रूस के कमांडरों पर यूक्रेन का हमला, कई के मारे जाने का दावा
यूक्रेन ने शुक्रवार को सेवास्तोपोल में हुए मिसाइल हमले के बारे में अधिक जानकारियां दी हैं. यूक्रेन का कहना है कि क्राइमिया में किए गए मिसाइल हमले को नोसैनिक कमांडरों की बैठक को निशाना बनाने के लिए किया गया था.
लाइव कवरेज
अभिनव गोयल and दिलनवाज़ पाशा
रूस के कमांडरों पर यूक्रेन का हमला, कई के मारे जाने का दावा
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यूक्रेन ने शुक्रवार को सेवास्तोपोल में हुए मिसाइल हमले के बारे में अधिक जानकारियां दी हैं. यूक्रेन का कहना है कि क्राइमिया में किए गए मिसाइल हमले को नोसैनिक कमांडरों की बैठक को निशाना बनाने के लिए किया गया था.
एक संक्षिप्त बयान में यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि इस हमले के बाद मौतें हुई हैं और लोग घायल हुए हैं. हालांकि इससे अधिक जानकारी नहीं दी गई है.
ये हमला रूस के ब्लैक सी फ्लीट के कमांडरों की बैठक को निशाना बनाकर किया गया था.
शुक्रवार को रूस ने कहा था कि हमले के बाद से एक सैनिक लापता है.
क्राइमिया के सेवास्तेपोल में रूस के ब्लैक सी फ्लीट का अड्डा है. इसे रूस की नौसेना का सबसे बेहतरीन बेड़ा माना जाता है.
यूक्रेन की सेना से जुड़े एक सूत्र ने बीबीसी को बताया है कि इस हमले में स्टोर्म शैडो मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था. यूक्रेन को ब्रिटेन और फ़्रांस से ये मिसाइलें मिली हैं.
यूक्रेन की सेना ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा है, “इस हमले से दर्जनों क़ब्ज़ाधारी मारे गए हैं और घायल हुए हैं. इनमें बेड़े के प्रबंधन से जुड़े शीर्ष लोग शामिल हैं.”
वहीं यूक्रेन के ख़ुफ़िया प्रमुख क्रीलो बुडानोफ़ का कहना है कि फ्लीट के दो शीर्ष कमांडर हमले में बुरी तरह घायल हुए हैं. उन्होंने हमले में कम से कम नौ लोगों के मारे जाने का दावा भी किया है.
बीबीसी यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्षों की तरफ़ से किए जाने वाले कई दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है.
रूस और यूक्रेन, दोनों ही, युद्धक्षेत्र में चल रही लड़ाइयों को लेकर अलग-अलग दावे करते रहे हैं.
वहीं शनिवार को भी रूस के नियंत्रण वाले सेवास्तोपोल शहर पर मिसाइल हमला हुआ है. रूस की तरफ से यहां तैनात गवर्नर मिखाइल राजवोज़ायेव ने कहा है कि मार गिराई गई मिसाइल का मलबा गिरा है.
राजस्थान चुनाव: ओबीसी फ़ैक्टर का राज्य की सियासत पर कितना असर?
बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी के बयान पर विपक्षी दलों के नेता क्या बोले
वीडियो कैप्शन, बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी के बयान पर विपक्षी दलों के नेता क्या बोले
दिल्ली से बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने गुरुवार को लोकसभा में बसपा सांसद कुंवर दानिश अली के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने रमेश बिधूड़ी को चेतावनी दी है कि अगर ऐसा व्यवहार दोबारा किया तो सख़्त कार्रवाई की जाएगी.
अज़रबैजानी सेना के तूफ़ानी ऑपरेशन के बाद काराबाख़ में पहली बार पहुंची मदद
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इंटरनेशनल रेड क्रॉस का कहना है कि उसने नार्गोनो-काराबाख़ में 70 टन राहत सामग्री की पहली खेप पहुंचा दी है.
पांच दिन पहले बिजली की रफ़्तार से किए एक सैन्य अभियान में अज़रबैजान ने इस विवादित इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया था.
नार्गोनो-काराबाख़ के मुख्य शहर स्टेपनाकर्ट में दसियों हज़ार अर्मेनियाई लोगों ने शरण ली है.
रिपोर्टों के मुताबिक़ इस शहर में खाद्य सामग्री और दवाइयों का संकट पैदा हो रहा है और बार-बार बिजली जा रही है.
बीबीसी से बात करने वाले शहर में रह रहे लोगों का कहना था कि चारों तरफ़ अफ़रा तफ़री और ख़ौफ़ का माहौल है. कुछ लोगों ने नस्लीय नरसंहार का डर भी ज़ाहिर किया है.
अमेरिका के एक सीनेटर गैरी पीटर्स ने बॉर्डर का दौरान करने के बाद कहा है कि नार्गोनो-काराबाख़ के हालात पर नज़र रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की ज़रूरत है.
इस इलाक़े में सक्रिय अर्मीनियाई अलगाववादियों के समूह शनिवार को रूसी शांतिबलों के सामने और हथियार डाल सकते हैं.
बीबीसी संवाददाता पॉल किर्बी की रिपोर्ट के मुताबिक़ अज़रबैजान की सेना के ऑपरेशन के चौबीस घंटों के भीतर ही अर्मीनियाई लोगों ने हथियार डाल दिए.
अब आगे यहां क्या होगा, इसे लेकर डर और आशंका का माहौल बना हुआ है.
लोगों को डर है कि कहीं उन्हें इलाक़ा खाली करने के लिए मजबूर ना कर दिया जाए.
अर्मेनियाई लोग जिस शहर को स्टेपनाकर्ट कहते हैं अज़रबैजान उसे खानकेदी कहता है.
सोवियत संघ के विघटन के बाद इस क्षेत्र को लेकर अर्मेनिया और अज़रबैजान कई बार आमने सामने आ चुके हैं. इन युद्धों में दसियों हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.
1992-94 के बीच चले युद्ध में अर्मेनिया ने इस क्षेत्र पर क़ब्ज़ा कर लिया था. हालांकि अंतरराष्ट्रीय जगत इसे अज़रबैजान का ही हिस्सा मानता है.
लेबनान ने इसराइली सेना पर आंसू गैस के गोले छोड़े
लेबनान और इसराइल के बीच सीमा पर तनाव हो गया है.
लेबनान का कहना है कि उसने सीमा पर इसराइल के स्मोक बम छोड़ने के बाद इसराइल कै सैनिकों पर आंसू गैस के गोले दागे हैं.
वहीं इसराइल का कहना है कि उसके सैनिक एक कंसट्रक्शन वाहन के अतिक्रमण करने के बाद जांच करने पहुंचे थे.
इसराइल और लेबनान के बीच कोई आपसी सहमति से तय अधिकारिक सीमा नहीं है.
दोनों देशों के बीच संयुक्त राष्ट्र ने सीमांकन की एक रेखा खींची हुई है. इसे ब्लू लाइन कहा जाता है.
ब्लू लाइन पर अकसर ऐसी घटनाएं होती रहती हैं जो लेबनान और इसराइल के बीच तनाव बढ़ा देती हैं.
लेबनान के अधिकतर हिस्से पर हिज़बुल्लाह आंदोलन का प्रभाव है. आमतौर पर इसराइल के साथ तनाव में हिज़बुल्लाह शामिल होता है.
जून और जुलाई में इसराइली सैनिकों और हिज़बुल्लाह लड़ाकों के बीच कई झड़पें हुईं थीं जिनके बाद तनाव की आशंका बढ़ गई थी.
इसराइल और लेबनान का इतिहास भी यही संकेत देता है कि दोनों देशों के बीच छोटी सी घटना के बड़े तनाव में बदलने में वक़्त नहीं लगता है.
हाल ही में हिज़बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह ने इसराइल पर ब्लू लाइन का उल्लंघन करने के आरोप लगाए थे.
लेबनान में इस समय राजनीतिक अस्थिरता है. देश में अक्तूबर 2022 के बाद से राष्ट्रपति नहीं हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, सत्ता में आए तो बदल देंगे महिला आरक्षण विधेयक
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि अगर 2024 में उनकी पार्टी की सरकार आती है तो वो महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन करेंगे.
खड़गे ने कहा है कि विधेयक को तुरंत लागू करने में कोई क़ानूनी अड़चन नहीं है लेकिन मोदी सरकार ने इसे दस और सालों के लिए टाल दिया है.
कांग्रेस ने सदन में विधेयक का समर्थन करते हुए कहा था कि इसे तुरंत ही लागू किया जाए और इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए भी कोटा लागू किया जाए.
जयपुर में पार्टी की रैली को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि जब 2024 में हमारी सरकार आएगी, हम विधेयक में संशोधन कर देंगे.
इसी सप्ताह महिलाओं को विधानसभाओं और संसद में एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित हुआ है.
भारत की नई संसद में ये पहला विधेयक है जो सदन में पारित हुआ है.
खड़गे ने आरोप लगाया कि तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संसद की नींव रखने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था.
खड़गे ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सदन के उद्घाटन में नहीं बुलाया गया जबकि अभिनेताओं समेत कई लोगों को आमंत्रित किया गया.
उन्होंने कहा, “ये राष्ट्रपति का अपमान है. लोकसभा को राष्ट्रपति बुलाते हैं, प्रधानमंत्री नहीं. राष्ट्रपति के लिए ही कोई जगह नहीं है और फिर वो ये भी कहते हैं कि वो महिलाओं का सम्मान करते हैं.”
खड़गे ने कहा कि सरोजनी नायडु कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष थीं लेकिन क्या सौ सालों में कोई महिला बीजेपी या आरएसएस की अध्यक्ष बनीं है?
महिला आरक्षण बिल में ओबीसी महिलाओं के आरक्षण पर बीजेपी सांसद ने क्या कहा
वीडियो कैप्शन, महिला आरक्षण बिल में ओबीसी महिलाओं के आरक्षण पर बीजेपी सांसद ने क्या कहा
संसद के दोनों सदनों से महिला आरक्षण बिल पास हो गया है.
बिल को लेकर हुई देरी और ओबीसी महिलाओं के आरक्षण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए बीबीसी संवाददाता सर्वप्रिया सांगवान ने बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी से बातचीत की है.
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर राहुल गांधी को धर्मेंद्र प्रधान का जवाब, क्या बोले?
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर राहुल गांधी पर निशाना साधा है.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ओबीसी आरक्षण का विरोध किया जबकि बीजेपी ने देश के ओबीसी वर्ग को मजबूत किया है.
पत्रकारों से बात करते हुए प्रधान ने कहा, “राहुल गांधी को याद दिलाना चाहूंगा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने किस मुद्दे पर नेहरू की सरकार से इस्तीफ़ा दिया था.आंबेडकर का नेहरू पर आरोप था कि वो ओबीसी को आरक्षण देने के समर्थन में नहीं थे.”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मंडल आयोग की सिफ़ारिशों को लागू नहीं किया था.
प्रधान ने कहा, “काका कालेलकर कमीशन को किसने लागू नहीं किया, मंडल आयोग की सिफ़ारिश आने के बाद दस साल तक कांग्रेस की सरकार ने उसे लागू नहीं किया. 1990 में विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने इसे लागू किया था."
उन्होंने कहा, “उस समय संसद में इस पर चर्चा के दौरान स्वर्गीय राजीव गांधी ने कांग्रेस की तरफ़ से पक्ष रखते हुए मंडल कमीशन, ओबीसी आरक्षण पर आपत्ति जताई थी.”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ओबीसी के लिए कुछ नहीं किया है.
उन्होंने कहा, “ओबीसी आयोग बनाकर संवैधानिक मान्यता देने वाले नेतृत्व का नाम है नरेंद्र मोदी. नीट में ओबीसी आरक्षण को पक्का करने वाला नाम है नरेंद्र मोदी.”
“आप दशकों तक दायित्व में रहे, पीढ़ी दर पीढ़ी रहे, तब कुछ नहीं किया. 2010 में गृहमंत्री रहते हुए चिदंबरम ने कहा था कि जातिगत जनगणना नहीं हो सकती है. कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व दिवालिया हो चुका है.”
राहुल गांधी ने शनिवार को जयपुर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा है कि बीजेपी ओबीसी को आरक्षण देने के रास्ते में रुकावट बन रही है.
राहुल गांधी लगातार जातिगत जनगणना और ओबीसी को आरक्षित सीटों का लाभ दिए जाने का मुद्दा उठा रहे हैं.
किसी भी पार्टी को चुनाव में हिस्सा लेने से नहीं रोका जाएगाः पाकिस्तान के कार्यवाहक पीएम
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पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर हक़ काकर ने कहा है कि आगामी चुनावों में किसी भी दल को हिस्सा लेने से नहीं रोका जाएगा.
न्यूयॉर्क में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अनवर हक़ काकर ने कहा कि पाकिस्तान चुनाव आयोग ने किसी भी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध की अधिसूचना जारी नहीं की है और किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से नहीं रोका जाएगा.
कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने ये भी बताया कि चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव की तारीख़ें घोषित करेगा.
उन्होंने कहा, “किसी भी राजनीतिक दल को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने से नहीं रोका जाएगा, बर्बरता के आरोप में क़ानून का सामना करना पड़ेगा."
स्वदेश लौटने पर नवाज़ शरीफ़ की गिरफ़्तारी की संभावना से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके ख़िलाफ़ जो भी क़ानूनी कार्रवाई होगी, हम उसे अमल में लाएंगे.
कार्यवाहक प्रधानमंत्री के मुताबिक़, "अगर मेरे समेत कोई भी पाकिस्तान के क़ानून का उल्लंघन करता है, लोगों की जान-माल के लिए ख़तरा साबित होता है या किसी इमारत में आग लगाने को अपना राजनीतिक अधिकार बताता है, तो पाकिस्तान का संविधान और क़ानून इसकी इज़ाजत नहीं देते. इसकी छूट पीटीआई, पीपीपी या मुस्लिम लीग (नवाज़) सहित किसी भी राजनीतिक दल को नहीं है.”
उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर देशद्रोह और बर्बरता का आरोप है, उन्हें हमारी अदालतों का सामना करना पड़ेगा. कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने कहा कि हो सकता है कि इस सिस्टम में कुछ खामियां हों जिन्हें हम सुधारने की कोशिश करेंगे लेकिन इस सिस्टम के अंदर ही जवाब हैं, सिस्टम के बाहर कुछ नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि जो कोई भी देश के क़ानून का उल्लंघन करेगा और नागरिकों के जीवन और संपत्ति को नुक़सान पहुंचाएगा और फिर कहेगा कि यह राजनीति से संबंधित है तो ऐसी गतिविधियों से क़ानून के अनुसार निपटा जाएगा.
कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने कहा कि क़ानून में किसी के ख़िलाफ़ भेदभाव नहीं है, हम क़ानून का पालन कर रहे हैं, हम किसी बाहरी ताक़त के प्रति जवाबदेह नहीं हैं, हम एक स्वतंत्र देश हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव: डुसु पर एबीवीपी का कब्ज़ा, एनएसयूआई के खाते में उपाध्यक्ष पद
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में सेंट्रल पैनल के तीन पद जीत लिए हैं. जबकि कांग्रेस के स्टूडेंट विंग एनएसयूआई केवल उपाध्यक्ष का पद जीत पाई.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तुषार डेढ़ा ने डुसु प्रेसीडेंट के लिए एनएसयूआई के हितेश गुलिया को हराया.
एनएसयूआई के अभि दाहिया वाइस प्रेसीडेंट का पोस्ट जीतने में कामयाब रहे.
एबीवीपी की अपराजिता सेक्रेटरी और सचिन बैसला ज्वॉयंट सेक्रेटरी के पद के लिए चुने गए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, डुसु चुनाव के लिए शुक्रवार को वोट डाले गए थे. शनिवार को मतों की गिनती का काम पूरा हो गया.
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डुसु चुनाव में लंबे समय से एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच मुक़ाबला होता रहा है. साल 2019 के चुनाव में भी एबीवीपी ने सेंट्रल पैनल के तीन पदों पर कब्ज़ा किया था.
आखिरी बार डुसु के चुनाव 2019 में ही हुए थे. साल 2020 और साल 2021 के चुनाव कोरोना महामारी की वजह से नहीं हो पाए थे जबकि 2022 में अकादमिक कैलेंडर में अड़चनों की आशंका के मद्देनज़र चुनाव टाल दिया गया था. इस साल डुसु के चार पदों के लिए कुल 24 उम्मीदवार मैदान में थे.
चुनाव के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी चंद्र शेखर ने बताया कि डुसु चुनाव के मतदान में भाग लेने के लिए लगभग एक लाख छात्र योग्य थे, उनमें से लगभग 42 फीसदी लोगों ने वोटिंग में हिस्सा लिया.
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महिला आरक्षण बिल के मौजूदा स्वरूप पर महुआ मोइत्रा क्या सोचती हैं?
हमारी बीजेपी से विचारधारा की लड़ाई चल रही है: राहुल गांधी
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राजस्थान दौरे पर आए राहुल गांधी ने जयपुर में एक महिला के साथ स्कूटी पर बैठकर सफर किया.
इसके अलावा राहुल गांधी ने जयपुर में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया.
राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कारोबारी गौतम अदानी के बीच रिश्तों का मुद्दा उठाया. उन्होंने महिला आरक्षण पर भी बात की.
गांधी ने कहा, "हममें अहंकार नहीं है, नफ़रत नहीं है, मोहब्बत है, इज़्ज़त है, प्यार है. यही फ़र्क है कांग्रेस और बीजेपी में. हमारी बीजेपी से विचारधारा की लड़ाई चल रही है."
वीडियो कैप्शन, राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर क्या कहा?
मानहानि के मुक़दमें में दोषी क़रार दिए और अपनी सांसदी जाने का हवाला हुए राहुल गांधी ने कहा, "कुछ दिन पहले मैंने संसद में अदानी पर भाषण दे दिया, आपने देखा होगा. अब इनकी नई आदत है, अब टीवी ऑफ कर देते हैं. पहले माइक ऑफ़ करते थे, अब टीवी ही ऑफ़ कर देते हैं. बीजेपी वालों ने इस भाषण के बाद मेरी लोकसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया."
गांधी ने कहा, "पहली बार भारत में मानहानि के लिए दी जाने वाली अधिकतम दो साल की सज़ा दी गई और मेरी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी. क्योंकि उन्हें डर लगता है."
वीडियो कैप्शन, राहुल गांधी: 'मुझे नहीं लगता कि बोलने देंगे'
कारोबारी अदानी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "कोई भी बीजेपी का कार्यकर्ता सामने आए उसके सामने अदानी नाम ले लो, भाग जाएगा. ये आपके जो प्रधानमंत्री और अदानी के बीच में क्या रिश्ता है, ये पूछ लो, बीजेपी वाला भाग जाएगा. उन्हें ये नाम सुनते ही डर लग जाता है."
राहुल गांधी ने ये भी कहा कि बीजेपी विशेष सत्र में पहले देश का नाम बदलने का एजेंडा लाना चाहती थी लेकिन आनन फानन में महिला आरक्षण विधेयक ले आई.
वीडियो कैप्शन, अशोक गहलोत की गौतम अडानी के साथ मुलाक़ात, क्या बढ़ जाएंगी राहुल गांधी की मुश्किलें?
गांधी ने कहा, "पहले महिला आरक्षण की बात नहीं थी, पहले वो हिंदुस्तान का नाम बदलने की बात कर रहे थे, वो इंडिया से भारत करने जा रहे थे. संविधान में साफ़ लिखा है, इंडिया दैट इज़ भारत, मतलब दोनों नाम संविधान में हैं. पहले उन्होंने भारत बनाम इंडिया नया बहाना बनाया."
"भारत और इंडिया के बीच कोई झगड़ा नहीं है, पहले उन्होंने कोशिश की इंडिया और भारत को लड़ाने की. उन्हें अहसास हो गया कि जनता इस बात को स्वीकार नहीं करेगी. लेकिन वो विशेष सत्र की घोषणा कर चुके थे. तो सोचा कि चलो महिला आरक्षण की बात करते हैं. ऐसे में महिला आरक्षण का मुद्दा ले आए."
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राहुल गांधी ने कहा, "हमने महिला आरक्षण का पूरा समर्थन किया है. इंडिया ने, हमारे गठबंधन ने इस विधेयक को पूरा समर्थन दिया. लेकिन हमारे दो-तीन सवाल हैं. पहला सवाल- इसमें ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण क्यों नहीं है, दूसरा सवाल, बीजेपी के लोग कहते हैं कि महिला आरक्षण करने से पहले नई जनगणना और नए परिसीमन की ज़रूरत है."
"लेकिन ये सच नहीं है. महिला आरक्षण को लागू करने के लिए विधानसभा और लोकसभा की तैंतीस प्रतिशत सीटें महिलाओं को आज दी जा सकती हैं. लेकिन इन्होंने बहाना बनाया. क्योंकि ये चाहते हैं महिला आरक्षण दस साल में लागू हो. हम चाहते हैं कि महिला आरक्षण आज से ही लागू हो, ओबीसी महिलाओं को आरक्षण का फ़ायदा मिले."
राहुल गांधी ने अपने भाषण में ओबीसी वर्ग को आरक्षण का फ़ायदा ना मिलने पर भी बात की और जातिगत जनसंख्या का मुद्दा भी उठाया.
बिहार के इस स्कूल से क्या सीख सकते हैं दूसरे स्कूल?
वीडियो कैप्शन, बिहार के इस स्कूल से क्या सीख सकते हैं दूसरे स्कूल?
ये कोई आम स्कूल नहीं बल्कि कई उम्मीदों को नई उड़ान देने वाली जगह है. बिहार के गया ज़िले के बाराचट्टी प्रखंड में पड़ता है कोहबरी गांव. ये गांव ज़्यादातर सरकारी सुविधाओं से दूर नज़र आता है.
यहां पहुंचने के लिए अच्छी सड़क नहीं दिखती, ऐसे में यहां के बच्चों तक अच्छी शिक्षा पहुंचाने का ज़िम्मा इन दोनों पति-पत्नी ने उठाया, इन्होंने घने जंगलों को चीरकर शिक्षा की रोशनी यहां तक पहुंचाई.
पीएम का वाराणसी दौरा: क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास पर क्या बोले मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया.
इस मौके पर उन्होंने कहा, "वाराणसी में आज एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया गया है. ये स्टेडियम न सिर्फ वाराणसी के लिए बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के लिए एक वरदान जैसा होगा."
"ये स्टेडियम जब बनकर तैयार हो जाएगा तो इसमें एक साथ 30,000 से अधिक लोग बैठकर मैच देख पाएंगे."
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उन्होंने कहा, "आज क्रिकेट के जरिए दुनिया भारत से जुड़ रही है. दुनिया के नए-नए देश क्रिकेट खेलने के लिए आगे आ रहे हैं. जाहिर है कि आने वाले दिनों में क्रिकेट मैचों की संख्या भी बढ़ने वाली है और जब मैचों की संख्या बढ़ेगी तो नए स्टेडियमों की जरूरत भी पड़ेगी."
"तब बनारस का ये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम इस डिमांड को पूरा करेगा. ये पूरे पूर्वांचल का चमकता हुआ सितारा बनने वाला है."
स्टेडियम के शिलान्यास के मौके पर सचिन तेंदुलकर और रवि शास्त्री जैसे खिलाड़ी मंच पर पीएम मोदी के साथ मौजूद थे.
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खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "आज से एशियन गेम्स की शुरुआत हो रही है और मैं गेम्स में हिस्सा लेने गए सभी भारतीय खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं."
"आज जिस स्टेडियम(अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम) की आधारशिला रखी गई है, ये स्टेडियम बस ईंट और कंक्रीट से बना एक मैदान नहीं बल्कि भविष्य के भारत का एक प्रतीक बनेगा."
"नौ वर्ष पहले की तुलना में इस वर्ष केंद्रीय खेल बजट तीन गुना बढ़ाया गया है. खेलो इंडिया प्रोग्राम के बजट में तो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 फ़ीसदी की वृद्धि की गई है."
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वाराणसी के क्रिकेट स्टेडियम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "जब से इस स्टेडियम की तस्वीरें बाहर आई है, उन्हें देखकर हर काशीवासी गदगद हो गया है. महादेव के नगरी में ये स्टेडियम और इसकी डिजाइन स्वयं महादेव को ही समर्पित है. इसमें किक्रेट के एक से बढ़कर एक मैच होंगे."
वाराणसी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के ज़रूरतमंद बच्चों के लिए 16 अटल आवासीय स्कूलों की भी नींव रखी.
इस परियोजना पर राज्य सरकार 1115 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है.
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वाराणसी में 'नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "तीन दशकों से महिला आरक्षण कानून लटका हुआ था."
"लेकिन आज ये आपकी ही ताकत है कि संसद के दोनों सदनों में ऐसी-ऐसी पार्टियों को इसका समर्थन करना पड़ा, जो पहले इसका भरपूर विरोध करते थे."
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "संसद में नारी शक्ति वंदन जैसा ऐतिहासिक कानून पास होने के बाद मैं सबसे पहले काशी में आप सबका आशीर्वाद लेने आया हूं. ये मेरा सौभाग्य है कि इतनी बड़ी संख्या में आप हमें आशीर्वाद दे रहे हैं. कुछ ही समय में दुर्गा पूजा का उत्सव शुरू होने वाला है."
"नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने इसबार दुर्गा पूजा के उत्साह को और भी कई गुना बढ़ा दिया है. इस कानून से देश के महिला विकास के लिए रास्ते खुलेंगे, लोक सभा और विधान विधान में महिलाओं की उपलब्धि बढ़ेगी. मैं इसके लिए देश भर की मताओं-बहनों को काशी की पवित्र धरती से बधाई देता हूं."
आरक्षण को लेकर क्या मोहन भागवत और आरएसएस का रुख़ बदल रहा है?
असम के सीएम की पत्नी ने कांग्रेस सांसद पर किया मानहानि का मुक़दमा
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई पर दस करोड़ रुपये की मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया है.
गौरव गोगोई ने रिनिकी सरमा पर फ़ूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सरमा ने ये मुक़दमा कामरूप मेट्रोपोलिटन के सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) की अदालत में दर्ज करवाया है. 26 सितंबर को इस पर सुनवाई होगी.
वीडियो कैप्शन, COVER STORY:असम सरकार की इस मुहिम से ख़ौफ़ज़दा लोग
सरमा का पक्ष रखते हुए उनके अधिवक्ता देवजीत सैकिया ने कहा, “एक्स पर किए गए कई ट्वीट के संबंध में मेरी मुवक्किल ने गौरव गोगोई के ख़िलाफ़ दस करोड़ रुपये की मानहानि का मुक़दमा किया है. हम ये स्पष्ट कर चुके हैं कि हमने सब्सिडी हासिल करने के लिए कभी कोई आवेदन नहीं दिया था.”
सैकिया ने दावा किया कि सब्सिडी लेने की प्रक्रिया कभी शुरू ही नहीं की गई थी और इस संबंध में उनकी मुवक्किल की फर्म को इस साल 26 मई को नोटिस भी प्राप्त हुआ था.
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: असम: नागरिकता साबित करने की लंबी लड़ाई
वरिष्ठ अधिवक्ता ने दावा किया है कि गौरव गोगोई ने जो आरोप रिनिकी भुइयां सरमा पर लगाए हैं वो तथ्यों के आधार पर नहीं हैं.
उन्होंने दावा किया कि गौरव गोगोई ने बिना पूरी जानकारी लिए आरोप लगा दिए.
सैकिया ने कहा, “किसी प्रोजेक्ट के लिए मंज़ूरी मिल जाने का मतलब ये नहीं होता है कि उसके लिए सब्सिडी भी मिल गई है. हम पूरे ज़ोर के साथ इस मुक़दमे को लड़ेंगे.”
वीडियो कैप्शन, असम का परिवार जिसमें 33 लोग हैं और उनमें से 19 नेत्रहीन हैं, क्या है वजह
स्थानीय मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नगांव ज़िले के एक गांव में सरमा की कंपनी ‘प्राइड इस्ट इंटरटेनमेंट’ 17 एकड़ ज़मीन ख़रीदी और इसे एक महीने के भीतर ही औद्योगिक भूमि घोषित कर दिया गया. ये ख़बर प्रकाशित होने के बाद असम में काफ़ी विवाद भी हुआ है.
इसके बाद गोगोई ने कई सिलसिलेवार ट्वीट किए और सरमा और उनकी पत्नी पर केंद्र सरकार से प्रोजेक्ट के लिए सब्सिडी लेने के आरोप लगाए.
कनाडा: सोशल मीडिया पर धमकी भरे वीडियो को लेकर क्या कह रहे हिंदू
कश्मीरी अखरोट की फसल कैसे तैयारी की जाती है, तस्वीरों में देखें, कश्मीर में ये मौसम अखरोट की फसल की तैयारी का है.
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इमेज कैप्शन, अखरोट की तैयार फसल दिखाता कश्मीर का एक किसान
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इमेज कैप्शन, अखरोट की फसल तैयार करने के दौरान एक किसान उसे धोता हुआ
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इमेज कैप्शन, अखरोट के सबसे ऊपरी छिलके को हटाते किसान
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इमेज कैप्शन, तैयार सूखे अखरोट की पैकिंग
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इमेज कैप्शन, अखरोट की फसल को सुखाना भी होता है
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ब्राज़ील में गर्भपात क़ानून में बदलाव की क्यों हो रही मांग?
वीडियो कैप्शन, ब्राजील में गर्भपात कानून में बदलाव की क्यों हो रही मांग?
सबसे बड़े दक्षिण अमेरिकी देश ब्राज़ील में सुप्रीम कोर्ट...अबॉर्शन यानी गर्भपात को अपराध की श्रेणी से हटाने पर विचार कर रहा है.
हालांकि इस प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं...ब्राज़ील में फिलहाल तीन तरह के मामलों में ही अबॉर्शन कराने की इजाज़त है.
पहला मामला रेप...दूसरा गर्भवती महिला की जान को ख़तरा हो या फिर भ्रूण में अगर ठीक से दिमाग विकसित नहीं हो रहा हो...अगर सुप्रीम कोर्ट अबॉर्शन को डिक्रिमिनलाइज़ करने के पक्ष में वोट करता है तो 12 हफ्त़े तक के गर्भ को गिराया जा सकेगा.
देखिए साओ पोलो से बीबीसी संवाददाता केटी वॉटसन की रिपोर्ट.
मणिपुर में आज से इंटरनेट सेवा चालू, म्यांमार सीमा सील करने की मांग
मणिपुर में आज से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल हो रही हैं. 3 मई को भड़की हिंसा के बाद राज्य में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी.
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ये जानकारी दी है. मुख्यमंत्री ने 'फ्री मूवमेंट रिजीम' को रद्द करने की मांग भी की है. इसके तहत भारत-म्यांमार सीमा के इर्द-गिर्द रहने वाले लोग सीमा के 16 किलोमीटर भीतर तक बिना किसी काग़ज़ी जांच के आ जा सकते हैं.
मोबाइल सेवाएं बहाल करने की जानकारी देते हुए बीरेन सिंह ने बताया, "फ़ेक न्यूज़, प्रोपेगैंडा और हेट स्पीच को रोकने के लिए 3 मई को इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं थीं. अब हालात सुधर रहे हैं, समूचे प्रदेश में आज से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं चालू कर दी जाएंगी."
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उन्होंने कहा कि सरकार अवैध प्रवासियों की समस्या से भी निबटेगी. उन्होंने भारत-म्यांमार सीमा की पूरी तरह से बाड़ेबंदी करने पर भी ज़ोर दिया.
बीरेन सिंह ने कहा, "केंद्र सरकार 60 किलोमीटर लंबे अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर बाड़ेबंदी के लिए क़दम उठा रही है."
बीरेन सिंह ने ये दावा भी किया कि राज्य की मौजूदा स्थिति पिछली सरकारों की नीतियों की नाकामी की वजह से है ना की हाल में लिए गए निर्णयों की वजह से.
वीडियो कैप्शन, भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में साल 2021 से सैन्य शासन है.
उन्होंने कहा कि मणिपुर सरकार ने केंद्र सरकार से मणिपुर और म्यांमार के बीच लागू 'फ्री मूवमेंट रिजीम' को रद्द करने की मांग भी की है.
उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में हालात सुधर रहे हैं और गोलीबारी की घटनाओं में कमी आई है.
वीडियो कैप्शन, 'अवैध घुसपैठियों' की वजह से क्या जल रहा है मणिपुर?
उन्होंने ये भी बताया कि देशभर में हुए सर्वे से पता चला है कि मणिपुर के युवाओं में ड्रग्स की लत बढ़ी है और इसी वजह से सरकार ने साल 2018 में ड्रग्स के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान शुरू किया था.
मणिपुर में 3 मई को स्थानीय मैतेई समुदाय और कुकी ज़ो समुदाय के बीच हिंसा भड़क गई थी. इस हिंसा में अब तक दो सौ से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और राज्य में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.