न्यूज़क्लिक मामले पर न्यूयॉर्क टाइम्स ने दिया बीबीसी हिंदी के सवालों का जवाब

अमेरिका के प्रतिष्ठित अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारतीय न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़क्लिक से जुड़ी अपनी रिपोर्ट को लेकर बीबीसी हिंदी के सवालों पर प्रतिक्रिया दी है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and संदीप राय

  1. न्यूज़क्लिक मामले पर न्यूयॉर्क टाइम्स ने दिया बीबीसी हिंदी के सवालों का जवाब

    पत्रकार

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    अमेरिका के प्रतिष्ठित अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारतीय न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़क्लिक से जुड़ी अपनी रिपोर्ट को लेकर बीबीसी हिंदी के सवालों पर प्रतिक्रिया दी है.

    दिल्ली पुलिस की एक विशेष इकाई ने इस हफ़्ते की शुरुआत में न्यूज़क्लिक के दफ़्तर पर छापा मारकर दो पत्रकारों को गिरफ़्तार किया था. कई पत्रकारों को दिनभर पूछताछ के लिए ले जाया गया था.

    ये पत्रकार न्यूज़क्लिक के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती हैं.

    इन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. इसके साथ ही इनके ख़िलाफ़ ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

    अमेरिकी अख़बार न्यू यॉर्क टाइम्स ने कुछ दिनों पहले अपनी एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें न्यूज़ क्लिक के तार चीनी सरकार से जुड़े होने का दावा किया गया था.

    भारत सरकार की ओर से कार्रवाई किए जाने के बाद बीबीसी ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कुछ सवाल पूछे हैं जिसके जवाब में न्यूयॉर्क टाइम्स ने ये प्रतिक्रिया दी है –

    'स्वतंत्र पत्रकारिता करते हुए तथ्य आपका रास्ता तय करते हैं. हमारी जांच अंदरूनी दस्तावेज़ों, कॉरपोरेट एवं नॉनप्रोफिट टैक्स फाइलिंग से जुड़े कागज़ात, और श्री सिंघम से जुड़े समूहों के दो दर्जन से अधिक पूर्व कर्मचारियों के साक्षात्कारों पर आधारित थी. इस जांच में ये सामने आया कि वह (सिंघम) चीनी सरकार की मीडिया हितों के साथ निकटता से काम करते हैं और दुनिया भर में चीन के हित में प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए आर्थिक मदद देते हैं.

    हालांकि, हमारी जांच इस समूह के चीनी हितों से जुड़े कुछ असहज करने वाले सच सामने ला सकती है लेकिन ये भी स्वीकार्य नहीं है कि कोई सरकार पत्रकारों की आवाज़ दबाने के लिए स्वतंत्र पत्रकारिता का इस्तेमाल करे. हमें अपनी रिपोर्ट की सटीकता पर विश्वास है और हम अपनी रिपोर्ट पर अडिग हैं.'

  2. क्रिकेट वर्ल्ड कप: जीत के साथ शुरू किया पाकिस्तान ने अपना अभियान

    साउद शकील

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    हैदराबाद में हुए वर्ल्ड कप के एक मैच में पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स को 81 रनों से हरा दिया है.

    पहले बैटिंग करते हुए पाकिस्तान ने 286 रन बनाए.

    पाकिस्तान की ओर मोहम्मद रिज़वान और साउद शकील ने 68-68 रन बनाए लेकिन टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी और कप्तान बाबर आज़म महज़ पांच रन बनाकर ही आउट हो गए.

    पाकिस्तानी टार्गेट का पीछा करने उतरी नीदरलैंड्स की टीम 205 रन बनाकर ऑल आउट हो गई.

    नीदरलैंड्स के लिए ओपनर विक्रमजीत सिंह ने 52 और बास डे लीड ने 67 रन बनाए.

    साउद शकील को प्लेयर ऑफ़ द मैच की ख़िताब दिया है.

  3. अमेरिका: भारतीय मूल के परिवार के घर में चार सदस्यों के मिले शव

    प्रतीकात्मक तस्वीर

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    अमेरिका के न्यू जर्सी में रहने वाले एक भारतीय मूल के परिवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की ख़बर आ रही है.

    अमेरिकी पुलिस को इस परिवार के घर से उनकी लाशें बरामद हुई हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस परिवार में 43 वर्षीय तेज प्रताप सिंह, 42 वर्षीय सोनल परिहार और उनके दस एवं छह साल की उम्र वाले दो बच्चे शामिल थे.

    न्यू जर्सी के प्लेन्सबोरो पुलिस विभाग ने बताया है कि बीती चार अक्टूबर को उन्हें 911 पर कॉल आई थी जिसमें परिवार को लेकर चिंता जताई गई थी.

    इसके बाद जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो उन्हें इस परिवार के चारों सदस्यों की लाशें मिलीं.

    पुलिस विभाग ने इस बारे में जारी बयान में बताया है कि इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है और शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है.

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  4. मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक कुमार हॉकी में भारत की जीत पर क्या बोले

    मेजर ध्यानचंद के बेटे और पूर्व हॉकी खिलाड़ी अशोक कुमार

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    इमेज कैप्शन, मेजर ध्यानचंद के बेटे और पूर्व हॉकी खिलाड़ी अशोक कुमार

    हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मशहूर भारतीय खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के बेटे और पूर्व हॉकी खिलाड़ी अशोक कुमार ने एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने पर भारतीय टीम को बधाई दी है.

    उन्होंने कहा, "जब ये टीम एशियन गेम्स खेलने के लिए गई थी तभी मुझे लगा था कि इस टीम को एशिया के अंदर तो ये मेडल जीतना ही चाहिए."

    उन्होंने कहा कि 'जब ये टीम एशियन खेलों में भाग लेने के लिए जा रही थी तब उन्होंने दो खिलाड़ियों से कहा था कि भारतीय हॉकी अब उस जगह पर पहुंच चुकी है जहां हमें एशिया के अंदर अपना वर्चस्व बनाना है. हमें अपने आपको टॉप पर रखना है.'

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    जापान जैसी मजबूत टीम को हराने की अहमियत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जापान जैसी टीम को 5 गोलों से हराना एक बड़ी जीत है.

    उन्होंने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लगा कि भारतीय खिलाड़ियों ने जापान जैसी मजबूत टीम को हराया है जो कि बहुत सालों से हॉकी खेल रही है. ऐसी टीम पर पांच गोलों से जीत हासिल करना काफ़ी बड़ी जीत है. साल 1968 के ओलंपिक के बाद अब तक जापान पर ऐसी जीत हासिल नहीं की गई थी. ऐसे में ये बहुत ही बड़ी जीत थी."

  5. सिक्किम में हुई तबाही पर राज्य के चीफ़ सेक्रेटरी ने बीबीसी को दी राहत और बचाव कार्य की जानकारी

    सिक्किम

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    सिक्किम में फ़्लैश फ़्लड में हुई भारी तबाही के बीच सेना युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य में लगी हुई है, लेकिन मौसम खराब होने के चलते राहत कार्य में बाधा आ रही है.

    इस हादसे में अभी तक 25 शव मिले हैं जिनमें सात सेना के जवान हैं. अभी भी 103 लोगों की तलाश जारी है.

    बुधवार तड़के जब झील फटने से तीस्ता नदी में बाढ़ आई थी तो सेना के 23 जवान लापता हुए थे, जिनमें एक सेने का जवान को बचा लिया गया था.

    चुंगथांग में 1200 मेगावाट बिजली बनाने के लिए एक बांध बना हुआ है जिसके टूटने से आपदा और भीषण हुई है.

    तीस्ता नदी सिक्किम से निकलकर पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश में जाती है. इसमें आई बाढ़ से इसके किनारे बसे लोगों बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए हैं.

    उत्तरी सिक्किम की सड़कें टूट गई हैं जिससे अभी तक प्रभावितों तक राहत और बचाव टीम पहुंच भी नहीं पाई है.

    सिक्किम

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    बाढ़ से भारी तबाही हुई हैः चीफ़ सेक्रेटरी

    बीबीसी हिंदी से बात करते हुए सिक्किम के चीफ सेकेट्री विजय भूषण पाठक ने कहा, “निचले इलाक़ों में राहत और बचाव कार्य सुचारू रूप से चल रहा है लेकिन चुंगतांग, लाचुक और लाचिन जैसे इलाकों में हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.”

    उन्होंने कहा, "मौसम खराब होने की वजह से सेना और एनडीआरएफ़ के हेलीकॉप्टर उतर नहीं पा रहे हैं. चुंगथांग में राहत और बचाव टीम शुक्रवार को पहुंच गई है और राहत कार्य शुरू हो गया है."

    नुकसान के बारे में उन्होंने बताया कि "अभी अनुमान लगाना मुश्किल है. केंद्र सरकार ने नुकसान का आंकलन करने की एक मंत्रियों की एक कमेटी गठित कर दी है, जो अगले कुछ दिनों में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर नुकसान का एक आंकलन बनाएगी."

    उन्होंने कहा कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार नुकसान बहुत अधिक हुआ है.

    सिक्किम

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    'तीन हज़ार पर्यटक फंसे हुए हैं'

    बाढ़ की वजह से सिक्किम में फंसे पर्यटकों के बारे में उन्होंने कहा, "गैंगटोक जैसे इलाकों में पर्यटको को कोई मुश्किल नहीं है क्योंकि कलिम्पोंग और दार्जिलिंग को जाने वाले रास्तों से उन्हें बाहर निकाला जा रहा है."

    "लेकिन लाचुंग और लाचिन जगहों पर करीब तीन हज़ार पर्यटक फंसे हुए हैं. यहां मौजूद 27 माउंटेन डिवीज़न आर्मी और स्थानीय प्रशासन से पता चला है कि ये सभी लोग सुरक्षित हैं और सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं. इंटरनेट चालू है जिससे लोगों के परिजनों को उनके सकुशल होने की सूचना दे दी गई है."

    उन्होंने कहा, "सेना और एयर फ़ोर्स के हेलीकॉप्टर तैयार हैं और उम्मीद है कि कल सुबह जैसे ही मौसम साफ़ हो जाएगा, राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया जाएगा."

    उन्होंने कहा कि "इन सभी पर्यटकों को अगले तीन चार दिनों में सुरक्षित तरीके से निकाल लिया जाएगा."

  6. राजस्थान में तीन नए ज़िले बनाने की घोषणा, राज्य में हो जाएंगे 53 ज़िले,

    अशोक गहलोत

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    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को तीन नए ज़िले बनाने की घोषणा की है.

    यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब राज्य में किसी भी समय आचार संहिता लागू की जा सकती है.

    आचार संहिता लगने से पहले यदि नए ज़िलों का नोटिफ़िकेशन जारी होता है तो राज्य में ज़िलों की संख्या बढ़कर 53 हो जाएगी.

    टोंक ज़िले की तहसील मालपुरा, चूरू की तहसील सुजानगढ़ और हाल ही में नागौर से अलग बनाए गए डीडवाना-कुचामन सिटी ज़िले से कुचामन सिटी को नया ज़िला बनाया जाएगा.

    नए ज़िलों की घोषणा पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि, "जनता की मांग एवं उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार राजस्थान में तीन नए ज़िले और बनाए जाएंगे. अब 53 ज़िलों का होगा राजस्थान. आगे भी उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के मुताबिक़ सीमांकन आदि परेशानियों को दूर किया जाता रहेगा."

    इधर, चुनाव से ठीक पहले नए ज़िलों की घोषणा को बीजेपी ने 'मुंगेरी लाल' के सपनों की तरह बताया है.

    बीजेपी के विधायक और प्रदेश प्रवक्ता राम लाल शर्मा ने बीबीसी से कहा, "यह मुंगेरी लाल के हसीन सपने हैं. यह सोच रहे हैं कि ज़िलों की घोषणा से वोट मिल जाएंगे. लेकिन, कोई इन्हें वोट देने वाला नहीं है. सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है."

    "सरकार के पास बजट नहीं है. साल 2008 में प्रतापगढ़ ज़िला बना था. लेकिन, अब साल 2023 में ज़िले की पुलिस लाइन बन रही है. पंद्रह साल लग गए ज़िले की पुलिस लाइन बनने में. तो अब यह नए ज़िलों की पुलिस लाइन कितने साल में बनाएंगे?."

  7. एशियन गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शनः पदकों का शतक लगाने की ओर भारतीय खिलाड़ी

    भारतीय खिलाड़ी

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    चीन के होंगज़ो शहर में हो रहे एशियन गेम्स में भारत पदकों के मामले में ऐतिहासिक सेंचुरी को पार करने के क़रीब पहुंच गया है.

    शुक्रवार को पुरुष हॉकी टीम के गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही भारत के पदकों की संख्या 95 पहुंच गई है.

    इसके साथ ही भारत एशियन गेम्स की पदकों की सूची में चौथे नंबर पर है.

    पहले नंबर चीन (333), दूसरे पर जापान (158) और तीसरे पर दक्षिण कोरिया (157) है.

    इसके अलावा भारत छह और प्रतियोगिताओं में पदक पक्का कर चुका है.

    इनमें हैं - कबड्डी (2), आर्चरी (3), हॉकी (1), बैडमिंटन (1) और क्रिकेट (1).

    इस तरह भारत शनिवार को 100 पदकों की टैली तक पहुंच जाएगा.

    ये एशियन गेम्स में भारत के लिए ऐतिहासिक पल होगा क्योंकि इससे पहले वो 70 पदकों से आगे नहीं बढ़ पाया था.

    भारत ने इंडोनेशिया में हुए पिछले एशियन गेम्स में 70 पदक जीते थे, जिनमें 16 गोल्ड, 23 सिल्वर और 31 ब्रांज पदक थे.

    होंगज़ो में भारतीय एथलीट्स (29) और भारतीय शूटर (22) 51 पदक जोड़ चुके हैं.

    भारतीय खिलाड़ियों ने कई आश्चर्यजनक पदक भारत को दिलाए हैं जिनमें सबसे बड़ी जीत टेबल टेनिस टीम में मिली जब सुतीर्थ मुखर्जी और आहिका मुखर्जी ने भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया.

    5000 मीटर की महिला रेस के आखिरी 30 मीटर के दौरान पारुल चौधरी के हैरतअंगेज़ प्रदर्शन को लंबे समय तक याद रखा जाएगा.

    मेरठ की पारुल चौधरी ने जापान की रिरिका हिरोनाका के साथ करीबी लड़ाई में गोल्ड मेडल हासिल किया.

    जावेलिन खिलाड़ी किशोर कुमार जेना के 86.77 मीटर के शानदार थ्रो ने कुछ देर के लिए उन्हें नीरज चोपड़ा के ऊपर बढ़त दिला दी थी. ये प्रतियोगिता भी भूलने वाली नहीं है.

    हालांकि, बाद में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता और जेना दूसरे नंबर रहे और सिल्वर मेडल हासिल किया.

    क्रिकेट में अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान को हराकर फ़ाइनल में प्रवेश किया है जहां उसका मुकाबला भारत से होगा.

  8. दिनभर पूरा दिन पूरी ख़बरः सिक्किम में बाढ़ से हाहाकार, क्या है हाल

  9. केजरीवाल बोले- 'देश में डर का माहौल है, भारत चीन से आगे कैसे निकलेगा?'

    अरविंद केजरीवाल

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    शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के नेताओं की गिरफ़्तारी और मनीष सिसोदिया की ज़मानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी चर्चा में है.

    दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछा, ''सरकारी गवाह बने सह-अभियुक्त के बयान के अलावा क्या कोई और सबूत है?''

    हाल ही में आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह को भी गिरफ़्तार किया गया है.

    अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को मीडिया से कहा, ''ये पूरा शराब घोटाला भी फर्जी है. मैं तो शुरू से ही कह रहा था कि एक पैसे का लेन-देन नहीं हुआ. जज कल बार-बार कह रहे थे कि कोई तो दिखाओ एक पैसा. सबूत दिखाओ. एक सबूत नहीं है इनके पास. पूरा शराब घोटाला फर्जी है.''

    वो बोले, ''शराब घोटाला बंद हो जाएगा तो एक और ले आएंगे. इनको सारा वक़्त एजेंसियों और लोगों को उलझाकर रखना है. न ख़ुद कुछ काम करेंगे, न किसी को करने देंगे.''

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    केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए केजरीवाल बोले, ''ये हम पूरे देश के अंदर देख रहे हैं कि कैसे झूठे केस लगाकर विपक्षी नेताओं को निष्क्रिय करने की कोशिश हो रही है. कई लोगों को तोड़कर बीजेपी अपनी पार्टी में शामिल कर रही है. ये जनतंत्र के लिए अच्छा नहीं है.''

    वो कहते हैं, ''मैं देख रहा हूं कि सिर्फ़ विपक्षी नेताओं को ही निशाना नहीं बनाया जा रहा है. देशभर में कारोबारियों को भी बुरी तरह से निशाना बनाया जा रहा है. बीते पांच-सात सालों में देश में बड़ा निवेश करने वाले कारोबारी, हज़ारों लोगों को रोजगार देने वालों ने भारत की नागरिकता छोड़कर विदेश की नागरिकता ले ली है. वो भारत छोड़कर चले गए हैं, अपने बिजनेस यहां बंद कर दिए गए हैं. उनके पीछे भी ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई को छोड़ रखा है.''

    चीन की बात करते हुए केजरीवाल बोले, ''पूरे देश के अंदर डर का माहौल पैदा किया हुआ है. केवल राजनीति में नहीं, बिजनेस, व्यापार में डर का माहौल है, वो देश के लिए अच्छा नहीं है. देश तरक्की कैसे करेगा. हम चीन से कैसे कॉम्पिटिशन करेंगे. चीन में घर-घर में इंडस्ट्री है. हमारे यहां तो बड़ी इंडस्ट्री के पीछे एजेंसियां छोड़ी हुई हैं. सबको बंद कर रहे हैं.एजेंसियों का गेम खेलकर देश तरक्की कैसे करेगा. भय का माहौल ख़त्म होना चाहिए, तभी तो देश आगे बढ़ेगा.''

  10. बिहार जातिगत सर्वे के आंकड़े जारी करने पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

    नीतीश कुमार

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    बिहार जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी करने पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है.

    राज्य में जाति आधारित सर्वे से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को नोटिस जारी किया और इस मामले की सुनवाई के लिए जनवरी 2024 की तारीख दी.

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, “नीतीश कुमार ने राज्य में अति पिछड़ों को पंचायती राज में आरक्षण देकर सबल बनाने का काम किया है. जो लोग उनके साथ राजनीति कर रहे हैं, वे न्यायालय के इस निर्णय से खुश हैं.”

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    बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा, “जातिगत सर्वे का जब निर्णय हुआ तो सभी पार्टियां सहमत थीं और ये फैसला हमारी सरकार के मंत्री परिषद की बैठक में हुआ था. अभी जो डेटा जारी हुआ है उसमें दो तीन जातियों को छोड़ कर अधिकांश जातियां नाराज़ हैं. सभी को लग रहा है कि धोखाधड़ी हुई है, आंकड़ों को कम करके दिखाया जा रहा है.”

    उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में एक असंतोष का वातावरण दिखाई दे रहा है.

    जेडीयू के सांसद सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि तेली समाज की संख्या को कम करके दिखाया गया है.

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  11. रिपोर्ट में दावा- कनाडा अपने राजनयिकों को भारत से निकाल रहा है, पर भेज कहां रहा है?

    कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी

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    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, कनाडा की कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि कनाडा ने भारत के अपने दूतावास से अधिकांश राजनयिकों को हटा रहा है.

    खालिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद शुरू हुए विवाद के बाद भारत ने कनाडा को 10 अक्तूबर तक कुछ राजनयिकों को हटाने की समय सीमा दी थी.

    भारत का कहना था कि कनाडा में भारतीय राजनयिकों के बराबर ही भारत में कनाडाई राजनयिक होने चाहिए.

    पीटीआई के मुताबिक़, ख़बरों में कहा गया है कि दिल्ली से बाहर काम कर रहे कनाडा के अधिकांश राजनयिकों को कुआलालमपुर या सिंगापुर भेजा जा रहा है.

    कनाडा के एक निजी समाचार चैनल सीटीवी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक विवाद के बीच भारत ने कनाडा से राजनयिकों की संख्या कम करने को कहा था.

    निज्जर की हत्या को लेकर लगे आरोपों को भारत ने 'बेतुका' और 'प्रेरित' करार देते हुए ख़ारिज कर दिया था और कनाडा की ओर से भारतीय राजनयिक को निकालने के जवाब में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया था.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पिछले दिनों कहा था कि भारत ने राजनयिकों की संख्या में बराबरी चाहता है क्योंकि भारत की तुलना में कनाडा के राजनयिकों की संख्या अधिक है.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, एशियन गेम्स: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जापान को फ़ाइनल में हराकर जीता गोल्ड

    हॉकी

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    चीन में चल रहे एशियन गेम्स में हॉकी के फ़ाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 5-1 से हरा दिया है.

    इसी के साथ पुरुष हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है.

    भारत ने इस एशियन गेम्स में 22 गोल्ड मेडल जीत लिए हैं. अब तक टूर्नामेंट में भारत ने कुल 95 मेडल जीते हैं.

    हॉकी

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    ये चौथी बार है जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है.

    साल 1966, 1998 और 2014 में भी भारत हॉकी में गोल्ड जीत चुका है.

    आख़िरी बार एशियन गेम्स में भारत ने दक्षिण कोरिया में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल जीता था.

    1958 में एशियन गेम्स में हॉकी जब से शामिल की गई है, तब से भारत 15 मेडल जीत चुका था. इनमें तीन गोल्ड, नौ सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.

  13. बसपा से निष्कासित इमरान मसूद कांग्रेस में लौटने को लेकर क्या कुछ बोले?

    इमरान मसूद

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    पश्चिमी यूपी के सहारनपुर से नेता इमरान मसूद अब फिर से कांग्रेस पार्टी में लौटने जा रहे हैं.

    इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, इमरान मसूद के कांग्रेस में 7 अक्तूबर को शामिल होने की संभावना है.

    इमरान मसूद पहले भी कांग्रेस में थे लेकिन डेढ़ साल पहले यूपी विधानसभा चुनाव के समय समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और फिर बीते अक्तूबर में बसपा में चले गए थे.

    बीते अगस्त में बसपा ने इमरान मसूद को पार्टी से निष्कासित कर दिया था. उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ़ की थी और तभी से उनके कांग्रेस में जाने के कयास लगाए जा रहे थे.

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    कांग्रेस में लौटने के बारे में समाचार एजेंसी एएनआई से इमरान मसूद ने कहा, “मैं पहले भी कांग्रेस पार्टी में था और काम करने का अच्छा अनुभव रहा है. दुर्भाग्य ये है कि मैं डेढ़ साल पार्टी में नहीं रहा. अब मैं घर वापसी कर रहा हूं और घर जा रहा हूं.”

    उन्होंने कहा, “मौजूदा हालात में राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा की और इसके बाद एक परिवर्तन का दौर शुरू हुआ. अब जो माहौल बना है उसके अंदर दो ही ध्रुवों पर देश की राजनीति घूमती नज़र आती है. भारतीय जनता पार्टी और उसका विरोध. भारतीय जनता पार्टी के विरोध की राजनीति कांग्रेस के ऊपर है.”

  14. चुनाव से पहले मुफ़्त वादों पर केंद्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट

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    चुनाव से पहले करदाताओं के खर्च पर पैसे और अन्य मुफ़्त की चीज़ें वितरित करने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है.

    शुक्रवार को सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी परदिवाला और मनोज मिश्रा की बेंच ने केंद्र, राज्यों और पोल पैनल से चार हफ़्तों में इस पर जवाब मांगा है.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र के मोहंती के अनुसार, ये याचिका सामाजिक कार्यकर्ता भट्टुलाल जैन ने दायर की थी. कोर्ट ने इस संबंध में लंबित अन्य याचिकाओं के साथ इसे टैग करने का भी आदेश दिया.

    याचिका में मुफ़्त की चीज़ें वितरित करने से राजनीतिक पार्टियों पर रोक लगाने की मांग की गई है.

    इस याचिका में ये भी कहा गया है कि राज्यों को निर्देश दिए जाएं कि चुनाव से ठीक पहले सार्वजनिक मद के नाम पर फंड या अनुदान का दुरुपयोग न किया जाए.

    इसमें कहा गया है कि चुनाव से पहले इस तरह का मुफ़्त वितरण वोटरों को लुभाने के लिए रिश्वत जैसा है.

    सीजेआई ने कहा, ‘चुनाव से पहले इस तरह के वादे किए जाते हैं और हम इसे नियंत्रित नहीं कर सकते हैं.’

  15. न्यूज़ क्लिक मामले की सुनवाई अब सोमवार को होगी

    प्रबीर पुरकायस्थ

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    न्यूज़ क्लिक के एडिटर इन चीफ़ प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर हेड अमित चक्रवर्ती की गिरफ़्तारी के मामले की सुनवाई सोमवार को होगी.

    दोनों लोगों की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि उनकी गिरफ़्तारी अवैध थी और उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर को रद्द कर दिया जाना चाहिए.

    शुक्रवार को न्यूज़ क्लिक की ओर से बहस करते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि जब इन लोगों को गिरफ़्तार किया गया तो उनके वकील को सूचित नहीं किया गया जबकि सरकारी वकील मौजूद थे.

    उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि पुलिस ने सरकार के वकील को सूचित किया, लेकिन गिरफ़्तार हुए लोगों को नहीं.

    इस याचिका में यह भी यह कहा गया है कि पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश सुबह 6 बजे आया जबकि गिरफ़्तार लोगों के वकील को लगभग 7 बजे सूचित किया गया था.

    इन लोगों को गिरफ़्तारी के आधार के बारे में सूचित नहीं किया गया और उन्हें एफ़आईआर की कॉपी भी नहीं दी गई.

    सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया जिसमें यह कहा गया था कि गिरफ़्तारी के कारणों की लिखित जानकारी देनी होगी, यदि ऐसा नहीं किया गया तो गिरफ़्तार व्यक्ति को रिहा कर दिया जाना चाहिए.

    सिब्बल ने यह भी तर्क दिया कि वर्तमान एफ़आईआर में जो आरोप लगाए गए हैं वे पहले भी 2020 की एक अन्य एफ़आईआर में भी लगाए गए थे, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय के हाथों में है.

    उस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले ही निर्देश दिए थे कि उनकी गिरफ़्तारी नहीं होगी.

    दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें इस मामले को देखने का समय नहीं मिला है और कोर्ट से अगली तारीख देने का अनुरोध किया.

    अब इस मामले की सुनवाई सोमवार 9 अक्तूबर को होगी.

    न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़ क्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों के घरों पर दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुबह-सुबह छापेमारी की थी. इन पत्रकारों के फोन और लैपटॉप सीज़ कर लिए गए थे.

    घंटों चली पूछताछ के बाद न्यूज़ क्लिक के एडिटर-इन-चीफ़ प्रबीर पुरकायस्थ और ह्यूमन रिसोर्सेज़ के प्रमुख अमित चक्रवर्ती को गिरफ़्तार किया गया है.

  16. सीरिया: मिलिट्री एकेडमी के आयोजन पर ड्रोन हमले में 100 लोगों की मौत

    सीरिया

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    सीरिया के पश्चिमी शहर होम्स के मिलिट्री एकेडमी पर हुए ड्रोन हमले में कम से कम 100 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

    ड्रोन हमले के वक़्त एकेडमी में ग्रेजुएशन सेरेमनी में नए रंगरूटों के परिवार, महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे.

    मरने वालों में अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं.

    सेना ने इस हमले के लिए ‘आतंकवादी समूहों’ को ज़िम्मेदार ठहराया है जिनके ‘पीछे अंतरराष्ट्रीय शक्तियों का हाथ’ है.

    अभी तक किसी विद्रोही या चरमपंथी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

    कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि विपक्ष के गढ़ इदलिब प्रांत में सरकारी फौजों ने भारी गोलीबारी की है जिसमें पांच नागरिकों की मौत हुई है.

  17. यूक्रेन के गांव में गिरी रूसी मिसाइल, हर परिवार में छाया मातम

    यूक्रेन युद्ध

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    पूर्वी यूक्रेन के एक गांव ह्रोज़ा पर हुए रूसी मिसाइल हमले में गांव के हर परिवार का कोई न कोई व्यक्ति मारा गया है.

    बीबीसी संवाददाता क्रिस्टी कूनी के अनुसार, इस मिसाइल हमले में गांव की क़रीब 10 फ़ीसदी आबादी की मौत हो गई है.

    गृह मंत्री इलोर क्लिमेंको ने कहा कि हमले में गांव के 51 लोगों की मौत हुई है.

    मरने वालों में आठ साल का एक लड़का भी है. खारकीएव क्षेत्र के इस गांव पर हमले के समय लोग एक अंतिम संस्कार के लिए इकट्ठा हुए थे.

    क्लिमेंको ने कहा, “वहां गांव के हर परिवार के लोग मौजूद थे.”

    यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले के लिए रूस को ज़िम्मेदार ठहराया है और कहा कि इस क्षेत्र में कोई मिलिटरी टार्गेट नहीं था.

    रूस ने इस हमले को लेकर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    लेकिन रूस की सरकारी न्यूज़ एजेंसी रिया नोवोस्ती ने कहा कि रूसी सेना ने कुप्यांस्क ज़िले में 20 यूक्रेनी ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं.

    ह्रोज़ा गांव इसी ज़िले में आता है.

  18. नरगिस मोहम्मदी: नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित ईरानी महिला को जानिए

    नरगिस मोहम्मदी

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    इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार जेल में बंद ईरान की मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को दिया गया है.

    मानवाधिकार के क्षेत्र में किए कामों के लिए 51 साल की नरगिस को 2011 के बाद से कई बार जेल हुई है.

    नरगिस को ये पुरस्कार ईरान में औरतों के हक और मानवाधिकार की रक्षा को लेकर किए कामों के चलते दिया गया है.

    नरगिस 'डिफ़ेंडर ऑफ़ ह्यूमन राइट्स सेंटर' की उप प्रमुख हैं, जिसकी स्थापना नोबेल पुरस्कार जीत चुकीं शिरीन एबादी ने की थी.

    दुनियाभर की 100 प्रेरणास्पद और प्रभावी महिलाओं की बीबीसी के ‘100 वुमन’ सूची में भी नरगिस शामिल रही हैं.

    नोबेल पुरस्कार विजेता चुनने वाली कमेटी के अनुसार, नरगिस मोहम्मदी ने ईरान में महिलाओं के दमन के ख़िलाफ़ कई लड़ाई लड़ी और देश में सबके मानवाधिकार, आज़ादी के लिए संघर्ष करती रही हैं.

    नरगिस मोहम्मदी

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    31 साल की सज़ा सुनाई गई

    ओस्लो में नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी की प्रमुख बेरिट रीस-एंडर्सन ने कहा, “ईरानी सरकार ने उन्हें 13 बार गिरफ़्तार किया, पांच बार दोषी ठहराया गया और 31 साल जेल की सज़ा सुनाई गई. अभी भी वो जेल में हैं.”

    नरगिस मोहम्मदी को शांति पुरस्कार देने का नोबेल कमेटी का ये फैसला देश में महिलाओं के शुरू किए गए आज़ादी के आंदोलनों के एक साल बाद आया है.

    बीते साल सितम्बर 2022 में 22 साल की महशा अमीनी की मॉरल पुलिस की हिरासत में मौत के बाद ये आंदोलन शुरू हुए थे.

    जल्द ही पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन फैल गए और औरतों की आज़ादी से लेकर सत्ता पलटने तक की मांग सामने आई.

    महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से बाल कटवाए और हेड स्कार्फ़ की होली जलाई. प्रदर्शनकारियों ने “महिलाएं, ज़िंदगी, आज़ादी” के नारे लगाए.

  19. एशियन गेम्स: अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को सेमी-फ़ाइनल में हराया

    पाकिस्तान बनाम भारत

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    एशियन गेम्स में अफ़ग़ानिस्तान की क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को सेमी-फाइनल मुकाबले में हरा दिया है.

    अफ़ग़ानिस्तान ने चार विकेट से मैच जीता है.

    अब फ़ाइनल मुक़ाबला भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच होना है.

    पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 115 रन बनाए थे. पाकिस्तान की तरफ़ से सबसे ज़्यादा 24 रन उमर युसूफ ने बनाए थे.

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफ़ग़ानिस्तान की टीम ने 17.5 ओवर में ही छह विकेट के नुकसान पर 116 रन बनाए और जीत दर्ज की.

    अफ़ग़ानिस्तान की तरफ़ से सबसे ज़्यादा 39 रन नूर अली ने बनाए थे.

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, नोबेल शांति पुरस्कार का एलान, इस बार किसे मिला ये पुरस्कार?

    नरगिस मोहम्मदी

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    इमेज कैप्शन, नरगिस मोहम्मदी

    नोबेल शांति पुरस्कार का एलान शुक्रवार को हो गया है.

    इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार ईरान की मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को दिया गया है. नरगिस फिलहाल ईरान की जेल में सज़ा काट रही हैं.

    नरगिस को ये पुरस्कार ईरान में औरतों के हक में किए गए कामों और मानवाधिकार की रक्षा को लेकर किए कामों के चलते दिया गया है.

    नरगिस 51 साल की हैं.

    नोबेल शांति पुरस्कार ऐसे व्यक्ति या संस्थान को दिया जाता है, जिसने शांति को स्थापित करने या बढ़ावा देने के लिए सबसे बेहतरीन काम किया हो.

    नोबेल पुरस्कार फ़िजिक्स, केमिस्ट्री, मेडिसिन, साहित्य और शांति के क्षेत्र में दिए जाने वाले पुरस्कार हैं.

    ये पुरस्कार उन लोगों को दिये जाते हैं जिन्होंने पिछले 12 महीनों में "इंसानियत की भलाई के लिए सबसे बेहतरीन काम किया है."

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    इस साल किसे किस क्षेत्र में मिला नोबेल पुरस्कार?

    मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार: डॉ. कैटालिन कारिको और डॉ. ड्रियू वाइसमैन

    रसायन का नोबेल पुरस्कार: मोंगी जी. बावेंडी, लुईस ई. ब्रूस और एलेक्सी आई. एकिमोव

    साहित्य का नोबेल पुरस्कार: लेखक जॉन फॉसे

    फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार: पियरे एगोस्टिनी, फेरेंक क्रूज़ और ऐनी एल'हुइलियर