एशियन गेम्सः 20 चोटों और 26 टांकों के बाद आरती ने जीता मेडल
सोमवार को भारत ने एशियन गेम्स में सात मेडल जीते जिनमें तीन रजत और चार कांस्य पदक हैं. अब भारत के 13 गोल्ड, 24 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज समेत पदकों की कुल संख्या 60 हो गई है.
सोमवार को स्टीपल चेज़ 3000 मीटर महिला वर्ग में पारुल चौधरी ने रजत पदक और प्रीति लांबा ने कांस्य पदक जीता.
एंसी सोजान ने महिला लंबी कूद में रजत पदक जीता.
वहीं 4 गुणा 400 मिश्रित रिले टीम ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए हांगज़ो में रजत पदक अपने नाम किया.
सुतीर्था मुखर्जी और अयहिका मुखर्जी की जोड़ी ने टेबिल टेनिस डबल्स मुक़ाबले में भारत के लिए पहली बार कांस्य पदक जीता. ये जोड़ी सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में हार गई.
स्पीड स्केटिंग 3000 मीटर टीम ने भी दो कांस्य पदक भारत के नाम किए.
20 चोटों और 26 टांकों के बाद जीता मेडल
आरती कस्तूरी ने एशियन गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया है.
मई में आरती कस्तूरी जब गिरीं तो उनके लिए चीज़ें बहुत मुश्किल हो गईं. उन्हें 20 कट लगे थे और 26 टांके लगाने पड़े थे. माथे पर कई गहरे कट थे.
लेकिन उनकी फिज़ीशियन मां हर क़दम पर उनके साथ थीं. भारतीय रोलर स्केटर कस्तूरी ने सही समय पर रिकवरी की और एशियन गेम्स में ऐतिहासिक कांस्य पद जीता.
अब उन्होंने अपना मक़सद हासिल कर लिया है. एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुकीं कस्तूरी अब मां के साथ अस्पताल चलाएंगी.
29 वर्षीय अराथी एशियन गेम्स से चार महीने पहले ट्रेनिंग करते हुए चोटिल हुईं थीं. लेकिन उन्होंने इस हादसे को गंभीरता से लिया और अपनी मां की निगरानी में समय रहते अपने आप को ठीक कर लिया.
आरती ने मेडल जीतने के बाद बताया, “26 मई को मेरे साथ डरावना हादसा हुआ, मुझे 26 टांके लगे थे. माथे पर गहरे कट थे.”
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए अराथी ने कहा, “मैं रिहेब में रहीं और बाइक पर ट्रेनिंग की.”
चेन्नई की रहने वाली आरती के पिता कारोबारी हैं और मां एक डॉक्टर हैं. वो सात साल की उम्र से स्केटिंग कर रही हैं.
वो भारत की तीन हज़ार मीटर रिले जीतने वाली टीम का हिस्सा हैं.
कांस्य पदक जीतने के बाद आरती ने कहा, ये किसी सपने के पूरा होने जैसा है, मैं सात साल से स्केटिंग कर रही हूं, मेडल जीतना मेरा सपना था.
चोट को वो खेल का हिस्सा मानती हैं. जब उनसे पूछा गया कि स्केटिंग में चोट होने का ख़तरा होता है तो उन्होंने कहा हर खेल में चोटिल होने का ख़तरा होता ही है.