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गज़ा पट्टी के क़रीब रहने वाले इसराइलियों ने बताया हमले के व़क्त का मंज़र

कुछ न्यूज़ चैनलों को फ़ोन कर यहां रहने वाले बता रहे हैं कि वो अपने घरों में फंसे हैं. कुछ ने बताया कि वो गोलियों की आवाज़ सुन रहे हैं और अपने प्रियजनों को ढूंढने में असमर्थ हैं

लाइव कवरेज

दिलनवाज़ पाशा and प्रेरणा

  1. ग़ज़ा पट्टी के क़रीब रहने वाले इसराइलियों ने बताया हमले के व़क्त का मंज़र

    ग़ज़ा पट्टी के नज़दीक रहने वाले इसराइलियों ने बताया है कि फ़लस्तीनी समूह हमास के अचानक हमले के व़क्त का मंज़र कैसा था.

    कुछ न्यूज़ चैनलों को फ़ोन कर यहां रहने वाले लोग बता रहे हैं कि वो अपने घरों में फंसे हैं. कुछ ने बताया कि वो गोलियों की आवाज़ सुन रहे हैं और अपने प्रियजनों को ढूंढने में असमर्थ हैं.

    ग़ज़ा पट्टी के नज़दीक रहने वाली आयलेट हाचिम ने चैनल 12 को बताया, ''आतंकी मेरे घर में घुसने की कोशिश कर रहे हैं.''

    ''मैं उनकी आवाज़ें सुन सकती हूं और वो मेरे घर के दरवाज़े पीट रहे हैं. मैं अपने दो छोटे बच्चों के साथ हूं.''

    दक्षिणी इसराइल में, ग़ज़ा की सीमा के क़रीब किबुत्ज़ निर ओज़ में, योनी नाम के एक इसराइली नागरिक ने फेसबुक पर लिखा: "उन्होंने मेरी सास का अपहरण कर लिया और उन्हें साथ लेकर चले गए हैं. मुझे तत्काल सेना और मीडिया से संपर्क करने की आवश्यकता है."

    उधर ग़ज़ा पर इसराइल की जवाबी कार्रवाई जारी है.

    ग़ज़ा में अपने परिवार के साथ रहने वाले एक 60 वर्षीय स्थानीय पत्रकार हसन जेबर का कहना है कि शहर के लोग आज सुबह बमबारी और गोलीबारी की आवाजों से जगे, इससे पहले उन्हें पता चला कि फ़लस्तीनी बंदूकधारियों ने इसराइली गांवों पर हमला किया है.

    उन्होंने कहा कि हमास पर इसराइल में हमला करने का दबाव था. गज़ा के लोग फ़लस्तीनियों पर इसराइलियों के हमलों के मद्देनज़र हमास पर दबाव बना रहे थे.

    ''हमास ने आज अपनी चुप्पी तोड़ दी.''

    हालांकि उन्होंने कहा कि वो किसी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते लेकिन वो जानते हैं कि न हमास और न ही इसराइली सेना रुकने वाली है.

  2. अफ़ग़ानिस्तान में तेज़ भूकंप से 15 लोगों की गई जान, दर्जनों घायल

    अफ़ग़ानिस्तान में तेज़ भूकंप के झटकों के बीच कम से कम 15 लोगों की जान चली गई है. वहीं दर्जनों घायल हैं.

    अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का कहना है कि 6.3 की तीव्रता वाले भूकंप के बाद हेरात प्रांत में कई तेज़ झटके आए हैं.

    भूकंप से ईरान की सीमा के क़रीब हेरात शहर में इमारतों को नुकसान पहुंचा है. अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग मलबे में फंसे हुए हैं. आसपास के ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की ख़बरें आई हैं.

    पिछले साल जून महीने में आए भूकंप में एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

  3. इसराइल में 22 जगहों पर चरमपंथियों से लड़ रही है सेना

    इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेज (आईडीएफ़) ने कहा है कि उसके सैनिक इसराइल में 22 जगहों पर चरमपंथियों से लड़ रहे हैं.

    एक बयान में सेना ने दो जगहों पर बंधक जैसे हालात होने की पुष्टि की है.

    बयान के मुताबिक ओफ़ाकिम और बेरी में दो जगहों पर सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच गोलीबारी जारी है.

    एक अलग बयान में सेना ने इसराइली सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है लेकिन संख्या नहीं बताई है.

    इसराइली सेना ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि सभी आतंकवादियों को ख़त्म कर दिया जाए और सभी समुदायों से आतंकवादियों का सफाया हो.

    बयान में ग़ज़ा पट्टी के आस पास मौजूद इसराइली नागरिकों को अभियान चलने तक सुरक्षित जगहों पर बने रहने को कहा गया है.

    हमले में नेपाल के 9 नागरिक भी प्रभावित

    नेपाल के विदेश मंत्रालय के तरफ़ से आए बयान के मुताबिक़ इसराइल में हमास के हमले के चपेट में नेपाल के वो 14 नागरिक भी आ गए, जो एक खेत में काम कर रहे थे. इनमें से 9 घायल हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है.

  4. सिक्किम बाढ़ में सेना के आठ जवान समेत 30 लोगों की मौत, अब भी 81 लापता,

    पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम की तीस्ता नदी में बुधवार तड़के अचानक आई बाढ़ में भारतीय सेना के 8 जवानों समेत अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के आठ जवानों की मौत का जिक्र करते हुए बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति दुख व्यक्त किया है.

    दरअसल बाढ़ प्रभावित इलाकों में लापता लोगों को तलाशने के लिए जारी अभियान में सेना के जवानों के शव बरामद होने की जानकारी अब तक सिक्किम सरकार साझा कर रही थी.

    लेकिन रक्षा मंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सेना के लापता जवानों के बारे में जानकारी साझा करते हुए लिखा,"हाल ही में सिक्किम में हिमानी झील के फटने से उत्पन्न बाढ़ में आठ सैन्य कर्मियों सहित बहुमूल्य जिंदगियों की दुखद क्षति से बहुत दुखी हूं."

    उन्होंने आगे लिखा "लापता 23 सैनिकों में से एक को बचा लिया गया जबकि आठ बहादुर सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए है. राष्ट्र की सेवा में अग्रिम क्षेत्रों में तैनात रहते हुए उनके बलिदान को भुलाया नहीं जाएगा. शेष 14 सैनिकों और लापता नागरिकों को बचाने के लिए तलाशी अभियान जारी है."

    तीस्ता नदी पर क्षतिग्रस्त हुए चुंगथांग बांध के निचले इलाके बुरदांग में तलाशी अभियान लगातार जारी है. क्योंकि सिंगताम के पास बुरदांग में सेना का ट्रांजिट कैंप था और अचानक आई बाढ़ में यहां से सेना के 23 जवान लापता हो गए और कई वाहन कीचड़ में धंस गए थे. फिलहाल लापता जवानों को तलाशने के लिए तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू टीम के साथ ही ट्रैकर कुत्तों, विशेष राडार और कई हाई टेक संसाधन का उपयोग किया जा रहा है.

    राज्य में खराब मौसम के कारण तलाशी अभियान चला रही सेना और एनडीआरएफ को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सिक्किम सरकार ने अपने नागरिकों के लिए कई चेतावनी जारी की है ताकि तीस्ता नदी किनारे बसे लोग आगे किसी भी तरह की अनहोनी से खुद को सुरक्षित रख सके. स्थानीय प्रशासन ने ऐसी आशंका जताई कि अब भी कई लोग मलबे में दबे हुए है.

  5. इसराइल में मरने वालों की संख्या 70 पहुंची, मेजर जनरल के बंधक होने की ख़बर का खंडन

    इसराइल की इमरजेंसी सर्विसेज ने कहा है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी ग्रुप हमास के औचक रॉकेट हमले में मरने वालों की संख्या 70 हो गई है.

    इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के मैगेन डेविड एडम नेकहा कि अबतक 70 लोगो के मारे जाने और सैकड़ों लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है.

    इस बीच इसराइली अधिकारियों ने इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेज (आईडीएफ़) के मेजर जनरल के अपहरण की ख़बर का खंडन किया है.

    हमास ने दावा किया कि उनके पास 53 'युद्धबंदी' (बंधक) हैं.

    आईडीएफ़ ने इस बात की पुष्टि की है कि उसके कुछ सैनिक और नागरिक चरमपंथियों के कब्ज़े में हैं, हालांकि सेना ने संख्या नहीं बताई है.

  6. इसराइल में जारी संघर्ष पर पाकिस्तान ने क्या कहा?

    पाकिस्तान ने इसराइल-फलस्तीन के बीच जारी संघर्ष पर प्रतिक्रिया दी है.

    देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक कक्कड़ ने कहा है कि मध्यपूर्व में बढ़ती हिंसा से उनका दिल टूट गया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, '' मध्यपूर्व में बढती हिंसा फ़लस्तीनी सवालों को तत्काल रूप से सुने जाने की ज़रूरत को रेखांकित करता है. हम संयम और नागरिकों की सुरक्षा की अपील करते हैं. मध्य पूर्व में स्थायी शांति दो राष्ट्र समाधान के साथ एक व्यवहार्य,निकटस्थ,संप्रभु फ़लस्तीन देश की स्थापना से ही बहाल हो सकती है, जो 1967 से पहले की सीमाओं पर स्थापित है, जिसके केंद्र में अल कुद्स अल-शरीफ़ है.''

  7. अमेरिकी राष्ट्रपति ने बिन्यामिन नेतन्याहू से की फ़ोन पर बात, क्या कहा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से फ़ोन पर बात की है. बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसराइल के साथ खड़े होने और उसे पूरा समर्थन देने की बात कही है.

    इसराइली प्रधानमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल पर दी गई जानकारी के मुताबिक़ अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा है कि इसराइल को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है.

    बिन्यामिन नेतन्याहू ने समर्थन के लिए बाइडन को शुक्रिया कहा है और स्पष्ट किया कि एक सशक्त और 'लंबा अभियान-जिसे इसराइल जीतेगा- ज़रूरी है.'

  8. इसराइल पर हमास के हमले के बाद मध्यपूर्व के इन देशों ने क्या कहा?

    इसराइल पर हमास के हमले के बाद पश्चिमी देशों के साथ ही साथ मध्यपूर्व के देशों की भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है.

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने दोनों ही पक्षों, इसराइल और फलस्तीन को सावधानी से काम लेने की अपील की है.

    अर्दोआन ने कहा, ''हम अपने पड़ोसियों से लेकर अपने क्षेत्र के सभी देशों के साथ बातचीत और कूटनीति के माध्यम से अपनी समस्याओं को हल करने का प्रयास करते हैं. मध्य पूर्व से काकेशस तक और बाल्कन से काला सागर तक के क्षेत्र में जारी खूनी संघर्ष को रोकना हमारे एजेंडे की प्राथमिकता है. इसका रास्ता न्याय और अंतरराष्ट्रीय क़ानून से होकर गुज़रता है.''

    संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर इसराइल फ़लस्तीन के बीच जारी टकराव को रोकने की अपील की है.

    यूएई ने कहा, ''गंभीर परिणामों से बचने के लिए हम अत्यधिक संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अरब-इसराइल शांति प्रक्रिया को वापस शुरू करने का आग्रह करते हैं. क्षेत्र को आगे की हिंसा, तनाव और अस्थिरता से रोकें.''

    ओमान ने भी दोनों पक्षों को "नागरिकों की सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए अत्यधिक संयम बरतने" की अपील की है.

    ओमान की सरकारी मीडिया मे कहा, ''ओमान फ़लस्तीनी क्षेत्रों पर लगातार अवैध इसरायली क़ब्जे, इसरायली आक्रामकता के नतीजे के तौर पर पैदा हुए इस तनाव पर नज़र रख रहा है, जो गंभीर परिणामों का संकेत देता है.''

    मिस्र ने इसराइल-फलस्तीन के बीच जारी तनाव के गंभीर परिणामों को लेकर चिंता जताई है.

    वहीं क़तर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि मौजूदा हिंसा के लिए इसराइल खुद ज़िम्मेदार है.

    कतर ने अपने बयान में कहा है, ''हम दोनों पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की अपील करते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसरायल को गज़ा में फलस्तीनी नागरिकों के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू करने के बहाने के रूप में इन घटनाओं का उपयोग करने से रोकने की अपील करता है.

  9. इसराइल पर हमले के बाद पीएम नेतन्याहू ने बताए ये तीन मकसद

    इसराइल में हमास के हमले के बाद अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से ज़्यादा लोग घायल हैं.

    इसराइल के पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा को लेकर हुई बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है.

    इस वीडियो में नेतन्याहू संदेश देते हैं, ''आज सुबह से इसराइल जंग में है. हमारा पहला लक्ष्य है कि हमारी सीमा में घुसपैठ करने वालों को बाहर निकाला जाए और जिन लोगों पर हमला हुआ है, उनके बीच सुरक्षा और शांति स्थापित की जाए.''

    नेतन्याहू ने कहा, ''हमारा दूसरा लक्ष्य है कि इस हमले की दुश्मन क़ीमत चुकाए. ये क़ीमत ग़ज़ा पट्टी में भी चुकानी होगी. हमारा तीसरा लक्ष्य है कि दूसरे मोर्चों पर मज़बूती लाई जाए ताकि कोई ग़लती से इस युद्ध में शामिल ना हो.''

    वो बोले- हम युद्ध में हैं. मैं देशवासियों से एकजुट रहने की अपील करता हूं ताकि हम जंग में जीत हासिल कर सकें.

  10. इसराइल पर हुए हमले के बाद सऊदी अरब की प्रतिक्रिया आई, क्या कुछ कहा?

    इसराइल में फलस्तीनी समूह हमास के हमले पर अब सऊदी अरब ने प्रतिक्रिया दी है.

    सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह फलस्तीनी गुटों और क़ब्ज़े वाली इसराइली ताकतों के बीच पैदा हुई स्थिति के कारण अलग-अलग मोर्चों पर जारी हिंसा पर नज़र बनाए हुए हैं.

    अपने बयान में सऊदी अरब ने कहा है, '' हम तत्काल रूप से दोनों पक्षों के बीच तनाव को तत्काल रोकने, नागरिकों की सुरक्षा और संयम बरतने की अपील करते हैं.''

    सऊदी ने कहा कि वह बार-बार इसराइली समूह को दी गई अपनी चेतावनियों को याद करता है.

    सऊदी ने कहा- लगातार कब्ज़े, फलस्तीनी नागरिकों को उनके वैध अधिकारों से वंचित रखने और बार-बार व्यवस्थित उकसावे के मद्देनज़र हम ऐसी स्थिति के पैदा होने को लेकर आगाह करते रहे हैं.

    ''हम वापस से अंतर्राष्ट्रीय समूहों से उनकी ज़िम्मेदारियों को निभाने और एक विश्वसनीय शांति प्रक्रिया को सक्रिय करने की अपील करते हैं, जिससे दो-राष्ट्र समाधान हो सके और क्षेत्र में सुरक्षा, शांति बहाल की जा सके, नागरिकों को बचाया जा सके.''

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, फ़लस्तीनी अधिकारियों का दावा- इसराइल के हमले में 161 लोगों की मौत

    स्थानीय फलस्तीनी अधिकारियों के मुताबिक़, इसराइल के किए हवाई हमले में 161 लोगों की मौत हो गई है और एक हज़ार से ज्यादा लोग घायल हैं.

    इसराइल की इमरजेंसी सेवाओं के मुताबिक़, हमास के किए हमले में अब तक 40 लोगों की मौत हो गई है और 500 से ज्यादा लोग घायल हैं.

    शनिवार सुबह जब ग़ज़ा से इसराइल पर हमले किए गए थे, तब इसराइली सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू की थी.

    इसराइल ने कहा था कि वो ग़ज़ा पट्टी पर हवाई हमले शुरू कर रहा है.

  12. एशियन गेम्स: इंडिया- ईरान कबड्डी मैच के बीच क्यों धरने पर बैठ गए ईरानी खिलाड़ी?

    चीन के हांगज़ो में चल रहे एशियन गेम्स में कबड्डी के फ़ाइनल मुकाबले में आज भारतीय टीम ने ईरान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है, लेकिन ये मैच कई दूसरे कारणों से चर्चा में है.

    मैच के दौरान और बाद में भी सोशल मीडिया पर इसे लेकर बात हो रही है. थोड़ी देर के लिए ही सही पर सोशल मीडिया साइट एक्स पर कबड्डी और ईरान ट्रेंड करता रहा.

    वजह थी मैच के दौरान नियम पर हुआ एक विवाद.

    विवाद, जिसकी वजह से न केवल मैच को सस्पेंड किया गया, बल्कि 40 मिनट के मैच को एक घंटे में पूरा किया गया. बीच में ईरान के चार खिलाड़ी कबड्डी के मैदान में ही धरने पर बैठ गए. वहीं भारतीय टीम के खिलाड़ी भी विरोध करते नज़र आए.

    क्या थी विवाद की वजह?

    भारत और ईरान कबड्डी की दो प्रमुख और मज़बूत टीमों में से हैं. ऐसे में फाइनल मुकाबले में दोनों ही टीमों के बीच कांटे की टक्कर थी. दोनों ही टीमें मैच के आखिरी मिनटों तक बराबर के स्कोर पर चल रही थीं कि तभी अंपायर के एक फ़ैसले पर विवाद शुरू हो गया.

    भारतीय खिलाड़ी पवन शेहरावत डू-एंड डाई रेड के लिए ईरानी टीम के लॉब में गए थे, लेकिन फिसलने के कारण वो बाउंड्री के बाहर चले गए. हालांकि उन्होंने इस दौरान किसी भी ईरानी खिलाड़ी को छुआ नहीं था. उधर चार ईरानी डिफेंडर भी पवन के पीछे बाउंड्री के बाहर आ गए.

    जिसके बाद रेफरी ने पवन को आउट कर दिया और ईरान को एक प्वाइंट मिला. भारतीय टीम ने नियमों का हवाला देते हुए रेफरी के इस फैसले का विरोध किया.

    टीम का कहना था कि पवन ने किसी भी ईरानी खिलाड़ी को छुआ नहीं था, ऐसे में भारतीय टीम को चार प्वाइंट्स मिलने चाहिए.

    रेफरी ने अपने फैसले को रिव्यू किया और फिर भारत को चार प्वाइंट दिए. ईरान की टीम इसके विरोध में धरने पर बैठ गई.

    मैच को सस्पेंड कर दिया गया. मैच जब दोबारा शुरू हुआ तो भारत को तीन और ईरान को एक प्वाइंट मिले. 33-29 के अंतर से भारत ने मुक़ाबला अपने नाम कर लिया.

    क्या कहते हैं नियम?

    अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी महासंघ का नियम 28 कहता है कि अगर कोई डिफेंडर या डिफेंडर्स बाउंड्री के बाहर चला जाता है और रेडर को पकड़ता है तो रेडर को नॉट आउट घोषित किया जाएगा. जबकि डिफेंडर को आउट कर दिया जाएगा.

    यहां डिफेंडर ईरान के अमीरहोसैन बस्तामी हैं और रेडर पवन शेहरावत.

  13. इसराइली रेडियो का दावा- हमास ने इसराइल के 35 सैनिकों को बनाया बंधक

    इसराइली रेडियो ने दावा किया है कि फलस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने इसराइल के 35 सैनिकों को बंधक बना लिया है.

    रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इसराइली सैन्य वाहनों पर हमले हुए हैं और इनमें से कुछ को सीमा पार ग़ज़ा ले जाया गया है.

    हमास की सैन्य शाखा कासिम ब्रिगेड्स ने इससे संबंधित एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में तीन लोग नज़र आ रहे हैं. ये तीनों ही आम कपड़ों में हैं और चरमपंथियों के क़ब्ज़े में हैं. दावा किया गया है कि ये तीनों इसराइली सैनिक हैं.

    सोशल मीडिया पर नज़र आ रहे वीडियो में हमले के दौरान कब्ज़े में लिए गए बंदियों को दुश्मन बताया गया है.

    समाचार एजेंसी एएफपी का कहना है कि वीडियो में अरबी भाषा लिखा गया है, ''फलस्तीनी ऑपरेशन के दौरान कई दुश्मन सैनिकों को पकड़ने वाले अल-कासिम ब्रिगेड की तस्वीरें.''

    एएफपी ने कहा कि वीडियो के बैकग्राउंड में हिब्रू में बने कुछ निशान नज़र आ रहे हैं, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि ये ये वीडियो इसराइल और गज़ा के बीच की क्रॉसिंग पर फिल्माया गया है.

    वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स को मिले एक वीडियो में फलस्तीनी एक टैंक से शव निकालते नज़र आ रहे हैं. ये शव इसराइली सैनिक का लग रहा है. शव निकालने के दौरान फलस्तीनी गज़ा-इसराइल सीमा पर जश्न मनाते दिख रहे हैं.

    यूरोपीय संघ ने की निंदा

    उधर यूरोपीय संघ के यूरोपीय कूटनीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने नागरिकों को बंधक बनाए जाने की खबरों की निंदा की है.

    उन्होंने इस कृत्य को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और उनकी रिहाई की मांग की है.

  14. इसराइल में हुए हमले के बाद दुनिया के नेताओं ने क्या कहा?

    इसराइल पर हमास के हमले के बाद दुनियाभर से नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है.

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हमलों की कड़ी निंदा की है.

    उन्होंने कहा, ''मैं हमले के पीड़ितों, उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ खड़ा हूं और उनको अपना पूरा समर्थन देता हूं.''

    जर्मनी के विदेश मंत्री ने कहा, ''मासूम नागरिकों के ख़िलाफ़ हिंसा और रॉकेट हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए.''

    यूरोपीय कमिशन की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस हमले को ''आतंकवाद का सबसे घिनौना रूप'' बताया है.

    अमेरिका ने हमले की निंदा की है और दोनों ही पक्षों से जवाबी कार्रवाई से परहेज करने की अपील की है.

    रूस के उप-विदेश मंत्री ने कहा, ''यह कहने की जरूरत नहीं है कि हम हमेशा संयम बरतने की अपील करते हैं."

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''इसराइल में हुए आतंकवादी हमले की ख़बर से स्तब्ध हूं. हमारी संवेदनाएं और दुआएं हमले के पीड़ित लोगों और मारे गए लोगों के परिवार के साथ हैं. हम इस मुश्किल घड़ी में इसराइल के साथ खड़े हैं.''

    ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के सलाहकार ने इसराइल में फ़लीस्तीनी लड़ाकों के हमले का समर्थन किया है.

    आईएसएनए न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, रहीम सफवी ने कहा कि हम फ़लीस्तीनी लड़ाकों को मुबारकबाद देते हैं.

    वो बोले- यरूशलम और फ़लीस्तीन की आज़ादी मिलने तक हम फ़लीस्तीनी लड़ाकों के साथ हैं.

  15. 'गैंगस्टर' से मिलती थी शक्ल, ब्राज़ील में अचानक डॉक्टरों पर गोलीबारी, तीन की मौत

    ब्राज़ील में एक चर्चित बीच पर तीन डॉक्टरों की हत्या को पुलिस गैंगवार से जोड़ कर देख रही है. इस हमले में एक डॉक्टर घायल भी हुआ है.

    मारे गए डॉक्टर साउ पाउलो से रियो डे जेनेरियो में हड्डियों के डॉक्टरों के एक सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे.

    गुरुवार सुबह को रियो डे जेनेरियो के एक बीच फ्रंट पर बार में बैठे डॉक्टरों पर अचानक गोलीबारी हुई.

    एक मिनिवैन में आए हमलावरों ने तीस से अधिक गोलियां चलाईं और फरार हो गए. इस हमले में तीन डॉक्टरों की मौत हो गई और एक घायल हो गए.

    मारे गए डॉक्टरों में से एक वामपंथी नेता के भाई हैं. इस हमले की ब्राज़ील की राजनीति की हर विचारधारा से जुड़े लोगों ने निंदा की है. राष्ट्रपति लूला ने भी अफ़सोस ज़ाहिर किया है.

    ब्राज़ील की पुलिस का कहना है कि समंदर किनारे बार में बैठे इन डॉक्टरों की हत्या की वजह ग़लत पहचान भी हो सकती है.

    पुलिस का मानना है कि ये हत्याएं इसलिए हुईं क्योंकि मारे गए डॉक्टरों में से एक की शक्ल एक स्थानीय गैंगस्टर से मिलती जुलती थी.

    ये हमला रियो डे जेनेरियो के सबसे पॉश इलाक़ों में से एक में हुआ है.

    हमले के बाद ब्राज़ील में संगठित अपराधियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताएं भी ज़ाहिर की जा रही है.

    मारे गए डॉक्टर एक सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे और बुधवार रात को ड्रिंक करने के लिए समंदर किनारे स्थित बार में आए थे.

    पुलिस के मुताबिक़ चार संदिग्ध हमलावरों के शव यहां से कुछ दूर मिले हैं और माना जा रहा है कि उनके अपने गैंग ने उनकी हत्या की है.

  16. इसराइल पर हमास का बड़ा हमला: तस्वीरों में देखिए मंज़र

    इसराइल पर हमास के किए हमले में काफ़ी नुक़सान की ख़बरें आ रही हैं.

    हमास के किए हमले के बाद इसराइल ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. इसराइल ने बताया है कि 22 लोगों की मौत हुई है और 500 से ज़्यादा लोग घायल हैं.

    इसराइल के पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि ये युद्ध है और दुश्मनों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि उनके लोगों को अपनी रक्षा करने का अधिकार है

    ग़ज़ा पट्टी पर शासन चलाने वाले चरमपंथी समूह हमास प्रमुख मोहम्मद दाइफ़ ने कहा, ‘अब बहुत हो चुका.’

    इसराइली रक्षा मंत्री ने कहा है कि इसराइल के ख़िलाफ़ युद्ध कर हमास ने भारी ग़लती की है.

    अमेरिका ने कहा है कि वो हालात पर नज़र बनाए हुए है.

    आगे तस्वीरों में देखिए इसराइल पर हमास के हमले के बाद कैसा है मंज़र.

  17. इसराइल पर हमले के बाद पीएम मोदी की प्रतिक्रिया आई, क्या कहा?

    पीएम नरेंद्र मोदी ने इसराइल पर हुए हमले को लेकर दुख जताया है.

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''इसराइल में हुए आतंकवादी हमले की ख़बर से स्तब्ध हूं. हमारी संवेदनाएं और दुआएं हमले के पीड़ित लोगों और मारे गए लोगों के परिवार के साथ हैं. हम इस मुश्किल घड़ी में इसराइल के साथ खड़े हैं.''

    शनिवार को हमास ने इसराइल पर सात हज़ार से ज़्यादा रॉकेट दागने का दावा किया.

    हमास की ओर से इसराइल के कई इलाक़ों में हमले भी किए गए. जवाबी कार्रवाई में इसराइल ने भी फ़लीस्तीनी इलाक़ों में हमले शुरू किए हैं.

  18. इसराइल पर हमास के हमले का ईरान ने किया समर्थन, कहा- मुबारक हो

    इसराइल पर शनिवार को हमास के किए हमले में 22 लोगों की मौत हो गई है और 500 से ज़्यादा लोग घायल हैं.

    इसराइल सरकार ने कहा है कि ये युद्ध है और दुश्मनों की इसकी भारी कीमत चुकानी होगी.

    ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई के सलाहकार ने इसराइल में फ़लीस्तीनी लड़ाकों के हमले का समर्थन किया है.

    आईएसएनए न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, रहीम सफवी ने कहा कि हम फ़लीस्तीनी लड़ाकों को मुबारकबाद देते हैं.

    वो बोले- यरूशलम और फ़लीस्तीन की आज़ादी मिलने तक हम फ़लीस्तीनी लड़ाकों के साथ हैं.

  19. शुभमन गिल पर पूछे सवाल के जवाब में रोहित शर्मा बोले- कप्तान से पहले मैं एक इंसान हूं

    भारतीय टीम एक दिवसीय विश्व कप 2023 के अपने पहले मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में उतरेगी.

    मैच से पहले आज यानी शनिवार को भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

    रोहित शर्मा से पूछा गया कि उन पर अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देने और होम ग्राउंड में वर्ल्ड कप जीतने का कितना प्रेशर रहेगा?

    रोहित शर्मा ने कहा, ''दोनों अलग-अलग चीज़ें हैं. प्रेशर तो होता ही है, लेकिन यहीं पर आपके 16 साल का अनुभव काम आता है. आप इस अनुभव से समझते हैं कि प्रेशर को कैसे संभालना है, ताकि टीम पर वो प्रेशर न आए. भारतीय क्रिकेटरों पर हमेशा ही प्रेशर होता है और ये हम सब जानते हैं. इसलिए ये कहना ग़लत होगा कि प्रेशर नहीं होगा. टूर्नामेंट में कुछ हिस्से होंगे जब कुछ खिलाड़ी प्रेशर में होंगे, टीम प्रेशर में होगी. ऐसे में टीम के लिए क्या करना चाहिए मैं उस पर फोकस कर रहा हूं.''

    वो बोले- हमारी टीम में दिमागी तौर पर कई मज़बूत खिलाड़ी हैं जिन्होंने मुश्किल वक़्त से उबरकर दिखाया. हम वर्ल्ड कप को किसी भी दूसरे टूर्नामेंट की तरह देख रहे हैं. वहीं एक बल्लेबाज़ के तौर पर मैं टीम के लिए अच्छा करने और लंबी पारी खेलने पर फोकस कर रहा हूं

    शुभमन गिल पर क्या बोले?

    ख़राब सेहत के कारण बल्लेबाज़ शुभमन गिल वर्ल्ड कप के पहले मैच से दूर हैं.

    उन पर पूछे गए सवाल के जवाब में रोहित शर्मा ने कहा, '' शुभमन गिल बीमार हैं और हम इसको समझते हैं. एक कप्तान से पहले मैं एक इंसान हूं और मैं यही कामना करूंगा कि वो जल्दी स्वस्थ हों, खुद को फिट करें. इसके बाद ही आप मैच के बारे में सोच सकते हैं. वो युवा हैं और जल्दी रिकवर करेंगे.''

    टीम की रणनीति पर बोले

    रोहित ने कहा कि रणनीति ये होती है कि आप फोकस करो एक मैच पर. ज़्यादा आगे की नहीं सोच सकते हैं.

    वो बोले, ''अभी हमारा फोकस कल के मैच पर है. फिर आगे की सोचेंगे. हम बेस्ट इलेवन के साथ खेलना चाहेंगे लेकिन वो कंडीशन के आधार पर तय होगा. टीम का कोर एक सा होगा. एक दो बदलाव हो सकते हैं. टीम और उसके लक्ष्य मायने रखते हैं.''

  20. भारतीय क्रिकेट टीम के गोल्ड जीतने पर बोले रोहित शर्मा- हम तो कभी गोल्ड नहीं ला सके...

    क्रिकेट वर्ल्डकप में भारत के पहले मैच से पहले टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की है.

    इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित शर्मा ने एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन पर टिप्पणी की.

    रोहित शर्मा ने कहा, ''अच्छा लगा गोल्ड मिला. हम तो कभी ला नहीं सके. हमारी दूसरी टीम ने करके दिखाया. अच्छा लगा. महिला टीम गोल्ड लाई.''

    भारत ने फ़ाइनल मुक़ाबले में शनिवार को गोल्ड मेडल जीता है. अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ खेला गया फ़ाइनल मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था.

    रैंकिंग और प्रदर्शन अच्छा होने के चलते भारत को विजेता घोषित किया गया.

    एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी गोल्ड जीता था.

    जीत के बाद महिला टीम ने पुरुष टीम के लिए कहा था कि आप भी गोल्ड जीतकर आना.