसराइलियों के साथ शांति के साथ जीना चाहते हैं. हम ओस्लो समझौते के तहत 22 फीसदी ज़मीन चाहते हैं ताकि स्वतंत्र फ़लस्तीन देश बना सकें. ये टकराव हमेशा जारी रहेगा क्योंकि हम अपनी सरज़मीं पर गुलाम बनकर नहीं रहेंगे."

  12. राहुल गांधी ने बताया- कांग्रेस शासित सभी राज्यों में होगी जातिगत जनगणना

    कांग्रेस, राहुल गांधी, जातीय जनगणना, ओबीसी, कांग्रेस की सरकार

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी.

    कांग्रेस ने जातिगत जनगणना का समर्थन किया है. कांग्रेस कार्यसमिति की आज दिल्ली में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने दी. उन्होंने कहा कि चार घंटे तक चली कार्यसमिति की बैठक में यह फैसला सर्वसम्मित से लिया गया.

    राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की राज्य सरकारों ने अपने यहां जातीय जनगणना कराने का फैसला किया है. उन्होंने इसे प्रगतिशील और साहसिक फैसला बताया.

    कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक आज दिल्ली में हुई. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं.

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    कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक पिछले महीने हैदराबाद में हुई थी. इसमें कांग्रेस ने ओबीसी के मुद्दों की ओर लौटने का फैसला किया था. इसके बाद से ही राहुल गांधी ओबीसी की वकालत कर रहे हैं.

    संसद के विशेष सत्र में भी उन्होंने केंद्र सरकार के अधिकारियों में ओबीसी अधिकारियों का मुद्दा उठाया था.

    बिहार सरकार ने जाति सर्वेक्षण करवाया है. इसके आंकड़े दो अक्तूबर को जारी किए गए थे. बिहार सरकार के इस कदम के बाद से ही देश भर में जातिय जनगणना की बहस तेज़ हो गई है.

    कांग्रेस के नेतत्व वाली यूपीए सरकार ने 2010 में जातीय जनगणना का सैद्धांतिक तौर पर समर्थन किया था. हालांकि 2011 की जनगणना में जाति का कॉलम शामिल नहीं किया गया था.

    यूपीए सरकार ने एक जातिय सर्वेक्षण करवाया था. लेकिन इसके आंकड़े आज तक जारी नहीं किए गए हैं.

  13. बीजेपी ने तीन राज्यों में जारी की उम्मीदवारों की सूची, राजस्थान में सात सांसदों को मिला टिकट

    बीजेपी चुनाव उम्मीदवार

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    इमेज कैप्शन, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा. फाइल फोटो.

    भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए अपने 41 उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है.

    बीजेपी ने मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में भी अपने सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा है. बीजेपी ने राजस्थान में अपने सात मौजूदा सांसदों को टिकट दिया है.

    राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की पहली लिस्ट है. बीजेपी ने जिन सांसदों को टिकट दिया है, उनमें नरेंद्र कुमार, राज्यवर्धन राठौड़, बाबा बालकनाथ, डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा, भागीरथ चौधरी, दिया कुमारी और देवजी पटेल का नाम शामिल है.

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    इसके साथ ही बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की 64 सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.

    इसमें पाटन विधानसभा सीट शामिल नहीं हैं, जहां से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव लड़ते हैं.

    बीजेपी ने आज मध्य प्रदेश के लिए 57 और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. आज जिन उम्मीदवारों की घोषणा की गई है, उसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम भी शामिल हैं, चौहान को सीहोर जिले की बुदनी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.

    बीजेपी की इस सूची में किसी सांसद का नाम शामिल नहीं है. मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर एक साथ 17 नवंबर को मतदान कराया जाएगा.

    छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव दो चरणों में सात और 17 नवंबर को कराया जाएगा.

    राजस्थान में विधानसभा चुनाव एक साथ 23 नवंबर को कराया जाएगा. इन तीनों राज्यों में मतों की गिनती एक साथ तीन दिसंबर को कराई जाएगी.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, ग़ज़ा में हमास के ठिकानों पर इसराइल की सेना का बड़ा हमला, दो शरणार्थी कैंप बने निशाना

    ग़ज़ा-इसराइल

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    इसराइल की सेना ने कहा है कि ग़ज़ा में हमास के ठिकानों पर 'बड़े हमले' शुरू कर दिए गए हैं.

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्स (आईडीएफ़) और इसराइली वायु सेना दोनों ने इस अभियान की जानकारी सोशल मीडिया पर दी है.

    हमास ने ग़ज़ा की ओर से इसराइल में रॉकेट दागे जाने के बाद ये कार्रवाई शुरू हुई है.

    इस बीच फ़लस्तीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इसराइली हवाई हमलों में दो शरणार्थी कैंप क्षतिग्रस्त हुए हैं. इसमें कई लोगों की मौत हुई है और कुछ के घायल होने की भी ख़बर है. ग़ज़ा पट्टी में आठ मान्यता प्राप्त शरणार्थी कैंप हैं.

    ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि शनिवार को इसराइली मिसाइल हमलों में मरने वालों का आंकड़ा 511 तक पहुंच गया है. वहीं घायलों की संख्या 2750 है.

    इसराइल का कहना है कि शनिवार को हमास की ओर से नागरिकों पर किए गए बड़े हमले और उन्हें बंधक बनाए जाने के जवाब में वो अब ग़ज़ा में हमले कर रहा है.

    दूसरी ओर हमास ने बताया है कि कल पूरी रात इसराइल के हवाई हमलों में बंधक बनाए गए चार लोगों की मौत हो गई है.

    हालांकि, अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि हमास ने कितने इसराइलियों को बंधक बंधक बननाया है, लेकिन इसराइल की सेना ने 'दर्जनों' लोगों के किडनैप होने की बात मानी है.

  15. शाहरुख़ ख़ान की सुरक्षा बढ़ाकर वाई प्लस की गई

    शाहरुख़ ख़ान

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    महाराष्ट्र पुलिस ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ ख़ान को 'जान का ख़तरे' की आशंका को देखते हुए उनके सुरक्षा कवर को बढ़ाकर वाई प्लस कर दिया है.

    वाई प्लस सिक्योरिटी में छह कमांडो सहित 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं और एक पुलिस का एस्कॉर्ट व्हीकल होता.

    पुलिस अधिकारी के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि 'जवान' फ़िल्मी रिलीज़ होने के बाद से शाहरुख ख़ान को जान की धमकी मिल रही थी.

    हालांकि, इस सिक्योरिटी कवर के लिए शाहरुख़ ख़ान को खुद भुगतान करना होगा.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार शाहरुख़ ख़ान ने महाराष्ट्र सरकार को लिखित में ये शिकायत दी थी कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं.

    पुलिस ने कहा कि शाहरुख़ ख़ान के घर पर भी मुंबई पुलिस के चार हथियारबंद जवान 24 घंटे मौजूद रहेंगे.

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीते सप्ताह उच्च-स्तरीय समिति की बैठक के बाद शाहरुख़ ख़ान की सुरक्षा बढ़ाने का फ़ैसला लिया गया था.

  16. अर्थशास्त्र का नोबेल हार्वर्ड की प्रोफ़ेसर क्लाउडिया गोल्डिन को मिला

    नोबेल पुरस्कार

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    इमेज कैप्शन, क्लाउडिया गोल्डिन

    साल 2023 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार क्लाउडिया गोल्डिन को देने की घोषणा की गई है.

    महिलाओं की कमाई और श्रम बाजार का व्यापक अध्ययन करने के लिए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया है.

    इसकी जानकारी दी रॉयल स्विडिश एकेडमी ने एक ट्वीट में दी है. एकेडमी ने कहा है कि गोल्डिन ने महिलाओं के श्रम बाजार के परिणामों के बारे में हमारी समझ को विकसित किया है.

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    क्लाउडिया गोल्डिन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र पढ़ाती हैं. उनके अध्ययन का दायरा महिला श्रम, कमाई के मामले में लैंगिक भेद, आर्थिक विषमता, तकीनीकी बदलाव, शिक्षा और इमीग्रेशन शामिल हैं.

    'करियर एंड फैमिली : वुमेंस सेंचुरी लांग जर्नी टूवर्ड इक्विटी' शीषर्क से उनकी किताब अभी हाल ही में प्रकाशित हुई है.

  17. शुभमन गिल की तबीयत पर बीसीसीआई ने दी जानकारी

    शुभमन गिल

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    भारत के सलामी बल्लेबाज़ शुभमन गिल अफ़ग़ानिस्तान के साथ होने वाले अगले विश्व कप मुक़ाबले में भी टीम का हिस्सा नहीं होंगे.

    बीसीसीआई की ओर जारी मेडिकल अपडेट में ये बताया गया है कि शुभमन गिल नौ अक्टूबर को टीम के साथ दिल्ली नहीं जा रहे हैं.

    शुभमन गिल ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हुए भारत के पहले विश्व कप मैच में भी नहीं खेले थे.

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    अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ 11 अक्टूबर को भारत टूर्नामेंट का दूसरा मुकाबला खेलेगा.

    इस दौरान शुभमन गिल चेन्नई में ही मेडिकल टीम की निगरानी में रहेंगे.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइल ने ग़ज़ा में बिजली-ईंधन आपूर्ति पूरी तरह बंद की

    इसराइल

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    इसराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा है कि उन्होंने ग़ज़ा पट्टी की पूरी घेराबंदी के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि वहां बिजली, भोजन और ईंधन की आपूर्ति नहीं होगी.

    ग़ज़ा के हवाई क्षेत्र और तटीय इलाके पर इसराइल का नियंत्रण है. इसराइल ही यह तय करता है कि वहां कौन सी चीज जाएगी और वहां से कौन सी चीज आएगी.

    इसी तरह से मिस्र ग़ज़ा से लगती अपनी सीमा पर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करता है.

    फ़लस्तीनी चरमपंथी समूह हमास ने शनिवार तड़के गजा से इसराइल पर रॉकेटों से भीषण हमला कर दिया था. हमास का दावा है कि उसने करीब सात हजार रॉकेट इसराइल पर दागे हैं.

    हमास के इस हमले के बाद इसराइल ने जवाबी हमला किया. इस हमले में अब तक 700 से अधिक इसराइली और 400 से अधिक फ़लस्तीनी मारे गए हैं.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, ग़ज़ा की ओर से फिर रॉकेट दागे जाने के बाद इसराइल में सायरन बजने शुरू

    इसराइल

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    ग़ज़ा की ओर से रॉकेट दागे जाने के बाद इसराइल में एक बार फिर से हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं. इसराइल डिफ़ेंस फोर्स (आईडीएफ़) ने ये जानकारी दी है.

    सायरन यरुशलम में भी सुनाई दे रहे हैं.

    ये बताया जा रहा है कि यरुशलम में कम से कम तीन धमाके सुने गए हैं.

    हालांकि, अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि ये धमाके रॉकेट लैंडिंग की वजह से हुए हैं या फिर इसराइल ने इन्हें मार गिराया है.

    इस बीच इसराइल के रक्षा मंत्री योएव गैलेंट ने कहा है कि ग़ज़ा पट्टी पर पूरी बंदी कर दी गई है. वहां न बिजली भेजी जाएगी, न खाना और न तो ईंधन.

  20. ग़ज़ा में 'डर' से करीब सवा लाख़ लोगों ने छोड़ा घर- संयुक्त राष्ट्र

    ग़ज़ा

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    संयुक्त राष्ट्र ने बताया है कि डर और घरों के टूटने के बाद अपनी सुरक्षा की चिंता के कारण ग़ज़ा में एक लाख 23 हज़ार से अधिक लोग बेघर हो गए हैं.

    ऑफ़िस फॉर कोऑर्डिनेशन ऑफ़ ह्यूमैनिटेरियन अफ़ेयर्स (ओसीएचए) ने बताया है कि 73 हज़ार लोगों ने स्कूलों में शरण ली हुई है.

    फ़लस्तीन में शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (यूएनआरडब्लूए) ने इन आंकड़ों के बढ़ने की आशंका जताई है.

    ग़ज़ा में 23 लाख फ़लस्तीनी रहते हैं. शनिवार को जवाबी हमले करने से पहले इसराइल ने कुछ इलाकों में रहने वालों को वहां से जाने की चेतावनी दी थी.

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा, "मैं ग़ज़ा के लोगों से कह रहा है: अभी यहां से बाहर चले जाएं क्योंकि हम हर तरफ़ अपनी सेना के साथ कार्रवाई करने जा रहे हैं."