न्यूज़क्लिक मामले पर न्यूयॉर्क टाइम्स ने दिया बीबीसी हिंदी के सवालों का जवाब

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अमेरिका के प्रतिष्ठित अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारतीय न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़क्लिक से जुड़ी अपनी रिपोर्ट को लेकर बीबीसी हिंदी के सवालों पर प्रतिक्रिया दी है.
दिल्ली पुलिस की एक विशेष इकाई ने इस हफ़्ते की शुरुआत में न्यूज़क्लिक के दफ़्तर पर छापा मारकर दो पत्रकारों को गिरफ़्तार किया था. कई पत्रकारों को दिनभर पूछताछ के लिए ले जाया गया था.
ये पत्रकार न्यूज़क्लिक के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती हैं.
इन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. इसके साथ ही इनके ख़िलाफ़ ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
अमेरिकी अख़बार न्यू यॉर्क टाइम्स ने कुछ दिनों पहले अपनी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें न्यूज़ क्लिक के तार चीनी सरकार से जुड़े होने का दावा किया गया था.
भारत सरकार की ओर से कार्रवाई किए जाने के बाद बीबीसी ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कुछ सवाल पूछे हैं जिसके जवाब में न्यूयॉर्क टाइम्स ने ये प्रतिक्रिया दी है –
'स्वतंत्र पत्रकारिता करते हुए तथ्य आपका रास्ता तय करते हैं. हमारी जांच अंदरूनी दस्तावेज़ों, कॉरपोरेट एवं नॉनप्रोफिट टैक्स फाइलिंग से जुड़े कागज़ात, और श्री सिंघम से जुड़े समूहों के दो दर्जन से अधिक पूर्व कर्मचारियों के साक्षात्कारों पर आधारित थी. इस जांच में ये सामने आया कि वह (सिंघम) चीनी सरकार की मीडिया हितों के साथ निकटता से काम करते हैं और दुनिया भर में चीन के हित में प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए आर्थिक मदद देते हैं.
हालांकि, हमारी जांच इस समूह के चीनी हितों से जुड़े कुछ असहज करने वाले सच सामने ला सकती है लेकिन ये भी स्वीकार्य नहीं है कि कोई सरकार पत्रकारों की आवाज़ दबाने के लिए स्वतंत्र पत्रकारिता का इस्तेमाल करे. हमें अपनी रिपोर्ट की सटीकता पर विश्वास है और हम अपनी रिपोर्ट पर अडिग हैं.'






















