नारी शक्ति वंदन विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में भी पारित हो गया है. 215 सांसदों ने इसके समर्थन में वोट डाले. विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा.
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कीर्ति दुबे and स्नेहा
ब्रेकिंग न्यूज़, नारी शक्ति वंदन बिल राज्यसभा में भी हुआ पास
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नारी शक्ति वंदन विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में भी पारित हो गया है.
215 सांसदों ने इसके समर्थन में वोट डाले. विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा.
लोकसभा और राज्यों की विधानसभा में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण देने वाले इस अधिनियम को मोदी सरकार ने संसद के विशेष सत्र में पेश किया था.
ये अधिनियम बुधवार को लोकसभा में पास हुआ था. बिल के पक्ष में 454 वोट पड़े थे और बिल का असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने विरोध किया था. बिल के विपक्ष में दो वोट पड़े थे.
महिला आरक्षण के लिए पेश किया गया विधेयक 128वां संविधान संशोधन विधेयक है.
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संशोधन क्या कहता है?
विधेयक में कहा गया है कि लोकसभा, राज्यों की विधानसभाओं और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभा में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. इसका मतलब यह हुआ कि लोकसभा की 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए सीटें आरक्षित हैं. इन आरक्षित सीटों में से एक तिहाई सीटें अब महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
इस समय लोकसभा की 131 सीटें एससी-एसटी के लिए आरक्षित हैं. महिला आरक्षण विधेयक के क़ानून बन जाने के बाद इनमें से 43 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. इन 43 सीटों को सदन में महिलाओं के लिए आरक्षित कुल सीटों के एक हिस्से के रूप में गिना जाएगा.
इसका मतलब यह हुआ कि महिलाओं के लिए आरक्षित 181 सीटों में से 138 ऐसी होंगी जिन पर किसी भी जाति की महिला को उम्मीदवार बनाया जा सकेगा यानी इन सीटों पर उम्मीदवार पुरुष नहीं हो सकते.
भारत-कनाडा संकट: ट्रूडो ने दोहराए आरोप, कहा- भारत आरोपों को गंभीरता से ले
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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर लगाए आरोपों को एक बार फिर दोहराया है.
न्यूयॉर्क में एक प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा, "जैसा कि मैंने सोमवार को कहा था कि इस बात को मानने की विश्वसनीय वजहें हैं कि कनाडा की धरती पर एक कनाडाई नागरिक की हत्या में भारत सरकार के एजेंट शामिल थे."
"कानून के शासन वाले देश में ये अत्यंत महत्वपूर्ण चीज है और ऐसी दुनिया में जहां अंतरराष्ट्रीय नियम व्यवस्था मायने रखती है. हमारे देश में मजबूत स्वतंत्र न्याय प्रणाली है. हमारे पास स्वतंत्र कानून सिस्टम है."
कनाडा के पीएम से जब पीएम नरेंद्र मोदी से इस बारे में किसी तरह की हुई बातचीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "जैसा कि मैंने बताया कि पीएम के साथ मेरी सीधी बातचीत हुई, जिसमें मैंने अपनी चिंताएं बिना किसी लाग लपेट के साझा कीं."
ट्रूडो से ये भी पूछा गया कि उनके इस आरोप पर उनके अंतरराष्ट्रीय साझेदार चुप हैं.
उन्होंने इस पर कहा, "भारत एक महत्वपूर्ण देश है, एक ऐसा देश है जिसके साथ हमें न केवल एक क्षेत्र में बल्कि दुनिया भर में काम करना जारी रखना होगा. हम उकसाना नहीं चाहते हैं और न ही समस्याएं खड़ी करना चाहते हैं लेकिन हम कानून के शासन के महत्व के बारे में स्पष्ट हैं और कनाडाई लोगों की रक्षा करने और मूल्यों के लिए खड़े होने के महत्व के बारे में स्पष्ट हैं. इसीलिए, हम भारत सरकार से आह्वान करते हैं कि वो मामले की सच्चाई को पता करने और न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हमारे साथ काम करें."
उनसे इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूत के बारे में और कनाडा भारत में अपने उच्चायोग की सुरक्षा के लिए क्या कर रहा है, इसके बारे में भी सवाल किया गया.
उन्होंने कहा, "कनाडा में सख्त और स्वतंत्र न्याय प्रणाली है, जिस पर हमें भरोसा है, प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उसका सख्ती से पालन हो और उनका सम्मान किया जाए. कनाडा में सुरक्षा और कनाडाई लोगों की सुरक्षा को हम हमेशा गंभीरता से लेते हैं, चाहे घर में या विदेश में. मैं सभी को आश्वस्त् कर सकता हूं कि कनाडा एक सुरक्षित देश है. मैं शांति का आह्वान करता हूं और कनाडाई लोगों के लिए ये कहता हूं कि वे हमारे संस्थाओं पर भरोसा रखें."
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भारतीय विदेश मंत्रालय की गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस
भारत और कनाडा के बीच जारी तनाव के बीच गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दिए.
अरिंदम बागची ने भारत में वॉन्टेड लोगों को कनाडा में पनाह दिए जाने से लेकर वीज़ा और राजनयिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर भारत का पक्ष रखा.
भारत में वॉन्टेड लोगों को कनाडा में पनाह दिए जाने के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "उन्हें कनाडा में सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जा रहा है, हम चाहते हैं कि कनाडा सरकार ऐसा न करे और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे जिन पर आतंकवाद के आरोप हैं या उन्हें यहां भेजें. हमने पिछले कुछ वर्षों में 20-25 से अधिक लोगों के प्रत्यर्पण या कार्रवाई के लिए कनाडा सरकार से अनुरोध किया है. लेकिन किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली."
कनाडा में रहने वाले भारतीय छात्रों के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "हमने सावधानी बरतने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. हमारा वाणिज्य दूतावास वहां काम कर रहा है. हमने कहा है कि अगर उन्हें कोई समस्या आती है, तो वे हमारे वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें. हमारी वीजा पॉलिसी से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि वे भारत के नागरिक हैं."
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ट्रूडो ने भारत पर लगाए थे गंभीर आरोप
सोमवार को जस्टिन ट्रूडो ने संसद में ये आशंका जताई थी कि शायद कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की इस साल जून में हुई हत्या में भारत की भूमिका थी. इसके बाद कनाडा ने भारत के शीर्ष राजनयिक को निष्कासित कर दिया. जवाबी कार्रवाई में भारत ने भी कनाडा के शीर्ष राजनयिक को पाँच दिनों के अंदर भारत छोड़ने का आदेश दिया.
ट्रूडो ने कनाडा की संसद में कहा, "कनाडा की एजेंसियों ने पुख्ता तौर पर पता किया है कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है."
कनाडा की संसद में ट्रूडो ने कहा, "हमारे देश की ज़मीन पर कनाडाई नागरिक की हत्या के पीछे विदेशी सरकार का होना अस्वीकार्य है और ये हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है."
ट्रूडो बोले, "ये उन मूलभूत नियमों के ख़िलाफ़ है, जिसके तहत लोकतांत्रिक, आज़ाद और खुले समाज चलते हैं."
निज्जर की हत्या के तार भारत सरकार से जोड़ने वाले बयान के एक दिन बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने मंगलवार को एक और बयान दिया. ट्रूडो ने कहा कि उनका मकसद भारत को उकसाने का नहीं था.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ट्रूडो ने कहा, "सिख अलगाववादी नेता की हत्या से भारतीय एजेंटों का संबंध होने की आशंका ज़ाहिर करने के पीछे कनाडा का मकसद भारत को उकसाना नहीं था, बल्कि कनाडा चाहता है कि भारत इस मामले को ठीक से संभाले. भारत सरकार को इस मामले में बेहद गंभीरता दिखाने की ज़रूरत है. हम यही कर रहे हैं. हम किसी को उकसाना या मामले को खींचना नहीं चाहते."
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भारत का कनाडा को जवाब
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पूरे मामले में बयान जारी करते हुए कहा कि "हमने कनाडा के प्रधानमंत्री का उनकी संसद में दिया गया बयान और उनके विदेश मंत्री के बयान को खारिज करते हैं."
"कनाडा में हिंसा के किसी भी कृत्य में भारत सरकार की संलिप्तता के आरोप बेतुके हैं.इसी तरह के आरोप कनाडा के प्रधानमंत्री ने हमारे प्रधानमंत्री के सामने भी रखे थे और उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था."
"हम कानून के शासन के प्रति मज़बूत प्रतिबद्धता वाली एक लोकतांत्रिक देश हैं."
"इस तरह के निराधार आरोप खालिस्तानी आतंकवादियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें कनाडा में आश्रय दिया गया है और जो भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा बने हुए हैं. इस मामले पर कनाडाई सरकार की निष्क्रियता लंबे समय से चिंता का विषय रही है."
भारत सरकार ने टीवी चैनलों के लिए जारी की एडवाइजरी
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भारत सरकार ने गुरुवार को टीवी चैनलों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, भारत-कनाडा के बीच चल रहे तनाव के बीच जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि वो किसी भी ऐसे व्यक्ति को अपने मंच पर जगह न दें जिसके ख़िलाफ़ गंभीर अपराध/आतंकवाद/प्रतिबंध तक के आरोप हैं.
एडवाइजरी में कहा गया है कि मंत्रालय के संज्ञान में ये बात आई है कि संबंधित व्यक्ति ने जिसके ख़िलाफ़ आतंकवाद तक के गंभीर आरोप हैं और एक ऐसे संगठन का है जो प्रतिबंधित है उसे टीवी चैनल पर एक चर्चा में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया और उसने कई ऐसे बयान दिए जो देश की संप्रभुता, सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाला है.
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रुपर्ट मर्डोक ने फ़ॉक्स न्यूज़ के चेयरमैन पद से हटने की घोषणा की
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दिग्गज मीडिया कारोबारी रुपर्ट मर्डोक ने कहा है कि वो फॉक्स एंड न्यूज़ कॉर्प के चेयरमैन पद से हट रहे हैं. अब उनके बेटे लॉकलन दोनों कंपनियों का नेतृत्व करेंगे.
कर्मचारियों को दी जानकारी में मर्डोक ने कहा, "अब अलग भूमिका निभाने के लिए ये सही समय है."
92 साल के मर्डोक ने 1996 में फ़ॉक्स न्यूज़ की शुरुआत की थी.
ये अमेरिका में सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला टीवी न्यूज़ चैनल है.
मर्डोक ने कहा कि वो नवंबर के मध्य में दोनों कंपनियों के मानद चेयरमैन की भूमिका में आ जाएंगे.
एक बयान में लॉकलन मर्डोक ने कहा कि उनके पिता दोनों ही कंपनियों को अपना मूल्यवान सुझाव देते रहेंगे.
क्या इसरो का संपर्क चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर से फिर से हो पाएगा? होगी ये कोशिश
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चंद्रमा पर अब सुबह होने जा रही है और इसके साथ ही इसरो के सामने चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के साथ संपर्क साधने की चुनौती है.
इन दोनों को सोलर पावर से ऊर्जा मिलती है.
इस महीने की शुरुआत में चांद पर रात होने से पहले लैंडर और रोवर को स्लीप मोड में भेज दिया गया था. अब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर फिर से सुबह हो रही है और उम्मीद है कि लैंडर और रोवर के सोलर पैनल फिर से चार्ज हो सकेंगे.
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अगर इन दोनों से संपर्क स्थापित हो जाएगा तो चंद्रयान-3 के लिए बोनस जैसा होगा. इसरो अब इन दोनों के हेल्थ की जांच कर उन्हें फिर से जगाने के प्रयास में जुटेगा.
इसरो (एसएसी) निदेशक निलेश देसाई ने कहा, "हम 22 सितंबर को लैंडर और रोवर से फिर से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करेंगे. और अगर हमारा भाग्य अच्छा रहा तो हम ऐसा कर पाएंगे और कुछ आंकड़े भी जुटा पाएंगे."
महिला आरक्षण बिल क्या 2029 में हो पाएगा लागू?
प्रियंका गांधी बोलीं- आज राजनीति में धर्म की बात इसलिए होती है ताकि आप ज़रूरी सवाल ना पूछें
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छत्तीसगढ़ में महिला
समृद्धि सम्मेलन में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को कहा कि राजनीति में धर्म और जाति की बात करना बहुत बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है.
प्रियंका गांधी ने कहा,''तब की राजनीति और
आज की राजनीति में बहुत फर्क होता है. फर्क क्या आया है? जनता जागरूक तब भी थी और अब भी है. मगर अब जनता के
जज़्बातों का इस्तेमाल हो रहा है.''
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वो बोलीं, "धर्म, जाति की बातें होती हैं. इसमें इनका राजनीतिक इस्तेमाल होता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आपका ध्यान उस तरफ होता है जहां आपके जज़्बात हैं, आपका धर्म है, आपकी जाति की बात है तो आप नहीं पूछेंगे कि मेरी सड़क क्यों ठीक नहीं की. तब आप नहीं पूछेंगे कि मेरे लिए पानी क्यों नहीं आ रहा है."
प्रियंका गांधी कहती हैं, "जब धर्म, जाति की बात होगी तब आप नहीं पूछेंगे कि मेरे पति, मेरे लिए रोज़गार क्यों नहीं दिलवाया. ये एक साजिश है, बहुत बड़ी राजनीतिक साजिश. इससे आप सबका ध्यान भटकाया जाएगा ताकि आप सही सवाल नहीं उठा पाएंगे. अफसोस की बात है कि आज की राजनीति यही चल रही है."
भारत-कनाडा के राजनयिक संकट पर क्या कह रहा है पाकिस्तान और चीन का मीडिया
दिनभर: कनाडा के वीज़ा पर भारत ने लगाई रोक, क्या होगा असर?
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने कश्मीर और मुसलमानों पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फ़रहान बिन अब्दुल्लाह
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने भारत के जम्मू और कश्मीर में मुस्लिम आबादी के प्रति एकजुटता प्रकट की है.
अल अरबिया की ख़बर के अनुसार, मंत्री ने कहा कि सऊदी अरब मुस्लिम पहचान और अस्मिता बरकरार रखने के मामले में मुस्लिम लोगों के साथ है.
सऊदी प्रेस एजेंसी की ख़बर के अनुसार, प्रिंस फैसल बिन फ़रहान बिन अब्दुल्लाह ने बुधवार को ये बातें कही.
इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने कॉन्टेक्ट ग्रुप ऑफ जम्मू और कश्मीर की एक बैठक बुलाई थी.
ये बैठक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर थी.
मंत्री ने कहा, "सऊदी अरब इस क्षेत्र में किसी भी तरह के संघर्ष को रोकने के लिए मध्यस्थता के मामले में सभी पक्षों से बात कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार इसका शांतिपूर्ण हल हासिल करने के लिए काम कर रहा है. "
भारत ने कहा- वॉन्टेड आतंकवादियों के प्रत्यर्पण में मदद नहीं कर रहा है कनाडा
सुखबीर सिंह बादल बोले- 'सिखों को आतंकवाद से जोड़ना बहुत ग़लत है'
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इमेज कैप्शन, सुखबीर सिंह बादल
शिरोमणि अकाली दल के
अध्यक्ष और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने भारत और कनाडा के बीच बढ़े तनाव पर
प्रतिक्रिया दी है.
सुखबीर सिंह बादल ने
गुरुवार को संसद के बाहर मीडिया से कहा, ''कनाडा और हिंदुस्तान के रिश्तों पर बड़ा असर हो गया है. पंजाब और कनाडा दोनों
जगहों से हज़ारों कॉल्स आईं क्योंकि लोगों में घबराहट है.'
सुखबीर सिंह बादल ने कहा, ''हज़ारों नौजवान
बच्चे कनाडा पढ़ने जाते हैं. बहुत लोग अपने परिवार से मिलने जाते हैं. उधर से भी
लोग आते हैं. लोग घबराए हुए हैं कि क्या स्टेटस होगा. भारतीय नागरिकों की ज़िंदगी
पर असर हो रहा है, जो सारे
राष्ट्रवादी हैं. सारे देशवासी अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हैं.''
वो बोले, ''पंजाबी ख़ासकर सिख इतिहास देखो. आज़ादी की
लड़ाई में सबसे ज़्यादा कुर्बानियां तो पंजाबियों, सिखों ने दी है. पाकिस्तान से जब लड़ाई होती है तो बम हमारे यहां ही गिरते हैं. तब पंजाब के लोग ही खाना लेकर जाते हैं लेकिन जैसे हालात आज बना दिए गए हैं, सिखों को आतंकवाद से जोड़ा जा रहा है, ये बहुत गलत है. इसे रोकने की ज़रूरत है.''
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दोनों देशों की सरकारों के बारे में सुखबीर सिंह बादल ने कहा, ''भारत और कनाडा सरकार तुरंत बैठें और समाधान तलाशें. भारतीय छात्रों का क्या होगा, इस बारे में सोचना चाहिए. देशवासियों को इस विवाद के कारण संघर्ष नहीं करना चाहिए. मैं पीएम मोदी को भी ख़त लिखूंगा.क्योंकि जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, घबराहट का माहौल बढ़ रहा है. अगर ये माहौल हाथ से निकल गया तो बहुत सारे भारतीयों पर असर होगा.''
पाकिस्तान में जनवरी के आखिरी सप्ताह में होंगे आम चुनाव
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पाकिस्तान चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि देश में आम चुनाव जनवरी, 2024 के अंतिम सप्ताह में होगा.
एक बयान में निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के काम की समीक्षा की है और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रारंभिक सूची 27 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी.
आयोग ने कहा कि पार्टियां इसके बाद अपनी आपत्तियां दर्ज करा पाएंगी और आयोग फिर उनके सुझावों और आपत्तियों पर काम करेगा. इसके बाद अंतिम सूची 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी.
ट्रूडो की पार्टी के सांसद ने खालिस्तान समर्थक नेता के 'हिंदू विरोधी बयान' पर क्या कहा?
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भारत-कनाडा राजनयिक संकट के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की पार्टी के एक भारतीय-कनाडाई सांसद ने “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” के नाम पर “आतंकवाद के महिमामंडन” और देश में हिंदुओं को निशाना बनाने पर नाराजगी जताई है.
खालिस्तान आंदोलन के एक नेता के समर्थकों ने हिंदू कनाडाई लोगों को कनाडा छोड़ने की धमकी दी थी.
इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कनाडा के लिबरल पार्टी के सदस्य चंद्र आर्य ने कहा, "कुछ दिन पहले खालिस्तान आंदोलन के नेता और तथाकथित जनमत संग्रह करानेवाले 'सिख फॉर जस्टिस' के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हिंदू कनाडाई लोगों को कनाडा छोड़ने और वापस भारत जाने के लिए कहा था. "
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उन्होंने कहा कि उनसे कई हिंदू-कनाडाई लोगों ने शिकायत की है कि वो डरे हुए हैं.
आर्य ने कहा, "मैंने उन लोगों से अपील की है कि वे संयम रखें और सतर्क रहें."
भारतीय-कनाडाई सांसद ने ट्विटर पर लिखा, "कृपया हिंदुफ़ोबिया से संबंधित किसी भी घटना को स्थानीय प्रशासन को सूचित करें."
आर्य ने कहा कि खालिस्तान आंदोलन के नेता हिंदुओं को प्रतिक्रिया देने के लिए उकसाना चाह रहे हैं ताकि कनाडा में हिंदुओं और सिखों के बीच दूरियां बढ़े.
पन्नू सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख हैं और वो निज्जर के वकील भी रह चुके हैं.
आर्य ने कहा कि कनाडाई हिंदू और सिख के बीच पारिवारिक रिश्ते हैं और वे सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने से जुड़े हैं.
उन्होंने कहा कि कनाडा उच्च मूल्यों का पालन करता है और यहां कानून का राज है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत ने कहा, 'हम चाहते हैं कि कनाडा आतंकवादियों पर एक्शन ले, वो नहीं ले रहा है'
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भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि जस्टिन ट्रूडो ने जी-20 में प्रधानमंत्री मोदी से इस बारे में बात की थी और पीएम ने उसे खारिज किया था.
अरिंदम बागची ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कनाडा से जारी तनाव से जुड़े कई सवालों का जवाब दिया. कनाडा ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सोशल मीडिया पर कनाडाई राजनयिकों को धमकियां मिली हैं.
इस पर अरिंदम बागची ने कहा, ''हम वियना कन्वेशन को बहुत गंभीरता से लेते हैं. हम इस बारे में अपनी सुरक्षा एजेंसियों से बात करेंगे. हम उन्हें सुरक्षा और सहायता मुहैया कराएंगे और हम इसी तरह की संवेदनशीलता कनाडाई तरफ से भी उम्मीद करते हैं. उन्हें भी कन्वेशन को गंभीरता से लेना चाहिए.''
कनाडा में काफी संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैं. भारतीय स्टूडेंट्स के बारे में बागची ने कहा, ''भारतीय स्टूडेंट जो वहां पर हैं, वहां हमारे दूतावास काम कर रहे हैं, कोई दिक्कत हो तो उनसे संपर्क करें. हमारी वीजा पॉलिसी से उन्हें फ़र्क नहीं पड़ता क्योंकि वो भारतीय छात्र हैं.''
भारत कनाडा पर खालिस्तान समर्थकों को पनाह देने के आरोप लगाता रहा है. इस बारे में बागची ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''कनाडा में सुरक्षित पनाहगाह दे रहे हैं, जिनके खिलाफ़ आतंकवाद के आरोप हैं, उन्हें सेफ हेवन मुहैया न कराए. वो वहां कार्रवाई करे या ट्रायल के लिए यहां भेजे. वहां 20 नागरिकों के मामले हैं. हमने इस मामले में प्रत्यर्पण या अन्य तरह के आग्रह किये हैं.''
अरिंदम बागची ने इस दौरान कनाडा में भारतीय दूतावास और भारत में कनाडाई दूतावास में राजनयिकों की संख्या पर भी बात की. उन्होंने कहा कि दोनों देशों में संख्या के मामले में एकरूपता होने की जरूरत है. दिल्ली में कनाडाई कर्मियों की संख्या कहीं ज़्यादा है.
गुरुवार को ही एक बयान में कनाडा ने कहा था, "मौजूदा परिस्थितियों में जहां तनाव अपने चरम पर है, हम हमारे राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं. कुछ राजनयिकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धमकियां मिली हैं. कनाडा भारत में अपने कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा कर रहा है. इसके परिणामस्वरूप और सतर्कता बरतते हुए, हमने निर्णय लिया है कि हम भारत में अस्थायी तौर पर अपने कर्मचारियों की संख्या को एडजस्ट करेंगे."
ब्रेकिंग न्यूज़, कनाडा से तनाव के बीच विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा- कनाडा ने निज्जर पर कोई जानकारी साझा नहीं की
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भारत और कनाडा के बीच जारी तनाव के बीच गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है.
अरिंदम ने कहा, ''निज्जर की हत्या से जुड़ी कोई जानकारी कनाडा की ओर से साझा नहीं की गई है.''
वो बोले, ''कोई भी विशेष जानकारी कनाडा के द्वारा साझा नहीं की गई है. न ही आरोप के पहले और न ही बाद में. हम किसी भी खास सूचना पर गौर करना चाहेंगे लेकिन अभी तक हमें कोई सूचना नहीं मिली है. हमारे पास कुछ लोगों के कनाडाई धरती पर आपराधिक घटनाओं के सबूत हैं, हमने वो जानकारी उनके साथ साझा भी की है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.''
वीज़ा के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कहते हैं, ''कनाडा में हमारे उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास खतरे का सामना कर रहे हैं. इससे कामकाज में बाधा पहुंची है. इसलिए वो वीजा आवेदन मुहैया नहीं करा पा रहे हैं. इसकी नियमित समीक्षा होती रहेगी. अभी इसमें बाधा हो रही है इसलिए इसे रोका है.''
हिंदुओं के लिए अलग से एडवाइजरी के बारे में वो बोले- ''हम इसे अलग से नहीं देखते हैं. भारत सरकार ने सभी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. हम चाहेंगे कि वो उसको देखें और उसका पालन करें.''
कनाडा और भारत के तनाव पर पाकिस्तान की भी टिप्पणी आई थी.
पाकिस्तान पर प्रतिक्रिया देते हुए अरिंदम बागची बोले- ''इस पर क्या कहा जाए. पाकिस्तान अंतिम देश होगा जो क्रेडिबिलिटी के बारे में बात करे. और उनकी बातों पर कोई गंभीरता से लेगा.अंतरराष्ट्रीय रिपुटेशन की बात करें तो वो कनाडा को देखने की जरूरत है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय छवि की चिंता होनी चाहिए.''
अरिंदम बागची ने और क्या कुछ कहा?
ये राजनीतिक से प्रेरित
है. हम अपने साझेदारों से कई मुद्दों पर बात करते हैं, इनमें ये भी है. हमने अपनी स्थिति बताई है.
कनाडा ने अब तक अपने आरोप
के बारे में भारत से जानकारी साझा नहीं की है.
ट्रूडो ने भारत पर लगाए थे गंभीर आरोप
बीते सोमवार को कनाडा के
प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने देश की संसद में कहा था कि हरदीप सिंह निज्जर की
हत्या के पीछे भारत का हाथ हो सकता है.
ट्रडो के आरोपों को भारत
ने ख़ारिज किया.
ट्रूडो के बयान के बाद
कनाडा ने भारत के राजनयिक को निष्कासित किया था. इसके बाद भारत ने भी कनाडा के
राजनयिक को निष्काषित कर दिया था.
हरदीप सिंह निज्जर की
हत्या कनाडा में 18 जून को हुई थी.
निज्जर खालिस्तान समर्थक नेता थे.
एशियन गेम्स 2023: भारतीय महिला क्रिकेट टीम सेमीफ़ाइनल में पहुंची
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एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट टीम सेमीफ़ाइनल में पहुंच गई है.
बृहस्पतिवार को हांगझु में भारत और मलेशिया के बीच मैच चल रहा था लेकिन भारी बारिश की वजह से इसे रोकना पड़ा. पहले तो 20 ओवर की जगह मैच 15 ओवर का हो गया और भारत ने दो विकेट पर 173 रन बनाए.
मलेशिया की टीम जैसे ही मैदान पर इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी, दो गेंद के बाद ही भारी बारिश की वजह से मैच को रोकना पड़ा.
आईसीसी की रैंकिंग के दम पर भारतीय महिला टीम सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने में कामयाब रही. मलेशिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फ़ैसला किया था. शेफाली वर्मा ने 67 रन जबकि स्मृति मंधाना ने 27 रन बनाए.
अमेरिका: भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले के मामले में एनआईए ने 10 वॉन्टेड अभियुक्तों की जारी की तस्वीरें
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राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी
यानी एनआईए ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हुए
हमलों के अभियुक्तों से जुड़ी जानकारी मांगी है.
एनआईए ने गुरुवार को इस
बारे में जानकारी दी है. ये हमला मार्च 2023 में हुआ था.
एजेंसी ने 10 वॉन्टेड अभियुक्तों की तस्वीरें भी जारी की
हैं और कुछ नंबर जारी कर लोगों से इस बारे में जानकारी मुहैया करवाने के लिए कहा
है.
एनआईए के बयान के
मुताबिक़, सैन फ्रांसिस्को में वाणिज्य
दूतावास पर 18-19 मार्च को हमला
हुआ था. तब कुछ खालिस्तान समर्थकों ने आग लगाने की कोशिश भी की थी.
ऐसा ही एक हमला 1-3 जुलाई का रात को भी हुआ था. एनआईए ने 16 जून 2023 को इस बारे में केस भी दर्ज किया था. अगस्त महीने में इस
केस की जांच के लिए एक टीम सैन फ्रांसिस्को भी गई थी.
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एनआईए ने ख़ालिस्तान समर्थक चरमपंथियों की धरपकड़ के लिए अपना अभियान तेज़ कर दिया है.
बुधवार को जारी किए एक बयान में एजेंसी ने कहा था, “एजेंसी सूचीबद्ध आतंकवादियों को पकड़ने में मददगार होने वाली जानकारी की एवज़ में इनाम राशि की घोषणा कर रही है.”
हरविंदर सिंह संधु उर्फ़ रिंदा और लखबीर सिंह संधु उर्फ़ लांडा पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा गया है.
भारत के साथ तनाव के बीच कनाडा ने अपने राजनयिकों की सुरक्षा पर क्या कहा?
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भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ दिनों से तनाव चरम पर है और इस बीच ही कनाडा का बयान आया है कि भारत में उनका उच्चायोग और वाणिज्यिक दूतावास खुले हैं और क्लाइंट्स को सेवाएं दी जा रही हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, कनाडा ने कहा है, "भारत में हमारा उच्चायोग और सभी वाणिज्यिक दूतावास खुले हैं, क्लाइंट्स को सेवाएं भी मिल रही हैं. कनाडा हमारे मिशन और कर्मचारियों की सुरक्षा की निगरानी कर रहा है क्योंकि हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं."
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बयान में कहा गया, " मौजूदा परिस्थितियों में जहां तनाव अपने चरम पर है, हम हमारे राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं. कुछ राजनयिकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धमकियां मिली हैं. कनाडा भारत में अपने कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा कर रहा है. इसके परिणामस्वरूप और सतर्कता बरतते हुए, हमने निर्णय लिया है कि हम भारत में अस्थायी तौर पर अपने कर्मचारियों की संख्या को एडजस्ट करेंगे."
हालांकि कनाडा हाई कमीशन ने कर्मचारियों की संख्या को कैसे एडजस्ट किया जाएगा, इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया है.
कनाडा ग्लोबल अफेयर्स के प्रवक्ता जिएन पिएरे गॉडबाउट ने नेशनल पोस्ट को दिए इंटरव्यू में इस बारे में बात की है.
ये इंटरव्यू ई-मेल के ज़रिए दिया गया है.
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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को कहा था कि खालिस्तान समर्थक सिख नेता और उसके नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट का हाथ हो सकता है.
इस आरोप को भारत सरकार ने ख़ारिज कर दिया. इसके बाद दोनों देश एक दूसरे के राजनयिक को अपने यहाँ से निष्कासित कर चुके हैं.
महिला आरक्षण बिल पर नीतीश कुमार बोले- 2021 में आता तो आज लागू हो जाता
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बिहार के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार ने कहा है, ''महिला आरक्षण बिल को हमारा समर्थन है लेकिन ये बिल अगर
2021 में आया होता तो आज लागू हो जाता.''
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “महिला आरक्षण बिल पास
हो गया है लेकिन हम तो शुरू से ये चाहते थे इसे तेज़ी से लागू करना चाहिए. अगर
ये 2021 में ही आ जाता तो आज लागू हो जाता, ये वो नहीं किए तो अब देर हो रही है.”
नीतीश कुमार बोले, “हम तो ये भी कह रहे हैं कि एससी-एसटी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण
मिलना चाहिए. हम लोग ये मांग कर ही रहे हैं लेकिन जो भी आरक्षण आएगा उसमें देरी होगी.”
वो कहते हैं, “आपको याद हो तो हम लोग तो
काफ़ी सालों से इसकी मांग कर रहे हैं, उस समय हुआ नहीं तो 2021 में लगा पास हो
जाएगा लेकिन नहीं हुआ. अगर ये हो जाएगा तो सबको सुविधा होगी, तभी तो सबका विकास
होगा. हम लोग तो सबके उत्थान के लिए काम करते हैं, यही हमारा उद्देश्य है. अगर
महिलाओं के लिए ये बिल तेज़ी से लागू हो जाए तो बहुत खुशी होगी.”
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राज्यसभा में आरजेडी के सांसद मनोज झा ने भी कहा है कि महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं को कोटा दिया जाए.
उन्होंने कहा, ''अगर चश्मा सरकार लगाती है तो उसका पावर बदलिए. जब आज यहां से उठिए तो ओबीसी वर्ग को एक कमिटमेंट दीजिए. नई व्यवस्था में पुराने वाले को बिना छूए आरक्षण देने से क्रांति आएगी.''